शनिवार, 11 नवंबर 2023

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित 12 नवंबर रविवार

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित 12 नवंबर रविवार



पटना. भारत में ख्रीस्तीयों ने 12 नवंबर को दलित मुक्ति रविवार के रुप में अंकित कर समाज में ‘आवाजहीनों की आवाज‘ बनने की आवश्यकता को उजागर करने का प्रयास किया है.

  दलित पहले से ही अछूत के रूप में जाने जाते हैं और अनुसूचित जाति के सदस्य के रूप में भी जाने जाते हैं. हिंदू धर्म की कठोर वर्ण व्यवस्था के तहत वे सबसे नीचे वर्ण अर्थात पायदान में आते हैं.

   भारत ने दलितों के उत्थान के लिए कई सार्वजनिक कार्यक्रमों की स्थापना की है लेकिन उनके प्रति व्यापक भेदभाव और हाशिए पर बनाये रखना जारी है. भारत में 300 मिलियन से अधिक दलित हैं.(1.3 बिलियन नागरिकों में से लगभग 25 प्रतिशत) और, ख्रीस्तीय एवं मुस्लिम अल्पसंख्यकों के बीच, छूआछूत का कलंक व्यापक है.भारत के 28 मिलियन ईसाइयों में से दलितों की संख्या लगभग 60 प्रतिशत हैं, जिसका अर्थ है कि वे अधिकांश समुदायों में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक हाशिए और बहिष्कार का अनुभव करते हैं.

दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित रविवार, जिसमें हम बात करते, चर्चा करते, उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं, ताकि नागरिक सह-अस्तित्व को एक ऐसे संविधान द्वारा विनियमित किया जा सके जो न्याय, समानता, समान अधिकार और सभी के लिए अवसरों की गारंटी देता है। दलितों की स्थिति, जो अभी भी सामाजिक कलंक से चिह्नित है, अक्सर सभी के द्वारा बहिष्कृत हैं, एक असहनीय उल्लंघन है और एक लोकतांत्रिक दुर्बलता को दर्शाता है.

भारतीय कैथोलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के लिए  विभाग बने है.जब ईसाई मिशनरियों ने स्कूल खोले, तो इन दलितों को उन स्कूलों में दाखिला मिला और वो ईसाई बन गए. हर मौके का फायदा उठाते हुए, वो औपनिवेशिक नीति की मदद से आगे बढ़े और इस तरह से दलित आंदोलन संगठित हुआ.

बावजूद इसके आधुनिक युग में भी दलितों के खिलाफ अत्याचारों में कमी नहीं हुई बल्कि यह बढ़ रही है. इसी कारण से, कैथोलिक धर्माध्यक्षों ने भारत की कलीसियाओं के राष्ट्रीय परिषद के साथ मिलकर प्रतिवर्ष नवंबर के दूसरे रविवार को दलित लिबरेशन रविवार के रुप में घोषित किया है.इस वर्ष दलित कैथोलिक दलित लिबरेशन 12 नवम्बर 2023 रविवार को  “दलितों की मुक्ति के लिए समर्पित रविवार” के रूप में मना रहे हैं.

       हिन्दू होने पर भी दलितों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है लेकिन वे दलित, जो ख्रीस्तीय हैं, उन्हें विश्वास के आधार पर अतिरिक्त भेदभाव सहना पड़ता है, साथ ही वे अन्य दलितों के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता कार्यक्रमों से भी वंचित किये जा रहे हैं.भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने 1950 में एक राष्ट्रपति के आदेश पर हस्ताक्षर किया, जिसमें कहा गया कि हिंदू धर्म से अलग कोई भी धर्म अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जाएगा. बाद में सिख धर्म को(1956) से और बौद्ध धर्म को (1990) से दलितों के लिए लागू कानूनों से लाभ प्राप्त करने की अनुमति दी गई है.

      1936 में ब्रिटिश शासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया था कि धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने दलितों को शोषित वर्ग नहीं माना जाएगा. 1950 में राष्ट्रपति की तरफ से जारी ‘ दी कॉन्स्टिट्यूशन (शेड्यूल्ड कास्ट्स) ऑर्डर‘ में इस बात का प्रावधान है कि सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्ध समुदाय से जुड़े दलितों को ही अनुसूचित जाति का दर्जा मिलेगा. चूंकि ईसाई और मुस्लिम समाज मे जाति व्यवस्था के न होने की बात कही जाती है, इसलिए हिंदू से ईसाई या मुस्लिम बने धर्म परिवर्तित लोग सामाजिक भेदभाव के आधार पर खुद को अलग दर्जा देने की मांग नहीं कर सकते. 

       साल 1950 के राष्ट्रपति आदेश को 1980 के दशक में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. ‘सूसाई बनाम भारत सरकार‘ नाम से चर्चित इस मामले पर 1985 में फैसला आया था. फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ईसाई और मुस्लिम दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से मना कर दिया था. कोर्ट ने माना था कि राष्ट्रपति आदेश काफी सोच-विचार कर जारी किया गया था. ऐसा कोई भी तथ्य या आंकड़ा उपलब्ध नहीं है जिसके आधार पर धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को वंचित या शोषित माना जा सके.

           गाज़ी सादुद्दीन नाम के याचिकाकर्ता ने 2004 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुस्लिम दलितों को भी आरक्षण का लाभ देने की मांग की. इसके बाद ईसाई संगठनों और लोगों की तरफ से भी कई याचिकाएं दाखिल हुईं जिनमें धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को भी अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की गई. यह याचिकाएं अभी तक लंबित है. कोर्ट ने 2011 में विस्तृत सुनवाई के लिए संवैधानिक सवाल तय किए थे, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी. 

     2007 में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस रंगनाथ मिश्रा की अध्यक्षता मे आयोग का गठन किया. जस्टिस रंगनाथ मिश्रा ने 2009 में अपनी रिपोर्ट दी. इसमें सभी धर्म के लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की सिफारिश की गई. उन्होंने मुस्लिम और ईसाइयों को आरक्षण का लाभ देने का भी सुझाव दिया.

      7 अक्टूबर 2022 को केंद्र सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय आयोग बनाया. यह आयोग इस बात की समीक्षा करेगा कि क्या धर्म परिवर्तन कर ईसाई या मुस्लिम बन चुके दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की ज़रूरत है. इस आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 2 साल का समय दिया गया है. 

    केंद्र सरकार के लिए पेश एडिशनल सॉलिसीटर जनरल के एम नटराज ने बालाकृष्णन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने का सुझाव दिया. याचिकाकर्ताओं के लिए पेश प्रशांत भूषण, कॉलिन गोंजाल्विस, सी यू सिंह जैसे वकीलों ने सुनवाई टालने का विरोध किया. उन्होंने संवैधानिक सवालों पर विचार की मांग की. उनका कहना था कि धर्म के आधार पर कुछ लोगों को अनुसूचित जाति न मानना समानता के अधिकार का उल्लंघन है.

    जस्टिस संजय किशन कौल, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और अरविंद कुमार के सामने कुछ अनुसूचित जाति संगठनों ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने ईसाई और मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने पर सुनवाई न करने की मांग की.

     बताया जाता है अगर मुसलमान और ईसाई दलित धर्मपरिवर्तन करते हैं कि उनको अनुसूचित जाति का आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा.ऐसे लोगों को पिछड़ी जाति का आरक्षण मिलेगा.यदि मुसलमान और ईसाई दलित धर्मपरिवर्तन कर हिंदू धर्म स्वीकार करता है तो उनको वहां पर आरक्षण सुविधा मिल जाएगा.


आलोक कुमार


 

इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे मौलाना कलाम : डा0 अखिलेश

इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे मौलाना कलाम : डा0 अखिलेश


पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता


पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की दो कैटोगरी है। एक वर्ग उनका है जो स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान दिये और दूसरे वो जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ने के साथ-साथ आजादी के बाद भी व्यवस्था की नींव रखने में अमिट छाप छोड़ी। आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद दूसरे वर्ग के रत्नों में से एक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के कारण ही 11 नवम्बर को मनायी जाने वाली उनकी जयंती को पूरे देश में शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

      डा0 सिंह स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अबुल कलाम आजाद की सबसे बड़ी पहचान ये है कि वे मौलाना मतलब कट्टर समझे जाने वाले इस्लामिक धर्मशास्त्री होने के बावजूद धर्मनिरपेक्ष थे। भारतीय इतिहास में मौलाना आजाद की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक और मुसलमानों के लिए एक प्रथक राष्ट्र की अवधारणा के प्रबल विरोधी के रूप में होती है। भारत में शिक्षा व्यवस्था की नींब रखने में मौलाना आजाद ने अपने दूरगामी सोच का परिचय दिया। उन्होंने यु0जी0सी0 और आई0आई0टी0 जैसे संस्थानों की नींव रखी जो भारत में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा का मापदंड तय करती है।

       जयंती   के अवसर पर सदाकत आश्रम में एक विचार-गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान ने विस्तार से मौलाना आजाद के योगदान को रेखांकित किया। और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किये।

विचार-गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पटना कॉलेज, पटना के प्राचार्य डा0 तरूण कुमार मौजूद थे। अपने संबोधन में डा0 तरूण कुमार ने मौलाना आजाद के योगदान और हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रति उनके नजरिये पर प्रकाश डाला। मंच संचालन मधुवाला ने किया।

      इसके अलावा इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं में शामिल थे- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी,पूर्व मंत्री डा0 अशोक कुमार, संजीव प्रसाद टौनी, विधायक राजेश कुमार, बंटी चौधरी, कपिलदेव यादव, लाल बाबू लाल, ब्रजेश प्रसाद मुनन, निर्मल वर्मा, पूनम पासवान,  डा0 विनोद शर्मा, गरीब दास, शरबत जहां फातिमा, डा0 संजय यादव, आलोक हर्ष, राजेश राठौड़, आनन्द माधव, असित नाथ तिवारी, चन्द्र प्रकाश सिंह, गरीब दास, रीता सिंह,  आई0 पी0 गुप्ता, गुंजन पटेल, नागेन्द्र विकल,  सुधा मिश्रा, असफर अहमद, शाशिकान्त तिवारी, अमरेन्द्र सिंह, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, राजनन्दन कुमार, शशि रंजन, निधि पाण्डेय, अखिलेश्वर सिंह, अश्विनी कुमार, फिरोज हसन, मंटन सिंह,  आदित्य कुमार पासवान, सुमित सन्नी, मृणाल अनामय, ललित सिंह, राज छविराज, अरूणा सिंह, शमा परवीन।  


आलोक कुमार

 

शुक्रवार, 10 नवंबर 2023

सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता

 पटना। बिहार विधानसभा में 9 नवंबर को सर्वसम्मति से पारित 75 प्रतिशत आरक्षण विपत्र को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस के बिहार इकाई के अध्यक्ष व ओजस्वी युवा नेता श्रीमान शिव प्रकाश गरीब दास जी ने अपने कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता किया।

अपने संबोधन में बिहार की मांटी में सामाजिक न्याय के पुरोधा
लालू प्रसाद यादव जी जैसे महामानव के सानिध्य से जननायक के रूप में उभरे तेजस्वी प्रसाद यादव जी और विकास पुरुष के नाम से ख्याति प्राप्त श्रीमान नीतीश कुमार जी जैसे मुख्यमंत्री के साथ-साथ अपनी दादी इंदिरा और पिता राजीव जैसे को भारत की माटी को माटी को अपना लहू पिलाते देखकर परवरिश पाये देश की अखण्डता को आतुर जननेता श्रीमान राहुल गांधी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति प्राप्त हो वहां की जनता कैसे अपने वाजिब अधिकार से वंचित रह सकती है। 

    वर्तमान में सम्पन्न हुए जातीय जनगणना ने न केवल बिहार अपितु ही राष्ट्र की जातीय व्यवस्था और उनकी अवष्यकता राष्ट्र मंच पर उभारने का काम किया है। जिसके मद्देनजर अब राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार की सम्यक नीति ने संविधान में वर्णित समता के अधिकार को फलीभूत करते हुए जिनकी जितनी आबादी उनकी उतनी भागीदारी को प्रस्तुत करने का कार्य किया है जो कि प्रशंसनीय है बिहार सरकार की यह योजना और नीति तब इस बात को चरितार्थ करेगी जब यह योजना और संपूर्ण राष्ट्र में लागू होकर देश की जनता को उनके वाजिब हक से रूबरू कराने का काम करेगी तो यह कहते हुए हमें गर्व होगा की बिहार जागे देश आगे। इस विधेयक के सरजमी पर उतरने से पिछड़े अति पिछडे और दलितों को 15 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ राहुल गांधी जी की दलित उत्थान मनसा को अग्रदूत करेगी।जबकि 10 प्रतिशत के साथ सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को आगे बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगी जो कि देश के हित में है।



आलोक कुमार

ईसाई समुदाय की तरक्की के बारे में सोचते है ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह

 पटना।बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और ईसाई समुदाय के नेता राजन क्लेमेंट साह हमेशा ईसाई समुदाय की तरक्की के बारे में सोचते है और उस सोच को क्रियान्वित करते हैं.इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ईसाई नेता राजन क्लेमेंट साह देश के जाने माने शिक्षाविद तथा लोकप्रिय शिक्षक खान सर के साथ आज लंच के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबी बातचीत की। देश में युवाओं के भविष्य एवं करियर प्लानिंग पर गहन चर्चा हुई।

         उन्होंने कहा कि आज मेरी बातचीत मुख्य रूप से ईसाई छात्र छात्राओं को सही मार्गदर्शन पर केंद्रित रहा। चर्चा के दौरान यह बात साफ साफ उभर कर सामने आई कि ईसाइयों को अपना करियर स्कूल और अस्पताल के बाहर भी ढूंढने की जरूरत है, ताकि ईसाई समाज का प्रभाव समाज के हर क्षेत्र में कायम हो सके। खान सर ने मेरे आग्रह के उपरांत ईसाई समाज के बच्चों को विशेष रूप से सहयोग करने पर अपनी हामी भर दी है, जिसके लिए मैं हृदय से उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं।

            यह विचारणीय बात है कि ईसाई समाज से जुड़े शिक्षाविद अपने समाज के बच्चों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा ही दे पाते हैं, लेकिन समुचित करियर मार्गदर्शन के अभाव में वे स्कूल और अस्पताल में ही नौकरी कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं।

            ईसाई समाज के बच्चों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से आज की मुलाकात काफी महत्वपूर्ण है। मैं अपने स्तर से इस दिशा में विशेष कर गरीब ईसाई बच्चों के सुंदर भविष्य हेतु निरंतर कार्य करता रहूंगा, ताकि हमारे समाज के प्रभाव एवं प्रतिष्ठा में और इजाफा हो सके। आप सभी का सार्थक सहयोग अपेक्षित है।आप मुझ से निः संकोच संपर्क कर सकते हैं।


आलोक कुमार

प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

 प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

फैशन डिजाइनिंग के कार्य को बढ़ावा देने के लिए लर्निंग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का उद्घाटन कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा जी ने किया

महिला समानता दिवस के अवसर पर लर्निंग स्किल लिमिटेड (lL&FS) की तरफ से महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए फैशन प्रदर्शनी का उद्घाटन  कांग्रेस नेता व खादी ग्रामोद्योग से जुड़े श्री निर्मल वर्मा जी ने किया


पटना । लर्निंग स्किल्स लिमिटेड के प्रांगण में फैशन एंटरप्रेन्योर प्रोग्राम में प्रशिक्षित महिलाओं एवं छात्राओं के द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं खादी ग्रामोद्योग वस्त्र शिल्पी कल्याण न्यास के श्री निर्मल वर्मा एवं बिहार कांग्रेस के नेता तनुज वर्मा भी शामिल रहे।


मुख्य अतिथि ने महिला एवं छात्राओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के पोशाकों को देखा, जिसमे कतरन से बने पोशाक को बहुत सराहा। छात्रों के द्वारा हैंडलूम, आभूषण एवं श्रृंगार के सामानों को भी प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत महिला समानता दिवस पर किया गया, तथा आज लगभग 37 छात्राओं में से 15 छात्राओं ने अपना रोजगार शुरू किया और लगभग 100 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगले वर्ष 300 से ज्यादा छात्राओं का इस प्रशिक्षण में शामिल करने का लक्ष्य है।

इस प्रदर्शनी में लर्निंग स्किल्स लिमिटेड बिहार के रीजनल. श्री शैलेश कुमार सिंह, ज्योति प्रकाश सिन्हा, अनिल शंकर मिश्रा, संगीता कुमारी, अंजली, किशन शर्मा, अंकुल कुमार, आलम आदि शामिल हुए।

आलोक कुमार

जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में

 जिलाधिकारी ने राजगीर प्रखंड के मेयार एवं पथरौरा पंचायत में विभिन्न कार्यों का किया स्थल निरीक्षण

राजगीर ।    राजगीर प्रखंड में आयोजित जनसंवाद  कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आजप्रखंड के राजगीर नगर परिषद तथा मेयार एवं पथरौरा पंचायतन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कराये गये कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।

    नगर परिषद राजगीर के बुद्ध कॉलोनी स्थित बुद्धा मशरूम स्पॉन लैब का निरीक्षण किया। इसका संचालन श्रीमती मधु पटेल द्वारा किया जा रहा है। इनके द्वारा कृत्रिम परिवेश में पर्ल का भी उत्पादन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने उनसे बातचीत की तथा उनके कार्यों की सराहना की।

   मेयार पंचायत में नहर पर निर्मित चेकडैम का निरीक्षण किया।

    पथरौरा पंचायत के बसुऐन में ज्ञान जीविका संकुल संघ द्वारा संचालित  विकासशील जीविका महिला कस्टम हायरिंग सेंटर का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस सेंटर के माध्यम से ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि विभिन्न कृषि यंत्रों का उपयोग जीविका दीदियां अपने कृषि कार्यों के लिए करती हैं तथा भाड़े पर भी कृषि यंत्रों को दिया जाता है।इस सेंटर की स्थापना के लिए कृषि विभाग द्वारा 8 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।इस सेंटर का संचालन कर रही जीविका दीदियों से उन्होंने विस्तृत जानकारी ली तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

   इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।


आलोक कुमार

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 ज़िला पदाधिकारी एव एसएसपी द्वारा आज विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए

सरयू घाट इस वर्ष प्रतिबंधित घाट है, वहां कोई आमजन नहीं जाए

 

गया ।श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था का महापर्व छठ पर्व के अवसर पर छठ व्रतियों को अपेक्षित सुविधा प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती द्वारा संयुक्त रूप से गया जिला के महत्वपूर्ण छठ घाटों का निरीक्षण किया गया।

        सर्वप्रथम उन्होंने केंदुई घाट का निरीक्षण किया गया। उपस्थित छठ पूजा समिति के सदस्यों को जिलाधिकारी ने कहा कि केंदुई घाट पर काफी भारी संख्या में लोग उपस्थित होते हैं। उन्होंने छठ पूजा समिति केंदुई को कहा कि श्रमदान करके केंदुई घाट को और अच्छी तरह साफ कराएं। उन्होंने वाहन पड़ाव के लिए उगे हुए झाड़ियों को साफ करने का निर्देश दिया। उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि दूर-दूर से आने वाले छठ व्रती इसी घाट पर भगवान सूर्य का अर्घ्य देते हैं। उपस्थित स्थानीय ने बताया कि इस घाट पर भीड़ अधिक होने के कारण चार-पांच अलग अलग सब घाट (sub ghat) केंदुई घाट में बनाया जाता जिससे भीड़ नियंत्रित रहती है। उन्होंने वरीय उप समाहर्त्ता, जिला नजारत को निर्देश दिया कि केंदुई घाट काफी बड़ा घाट है इसलिए इस घाट पर मार्किंग सिस्टम दुरुस्त होना चाहिए। साथ ही जगह-जगह पर चेंजिंग रूम बनवाना सुनिश्चित करें। जगह जगह सीसीटीवी लगवाए। केंदुइ घाट आने के सभी रास्तों को स्मूथ/ चलंत/ समतल बनवाये। इसके साथ की रौशनी की पूरी व्यवस्था रखे।

         जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जेसीबी मशीन से केंदुई घाट जाने के रास्ते को स्लोपिंग बनाएं एवं चौड़ीकरण कराएं। डीएम ने खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संवेदक से सुनिश्चित कराये की केंदुई नदी के बीच में बने गड्ढे को भरवाए।

      ऐसी सूचना मिली है कि संध्या अर्घ्य एवं सुबह अर्घ्य देने आने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का बहुत समस्या होती है, इसे पूरी गंभीरता से ले। आमजन आसानी से घाट पहुच सके, इसके लिए वाहनों का आवागमन सुगम रखे।

      ज़िला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि जो श्रद्धालु केंदुई घाट पर अर्घ्य देना चाहते हैं तो वह समय से 1 घंटा पहले पहुच जाए यहां काफी अधिक भीड़ होती है। बेवजह रोड पर वाहन का पड़ाव न हो, इसे देखे। मुख्य सड़क को oneway रखे। खिरियावा घाट से बाईपास तक मोटरसाइकिल पुलिस टीम द्वारा भीड़ को रेगुलेट एव ट्रैफिक कंट्रोल किया जाएगा। घाट आने के रास्ते में जहां भी दलदल या जल जमाव है वहां पर बैरिकेडिंग करवाना सुनिश्चित करें रास्तों पर एवं घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करवाये।

          पोलटेकनिक घाट निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने रास्ता को समतल बनवाने का निर्देश दिए उन्होंने निर्देश दिया कि छोटे आकार का जेसीबी मशीन लगाकर पूरे जंगल झाड़ को साफ करवा पर्याप्त संख्या में ट्यूबलाइट एवं बल्ब के माध्यम से रोशनी का पुख्ता इंतजाम करें घाट का प्रॉपर साफ सफाई करवाये।

       इसके उपरांत सीताकुंड घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गयाजी डैम के निर्माण होने से फल्गु नदी में काफी पानी एकत्रित है इसे देखते हुए उन्होंने कहा कि स्टील ब्रिज से सीता कुंड जाने वाले पैदल पाथवे होते हुए पंचदेव घाट तक पूरी मजबूती से  बेरिकेडिंग   करवाये ताकि एक सीमित पानी के बाद कोई गहरा पानी की ओर नदी में न जा सकें। उन्होंने कहा कि   बेरिकेडिंग   के ऊपर लाल रंग का झंडा का भी लगावे ताकि लोगों को महसूस हो सकेगी बैरी कटिंग के बाद गहरा पानी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम, चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य व्यवस्थाएं सभी घाटों पर रखें। उन्होंने नगर आयुक्त गया नगर निगम को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत जितने भी छठ घाट हैं। सभी छठ घाटों में साफ सफाई की मुकम्मल व्यवस्था रखें। इसी प्रकार देवघाट के तरफ भी सभी तैयारियां रखे। एनडीआरएफ एव गोताखोर की टीम नाव सहित लगातार मूवमेंट में रहे, इसे सुनिश्चित करवाये।

         सूर्यकुंड तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने गया नगर निगम को मजबूती से बेरिकेडिंग करने एवं तालाब के चारों ओर जमी काई को हटाने का निर्देश दिया साथ ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सूर्य कुंड के चारों तरफ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराएं। चेंजिंग रूम अस्थाई, पी ए सिस्टम, सीसीटीवी अधिष्ठापन कंट्रोल रूम का निर्माण करने सहित अन्य आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त कराया कि किसी भी हाल में कोई भी छठ व्रती वेरिकेटिंग के बाहर पूजा ना करें, यह ध्यान दें। सूर्यकुंड घाट के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में सूर्य कुंड में लगभग 27 फीट गहरा पानी है। जिला पदाधिकारी ने सूर्य कुंड पानी एवं सूर्य कुंड से निकलने वाले विभिन्न रास्तों के बारे में विस्तार से जानकारी लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि एंट्री एवं एग्जिट रास्ता सेपरेट रखें। उन्होंने प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा शाखा को निर्देश दिया कि नाव सहित एसडीआरएफ की टीम सूर्यकुंड में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित रखें।  सूर्य कुंड घाट में आने वाले सभी रास्तों को चलंत बनाएं यदि कहीं भी रास्ता खराब है तो उसे तुरंत स्मूथ बनाएं। सभी रास्तों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें अभी से ही रूट लाइन तैयार कर ले। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि संध्या अर्घ के समय सबसे ज्यादा भीड़ सूर्य कुंड में ही होता है। इसे देखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी व्यापक व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिजली के जर्जर तार या लटकी हुई तारों को तुरंत ठीक करावे।

      जिला पदाधिकारी ने आम जनों से अपील किया है कि सूर्य कुंड में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए संध्या अर्घ्य देने वाले छठ व्रती दोपहर 2:00 ही आकर अपना स्थान ग्रहण कर ले। एकाएक शाम में न आवे।

     सूर्यकुंड में क्षमता से अधिक वीर होने पर उसे देवघाट में डाइवर्ट किया जाएगा। सूर्यकुंड उतरने वाले सीढ़ियों के समीप एक जर्जर कमरा को छठ पर्व के पहले तोड़वाने का निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी हताहत नहीं हो सके।

          इसके उपरांत पिता महेश्वर छठ घाट का निरीक्षण किया गया उन्होंने निर्देश दिया कि छठ व्रतियों के जनसैलाब को पिता महेश्वर घाट आने में कोई समस्या ना हो इसे देखा डिवाइडर लगाते हुए आने एवं जाने वाले छठ व्रतियों का रास्ता को सेपरेट रखें।

          केंदुई घाट तथा पिता महेश्वर घाट में बड़ी भीड़ होने की संभावना है। इसे लेकर पी एस सिस्टम, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी तथा वॉच टावर को पूरी अच्छी तरह से पालन करावे।

          निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर तथा नगर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी छठ घाट पर पटाखा फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है, सभी आयोजक समिति एव प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एव पुलिस पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करवाये।

       निरीक्षण के क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, सहायक समाहर्ता, एसडीओ सदर, टाउन डीएसपी, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, ज़िला आपदा पदाधिकारी, ज़िला खनन पदाधिकारी, जन सम्पर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बिजली/ पीएचईडी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, उप नगर आयुक्त गया नगर निगम, बीटीएमसी के सदस्य सहित अन्य पदाधिकारी एव स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ साथ आयोजक समिति के सदस्य मौजूद थे।

आलोक कुमार

बुधवार, 8 नवंबर 2023

दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति




 दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति

गया । जिला पदाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती की अध्यक्षता में दीपावली, काली पूजा एवं लोक आस्था के महान पर्व छठ में प्रशासनिक व्यवस्था, विधि व्यवस्था,  यातायात व्यवस्था,  दीपावली एवं छठ पर्व पर अवैध पटाखों के निर्माण, बिक्री एवं इसके उपयोग पर रोक सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बैठक का आयोजन समाहरणालय सभाकक्ष में की गई।

     जिला पदाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला वासियों को दीपावली एवं छठ पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए अपील किया कि दीपावली में रात्रि 8 से 10 बजे तक ही केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति है।  इसके अलावा सभी प्रकार की पताका को प्रतिबंधित किया गया है। किसी भी हाल में 125 डिसेबल से ऊपर की आवाज वाले पटाखे पूरी तरह प्रतिबन्धित है। शांत क्षेत्र यथा अस्पताल, शैक्षिक संस्थान, न्यायालय, जैविक उद्यान परिसर इत्यादि के 100 मीटर के दायरे में शोर उत्पन्न करने वाले किसी भी प्रकार के पटाखे का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।

        बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिस प्रकार दुर्गा पूजा में व्यवस्था थी, वही व्यवस्था दीपावली एवं छठ में लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार का मूर्ति बिना लाइसेंस के नही बैठाए जाएंगे, इसके सभी थाना प्रभारी सुनिश्चित करावे तथा मूर्ति प्रतिमाओं का विसर्जन का रूट लाइन/ तिथि और समय सभी आयोजन समिति से थाना प्रभारी प्राप्त करते हुए सूची बनाये, ताकि सभी मूर्तियों के विसर्जन के दौरान नजर रखी जा सके।    

            दीपावली के अवसर पर एनजीटी द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में केवल ग्रीन पटाखे का प्रयोग की अनुमति है। ज़िले के सभी क्षेत्रों में अवैध पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीएम ने सभी एसडीएम एवं थाना को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण तथा बिक्री पर सघन छापेमारी अभियान चलावे। इसके साथ ही सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में कोई भी अवैध पटाखा का भंडारण अथवा बिक्री नहीं हो, इसे सुनिश्चित करवाये।

          उन्होंने नगर आयुक्त तथा नगर पंचायत सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र अंतर्गत महत्वपूर्ण घाटों की साफ-सफाई करवाएं इसके साथ ही खतरनाक घाटों को चिन्हित करते हुए कोई हताहत या घटना ना हो, इसे देखते हुए आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि घाटों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी का अधिष्ठापन, चेंजिंग रूम, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, एंट्री एवं एग्जिट प्वाइंट की बेहतरीन व्यवस्था, छठ घाटों के जाने हेतु रास्तों में पर्याप्त रोशनी के साथ-साथ रास्ता को समतल बनाने, छठ घाटों के रास्ते तथा घाटों में जर्जर तार/ लूज वायर /लटकी हुई तार ना रहे, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिए।

      गया नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कुल 26 छठ घाट एवं तालाब है, जहां लोक आस्था का महान पर्व छठ पूजा पर अर्घ्य देने जाते हैं।  डीएम ने ज़िले के सभी छठ घाटों/ तालाबो सभी आवयश्क तैयारियां करवाने को कहा। जो तालाब खतरनाक है, उसे खतरनाक घाट घोषित करते हुए बैरिकेटिंग करवाये। तालाब/ पोखर में श्रद्धालुओं ज्यादा पानी के गहराई में न जाये इसे लेकर सभी संबंधित पदाधिकारी अगले 2 दिनों में छठ घाट का विजिट कर ज्यादा गहरा पानी जहां से प्रारंभ है, उसे बैरिकेटिंग करवा दी, ताकि लोग ज्यादा गहरा पानी में पूजा करने न जा सके।

     साफ सफाई का पूरा पुख्ता इंतजाम रखे। नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि जिस घाट में पानी नहीं है, वहां पर्याप्त जेसीबी मशीन लगा कर कुंड का निर्माण करवाये।

          धनतेरस को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था तथा आगजनी से बचाव के लिए निर्देश दिए गए। सभी थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि वे धनतेरस पर्व को लेकर नियमित पेट्रोलिंग करावे। अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि फायर ब्रिगेड की वाहन एवं संबंधित कर्मियों को पूरी तरह तैयार रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

           बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि किसी प्रकार की मूर्ति का अधिष्ठापन बिना लाइसेंस के ना होने, मूर्ति विसर्जन के लिये तिथि समय और रुट लाइन अपने थाना को उपलब्ध कराने संबंधित लोगों से अनुरोध किया। जिले में दीपावली एवं छठ के अवसर पर  केवल ग्रीन पटाखे छोड़ने के बारे में बताया गया है इसके साथ ही समय भी निर्धारित है।

        उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों के लिए ट्रैफिक प्लान आज ही तैयार करें साथ ही टिकारी रोड, किरानी घाट इत्यादि स्थानों पर भीड़ से बचाव हेतु प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों, पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पेट्रोलिंग को नियमित रूप से करते हुए संबंधित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करावे। बिहार वासियों के लिए दीपावली एवं छठ पूजा का काफी महत्व है। छठ घाटों पर आम जनों की सुविधाएं के लिए पूरी नजर रखने के लिये पर्याप्त संख्या में वाच टावर लगवाना सुनिश्चित करे। घाट पर पटाखा पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी घाटों पर पर्यपत गोताखोर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में  देवघाट, सीताकुंड, पंचदेव घाट, सूर्यकुंड, रूक्मिणी एव सूर्यपोखर मानपुर में नाव सहित एसडीआरएफ की टीम मौजूद रहेगी।

        बैठक में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर, पुलिस उपाधीक्षक वजीरगंज, ज़िला आपूर्ति पदाधिकारी, डीसीएलआर सदर, ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी, ज़िला आपदा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बिजली/ पीएचईडी, ज़िला अग्निशमन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार


मंगलवार, 7 नवंबर 2023

1844 में जर्मनी के बर्लिन शहर से फादर योहनेस एंव जेलिस्ता गोस्सनर साहब आए थे छोटानागपुर में


रांची.अविभाजित बिहार अंतर्गत छोटानागपुर में चार जर्मन मिशनरियों के आगमन का178 वां वर्ष पूरा हो गया. इन चार मिशनरियों में एमिल शत्स, फ्रद्रिक वत्स, अगस्तुस ब्रांत और ई. थियोडोर यानके शामिल थे.वे 1844 में जर्मनी के बर्लिन शहर से फादर योहनेस एंव जेलिस्ता गोस्सनर साहब के निर्देशानुसार पूरे परिवार के साथ पहली बार छोटानागपुर में प्रथम ईसाई धर्म प्रचारक के रूप में रांची पहुंचे और दो नंवबर 1945 को वर्तमान बेथेसदा स्कूल समीप जीइएल चर्च कंपाउंड स्मारक पत्थर पास अपना शिविर लगाया.

          यही से छोटानागपुर में गोस्सनर एवंजेलिकल लूथेरान (जीइएल)चर्च का कार्य शुरू हुआ.फादर गोस्सनर ने इन चार मिशनरियों को वर्मा देश के मेरगुई शहर में सुसमाचार का प्रचार करने के लिए भेजा था. लेकिन, तत्कालीन समस्याओं के कारण वे छोटानागपुर पहुंच गए. उन्होंने यहां शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सहायता का कार्य आरंभ किया.इसी क्रम में 25 जून,1846 को मर्था नामक बालिका का प्रथम बार बपतिस्मा हुआ. वृहद रूप में जीइएल चर्च छोटानागपुर व असम के मसीहियों ने छोटानागपुर में मसीही बनने वाले प्रथम चार उरांव, हेथाकोटा के पाहन नवीन डोमन तिर्की, चिताकुनी के केसो भगत व बंधु उरांव और करंदा के घूरन उरांव को स्मरण किया.नौ जून 1850 को चार उरांव हेथाकोटा के पाहन नवीन डोमन तिर्की, चिताकुनी के केसो भगत व बंधु उरांव और करंदा के घूरन उरांव ,1851 में दो मुंडा, एक अक्टूबर 1855 को नौ बंगाली व आठ जून 1866 को दोर खड़िया सहित 10 मई 1868 हो परिवार ने जीइएल चर्च कलीसिया में बपतिस्मा लिया. इसी दौरान पहली बार प्रथम गिरजाघर के रूप में 18 नंवबर, 1851 में रांची ख्रीस्त गिरजाघर का शिलान्यास रखा गया.इन चार मिशनरियों ने काफी लंबे समय तक छोटानागपुर में सुसमाचार प्रचार किया. 10 जुलाई, 1919 में जीइएल चर्च स्वायत्त हो गया.चर्च का संचालन छोटानागपुर के भारतीय लोगों के हाथ में आई. प्रथम भारतीय प्रेसीडेंट पादरी हानुक दत्तो लकड़ा व सचिव पीटर हुरद बने.

       173 साल पूर्व 09.06.1850 को बपतिस्मा संस्कार ग्रहण कर मसीही धर्म स्वीकार किया था़.इस अवसर पर जीइएल चर्च के सदस्यों ने क्राइस्ट चर्च, मेन रोड में लगे स्मारक पत्थर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें स्मरण किया़ धन्यवादी आराधना भी हुई़

इस अवसर पर बिशप जॉनसन लकड़ा ने कहा कि यह दिन प्रथम वयस्क बपतिस्मा दिवस है़ फादर गोस्सनर ने बर्मा के करेन में सुसमाचार प्रचार के लिए चार मिशनरियों को भेजा था. लेकिन ईश्वर की इच्छा से वे चारों दो नवंबर 1845 को छोटानागपुर पहुंचे.पांच वर्षों तक सेवा कार्य से अथक जुड़े रहे़ उनके कठिन परिश्रम का परिणाम था कि छोटानागपुर के चार वयस्क व्यक्तियों ने नौ जून 1850 को बपतिस्मा लेकर प्रभु का वचन ग्रहण किया.

बिशप ने कहा कि उन मिशनरियों ने जब इस बात की जानकारी फादर गोस्सनर को दी, तब उन्होंने एक बड़े गिरजाघर के निर्माण का सुझाव दिया. इसके लिए 13 हजार रुपये दिये़ उन दिनों यह रांची का सबसे बड़ा भवन था.चार मसीहियों से शुरू हुई यह संख्या पिछले साल की जनगणना तक तीन लाख, 81 हजार 487 तक पहुंच गयी.

वर्तमान में इस चर्च का विस्तार 12 राज्यों में है़ बिशप ने कहा कि पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके विश्वास की रक्षा करें. धन्यवादी आराधना में रेव्ह सीमांत तिर्की, रेव्ह बेंजामिन टोपनो, रेव्ह एमएस मंजर, रेव्ह ममता बिलुंग, रेव्ह अनूप जॉली भेंगरा और अन्य मौजूद थे.शाम को हुई आत्मिक जागृति सभा में मॉडरेटर बिशप जोहन डांग ने संदेश दिया.

आलोक कुमार

जो हमारी बात सुनेगा, वहीं कुर्सी पर राज करेगा

 आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने विधानसभा का किया घेराव

5 सूत्रीय मांगें नहीं मानी गई तो वो चुनाव में ऐसे लोगों को वोट नहीं देंगी

 उनका कहना है कि जो हमारी बात सुनेगा, वहीं कुर्सी पर राज करेगा


पटना.बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र मंगलवार 6 नवंबर से शुरुआत हो चुकी है.मंगलवार 7 नवंबर को सत्र का दूसरा दिन है.दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर आंगनबाड़ी सहायिका और सेविकाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.गेट के बाहर सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी सेविका पहुंच गईं और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.

    अखिल भारतीय सेविका/सहायिका कर्मचारी संघ के बैनर तले 29 सिंतबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं. प्रदेश अध्यक्ष कुमारी रंजना ने अपनी 5 सूत्री मांगों के बारे में कहा कि 1. बिहार सरकार के द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10000 सुनिश्चित किया जाए. 2. केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड सी एवं ग्रेड डी में समायोजित किया जाए. 3.जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं होता है तब तक सेविकाओं को 25000 एवं सहायिका को 18000 मानदेय राशि दी जाए.4. योग्य सहायिका और सेविका की बहाली के लिए अतिरिक्त पहली प्राथमिकता दी जाए. 5. सेविका से महिला प्रवेशिका में बहाली करने में प्राथमिकता दी जाए.

      प्रदेश अध्यक्ष कुमारी रंजना ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार अपने ही वादे से फिरने के बाद सत्ता की हनक मजलूम आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं पर उतार रही है.इससे नाराज होकर शुक्रवार 3 नवंबर को आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पटना के हृदय स्थल डाक बंगला चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया और  अपने माँगो को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया. वहीं आंगनबाड़ी सेवक सेविकाओ के धरना प्रदर्शन के कारण पटना का हार्ट कहे जाने वाला डाकबंगला चौराहा जाम और चौराहे पर यातायात व्यवस्था ठप्प  हो गई.

    उसी दिन पटना जिला के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह को ज्ञापन दिया.ज्ञापन लेने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि आपकी मांगों को सरकार के समक्ष पहुंचा देंगे और उसकी जानकारी संघ को देंगे.जानकारी देने के सवाल पर आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि 6 नवंबर से विधानसभा की शीतकालीन सत्र होने वाला है.हमलोग प्रदर्शन करेंगे.इस लिए आप 5 नवंबर तक जानकारी देंगे कि सरकार का क्या रुख है.

       सरकार का क्या रूख पता नहीं चलने के कारण मंगलवार 7 नवंबर को अपनी पाँच सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी पटना में स्थित बिहार विधानसभा का घेराव करने पहुँची.इन महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई महिलाएं बेहोश हो गई. बिहार विधानसभा के 6 से 10 नवंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां 70 मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात है.बिहार में संचालित 1.14 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात करीब 2.15 लाख आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर हड़ताल पर है.जिसके आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 39 दिनों से बंद हैं. इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से नीतीश बाबू ने उनका मानदेय दोगुना करने का वायदा किया था, लेकिन वादा पूरा करने की जगह बिहार सरकार इन आंदोलनकारी महिलाओं पर सख्ती कर रही है.सरकार इनके आंगनवाड़ी केंद्रों पर नोटिस चिपका रही हैं कि अगर उन्होंने ये नहीं खोले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.इससे नाराज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी अपना आंदोलन तेज कर दिया.

         इस दौरान सदन में बिहार विधान सभा में बीजेपी नेता विजय सिन्हा बोले, “गाँव-समाज में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली आंगनवाड़ी सेविका बहनों पर महागठबंधन सरकार का लाठी चार्ज करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.महागठबंधन की सरकार इनकी आवाज को दबाना चाहती है. सरकार विधानसभा में भी आंगनवाड़ी सेविकाओं के विषय पर जवाब देने से पीछे हट रही है.”

        गौरतलब है कि बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सेविका और सहायिकाओं ने शनिवार (4 नवंबर,2023) को सांसद सुशील कुमार सिंह को अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपा था. सेविका और सहायिकाएँ इस दौरान, ‘लाल साड़ी करे पुकार, हम नहीं सहेंगे अत्याचार’ का नारा लगाती रहीं.

   सांसद सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहानुभूति आपके साथ है. लोकसभा का एक सत्र चलने वाला है. वो 17वीं लोकसभा के कार्यकाल में अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे. अगर मौका मिलता है, तो मजबूती से उनकी मांग उठाएंगे. इस बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे.


आलोक कुमार

सोमवार, 6 नवंबर 2023

36 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद मिला

फर्स्ट होली कम्युनियन समारोह

आगरा.आगरा महाधर्मप्रांत में उत्तर प्रदेश में निम्नलिखित जिले शामिल हैं: आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूँ, बुलन्दशहर, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहगढ़, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस, कन्नौज, मैनपुरी, मथुरा और राजस्थान में, भरतपुर और धौलपुर.आगरा महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप रापी मंजलि है.रविवार को गोरखपुर में थे.वहां सिरो मालाबार बिशप का बिशप अभिषेक समारोह था.

आगरा महाधर्मप्रांत में रोमन कैथोलिक सेंट मेरी चर्च, नोएडा  है.इस के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर फिलिप कोरिया है.यहां रविवार का विशेष दिवस था.यहां पर 36 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद मिला. इसमें लड़के 18 और लड़कियां 18 थी.प्रथम परमप्रसाद समारोही मिस्सा करने वालों में फादर एल्विन पिंटो, फादर फिलिप कोरिया, फादर स्टीफन स्वामी, फादर अजय फ्रांसिस, फादर सुनिल डी'मेलो थे.समारोही मिस्सा में 36 बच्चों ने पहली बार परमप्रसाद ग्रहण किए.सबसे पहले बच्चों को परमप्रसाद दिया गया. दाखरस में प्रसाद को डूबो कर बच्चों को ख्रीस्त का शरीर और रक्त दिया गया.उसके बाद बच्चों के माता पिता को ख्रीस्त का शरीर और रक्त दिया गया. फिर गिरजा घर में आए अन्य कैथोलिक भाई -बहनों को दिया गया.

     बताया गया कि समारोही मिस्सा में जाने के पूर्व बच्चे अपने माता- पिता के साथ लाइन में जुलूस के शक्ल में चर्च में गए.उसके बाद वेदी सेवक और पुरोहित गए.पुरोहित और बच्चों का स्वागत किया गया.बच्चों ने पाठ पढ़ा और बारी-बारी से निवेदन पढ़े.आखिरी में धन्यवाद प्रस्ताव बच्चों ने दिया.फिर उनको फर्स्ट होली कम्युनियन का सर्टिफिकेट दिया गया.इस तरह फर्स्ट होली कम्युनियन समारोह खत्म हुआ.


आलोक कुमार 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ


भविष्य में कौन बनेगा करोड़पति का सवाल एंजेलो मैथ्यूज बन गए

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ

क्रिकेट के 146 सालों में पहली बार हुआ ऐसा

और एंजेलो मैथ्यूज ने शाकिब अल हसन कैच आउट कराया

दिल्ली .बांग्लादेश के खिलाफ मैच में ऽ एंजेलो मैथ्यूज टाइम आउट हो गए.अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका था, जब कोई बल्लेबाज टाइम आउट हुआ.एंजेलो मैथ्यूज ने विपक्षी टीम के कप्तान शाकिब अल हसन से भी बात की, लेकिन शाकिब भी अपनी अपील वापस लेने के लिए तैयार नहीं हुए.अंपायरों ने कहा कि मैथ्यूज आउट हो चुके हैं. अंपायर और मैथ्यूज के बीच काफी देर तक बहस होती रही, लेकिन अंत में उन्हें वापस जाना पड़ा.मैथ्यूज टाइम आउट हो गए.ऐसे में मैथ्यूज को बिना कोई गेंद खेले ही पवेलियन जाना पड़ा. धनंजय डिसिल्वा बल्लेबाजी के लिए आए तो श्रीलंकाई पारी आगे बढ़ी.
    मैथ्यूज 25वें ओवर में सदीरा समरविक्रमा के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए थे. उनका हेलमेट सही नहीं था और उसे पहनने में दिक्कत हो रही थी.ऐसे में उन्होंने पवेलियन से दूसरा हेलमेट मंगवाया, इस दौरान बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज के खिलाफ आउट की अपील कर दी.अंपायर मराइस इरास्मस और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने मैथ्यूज को आउट करार दे दिया. मैथ्यूज कुछ देर तक अंपायर से बहस करते रहे और फिर वापस लौट गए.
    श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में टाइम आउट होने वाले पहले बल्लेबाज़ बने. वर्ल्ड कप 2023 का 38वां मुकाबला श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें एंजेलो मैथ्यूज को वक़्त पर अगली गेंद का सामना ना कर पाने के चलते टाइम आउट करार दिया गया. बांग्लादेश की ओर से कप्तान शाकिब ने टाइम आउट की अपील की थी.

क्या है टाइम आउट का नियम?

क्रिकेट के नियम में 40.1.1 के अनुसार, बल्लेबाजी टीम का जब कोई विकेट गिरता है या फिर रिटायर होता है। इसके बाद 3 मिनट के भीतर नए बल्लेबाज को अगली बॉल खेलनी होती है.यदि क्रीज नया बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे टाइम आउट नियम के तहत आउट दिया जाता है.

क्रिकेट में एक बल्लेबाज को दस तरीकों से आउट किया जा सकता

एक बल्लेबाज को दस तरीकों से आउट किया जा सकता है - पांच बहुत सामान्य है और पांच बहुत दुर्लभ हैं. तो क्रिकेट में आउट होने के आपके दस तरीके, उन लोगों के लिए जो अपनी अगली ट्रिविया रात को ब्लिट्ज करने के लिए तैयार हैं, ये हैं कैच, बोल्ड, एलबीडब्ल्यू, स्टंप्ड, हिट विकेट, रन आउट, टाइम आउट, गेंद को संभालना, फील्डिंग में बाधा डालना, और हिट करना। दो बार गेंद . बर्खास्तगी का 11वाँ रूप है रिटायर्ड आउट। रिटायर्ड हर्ट नहीं हुए.

आलोक कुमार
 

करीब 51 मंडल, जिला व प्रखंड स्तर के भाजपा नेता और आर.एस.एस. कार्यकर्ता आज कांग्रेस का दामन थाम लिये


कांग्रेस के रडार पर है भाजपा : डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह



पटना। भाजपा उन्माद फैलाकर राजनीतिक रोटी सेकने वाली पार्टी है। इसलिए हमारी सीधी लड़ाई उसकी उन्माद की राजनीति से है। जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं भाजपा में खलबली मच गई। अबतब पूर्व विधायक समेत करीब एक दर्जन से अधिक भाजपा नेता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और कई हमारे सम्पर्क में हैं।

        ये बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रदेश पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित मिलन समारोह में कही। मालूम हो कि पटना के करीब 51 मंडल, जिला व प्रखंड स्तर के भाजपा नेता और आर.एस.एस. कार्यकर्ता आज कांग्रेस का दामन थाम लिये। इसके लिए सदाकत आश्रम में खास तौर पर मिलन समारोह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ता को तवज्जो देने की परम्परा रही है। हमारी पार्टी में कार्यकर्ता ही सब कुछ है। हमारी सोंच है कि नेता को भी कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करना चाहिए तभी देश का भला होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा छोड़कर आने वाले कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में स्वागत किया और उम्मीद जतायी कि इससे पार्टी की जड़ मजबूत होगी।

          सोमवार को जो लोग भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए उसमें मुख्य रूप से पटना मण्डल भाजपा अध्यक्ष कुणाल, मण्डल सचिव धर्मेन्द्र कुमार, भाजपा प्रवक्ता शालिनी कुमारी, विकास कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, लीला देवी केशरी, शिव कुमार एवं ललन प्रसाद यादव शामिल हैं। भाजपा से आने वाले ज्यादातर कार्यकर्त्ता चुनावी अनुभव रखने वाले हैं जो प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस में आई नयी जान से प्रेरित होकर इसका दामन थाम लिया।

इस अवसर पर पटना महानगर कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजन ने दावा किया कि आने वाले दिनों में करीब 500 भाजपा कार्यकर्त्ता कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं जिसकी मुहिम जारी है। मंच का संचालन ब्रजेश प्रसाद मुनन ने किया।

           इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कई नेता शरीक हुए जिसमें प्रमुख हैं-विधायक बिजेन्द्र चैधरी, आनन्द शंकर, संतोष मिश्रा, ब्रजेश पाण्डेय, कपिल देव प्रसाद यादव, राजकुमार राजन, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़, शशि रंजन, विनोद शर्मा, कैलाश पाल, लाल बाबू लाल, विनोद यादव, डा0 सत्यजीत सिन्हा, असित नाथ तिवारी, सुमन कुमार मल्लिक, संजय यादव, धर्मवीर शुक्ला, असफर अहमद, ज्ञान रंजन, राजेश कुमार सिन्हा, निधि पाण्डेय।


आलोक कुमार

 

रविवार, 5 नवंबर 2023

गोरखपुर धर्मप्रांत में हर्ष का माहौल




गोरखपुर के बिशप का ताजपोशी

गोरखपुर. नवनियुक्त बिशप का धर्माध्यक्षीय अभिषेक (एपिस्कोपल ऑर्डिनेशन) 5 नवम्बर को सुबह नौ बजे से किया गया. इसके बाद पवित्र यूखरिस्तीय पूजा हुआ. पूजा समापन के बाद नवनियुक्त बिशप का पदभार ग्रहण समारोह पूरे विधि विधान एवं भव्य तरीके से किया गया. इसके बाद धर्माध्यक्ष (बिशप) का उपस्थित जनों द्वारा अभिनन्दन समारोह आयोजित की गयी. धर्माध्यक्षीय अभिषेक (एपिस्कोपल ऑर्डिनेशन) समारोह का नेतृत्व सिरो मालाबार चर्च के मेजर आर्चबिशप  महामहिम जॉर्ज कार्डिनल अलनचेरी द्वारा किया गया. उनके साथ आगरा के  आर्चबिशप राफी मंजली और  बिशप थॉमस थुरुथीमट्टम सीएसटी धर्माध्यक्षीय अभिषेक के सह-समारोही अनुष्ठाता थे.

     इस अवसर पर आर्चविशप लियोपोल्ड गिरेली अपोस्टोलिक नुनशियो यानी भारत एवं नेपाल के लिए पोप फ्रांसिस के प्रतिनिधि और वेटिकन सिटी के राजदूत बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहकर नये धर्माध्यक्ष का अभिनन्दन किया. इसके अलावा भारत के विभिन्न धर्मप्रान्तों के कई आर्चबिशप, बिशप, धर्मसंघीय वरिष्ठ अधिष्ठाता, प्रान्तीय अधिष्ठाता, मेजर सेमिनरी के रेक्टर, विभिन्न धर्मप्रान्तों से बड़ी संख्या में पुरोहित एवं धर्म बहनें भाग लिये. इस अवसर पर गोरखपुर धर्म प्रान्त के सभी सदस्य, शहर के महापौर एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे.

आज गोरखपुर धर्मप्रांत में हर्ष का माहौल है.एक बार फिर सिरो मालाबार के फादर मैथ्यू नेलिकुन्नेल बिशप बने हैं. इस तरह नवाभिषेक्ति बिशप मैथ्यू नेलिकुन्नेल तीसरे धर्मप्रांत के बिशप बने. इनसे पूर्व बिशप डोमिनिक कोक्कट थे.जो बनारस धर्मप्रांत से अलग होने के बाद 1984 में गोरखपुर धर्मप्रांत के प्रथम बिशप बने थे.उनके सेवानिवृत एमेरिटस होने के बाद बिशप थॉमस थुरुथिमट्टम बिशप बने.2006 में गोरखपुर धर्मप्रांत के द्वितीय बिशप बने थे.उनके सेवानिवृत एमेरिटस होने पर फादर मैथ्यू नेलिकुन्नेल बिशप बने है.2023 में गोरखपुर धर्मप्रांत के तीसरे बिशप बने है.

   बता दें कि गोरखपुर धर्मप्रांत नेपाल सीमा पर है.बनारस धर्मप्रांत से अलग होने के बाद 1984 से 2023 तक गोरखपुर धर्मप्रांत में तीन बिशप बने है.पोप फ्रांसिस ने 26 अगस्त 2023 को फादर मैथ्यू नेलिकुन्नेल को उत्तर प्रदेश में गोरखपुर धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया था.नियुक्ति की औपचारिक घोषणा इतालवी समय के अनुसार दोपहर 12 बजे वेटिकन में और भारतीय समय के अनुसार अपराह्न 3ः30 बजे केरल के कोच्चि के उपनगर कक्कानाड में चर्च के मुख्यालय सेंट थॉमस माउंट में की गई.

        कलीसिया के प्रमुख कार्डिनल जॉर्ज एलेनचेरी ने धर्मसभा के सदस्यों की उपस्थिति में नियुक्ति की घोषणा की.इससे पहले, सिरो मालाबार चर्च की 31वीं धर्मसभा ने सेंट थेरेसा कांग्रेगेशन के सदस्य फादर नेलिकुनेल को गोरखपुर के बिशप थॉमस थुरुथिमट्टम, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, की जगह लेने के लिए चुना था. स्वशासी चर्च पोप की सहमति से अपना बिशप नियुक्त कर सकता है.कार्डिनल और बिशप थुरुथिमट्टम द्वारा नए बिशप को एपिस्कोपल कार्यालय का प्रतीक चिन्ह सौंपा गया था.

              नवनिर्वाचित बिशप का जन्म 13 नवंबर, 1970 को केरल के इडुक्की जिले के मारियापुरम के सेंट मेरी चर्च के पैरिशियन वर्की और मेरी नेलिकुन्नेल की पहली संतान के रूप में हुआ था.स्कूल की पढ़ाई के बाद, वह ख्रीस्त ज्योति प्रांत, पंजाब-राजस्थान के मंडली के माइनर सेमिनरी में शामिल हो गए. उन्होंने अपना पहला करियर 1990 में बनाया और आखिरी आठ साल बाद. उन्हें 30 दिसंबर 1998 को कोठामंगलम के बिशप जॉर्ज पुन्नकोट्टिल द्वारा पुरोहित नियुक्त किया गया था.

    समन्वय के बाद, उन्होंने सहायक सेमिनरी मास्टर, सेमिनरी के रेक्टर, पल्ली पुरोहित और स्कूल प्रबंधक जैसी विभिन्न क्षमताओं में मंडली की सेवा की.2005 में वह उच्च अध्ययन के लिए रोम चले गए जहाँ उन्होंने दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. फिर उन्हें लिटिल फ्लावर मेजर सेमिनरी, अलुवा में शिक्षक नियुक्त किया गया. बाद में, उन्होंने जर्मनी में रेगेन्सबर्ग धर्मप्रांत में तीन साल तक पास्टोरल मंत्रालय संभाला.2015 में उन्हें ख्रीस्त ज्योति प्रांत, पंजाब-राजस्थान का प्रोविंशियल चुना गया. 2018 में कार्यकाल पूरा करने के बाद, उन्हें लिटिल फ्लावर मेजर सेमिनरी का रेक्टर नियुक्त किया गया.निर्वाचित बिशप अपनी मातृभाषा मलयालम के अलावा अंग्रेजी, हिंदी, जर्मन और इतालवी जैसी कई भाषाओं में पारंगत हैं.


नेपाल सीमा पर गोरखपुर धर्मप्रांत 1984 में डोमिनिक कोक्कट के साथ बनाया गया था, जो इसके पहले बिशप के रूप में उसी मंडली के सदस्य थे. 2006 में बिशप थुरुथिमट्टम ने उनकी जगह ली.


आलोक कुमार


 

फिलिस्तीन पर विगत 7 अक्टूबर से जारी इजरायली हमला युद्ध नहीं जनसंहार है : दीपंकर भट्टाचार्य

फिलिस्तीन पर विगत 7 अक्टूबर से जारी इजरायली हमला युद्ध नहीं जनसंहार है : दीपंकर भट्टाचार्य

अमेरिका-इजरायल पक्षी विदेश नीति भारत को मंजूर नहीं

इजरायली हमले के विरोध में हो रहे नागरिक प्रदर्शनों पर रोक और पुलिस द्वारा दमन, बेहद शर्मनाक

ऐतिहासिक चंपारण के बापू सभागार (बेतिया) में शुरू हुआ खेग्रामस का 7 वां राज्य सम्मेलन

सम्मेलन के अवसर पर बिहार में अब तक का निकला सबसे बड़ा यु़द्ध विरोधी मार्च

बेतिया। पूरे देश में किसानों व खेत मजदूरों के आंदोलन के लिए इतिहास में नाम दर्ज कराने वाली चंपारण की धरती पर आज अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा का 7 वां राज्य सम्मेलन शानदार ढंग से शुरू हुआ।बिहार के कोने-कोने से आए प्रतिनिधियों से खचाखच भरे बापू सभागार में सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भाकपा(माले) महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने संगठन को देश के हर गांव-टोले में मजबूती से स्थापित कर देने का आह्वान किया।

          फिलिस्तीन पर इजराइल द्वारा जारी हमले के खिलाफ बिहार की धरती पर अबतक हुए सबसे बड़े प्रदर्शन के साथ इस सम्मेलन की शुरुआत हुई।इससे पहले भाकपा (माले) महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य, अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, सिकटा के विधायक व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा मे राज्य अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यदेव राम, विधायक गोपाल रविदास (फुलवारी) व मनोज मंजिल (अगिआंव) आदि भाकपा(माले) व खेग्रामस नेताओं ने जिला कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देश में लोकतंत्र व संविधान पर फासीवादी हमले के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया।

        बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल से ही भाकपा (माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य व अन्य भाकपा (माले)-खेग्रामस नेताओं की अगुवाई में एक विशाल युद्ध विरोधी मार्च निकाला गया। यह मार्च तीन लालटेन चौक, लाल बाजार, सोवा बाबु चौक, अवंतिका चौक होते हुए बापू सभागार पहुंचा। इस युद्ध विरोधी प्रदर्शन में अपने हाथों में लाल झंडे व फिलिस्तीन पर इजरायली हमले को रोकने की मांग की तख्तियां लिए करीब 5 हजार से भी अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शन में शामिल लोग ’फिलिस्तीन पर इजरायली हमला बंद करो’; गाज़ा पट्टी में बच्चों-महिलाओं की हत्या करना बंद करो’ और युद्ध नहीं शांति चाहिए’ आदि नारे लगा रहे थे।

             भाकपा (माले) महासचिव कामरेड दीपंकर ने कहा कि फिलिस्तीन पर विगत 7 अक्टूबर से जारी इजरायली हमला युद्ध नहीं जनसंहार है। इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जब यूएनओ में इस युद्ध को रोकने का प्रस्ताव आया तो दुनिया के अधिकांश देश इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़े हुए, लेकिन शर्मनाक यह रहा कि दुनिया भर को शांति व अहिसा का संदेश देनेवाले भारत की मोदी सरकार हमला जारी रखने के पक्ष में खडे़ अमरीका-इजरायल व चंद यूरोपीय देशों के साथ रही।

      उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन में अबतक 10 हजार से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है जिनमें अधिकांश बच्चे हैं, उनमें भी एक साल से कम उम्र के बच्चो की संख्या ही अधिक है। वहां खाद्य व दवा की आपूर्ति भी रोक दी गयी है तथा अस्पतालों, रिहायशी मकानों व पूजाघरों को भी बमबारी का निशाना बनाया जा रहा है।

           उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने न केवल इस्रायल पक्षी विदेश नीति अपना ली है बल्कि संघ-भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर भारत में मुस्लिम समुदाय पर गन्दी राजनीति प्रेरित हमला शुरू कर दिया है। लोकतंत्र का गला घोंटते हुए देश में इजरायली हमले के विरोध में हो रहे नागरिक प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गयी है और पुलिस द्वारा दमन किया जा रहा है।

                कामरेड दीपंकर ने कहा कि इजराइली हमले को रोक कर अमन कायम करने व फिलिस्तीन के लिए इंसाफ की मांग की आवाज दुनिया भर में उठ रही है। यूरोप व अमेरिका के बड़े-बड़े शहरों में विशाल नागरिक प्रदर्शन हो रहे हैं और यहां तक कि यहूदियां ने भी ’हमारे नाम पर युद्ध नहीं’ के नारे के साथ विरोध में विशाल प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने तमाम अमन व इंसाफ़पसन्द नागरिकों से फिलिस्तीन पर इजरायली हमले व निहत्थे नागरिकों व मासूम बच्चों के कत्लेआम के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की।

    बापू सभागार के बाहर बने शहीद वेदी के पास भाकपा (माले) विधायक दल नेता व खेग्रामस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड महबूब आलम द्वारा संगठन का झंडा फहराने तथा भारतीय क्रांति के तमाम अमर शहीदों व दिवंगत नेताओं-का. चारु मजूमदार, का.जौहर, विनोद मिश्र, रामनरेश राम, मास्टर जगदीश, बूटन मुशहर, गम्भीरा साह, राजाराम आदि को श्रद्धाजंलि व शहीद वेदी पर पुष्पांजलि के साथ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की शुरुआत हुई।

          सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए का .दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र, विविधता, गंगा-जमुनी तहजीब पर बड़ा खतरा मंड़रा रहा है। उम्मीद है कि यह सम्मेलन इस खतरे को दूर करने की राजनीतिक जरूरत को भी पूरा करेगा।

         उन्होंने कहा कि मोदी राज में देश भारी आर्थिक संकट में चला गया है। हालिया भूख सूचकांक में 125 देशों की सूची में वह 111 वें नम्बर पर है। अधिकांश बच्चे कुपोषित हैं और महिलाएं खून की कमी का शिकार। लेकिन मोदी सरकार व उनके मंत्री इसे झुठलाने व भारत को विश्वगुरु बनाने का दिवास्वप्न दिखा रहे हैं।उन्होंने कहा कि अतीत में 2004 में भाजपा की वाजपेयी सरकार ने भी शाइनिंग इंडिया का नारा दिया था। उस दौर में ही किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ और वाजपेयी सरकार को जाना पड़ा। 

              उन्होंने कहा कि उसके बाद आई मनमोहन सिंह सरकार ने मनरेगा, वनाधिकार, खाद्य सुरक्षा व अन्य योजनाएं शुरू की लेकिन मोदी सरकार ने आते ही इन योजनाओं और अधिकारों को खत्म करना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने हमें संविधान के साथ-साथ शिक्षित होने, संगठित होने और संघर्ष करने की सीख दी। इस शिक्षा को आत्मसात करके हम न केवल अपने सारे अधिकार हासिल करेंगे बल्कि उस संविधान को भी बचा पाएंगे जिसे संघ-भाजपा मनुस्मृति लादकर खत्म कर देना चाहते हैं।

              उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसान आंदोलन और एनआरसी विरोधी आंदोलन को बदनाम करने के लिए इसे विदेशी वित्त पोषित बता रही है और पत्रकारों व निष्पक्ष सोशल मीडिया पर साजिशाना हमले कर रही है। वह दंगा-फसाद फैलाकर आगामी चुनाव जीतना चाहती है। हमें सावधान रहना होगा और राम मंदिर के नाम पर उसकी चुनावी साज़िश को धूल चटाना होगा।

उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए अर्थशास्त्री विद्यार्थी विकास ने देश की खस्ताहाल होती जा रही आर्थिक-सामाजिक व शैक्षणिक अवस्था का विस्तृत ब्यौरा दिया।

       इस सत्र को ऐपवा महासचिव मीना तिवारी, किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, माले विधायक दल नेता महबूब आलम, आशा कर्मियों की राष्ट्रीय नेता शशि यादव, रसोइया संघ की नेता सरोज चौबे, पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, खेग्रामस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विधायक सत्यदेव राम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज मंजिल और राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा के साथ ही बिहार प्रदेश खेतिहर मजदूर यूनियन के नेता भोला प्रसाद दिवाकर ने भी संबोधित किया।सिकटा से भाकपा (माले) के विधायक व खेग्रामस के राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने उद्घाटन सत्र का संचालन किया।

                अपराह्न 4 बजे से प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत हुई जो देर रात तक संगठन के नए पदाधिकारियों के चुनाव के साथ समाप्त होगा।


आलोक कुमार






 

विकर जनरल फादर फिनटन ने कहा ईश्वर हम सभी को प्रेम, एकता और त्याग का संदेश देते है

चुहड़ी पल्ली में ईसाई समुदाय के द्वारा पवित्र यूखरिस्तिय यात्रा निकाली गई

येसु ख्रीस्त राजा तेरा राज्य आवें के नारा गूंजता रहा

चुहड़ी। बेतिया धर्मप्रांत में चुहड़ी पल्ली है। आज यहां पर येसु ख्रीस्त राजा तेरा राज्य आवें के नारा गूंजता रहा।चुहड़ी पल्ली में ईसाई समुदाय के द्वारा पवित्र यूखरिस्तिय यात्रा निकाली गई।               

       यूखरिस्तिय यात्रा को बेतिया धर्मप्रांत के विकार जनरल फादर फिनटन और फादर सुरेंद्र ने संबोधित किया। अपने संबोधन में विकर जनरल फादर फिनटन ने कहा ईश्वर हम सभी को प्रेम, एकता और त्याग का संदेश देते है। हम सभी को ईश्वर के वचनों को अपने जीवन मे अपनाना चाहिये और सदैव एक दूसरे की सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए।

         वही फादर सुरेंद्र ने कहा ईश्वर का साम्राज्य सभी के लिए खुला है, इसलिए ईश्वर द्वारा प्राप्त उपकारों और वरदानों के लिए हम मानव को कृतज्ञ रखना चाहिए और एक दूसरे मानव को अपने समान प्यार करना चाहिए।        

          यूखरिस्तिय यात्रा प्रतिवर्ष की भांति चुहड़ी गिरजाघर से निकलकर क्रिश्चियन क्वार्टर के विभिन्न गलियों से गुजरते हुए संत आग्नेस स्कूल में बनाई गई बेदी और क्रिश्चयन क्वार्टर में स्थित मां मरियम के ग्रोटो में बनाई गई बेदी पर पहुँची, जहां पर पुरोहितों ने पवित्र सक्रामेंत के साथ प्रार्थना की। इसके बाद यात्रा कब्रिस्तान के रास्ते से होकर मुख्य सड़क पर आकर माउंट कार्मेल स्कूल के पास जाकर पुनः वापस मुख्य मार्ग से होते हुए संत आग्नेस गर्ल्स स्कूल में आया जहां उपदेश और आशीष हुई।वहाँ से फिर मुख्य सड़क होकर ग्रामीण बैंक वाले रास्ते से होते हुए ग्रोटो में आया जहाँ आशीष हुई। फिर वहाँ से मुख्य मार्ग से होते हुए दीपक रिचर्ड के घर के बगल से होते हुए गली से निकल कर पुनः बैंक वाले रास्ते मे आकर मुख्य मार्ग में आकर चर्च में जाकर आशीष हुआ।

       ईसाई मोहल्ले के विभिन्न मार्गों, गलियों का भ्रमण करते हुए वापस गिरजाघर में पहुंची और पुरोहितों और श्रद्धालुओं के द्वारा प्रार्थना किया गया।छोटी छोटी फ्लावर गर्ल और युवा बालिकाओं ने गार्ड ऑफ ऑनर देती हुई सक्रार्मेंट के  सम्मान में भक्ति से फूल बिखेरीं। यात्रा में छोटी बच्चियां थी जो उजले ड्रेस में परियाँ दिख रही थी जो फूल छींट रही थी, उनके नाम है.एंजेल सुशील , सृजा संतोष, अन्नू अर्पिता, पीहू नोएल, रूथ रॉनी , इशिका,अलीशा, आलिया, पारुल, प्रिशा , तनीषा , जैकलीन , तेरेसा, अनामिका , रिधि ,निधि आदि।

         संगीत मंडली भक्तिमय संगीत से येसु की जयकारे लगाये।  यूखरिस्तिय यात्रा के अवसर पर गिरजाघर, ग्रोटो, ईसाई मोहल्ला केले के पेड़, रंग बिरंगे झंडी, फूलों से सजाएं गए। यात्रा में चुहड़ी पल्ली के अलावा बेतिया, दुसैया, चखनी, चनपटिया, रामनगर, सिरिसिया बगहा, सिवान, छपरा, गोपालगंज, नरकटियागंज से पुरोहितगण, धर्मबहनें, ईसाई श्रद्धालु बड़े, बुजुर्ग, युवा, बच्चे, सैकड़ों की संख्या में उपस्थित हुए। पल्ली पुरोहित फादर हरमन ने यात्रा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किये। चुहड़ी से संवाद प्रेषक मेरी आडलिन और संजय लुइस है।


आलोक कुमार

किसानों के कल्याण एवं उत्थान के लिए संचालित की जा रही है विभिन्न प्रकार की योजनाएं



गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली एवं बिचौलियों की सक्रियता पर की जाएगी सख्त कार्रवाई : जिलाधिकारी

किसानों के कल्याण एवं उत्थान के लिए संचालित की जा रही है विभिन्न प्रकार की योजनाएं

रामनगर प्रखंड के खटौरी पंचायत में जन संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

रामनगर । जिला प्रशासन द्वारा आज रामनगर प्रखंड के खटौरी पंचायत में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर जन संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग/कार्यालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की गई। 

                  जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने कहा कि जन संवाद कार्यक्रम में सिर्फ योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जा रही है बल्कि इन योजनाओं एवं कार्यक्रमों के और बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्रामीणों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया भी ली जा रही है। आपके सुझावों एवं प्रतिक्रियाओं पर निश्चित रूप से अमल कराया जायेगा।

               उन्होंने कहा कि लोगों के विकास एवं कल्याण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसका लाभ लेकर आम जनमानस आगे बढ़ रहे हैं। किसानों की बेहतरी के लिए भी कई प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है। गन्ना किसानों से मिले फीडबैक को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। गन्ना क्रय केन्द्रों पर घटतौली एवं बिचौलियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। 

                   उप विकास आयुक्त ने बताया कि जानकारी में ही लाभ छिपा हुआ है। आज आप जो जानकारी सुन रहे हैं या आपको पम्पलेट मिला है, भले ही आज इसकी आवश्यकता ना हो, लेकिन भविष्य में इसकी आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है। इसलिए इन कागजातों को संभाल कर रखे और ध्यान पूर्वक दी रही जानकारी को सुनें। इन योजनाओ के बारे में सुनकर ना केवल आप बिचौलियों से बच सकेंगे बल्कि अपना भविष्य भी संवार सकेंगे।

                अपर समाहर्ता (राजस्व) ने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा राजस्व कागजातों के डिज़ीटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी दिशा में जमाबंदी से अपना आधार लिंक कराने का अनुरोध किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना एस एम एस से मिल सके।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह द्वारा ग्रामीणों के सर्वांगीण विकास के लिए चलायी जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।

                 बगहा-01 प्रखंड के चखनी रजवटिया पंचायत में आयोजित जन संवाद में श्री संकेत कुमार शुक्ल द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत मिलने वाली राशि में वृद्धि के लिए, गन्ना किसानों को सुलभता से चालान मिले, इसे सुनिश्चित करने एवं केसीसी ऋण सभी अर्हक व्यक्ति को मिले इसे सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। वहीं श्रीमती स्मिता चौरसिया, माननीया मुखिया खतौडी पंचायत के द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिलाधिकारी सहित पूरे जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। इसी क्रम में श्री विजय कुमार महतो, माननीय मुखिया के द्वारा पहाड़ी नदी के कटाव से थरुहट क्षेत्र के गांवों को बचाने तथा थरुहट की योजनाओं के चयन में मुखियागण को भी सम्मिलित करने का अनुरोध किया गया। 

          इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्त्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, अपर समाहर्त्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह सहित सभी जिलास्तरीय, अनुमंडल स्तरीय, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

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