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कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण

 

’बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने 14 मामलों की की सुनवाई.कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा 14 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

       परिवादी उपेन्द्र कुमार द्वारा अतिक्रमण हटाने से संबंधित दायर वाद में अपर समाहर्त्ता को जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया गया.

परिवादी रामकली देवी के परवलपुर थाना से संबंधित परिवाद में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट की समीक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजा गया.

     चंडी के अनिल साव द्वारा गैरमजरूआ आम जमीन से अतिक्रमण हटाये जाने से संबंधित दायर परिवाद में अंचलाधिकारी के रिपोर्ट के आधार पर स्थल जांच करने का निर्देश जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दिया गया.

अतिक्रमण से संबंधित दो अलग-अलग मामलों में संबंधित अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अगली सुनवाई में प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने को कहा गया. कुछ अन्य मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया.


आलोक कुमार

ऑनलाइन म्यूटेशन के लगभग 93 प्रतिशत मामले निष्पादित पाए गए

* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व की समीक्षा बैठक.म्यूटेशन एवं परिमार्जन के लंबित मामलों का निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के अनुरूप करें निष्पादन.सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता अंचल के कार्यों की करेंगे नियमित समीक्षा तथा म्यूटेशन एवं परिमार्जन से संबंधित अभिलेखों का करेंगे रैंडम निरीक्षण

नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरदेव भवन सभागार में राजस्व से संबंधित कार्यों की समीक्षा की.ऑनलाइन म्यूटेशन के लगभग 93 प्रतिशत मामले निष्पादित पाए गए. इनमें से 59 प्रतिशत स्वीकृत तथा 41 प्रतिशत मामले स्वीकृत करते हुए निष्पादित किए गए.निर्धारित समय अवधि पार कर चुके 2730 मामले विभिन्न कारणों से लंबित पाए गए.

  बताया गया कि राजगीर, अस्थावां, बेन, सिलाव, बिहार शरीफ, इस्लामपुर एवं थरथरी अंचल में 100 से अधिक मामले लंबित हैं. जिलाधिकारी ने इस पर काफी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निष्पादित करने का निर्देश दिया.

   सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को अंचल के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा तथा म्यूटेशन के मामलों, विशेष रुप से अस्वीकृत किए गए मामलों के अभिलेख की रैंडम जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

    जिला स्तर से भी अंचल कार्यालयों की नियमित रूप से जांच कराई जाएगी.परिमार्जन से संबंधित लगभग 93 प्रतिशत मामले अद्यतन निष्पादित किये गए हैं.निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। हिलसा अंचल में परिमार्जन के 50 प्रतिशत से अधिक मामले अस्वीकृत कर निष्पादित किया गया है. परिमार्जन के आवेदन के साथ वांछित आवश्यक दस्तावेजों में से जो भी दस्तावेज संलग्न नहीं किये गए हों, उन दस्तावेजों को जमा करने के लिए आवेदक को नोटिस करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया. कोई आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं किये जाने के कारण प्रथम बार ही आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाय, आवेदक को नोटिस कर निर्धारित समय के अंतर्गत दस्तावेज जमा करने को कहा जाय।नोटिस के बाद भी अगर वांछित दस्तावेज आवेदक द्वारा जमा नहीं किया जाता है तो उसके आवेदन को अस्वीकृत किया जाना चाहिए.

सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को म्युटेशन एवं परिमार्जन के अस्वीकृत किए गए मामलों से संबंधित अभिलेख की रेंडम जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आवेदनों के निष्पादन में निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के अनुरूप गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान रखने को कहा गया.

    अभियान बसेरा के तहत चिन्हित लोगों के लिए वास भूमि उपलब्ध कराने के लिए लंबित मामलों में एक सप्ताह के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को इसका अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया.

    विभिन्न विभागों से संबंधित भवन संरचनाओं- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, पंचायत सरकार भवन आदि के निर्माण के लिए प्राथमिकता से जमीन चिन्हित कर अभिलेख के साथ प्रस्ताव भेजने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया गया.

   जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंचलों का समस्त कार्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के तहत किया जाय. इसका अनुपालन नहीं करने वाले पदाधिकारी/कर्मी कठोर दंड के भागी होंगे.बैठक में अपर समाहर्त्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया

  * त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर सिद्धेश्वर प्रसाद का सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न

पटना. त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर सिद्धेश्वर प्रसाद का पटना में निधन हो गया. केंद्र और राज्य में मंत्री भी रहे सिद्धेश्वर बाबू पिछले कुछ समय से बीमार थे.पटना एम्स में उन्हें भर्ती कराया गया था. उन्हें रविवार को ही अस्पताल से कंकड़बाग स्थित आवास पर लाया गया, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली.वे 94 साल के थे.  

   उनका जन्म 19 जनवरी 1929 को नालंदा स्थित अस्थावां थाना इलाके के बिन्द गांव में हुआ था. वे नालंदा कॉलेज में हिन्दी के प्रोफेसर थे.नालंदा लोकसभा सीट से तीन बार सांसद भी रहे. 1962, 1967, 1971 में नालंदा लोकसभा से सांसद चुने गए थे. इंदिरा गांधी सरकार में वो मंत्री रहे. सिद्धेश्वर प्रसाद हिन्दी साहित्य जगत के महान शिक्षाविद थे. वे एक लेखक भी हैं, उनकी हिंदी भाषा में 22 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.बताया जाता है कि उन्होंने इंदिरा गांधी के कहने पर राजीव गांधी और सोनिया को गांधी को हिंदी सिखाई थी.सिद्धेश्वर प्रसाद, 16 जून 1995 से 22 जून 2000 तक त्रिपुरा के राज्यपाल रहे. बिहार सरकार में मंत्री रहे. उन्होंने अहम जिम्मेदारियों को निभाया.  

    त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल सिद्धेश्वर प्रसाद के निधन पर सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया है. उन्होंने कहा कि सिद्धेश्वर प्रसाद का निधन दुःखद.उन्होंने केंद्र और बिहार में मंत्री और त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था. वे हमेशा संसदीय लोकतंत्र की मजबूती की बात करते थे. उनसे हमारा पुराना और व्यक्तिगत संबंध रहा है.उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सिद्धेश्वर प्रसाद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.

इस बीच त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद जी का पार्थिव शरीर आज अपराह्न 3.15 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम लाया गया जहां उपस्थित कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं फूल माला अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद की तरफ से विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह ने प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पगुछ चढ़ाया.

सदाकत आश्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राज कुमार राजन, सदस्यता प्रभारी श्री ब्रजेश प्रसाद मुनन, पूर्व प्रवक्ता श्री प्रभात कुमार सिंह, प्रदेश इंटक अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश सिंह, श्री मृणाल अनामय, श्री उदय शंकर पटेल, नालंदा जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री दिलीप कुमार सिंह, सोशल मीडिया के अध्यक्ष श्री सौरभ कुमार, श्री हैदर अली, श्री किशोर कुमार, श्री दिलीप पासवान, श्री मदन प्रसाद, श्री नन्दन महतो, श्री सत्यनारायण चौपाल, श्रीमती आशा देवी आदि प्रमुख हैं.

सिद्धेश्वर बाबू के निधन पर बिहार विधान मंडल कांग्रेस दल के नेता श्री अजीत शर्मा, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष श्री कृपानाथ पाठक एवं पूर्व मंत्री श्री अवधेश कुमार सिंह ने गहरी संवेदना के साथ शोक व्यक्त की है.

आलोक कुमार


Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

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