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अप्रैल 23, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सोसाइटी ऑफ पिलार आज गहरे शोक में डूबी

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                                        Father Filipe Neri Mendes: एक दूरदर्शी शिक्षक और संगीत साधक                                                                                                                       आलोक कुमार सोसाइटी ऑफ पिलार आज गहरे शोक में डूबी हुई है। रेवरेन्ड फादर फिलिपे नेरी मेंडेस के निधन से न केवल एक समर्पित पादरी का, बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी शिक्षक और संगीत साधक का भी अवसान हुआ है, जिन्होंने अपने पुरोहित जीवन का अधिकांश समय सेमिनारियों के हृदय और मस्तिष्क को गढ़ने में समर्पित कर दिया। उनका जाना एक युग का अंत है, किंतु उनकी विरासत उन असंख्य जीवनों में जीवित है, जिन्हें उन्हों...

पूर्व और वर्तमान सरकार की कार्यशैली में वास्तविक अंतर

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                              कर्ज, कल्याण और कसौटी—पूर्व व वर्तमान सरकार के फर्क की पड़ताल                                                                                                                 — आलोक कुमार राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति ने एक बार फिर यह बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है कि पूर्व और वर्तमान सरकार की कार्यशैली में वास्तविक अंतर क्या है। जैसे-जैसे वित्तीय दबाव सतह पर आ रहा है, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पिछली नीतियों के प्रभाव और वर्तमान फैसलों की दिशा—दोनों मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर रहे हैं। आज हालात ऐसे हैं कि सरकार को अपने नियमित दायित्वों के निर्वहन के लिए भी ऋण पर निर्भर होना पड़ रहा है। जून तक ...

महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह की वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक थे

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            वीर कुंवर सिंह का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान योद्धाओं में शामिल 23 अप्रैल का दिन इतिहास, आस्था और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में हमारे सामने उपस्थित होता है। यह तिथि केवल एक सामान्य दिन नहीं, बल्कि प्रेरणा, साहस और त्याग की अमर गाथाओं को अपने भीतर समेटे हुए है। एक ओर जहां विश्वभर में सेंट जॉर्ज दिवस मनाया जाता है, वहीं भारत के इतिहास में यह दिन महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह की वीरता और अदम्य साहस के कारण स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वीर कुंवर सिंह का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान योद्धाओं में शामिल है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी। उनका जन्म बिहार के जगदीशपुर में एक प्रतिष्ठित जमींदार परिवार में हुआ था। यद्यपि वे सामाजिक रूप से समृद्ध थे, लेकिन उनके भीतर देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना कहीं अधिक प्रबल थी। यही कारण था कि जब 1857 में 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम प्रारंभ हुआ, तब उन्होंने बिना किसी संकोच के अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंक दिया। यह उल्लेखनीय है कि उ...

मोकामा पल्ली का मोदन गाछी क्षेत्र इन दिनों गहरे शोक में

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                                                सामाजिक कार्यकर्ता राजन क्लेमेंट साह द्वारा उठाई गई मांगें  पटना महाधर्मप्रांत के अंतर्गत आने वाली मोकामा पल्ली का मोदन गाछी क्षेत्र इन दिनों गहरे शोक और आक्रोश के दौर से गुजर रहा है। वार्ड संख्या 5 में रहने वाले 16 वर्षीय अंशु कुमार की निर्मम हत्या ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम छात्र की इस दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं। 20 मार्च 2026 को अंशु कुमार अचानक लापता हो गए। एक साधारण दिन की तरह शुरू हुआ यह दिन उनके परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुःस्वप्न बन गया। अंशु एक इंटरमीडिएट के छात्र थे, जिनके भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजो रखे थे। लेकिन उनके अचानक गायब हो जाने से परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अगले ही दिन उनका मोबाइल फोन बंद हो जा...

23 अप्रैल का दिन विश्वभर में एक विशेष महत्व

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                          यह तिथि इतिहास, धर्म, साहित्य और संस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक 23 अप्रैल का दिन विश्वभर में एक विशेष महत्व रखता है। यह तिथि इतिहास, धर्म, साहित्य और संस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक है। इस दिन को विशेष रूप से सेंट जॉर्ज दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो साहस, आस्था और न्याय की जीत का प्रतीक है। संत जॉर्ज की वीरता और उनकी अटूट निष्ठा आज भी लोगों को प्रेरित करती है। संत जॉर्ज तीसरी शताब्दी के एक रोमन सैनिक थे, जिन्होंने अपने धर्म और विश्वास के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। माना जाता है कि 23 अप्रैल 303 ईस्वी को उनकी मृत्यु हुई थी। ईसाई परंपरा में उन्हें एक महान शहीद और वीर संत के रूप में सम्मानित किया जाता है। उनकी सबसे प्रसिद्ध कथा ड्रैगन वध की है, जिसमें उन्होंने एक भयंकर अजगर का सामना कर उसे मार गिराया और एक राज्य को विनाश से बचाया। यह कथा केवल एक पौराणिक कहानी नहीं है, बल्कि यह अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। सेंट जॉर्ज दिवस हमें यह सिखाता है कि भय और अन्याय के सामने झुकना नहीं चाहिए।...