किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया
पटना. पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि बिहार सरकार के गलत नीति निर्धारण को अदालत के आदेश के माध्यम से उजागर कर रहा हूँ. राकेश गुप्ता बनाम बिहार सरकार सीडब्ल्यूजेसी 2524 2018 पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में एडवोकेट जनरल 12268 दिनांक 27 जुलाई 2022 के आलोक में बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दिनांक 16 अगस्त 2022 के आदेश में राज्य के असर्वेक्षित / टोपो लैंड भूमि को अपने आदेश को रद्द कर दिए परन्तु पटना जिला प्रशासन पटना जिले के किसान/ रैयत की भूमि जबरदस्ती कब्जा कर रहें हैं. सन् 1947 में एडिशनल सब जज पटना टाइटल सूट 27/ 1 व 29 / 3 व 41/47 बाबू विलास सिंह व अन्य बनाम प्रोभिनेन्स बिहार एवं अन्य में प्रतिवादीगण का टाइटल बरकरार हुआ. सन् 1958 में पटना उच्च न्यायालय ने किसानों / रैयत के पक्ष में फैसला दिए जिसमें पटना कलेक्टर रेस्पोंडेंट नंबर 1 के साथ 227 किसान / रैयत रेस्पोंडेंट हैं. इस फैसला में पटना जिला के हजारों-हजार एकड़ असर्वेक्षित भूमि है. इसी प्रकार सन् 1940 से 1970 ई. के दरम्यान सदाकत आश्रम के स...