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जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक

 * 20 अगस्त तक बकाया चावल जमा नहीं करने वाले पैक्सों/व्यापार मंडल पर दर्ज होगी प्राथमिकी.अनुपालन नहीं करने वाले प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारियों के विरुद्ध होगा गठित प्रपत्र ‘क‘.जिलाधिकारी ने की पदाधिकारियों के साथ बैठक...

नालंदा। खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2022-23 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया के तहत अभी तक 35 विभिन्न पैक्स/व्यापार मंडल द्वारा लगभग 2600 मीट्रिक टन चावल राज्य खाद्य निगम के पास जमा किया जाना शेष है।

इनमें से 25 पैक्सों/व्यापार मंडल के पास एक लॉट (29 मीट्रिक टन) से अधिक चावल बकाया है। बकाया चावल को अविलंब जमा कराने को लेकर आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक किया।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी बकायेदार पैक्सों/व्यापार मंडल को 20 अगस्त तक बकाया चावल राज्य खाद्य निगम के गोदाम में जमा करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। 20 अगस्त तक सम्पूर्ण बकाया चावल जमा नहीं करने वाले पैक्स/व्यापार मंडल के विरुद्ध 21 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।इसका अनुपालन नहीं करने वाले प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रपत्र ‘क‘ गठित किया जाएगा।

   बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम , जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं सभी संबंधित प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार


बेरोजगारी में भारत पाकिस्तान और श्रीलंका से भी बदतर : डा0 अखिलेश

 बेरोजगारी में भारत पाकिस्तान और श्रीलंका से भी बदतर  : डा0 अखिलेश

पटना । भारत में बेरोजगारी का ये आलम है कि हमारी स्थिति पाकिस्तान और बंगलादेश से तो बदत्तर है हीं यहां तक कि श्रीलंका से भी बदतर हैं जो बदहाली और बेरोजगारी से कराह रहा है। वल्र्ड स्टैटिक्स के आंकड़े के मुताबिक, भारत की बेरोजगारी दर 7.8 फीसदी पर है, जबकि पाकिस्तान की 6.5 फीसदी और बांग्लादेश में 4.7 फीसदी। यहां तक कि श्रीलंका की भी बेरोजगारी दर 4.8 फीसदी है, मतलब करीब-करीब भारत का आधा।

    ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने आज 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ‘मेरा पहला वोट फॉर इण्डिया’ अभियान की शुरुआत करते हुए कही। इस उपलक्ष्य में आज पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार युथ कांग्रेस द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व युथ कांग्रेस अध्यक्ष गरीब दास ने किया। प्रदेश अध्यक्ष डा0 सिंह व युथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अलावरू ने इस अभियान के तहत तैयार किये गये रथ को झण्डा दिखाकर रवाना किया।

      प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वगैर युवा को पार्टी से जोड़े व्यवस्था परिवर्तन की बात नहीं सोची जा सकती। इसके लिए उन्होंने युथ कांग्रेस की पहल को सराहा एवं शुभकामनाएं दी।

इस मौके पर उपस्थित विधान सभा कांग्रेस विधायक दल के नेता डा0 शकील अहमद खान ने गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभिभाषण पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी जी को यह भी नहीं मालूम कि भारत कब से कब तक गुलाम था।

       कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए कृष्णा अलावरू ने हर बूथ पर पाँच युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता को निगरानी की ड्यूटी देने की बात कही। उन्होंने इसके लिए ‘युथ जोड़ो बूथ जोड़ो’ कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

      प्रदेश के 243 विधानसभा अध्यक्षों के अलावा प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यकारिणी के तमाम सदस्य इस कार्यक्रम में शरीक हुए। इसमें शामिल होने वाले नेताओं में युवा कांग्रेस के बिहार प्रभारी बरिन्दर सिंह ढिल्लो, पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी, विधायक बिजेन्द्र चौधरी, आनन्द शंकर, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, अमित कुमार टुन्ना, पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, राजकुमार राजन, गुंजन पटेल, कुमार रोहित, अबु तनवीर, मंजीत आनन्द साहू, आशुतोष त्रिपाठी, अमरदीप कुमार, मुदस्सिर संस, ईशा यादव, खुर्रम, खुशबू कुमारी, करुण नन्दन सिंह, आयुष भगत, पूनम यादव, अमित कुमार, सोनू ठाकुर, विकास कुमार झा, मंगेश मणी आदि प्रमुख हैं।

आलोक कुमार




स्वतंत्रता की लड़ाई वास्तव में कांग्रेस की लड़ाई थी

  *सदाकत  आश्रम में मना आजादी का 77 वें वर्षगांठ

*जिनका आजादी में कोई योगदान नहीं वो कर रहे नेहरू पर टिप्पणी-डा0 अखिलेश

पटना ।  यह सोच कर हैरानी होती है कि जिस दल का स्वतंत्रता आन्दोलन में कोई योगदान नहीं था उसके दल के लोग भी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर टीका-टिप्पणी करते हैं। भाजपा को छोड़िये इसका मूल रूप जनसंघ का अस्तित्व भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नहीं था। यहाँ तक कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी खुद नेहरू मंत्रिमंडल में मंत्री थे।

यह सब जानने के बाद भी भाजपाई बड़ी बेशर्मी से नेहरू पर टीका-टिप्पणी करते रहते हैं। ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने सदाकत आश्रम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष ने स्वतंत्रता के 77वें वर्षगांठ के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में झण्डे फहराये। इस मौके पर सेवा दल के स्वयंसेवकों ने उन्हें सलामी दी। और लोगों में मिठाइयां बांटी गयी।

डॉ. सिंह ने कहा कि राजनीतिक दल के रूप में कांग्रेस के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभूति देता है। कांग्रेसी होने के नाते हमारे लिये स्वतंत्रता दिवस सबसे अलग है, क्योंकि भारत की आजादी की बुनियाद कांग्रेस के अनगिनत संघर्ष, त्याग और बलिदान पर रखी गई। स्वतंत्रता की लड़ाई वास्तव में कांग्रेस की लड़ाई थी और कांग्रेस की स्थापना भी 1885 में इसी उद्देश्य से की गयी थी।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले दिनों लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दिये गये राहुल गाँधी के भाषण को 63 फीसदी लोगों ने असरदार करार दिया जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण को महज 35 फीसदी लोगों ने ही पसंद किया।  मतलब मोदी सरकार की लोकप्रियता गर्त में जा रही है। इसलिए मैं काँग्रेसियों को यह संकल्प दिलाना चाहता हूँ कि आनेवाले 2024 के चुनाव में मोदी सरकार को उखाड़ फेकें।


आज के कार्यक्रम में शरीक होने वाले लोगों में पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष डा0 शकील अहमद, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्रा,कौकब कादरी, समीर कुमार सिंह, मुन्ना तिवारी, नरेन्द्र कुमार, श्रीमती ज्योति, बंटी चौधरी, हरखू झा, निर्मल वर्मा, ब्रजेश पाण्डेय, राज कुमार राजन, कपिलदेव प्रसाद यादव, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, अलोक हर्ष, लाल बाबू लाल, नागेन्द्र प्रसाद विकल, विनय वर्मा,प्रमोद कुमार सिंह, जमाल अहमद भल्लू, विनोद यादव, ज्ञान रंजन, अम्बुज किशोर झा, आसिफ गफूर, अमिता भूषण, आनन्द माधव, मनोज कुमार सिंह, अमित कुमार टुन्ना, गरीब दास,चुन्नू सिंह,  शरवत जहां फातिमा,ललन यादव, जितेन्द्र सिंह, डॉ संजय यादव, सौरभ सिन्हा, मिन्नत रहमानी आदि प्रमुख हैं।

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