संदेश

दिसंबर 5, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

योग्य अल्पसंख्यकों में ऋण ससमय वितरित

चित्र
बेतिया.योग्य अल्पसंख्यकों में ऋण ससमय वितरित कराने के निमित्त आवेदकों का स्थल जांच 15 जून तक करने का निर्देश.18-21 जून को निर्धारित है साक्षात्कार की तिथि. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए योग्य अल्पसंख्यकों में ऋण की राशि ससमय वितरित करने के निमित्त मुख्य सचिव, बिहार द्वारा उक्त योजना अंतर्गत 15 जून तक आवेदकों का स्थल जांच कराने तथा दिनांक-30.06.2022 तक साक्षात्कार का कार्य पूर्ण करते हुए चयन सूची बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्त निगम, पटना को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी. उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य सचिव, बिहार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुरूप सभी कार्यों को ससमय निष्पादन हो जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि जांच दल द्वारा 15 जून तक सभी आवेदकों के स्थल जांच का कार्य पूर्ण किया जाए. जांच दल अपने-अपने आवंटित क्षेत्रान्तर्गत सभी आवेदकों का स्थल जांच करते हुए स्थल जांच की पावती रसीद की प्रति आवेदक को प्राप्त करते हुए तथा ...

दिवंगत मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण

चित्र
* बिहार के आनंद कुमार,कपिल देव प्रसाद और सुभद्रा देवी को पद्मश्री नई दिल्ली.गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार (25 जनवरी) को पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई है. इसमें राकेश झुनझुनवाला (मरणोपरांत), गणितज्ञ आनंद कुमार, रवीना टंडन, मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष थौनाओजम चाओबा सिंह समेत 91 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा.     बता दें कि 2023 में 106 पद्म पुरस्कारों को प्रदान करने की मंजूरी दी गई है. सूची में 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री शामिल हैं.19 पुरस्कार विजेता महिलाएं हैं. समाजवादी पार्टी संरक्षक और यूपी के पूर्व सीएम दिवंगत मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण (मरणोपरांत) से नवाजा गया है. सुधा मूर्ति, कुमार मंगलम बिड़ला पद्म भूषण के नौ पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं. रतन चंद्राकर को अंडमान के जारवा ट्राइब्स में मिजल्स के लिए बेहतर काम के लिए सम्मान दिया गया है. हीरा बाई लोबी को गुजरात में सिद्धि ट्राइब्स के बीच बच्चों के शिक्षा पर काम करने के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है. बालकृष्ण दोसी और पश्चिम बंगाल के पूर्व डॉ. दिलीप महलानाबीस को भी पद्म...

एकता, एकजुटता और प्रगति का जश्न

चित्र
इंडिया सोशल फोरम 2023 के मंच से संकल्प’  एकता, एकजुटता और प्रगति का जश्न पटना.इंडिया सोशल फोरम 2023 के आयोजन समिति की ओर से प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा है कि 2 दिसंबर से 4 दिसंबर तक पटना में आयोजित इंडिया सोशल फोरम (आईएसएफ) 2023 के हम प्रतिभागी व्यक्ति, सामाजिक आंदोलन और नागरिक समाज संगठन, इस महत्वपूर्ण आयोजन की महान सफलता के लिए अपना गहरा आभार व्यक्त करते हैं.जमीनी स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक उभरने वाली यह प्रक्रिया कई राज्यों में राज्य सामाजिक मंचों से शुरू हुई, जिनमें विभिन्न मंचों और मुद्दों पर काम करने वाले विभिन्न तरह के लोग शामिल हुए, अंततः इस आयोजन के माध्यम से पूरे भारत के  हजारों लोगों के इस समागम तक पहुंची. इंडिया सोशल फोरम में तीन दिनों तक  सबकी जोशीली सहभागिता देखी गई . अलग अलग तरह की  आवाजें,  साझा अनुभव, हाशिए पर पड़े समाजों की आकांक्षाएं और सामाजिक संगठनों की प्रतिबद्धताओं का एक अनूठा और सार्थक चित्र उभरा.   संवाद और आदान-प्रदान  के तीन गतिशील प्लेनरी सत्रों , विकास संबंधी मुद्दों और मानवाधिकारों पर प्रकाश डालने वाले 70 से अधिक समानांतर ...

बिहार में पिछले 25 वर्षों से भूमि अधिकार अभियान जारी

चित्र
 इंडिया सोशल फोरम में एकता परिषद की जन संसद पटना.इंडिया सोशल फोरम पटना में एकता परिषद द्वारा आयोजित जन संसद में भूमि अधिकार और आजीविका के मुद्दे पर विशेष तौर पर सभी भूमिहीन परिवारों के लिए 10 डिसमिल आवास भूमि कानून बनाने की बात कही गई और आह्वान किया गया कि गरीबों को संगठित होकर भूमि अधिकार के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है.    एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी ने जन संसद में एकता परिषद द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे हैं भूमि अधिकार आंदोलन का विस्तार से वर्णन किया और बिहार में पिछले 25 वर्षों से किए जा रहे भूमि अधिकार अभियान के बारे में चर्चा की.उन्होंने कहा कि एकता परिषद के पहल से भारत सरकार ने 10 डिसमिल आवास भूमि के लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी किया था और राज्य सरकारों को इसे लागू करने के लिए पत्र भी लिखा था.लेकिन किसी भी राज्य सरकार ने आज तक इसे लागू नहीं किया है.       इस अवसर पर नेपाल से आए साथी पुरुषोत्तम ने नेपाल में होने वाले वर्ल्ड सोशल फोरम के बारे में बताया और एकता परिषद को आह्वान किया कि वह 15 से 19 फरवरी 2024 में होने वाले विश्व सा...

सुधा वर्गीज को जमनालाल बजाज पुरस्कार

चित्र
पटना की पद्मश्री सुधा वर्गीज को प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार देने की घोषणा हुई है. यह पुरस्कार उन्हें 8 दिसंबर को मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के हाथों मिलेगा.पद्मश्री सुधा वर्गीज समाज सेवा करने मुसहरी में साइकिल चलाकर जाती थी.तब से साइकिल वाली दीदी कहलाने लगी.सबसे निचले पायदान पर गुजर-बसर कर रही जाति मुसहरों के लिए लगातार काम कर रही हैं.इसके लिए उन्हें पद्म पुरस्कार भी मिल चुका है.अब केरल की रहने वाली सुधा वर्गीज को जमनालाल बजाज पुरस्कार देने की घोषणा हुई है.... पटना.जमनालाल बजाज पुरस्कार एक भारतीय पुरस्कार है जो गांधीवादी विचारों के उन्नयन, सामुदायिक सेवा, और सामाजिक विकास के लिए दिया जाता है. इसकी स्थापना 1978 में की गयी थी और प्रतिवर्ष चार श्रेणियों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है.सामाजिक सेवा करने के लिए पटना की पद्मश्री सुधा वर्गीज को प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज फाउंडेशन पुरस्कार देने की घोषणा हुई है. यह पुरस्कार उन्हें 8 दिसंबर को मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के हाथों मिलेगा.    बताया जाता है कि गांधीवादी विचारों के उन्नयन, सामुदायिक सेवा,...