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संगीता देवी को उम्मीद की एक नई राह दिखाई दी.

  * किसी तरह की दिव्यांगता अभिशाप नहीं होती.दिव्यांग व्यक्ति भी अपने मजबूत हौसलों के बूते सफलता के शीर्ष पर पहुंच सकता है. कम हो जाती है और वह अवसादग्रस्त होने से बच जाता है. वह आम इंसान की तरह मुख्य धारा में जुड़ सफलता का परचम लहराता है.

* संगीता देवी ने दिव्यांगता को बाधा नहीं बनने दी. स्वरोजगार से मिला स्वावलंबन. सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी को उम्मीद की एक नई राह दिखाई दी.


गया. इस जिले के इमामगंज प्रखंड के भवनडीह पंचायत के पसेवा गांव की संगीता देवी शारीरिक रूप से अक्षम होने के बाद भी उनके हौसले किसी से कम नहीं हैं. अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं.इनके परिवार में छह लोग रहते हैं.उनके पति अशोक पासवान मानसिक रूप से कमजोर है, जिसकी वजह से वह कोई काम नहीं कर पाते. उन्हें ही परिवार का ध्यान रखना होता है.पहले संगीता के परिवार का भरण पोषण उनके ससुर के द्वारा मजदूरी करके किया जाता था. मजदूरी करने के दौरान ससुर दुर्घटनाग्रस्त हो गए. उनके कमर में भरी चोट लग गई जिसके कारण उनकी मजदूरी छूट गई.

       हर समस्या और मुसीबत को दरकिनार संगीता देवी ने वर्तमान में अपने घर पर श्रृंगार दुकान चला रही है. ग्राम संगठन के माध्यम से सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी को श्रृंगार का सामान दिलाकर दुकान खुलवाया गया है.संगीता देवी का चयन देशी शराब की बिक्री से जुड़े परिवार के रूप में किया गया है.योजना से प्राप्त पूंजी में क्रमिक वृद्धि करते हुए संगीता देवी निर्धनता से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ी हैं. इन्हें सरकारी योजना जैसे- जन वितरण प्रणाली, सुरिक्षत आवास, स्वच्छ पेय जल, घर में शौचालय का उपयोग, आदि का लाभ भी हुआ है.इसी प्रकार कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए  इन्हें मिशन स्वावलंबन के तहत प्रमाण पत्र दिया गया है.    

     


बताते चले कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किये गए आँकड़ों के अनुसार, भारत में सभी आयु वर्गों में 2.4 प्रतिशत पुरुष और 2 प्रतिशत महिलाएँ दिव्यांगता से प्रभावित हैं. इसमें मानसिक तथा बौद्धिक दिव्यांगता और बोलने, सुनने तथा देखने संबंधी अक्षमता शामिल है.वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल 121 करोड़ की जनसंख्या में से लगभग 2.68 करोड़ व्यक्ति ‘अक्षम’ अथवा दिव्यांग हैं जो कि कुल जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत हैं. जनगणना के अनुसार, 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्तियों में से 1.5 करोड़ दिव्यांग पुरुष हैं और 1.18 करोड़ दिव्यांग महिलाएँ हैं.देश की अधिकांश दिव्यांग आबादी (69 प्रतिशत) ग्रामीण भारत में निवास करती है.देश और प्रदेश के दिव्यांगता को राह दिखाते संगीता देवी ने दिव्यांगता को कभी बाधक बनने नहीं दी. स्वरोजगार से मिला स्वावलंबन.सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी उम्मीद की एक नई राह दिखा दी है.

           संगीता देवी को ज्योति जीविका महिला ग्राम संगठन के माध्यम योजना के साथ जोड़ा गया. उन्हें श्रृंगार दुकान खोलने के लिए ग्राम संगठन के माध्यम से 20000 रुपए मूल्य का सामान दिया गया. साथ ही योजना के माध्यम से सात माह तक 1000 रुपए प्रति माह की दर से जीविकोपार्जन अंतराल राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई. परिवार को दैनिक खर्च के अलग से मासिक 1000 रुपए मिले. इससे दुकान की पूँजी बढ़ाने में मदद मिली.बाद में इन्हें दुकान के संरचना निर्माण के लिए 10,000 रुपए की विशेष निवेश राशि भी दी गई है. आज इस श्रृंगार दुकान के बदौलत संगीता दीदी अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है. दीदी को नियमित तौर पर मास्टर संसाधन सेवी (एमआरपी) के द्वारा मार्गदर्शन सह सहयोग प्रदान कराया गया.आज दीदी ने अपने मूल श्रृंगार दुकान के साथ एक गुमटी बनवाकर किराना का कुछ सामान भी रखने लगी है.

          संगीता देवी अपने घर पर श्रृंगार का सामान बेचती है और उनके ससुर किराना दुकान (गुमटी) चलने में दीदी को मदद करते हैं. वर्तमान में दुकान से दीदी 5000  से 6000 रुपया मासिक की आमदनी कर रही है. संगीता देवी  कुछ आमदनी बचाकर एक सिलाई मशीन भी खरीदी लिया है, जिससे बचे हुए समय में कपड़ा सिलाई कर भी कुछ आमदनी हो जाती है. साथ ही इन्होनें बत्तख पालन भी आरंभ कर दिया है. अपने आत्मविश्वास और मेहनत की बदौलत दिव्यांग होते हुए अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है. दीदी अपने दोनों बच्चो को अच्छी तरह से शिक्षा देना चाहती है, ताकि वे जीवन में कुछ अच्छा करें.दुकान मिलने से संगीता देवी खुश है. वह कहती है जीविका में जुड़ने के बाद ही जीवन बदला. वह जीविका सभी का धन्यवाद् करती हैं.


आलोक कुमार

गांधी शांति प्रतिष्ठान और पटेल चौक पर नागरिक सम्मान किया

 

भागलपुर.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी हैं भक्त चरणदास. उनके नेतृत्व में मंदार पर्वत (बांका जिला) से निकली भारत जोड़ो यात्रा ( ‌बिहार) आज भागलपुर पहुंची. इसका स्थानीय सामाजिक संगठनों की ओर से पंखा टोली, गांधी शांति प्रतिष्ठान और पटेल चौक पर नागरिक सम्मान किया गया.

    भारत जोड़ो यात्रा बिहार में भक्त चरण दास के अगुवाई में चल रहा है जिसमें कांग्रेस और नागरिक संगठन के लोग जुड़े हैं.इस कड़ाके की ठंडी में और कम संसाधनों के बावजूद भी पदयात्रा जारी है.इससे कांग्रेस का काफी मनोबल बढ़ा हुआ.

         


नागरिक संगठनों से अशोक प्रियदर्शी, मुरारी, प्रदीप प्रियदर्शी और फतेहपुर से मजदूर किसान समिति के लोग शामिल हुए.सीवान से जेपी सेनानी महात्मा जी के पुत्र त्रिभुवन साथ में लगे हैं.भक्त चरण दास के साथ साया की तरह लगे हैं.

भागलपुर में नागरिक समाज के लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत किया.लोकनायक जयप्रकाश नारायण को आदर्श मानने वाली कई दलों में गए और कई  कांग्रेस ज्वाइन भी किया. यहां पर सांसद हो मंत्री हो व्यवहार एक साथ ही है.गुदड़ी का लाल कभी गुदड़ी को नहीं भूला पाते हैं.

    मुख्य आयोजन पटेल चौक पर आयोजित था, जहां गंगा मुक्ति आंदोलन, राष्ट्र सेवा दल,लोक समिति, गांधी शांति प्रतिष्ठान,इप्टा, वैकल्पिक मोर्चा, माइनॉरिटी डेवलपमेंट सोसायटी, दलित विकास समिति, किसान संघर्ष समिति,लोक चेतना,इप्टा गांधी विचार परिषद, राजीव गांधी स्टडी सर्किल.माध्यम आदि संगठनों के प्रतिनिधियों ने भक्त चरणदास, कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य यात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया.

      सभा की शुरुआत सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण करने से हुई.सभा का संचालन राष्ट्र सेवा दल के प्रांतीय अध्यक्ष उदय ने किया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा स्वतंत्रता आन्दोलन के मूल्यों की रक्षा के लिए निकाली गई है, इसलिए सभी गैर दलीय सामाजिक संगठन इसका समर्थन करने के लिए एकजुट हुए हैं.सबसे पहले स्थानीय शायर मो जावेद अख्तर ने सुंदर नज़्म सुनाई.फिर गंगा मुक्ति आंदोलन के  राष्ट्रीय संगठक रामशरण ने यात्रियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि आज देश में सांप्रदायिकता, महंगाई, बेरोजगारी, अपसंस्कृति के जहर के खिलाफ जो भारत यात्रा राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही है, यह यात्रा भी उसी का हिस्सा है. भागलपुर एक बार दंगे के कहर में 2000 व्यक्तियों की शहादत दे चुका है. अब फिर से सांप्रदायिक जहर उसे स्वीकार नहीं है.इसलिए भागलपुर के सभी सामाजिक संगठनों ने, जिन्हें चुनावी राजनीति से कोई मतलब नहीं है,इस यात्रा का स्वागत करने का निर्णय लिया है.

      सभा में बिहार के प्रमुख किसान नेता और छात्र युवा संघर्ष वाहिनी के बोधगया भूमि आंदोलन के नेतृत्व कर्ता प्रभात कुमार ने भी अपनी राय रखी.उन्होंने कहा कि यह यात्रा दल के लिए नहीं देश के लिए है. इसलिए सबको इसका साथ देना चाहिए.समय की कमी के कारण अन्य प्रमुख लोग अपनी राय नहीं रख पाये.फिर यात्रा के नेतृत्व कर्ता भक्त चरण दास ने सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन और संविधान ने हमें सर्वधर्म समभाव और लोकतंत्र का मूल्य सौंपा है.उसकी रक्षा सबको मिलकर करनी होगी.कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल आदि ने जो देश हमें सौंपा है उसे गोडसेवादियो द्वारा बर्बाद नहीं करने देंगे.

    मंच पर कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा जिला अध्यक्ष परवेज जमाल और कांग्रेस के प्रमुख नेता प्रवीण सिंह भी मौजूद थे. सामाजिक कार्यकर्ताओं में एनुल होदा,प्रो विजय कुमार, संजीव कुमार दीपू, सार्थक, दीपप्रिया, संजय, गौतम,मो नदीम, मनीष,कुमार संतोष, राजकुमार झा,इकराम हुसैन साद, शशि,सौरभ आदि मौजूद थे.

विजय गोरैया ने कहा कि चुनाव में समर्थन देना या देने की बात सोचना अलग बात है; लेकिन गैरदलीय राजनीति की बात करने वालों का किसी चुनावी दल के साथ कदमताल करना उचित नहीं है. भविष्य में इनकी गैरदलीयता की बात पर समाज भरोसा नहीं करेगा. 



आलोक कुमार

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