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प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना


सुगौली. आश्रम अधीक्षक राकेश रंजन के द्वारा सुगौली प्रखंड स्थित दक्षिण शुभम पंचायत में छपवा चौक   पर श्रम संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया.जिसमें सैकड़ों की संख्या में असंगठित कामगार महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया. इस मौके पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुगौली रविंद्र भूषण प्रखंड जिला अध्यक्ष प्रदीप सर्राफ सीएससी अवधेश कुमार गुप्ता एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे आज इस विशेष शिविर में सैकड़ों महिला कामगारों एवं पुरुषों पुरुष कामगारों का आयुष्मान कार्ड बनवा कर वितरण किया गया साथ ही जिन निर्माण श्रमिकों का श्रम संसाधन विभाग से लेबर कार्ड बना हुआ है.

उनका आयुष्मान कार्ड बनवाया गया तथा उनके आसमान कार्ड का वितरण श्रम अधीक्षक के द्वारा किया गया श्रम अधीक्षक के द्वारा कैंप में उपस्थित सभी व्यक्तियों को श्रम पोर्टल पर निबंधन के फायदे के बारे में बताया गया श्रम अधीक्षक ने बताया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा असंगठित कामगारों का डेटाबेस तैयार करने के लिए लॉन्च किया गया था.16 वर्ष की आयु के सभी अधिकारों का निबंधन कराया जाना है. पूर्वी चंपारण कराने का लक्ष्य दिया गया था.तेरह लाख 55 हजार से अधिक का निबंधन कराया जा चुका है. उन्हें विशेष के माध्यम से कराने की प्रक्रिया की जा रही.


प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना हुआ  है.  इससे उन्हें प्रतिवर्ष के चिकित्सा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में बताया सभी लोगों से अपील की कि 40 वर्ष की आयु के कामगार योजना से जुड़ कर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसी भी कामगार को मासिक राशि जमा करनी होती है. जो उनकी उम्र के हिसाब से निर्धारित की गई है. जबकि 18 वर्ष की आयु के कामगार के लिए यह राशि ₹55 प्रतिमाह है.जबकि 29 वर्ष के कामगार के लिए ₹100 प्रतिमाह तथा 40 वर्ष के कामगार के लिए ₹200 प्रति माह इस प्रकार उदाहरण स्वरूप यदि एक 40 वर्ष का व्यक्ति इस पेंशन योजना से जोड़ता है.


तो 1 साल में उसे लगभग ₹24 प्रीमियम के रूप में जमा कराने होंगे होंगे और यदि वह 20 साल तक जमा कर आता है. तो ₹48000 उसे पूरी राशि 60 वर्ष की आयु तक जमा करानी होगी.उसके पश्चात ₹3000 प्रति माह के दर से उसको पेंशन का लाभ मिलेगा और वह जब तक जीवित रहेंगे तब तक उनको यह पेंशन आजीवन मिलता रहेगा. यदि उनकी मृत्यु हो जाती है और उनके आगे भी जीवित हैं. उनके आश्रित फैमिली पेंशन के रूप में 50  प्रतिशत जब तक जीवित रहेंगे तब तक मिलेगा.

इसके अलावा बिहार शताब्दी असंगठित क्षेत्र कामगार एवं सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि यदि असंगठित क्षेत्र के किसी कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हो जाती है तो स्वाभाविक मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹30000 जबकि दुर्घटना मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹100000 की अनुदान राशि दी जाएगी. यदि किसी असंगठित कामगार या शिल्पकार के साथ दुर्घटना या बीमारी की वजह से स्थायी आंशिक अपंगता हो जाती है तो उन्हें ₹37500 जबकि स्थायी पूर्ण अपंगता की स्थिति में ₹75000 के अनुदान राशि दी जाएगी.

 उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से अपील की ऑन लोड किया कि विगत 1 वर्ष में यदि सुगौली प्रखंड के किसी पंचायत में किसी भी असंगठित कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हुई है तो कृपया उसका आवेदन प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी आश्रम पूर्व अधिकारी के पास या जिला में श्रम अधीक्षक कार्यालय में जमा करा दें. इसके अलावा बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना 2008 के बारे में विस्तार से जानकारी दी.बिहार राज्य के बाहर काम करने जाते हैं और वहां उनकी दुर्घटना के पश्चात मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रित को ₹100000 के अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है साथ ही यदि दुर्घटना या बीमारी के पश्चात मानसिकता हो जाती है.स्थिति में बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया कि निर्माण श्रमिक हैं और अभी तक नहीं बन पाया है. कृपया अपना आवेदन और पीके जमा करा दें ताकि उनकी कार्रवाई की जा सके और योजनाओं का लाभ मिल सके.

आलोक कुमार 

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा

 

चकिया. चकिया अनुमंडल पदाधिकारी शंभू शरण पांडेय की अध्यक्षता में अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्रों की बैठक आयोजित की गई.इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी श्री पाण्डेय ने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में जो  विकास मित्र बेहतर काम कर रहे हैं जिनका प्रदर्शन अच्छा है.जिन्होंने बाल विवाह व दहेज प्रथा को रोकने में भूमिका निभाया है उनको 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह इस अनुमंडल में नहीं होना चाहिए इसके लिए विकास मित्रों को सजग रहने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज की घटना रोकने के लिए आप लोग तत्पर रहें.  राशन और किरासन वितरण में गड़बड़ी हो रही हो उसको भी आपको देखना है.इस अवसर पर सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुरक्षा  कोषांग धीरज कुमार ने कहा कि सभी बैठकों में  प्रेम प्रसंग में पलायन होने की घटना और दुष्परिणाम को बताने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किशोरी समूह की बैठक, विद्यालयों में बाल संसद और मीना मंच की बैठक में खासकर लड़को को बताना जरूरी है कि लड़की तो बाल गृह जाकर छूट जाती है,  मगर लड़का को जेल जाना पड़ता है.जिस पर पोक्सो एक्ट भी लग जाता है जिसके कारण उसकी जीवन बर्बाद हो जाता है.

धीरज कुमार ने कहा कि सभी लोगों को जीवन प्रमाणीकरण कराना जरूरी है तभी उनका पेंशन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 1 जून से वृद्ध लोगों के लिए 30 जून तक जीवन  प्रमाणीकरण के लिए  भौतिक सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है विकास मित्र, सेविका कार्यपालक सहायक के द्वारा पहचान की जरूरत है.इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग , महिला एवं बाल विकास निगम, यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान प्रोजेक्ट के जिला समन्वयक हामिद रजा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 30 अप्रैल से 12 जून 2022 अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस बाल श्रम निषेध दिवस तक लगातार अपने क्षेत्र में बाल श्रम ,बाल विवाह और दहेज प्रथा  को रोकने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.इसी क्रम में मेहसी प्रखंड में 4 जून को और चकिया प्रखंड में 6 जून को किशोरी सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.जिसमें बच्चों के प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया जाएगा.

इस अवसर पर अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी शशांक चौबे  उड़ान प्रोजेक्ट के  कृष्णा कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, प्रखंड रामकुमार रंजन, संदीप कुमार, उपेंद्र राम, बिपिन कुमार, ध्रुप बैठा, सुमित्रा कुमारी सहित अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्र बैठक में शामिल हुए.

आलोक कुमार

सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा

 


बेतिया. जिलाधिकारी द्वारा महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों पर कटाव/बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का किया गया निरीक्षण.पीओ, मनरेगा को तटबंध के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने का दिया निर्देश.जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़/कटाव के मद्देनजर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है ताकि जान-माल की क्षति नहीं होने पाए. इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न जगहों पर कराये जा रहे सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा भी की जाती रही है.

 

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सिकरहना नदी से प्रभावित होने वाले महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि महनवा एवं डुमरी में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है.परसा टोला, डुमरी में ललन यादव का घर एवं कुआं कटने को लेकर वहां पर सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. महनवा में कटाव निरोधी कार्य के निरीक्षण के क्रम में ग्रामीण खादिर के द्वारा बताया गया कि 60 फीट में बांस गिरा हुआ है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को तुरंत ठीक कराने का निर्देश दिया गया.

 कार्यपालक अभियंता, सिकरहना तटबंध, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि गुदरा बिन टोली, महनवा में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. तुलाराम घाट पर सुरक्षात्मक कार्य दो दिनों के अंदर पूर्ण करा लिया जायेगा.बथना गांव के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि वहां मनरेगा से बांध का निर्माण कराया गया है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना अत्यंत ही जरूरी है.  मनरेगा पीओ को निर्देश दिया गया कि नदी के किनारे सघन वृक्षारोपण का कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए.

 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप कटाव निरोधी कार्य अविलंब शुरू कराना सुनिश्चित करें. साथ ही झारमहुई में दो दिनों के अंदर सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ किया जाए.इस अवसर पर जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार


बेतिया. निर्माणाधीन सड़क में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 48 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.अधीक्षण, अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को सड़क, पुल-पुलिया आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्देश.बैरिया प्रखंड अंतर्गत कादिर चौक से दीवान तकिया तक 765 मीटर लंबी निर्माणाधीन पथ में गड़बड़ी की सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को दी गयी.ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क में गड़बड़ी को लेकर फोटोग्राफ आदि साक्ष्य भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराये हैं. प्रथम दृष्टया सड़क निर्माण में गड़बड़ी परिलक्षित हो रही है.

 

जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए समीक्षात्मक बैठक में अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को निर्माणाधीन उक्त सड़क की विधिवत जांच कर जांच प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. साथ ही दोषियों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा करने को भी निर्देशित किया गया है.जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया निर्देश दिया कि सड़क, पुल-पुलियां आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय. किसी भी सूरत में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों को बख्शा नहीं जायेगा.


आलोक कुमार

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