शनिवार, 2 जुलाई 2022

सभी स्टेकहोल्डर्स एवं सेक्स वर्कर पर कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत किया

 

मुजफ्फरपुर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान  में सेक्स वर्कर के अधिकारों को प्रोटेक्शन देने एवं उनकी समस्याओं के समाधान पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जिला प्रशासन ,पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारी के साथ सभी स्टेकहोल्डर्स एवं सेक्स वर्कर पर  कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत किया.

 जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिले के सेक्स वर्कर्स को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता एवं संवेदीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है.उन्होंने कहा कि आज के कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को  जागरूक करना है. सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा कैसे हो, उनके संवैधानिक अधिकार क्या है इसकी विस्तृत जानकारी इस कार्यशाला के माध्यम से दी गई.

 उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 21 को  स्पष्ट रूप से डिस्क्राइब किया है जिसके अनुसार सभी नागरिकों को जो संवैधानिक  अधिकार प्राप्त हैं वैसे ही सेक्स वर्कर्स को यह अधिकार मिला हुआ है. बताया गया कि सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशानुसार सेक्स वर्कर्स के कार्य को एक व्यवसाय के रूप में माना गया है.कहा कि इन्हें भी आम नागरिक की तरह पूरी मर्यादा के साथ जीने का अधिकार है।कहा कि सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में सभी स्टेकहोल्डर पूरी गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. उनके प्रति समाज, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को अति संवेदनशील होना होगा. 

इसके पूर्व कार्यशाला में उपस्थित जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार ने कहा  कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा बुद्धदेव करमासकर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य में दिये गये निर्णय के आलोक में सेक्स वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के मद्देनजर स्टेकहोल्डर्स तथा अन्य विभागों के पदाधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को जागरूक करने की दिशा में उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया है. उन्होंने आर्टिकल -21 जीवन जीने के अधिकार पर विस्तृत चर्चा करते हुए  कहा कि सेक्स वर्कर को भी सामान्य जीवन जीने का अधिकार है.उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करते हुए उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में हमें सजग रहना होगा और सभी को मिलजुल कर कार्य करने होंगे ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सके और यह  उनका अधिकार भी है.

कार्यशाला में सेक्स वर्कर को राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, सूखा राशन प्रदान कराना, मानव गरीमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार दिलाना एवं पुर्नवास जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई. बताया गया कि इन्हे मूल अधिकार उपलब्ध कराने के संबंध में संबंधित स्टेक होल्डर्स को जागरूक करने की आवश्यकता है. सेक्स वर्कर्स भी मनुष्य है और वह पूरी तरह से मानव जीवन जीने की अधिकारी हैं.हमारे समाज का उनके प्रति भी कुछ कर्तव्य है

इसके पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर, सचिव विधिक सेवा प्राधिकार एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. कार्यशाला के आरंभ में सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई उदय कुमार झा के द्वारा उपस्थित सभी वरीय पदाधिकारियों को एवं विभिन्न विभागो तथा स्टेक होल्डर्स के प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया. साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि इस कार्यशाला के माध्यम से सेक्स वर्कर के अधिकारों को समझने और उनके अधिकारों  की सुरक्षा कैसे हो इस दिशा में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए यह एक बड़ा प्लेटफार्म है.उन्होंने कहा कि सेक्स वर्कर हमारे समाज के ही अंग है और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है.

उन्होंने बताया कि आज का कार्यक्रम मुख्यतः जिला प्रशासन के द्वारा शुरू किए गए अभियान का आगाज था जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका से जुड़े पदाधिकारी एक मंच पर इकट्ठा हुए.आगे चलकर सेक्स वर्कर्स के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने तथा उन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए एक सकारात्मक माहौल का निर्माण करने की दिशा में संबंधित इलाकों में सघन जन जागरूकता अभियान चलाकर इस अभियान को गति दी जाएगी. 

बैठक में रिसोर्स पर्सन वंदना शर्मा ,नसीमा खातून, सांत्वना भारती भी उपस्थित थे.जुडिशल मजिस्ट्रेट मृत्युंजय कुमार ने संबंधित विषय पर कानूनी पक्ष रखा.

अंत में विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि सेक्स वर्कर को उनकी मूल जरूरतों के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा. उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार से  प्राप्त होने वाली सुविधाओं ,विधिक सहायता कैसे प्राप्त होगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कहा कि यदि कोई समस्या आती है तो उसके निपटारे के लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार पुलिस पदाधिकारी या जिला प्रशासन से बेहिचक संपर्क करें.


आलोक कुमार

टीम वर्क के साथ बेहतर तरीके से कार्य करते हुए विधि-व्यवस्था सहित अन्य कार्यों को करायें निष्पादित : चैतन्य प्रसाद

 

बेतिया. श्री  चैतन्य प्रसाद  , अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार द्वारा विधि-व्यवस्था एवं गृह विभाग से संबंधित अन्य बिंदुओं की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में की गयी. इस अवसर पर जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया, श्री कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित वरीय जिला स्तरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, लोक अभियोजक आदि उपस्थित रहे.

अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार द्वारा कब्रिस्तान घेराबंदी एवं मंदिर चहारदीवारी निर्माण, विधि-व्यवस्था, पैरेन्ट्स एण्ड चाइल्ड एकाउंट, अभियोजन स्वीकृति, स्पीडी ट्रायल एवं डीएलएमसी, आरटीपीएस के तहत चरित्र प्रमाण पत्र, संयुक्त भवन का निर्माण, साम्प्रदायिक मामलों में अभियोजन की स्वीकृति, साम्प्रदायिक घटनाओं की रोकथाम, सीसीए के ममालों का अनुश्रवण, गंभीर एवं जघन्य कांडों का त्वरित विचारण, पुलिस थाना/ओपी/पुलिस केन्द्र के लिए भूमि की उपलब्धता, यातायात की समस्या व यातायात थानों से जुड़े मामले एवं चेकपोस्ट, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला एवं संयुक्त भवन निर्माण, पुलिस थानों में महिला एसएचओ तथा महिला कांस्टेबल की पदस्थापना, थाना/ओपी में लैंड लाइन  फोन की व्यवस्था, पुलिस पेट्रोलिंग/पैदल गश्ती/जीपीएस अधिष्ठापन, महिला हेल्प डेस्क, एससी/एसटी अपराध से जुड़े मामले, थाना भवनों में आगंतुक कक्ष का निर्माण एवं पुलिस थाना एवं चौकी में महिला प्रसाधन के निर्माण, सीसीटीएनएस प्रणाली, वारंट, गिरफ्तारी एवं कुर्की जब्ती, गंभीर कांडों का त्वरित अनुसंधान, गंभीर कांडों का विचारण, अपराध नियंत्रण हेतु निरोधात्मक कार्रवाई, प्रभावी गश्ती की व्यवस्था, कारा में बंद अपराधियों की निगरानी, द0प्र0स0 के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई, शनिवारीय जनता दरबार, भूमि विवाद हेतु मासिक बैठक, राष्ट्रीय मानक के अनुरूप पुलिस कर्मियों की आवश्यकता एवं पद सृजन आदि की बिन्दुवार गहन समीक्षा की गयी.

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक, बगहा, श्री किरण कुमार गोरख जाधव द्वारा पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से उक्त बिन्दुओं की अद्यतन स्थिति से अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार को अवगत कराया गया.अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार ने कहा कि जिले में विधि-व्यवस्था संधारण सहित अन्य मामलों में अच्छा कार्य किया गया है, इसी तरह आगे भी टीम वर्क के साथ बेहतर तरीके से कार्य करते हुए विधि-व्यवस्था सहित अन्य कार्यों को निष्पादित करायें.

अपर मुख्य सचिव द्वारा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन संख्या 1, बेतिया एवं 2 बगहा से लंबित मामलों की स्टेज वाइज समीक्षा की गई और इसे हर हालत में 15 अगस्त तक प्रारम्भ कराने का निर्देश दिया गया. अपर मुख्य सचिव ने जिला पदाधिकारी को योजनावार निर्माण कार्य का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान घेराबंदी, सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है, जिसका समयबद्ध तरीके से निर्माण कराना आवश्यक है.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में अमन-चैन बना रहे इसके लिए उच्च स्तर की विधि-व्यवस्था का संधारण आवश्यक है.पुलिस अधीक्षक, बेतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों हुई विधि-व्यवस्था की घटना में कुल 6 प्राथमिकी दर्ज हुई है और अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी कर ली गयी है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कराई जा रही है.अपर मुख्य सचिव के द्वारा इस मामले में त्वरित अनुसंधान कराते हुए चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया गया और इसके साथ ही बेल पिटीशन का सख्ती से विरोध करने का निर्देश दिया गया.

अपर मुख्य सचिव के द्वारा सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए हॉटस्पॉट चिन्हित करने का निर्देश दिया गया और माह में कम से कम एक बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ-साथ तेज़ वाहन चलाने वालों  के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.अनुसूचित जाति/जनजाति मामलों की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कांडों का विधिसम्मत तरीके से त्वरित गति से अनुसंधान कराया जाए.

अपर मुख्य सचिव ने पुलिस अधीक्षक को विभिन्न कांडों के विगत तीन वर्षों के तुलनात्मक आंकड़ों पर विचार करते हुए स्ट्रेटेजी तैयार कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.एन०डी०पी०एस० की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव के द्वारा नारकोटिक्स सामग्रियों के निस्तारण को सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न घटनाओं के कारित होने का कारण भूमि विवाद रह रहा है.सरकार भूमि विवादों  के प्रभावी निपटारे के लिए प्रयासरत है.थाना स्तर पर प्रत्येक सप्ताह संयुक्त शानिवारिय बैठक का आयोजन चक्रीय प्रणाली से कराया जाय। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाए कि अंचल अधिकारी हरेक थाना में भाग लें. हत्या के मामले में भी गहनता से जांच किया जाए कि क्या भूमि विवाद के कारण हत्या घटित हुई है.यदि भूमि विवाद कारण था तो क्या शानिवारिय जनता दरबार में यह मामला लिया गया था? इस परिदृश्य में भी जांच किया जाए.

अपर मुख्य सचिव के द्वारा गंभीर मामलों का त्वरित विचरण कराने का निर्देश दिया गया। गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.यातायात की समस्या के निदान पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया. आवश्यकतानुसार यातायात पोस्ट के लिए जगह चिन्हित करते हुए प्रॉपर पोस्ट बनवाने का निर्देश दिया गया. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी थानों में लैंडलाइन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए तथा रैंडम तरीके से थाने में कर्मी/पदाधिकारी की उपस्थिति की जांच भी कराई जाए. थानों में महिला आगंतुकों के उपयोग के लिए शौचालय की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया.

आलोक कुमार

भारत में विभिन्न संप्रदायों के ईसाई रहते

 


पटना. भारत में विभिन्न संप्रदायों के ईसाई रहते हैं. रविवार को 3 जुलाई को संत थोमस प्रेरित का पर्व है.इस दिन ‘भारतीय ईसाई दिवस‘​​के रूप में मनाते हैं.परम्परागत तौर से माना जाता है कि प्राचीन काल से ही भारत अपने भारतीय मसालों के लिए विश्वप्रसिद्ध रहा है. समुद्री मार्ग से भारतीय व्यापारी पश्चिम देश जाते थे और वहाँ के व्यापारी भारत आते थे. 

हाबान नामक ऐसे ही एक व्यापारी के साथ संत थोमस 0052 ईस्वी में केरल के  मालाबार तट पर आये.उस समय के राजा ने उनका स्वागत किया और इसी समय भारत भूमि पर ईसाइयत अंकुरित हुई. इसके पश्चात संत थोमस वर्तमान तमिलनाडु की ओर चले गए. वहाँ भी उन्होंने ईसाई धर्म का प्रचार किया, और इसी के चलते संत थोमस 0072 ईस्वी में चेन्नई के पास शहीद हो गए. तभी से भारतीय ईसाई धर्मसमाज संत थोमस को अपना संरक्षक संत मानते हैं. इस प्रकार यह बिलकुल स्पष्ट है कि भारत में ईसाइयत  2000 वर्ष पूर्व अंकुरित हुई. वह विचारधारा सरासर गलत है कि ईसाइयत अंग्रेजों द्वारा भारत में लाई गई, जिनका मूल उद्देश्य व्यापार करना था. 

बताया जाता है कि 21वी सदी ईसाइयत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. आज से 2000 वर्ष पहले प्रभु ईसा मसीह मानव के रूप में धरती पर अवतरित हुए थे. इसलिए 2021से लेकर 2030 तक हम ‘उत्सव का दशक‘ मना रहे है. भारत में ईसाई धर्म 2000 वर्ष पूर्व संत थोमस द्वारा लाया गया था. 


ईसाई धर्म पिछले 2,000 वर्षों से भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है और इसने ईसाई जीवन के कई स्वदेशी रूपों को जन्म दिया है.इस महान सभ्यतागत योगदान की उपेक्षा करने का कोई भी प्रयास भारत की नींव को ही नकारने के समान है.

रविवार 03 जुलाई 2022 को बाजितपुर मोहल्ला गेट नम्बर-92 के सामने अगापे चर्च में इंडियन क्रिश्चियन डे मनाने का निश्चय किया गया है.इस अवसर पर शाम पांच बजे कार्यक्रम होगा.शनिवार को इंडियन क्रिश्चियन डे की पूर्व संध्या पर लोगों को शर्बत पिलाकर आमत्रंण पत्र देते जा रहे थे.


आलोक कुमार

बिल्ली के गले में घंटी बाँधे कौन ?


पटना.बिल्ली के गले में घंटी  बाँधे  कौन ? बिल्ली के गले में घंटी बाँधना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है.कोई भी असम्भव काम करने का प्रयत्न करना.यह आज भी क्रिश्चियन समुदाय के लिए चुनौती बनकर रह गया है.सर्वविदित है कि अंग्रेजों के शासनकाल में अंग्रेजों ने भारतीय को जाति,धर्म,क्षेत्र,भाषा आदि में विभक्त कर रख दिया था.उसी तरह आज क्रिश्चियन समुदाय स्वयं को बाँट कर रख दिये हैं.

 
वृहद क्रिश्चियन समुदाय में साउथ इंडियन क्रिश्चियन, नॉर्थ इंडियन क्रिश्चियन, एंग्लो इंडियन क्रिश्चियन, आदिवासी क्रिश्चियन, दलित क्रिश्चियन, संथाली क्रिश्चियन, उत्तर बिहार क्रिश्चियन व अन्य हैं. इसके आलावे रोमन कैथोलिक, जीएल चर्च, बापतिस्त चर्च, सीएनआई चर्च, नॉर्थ ईस्ट चर्च और न जाने कितने घरेलू चर्च हैं जो अपने अपने ढ़ंग से संचालित है.

यहां बता दें कि कई बार यूनाइटेड चर्च फोरम बनी परंतु आगे कायम नही रही. इसका दो कारण हो सकता है.पहला आपसी मनमुटाव उनमें ईसाई जनता के पक्ष व हित में सही नेतृत्व न देने की कमी क्योंकि जमीनी स्तर के  नेता न होना.दूसरी कारण अपनी डफली अपना राग अलापना.दूसरी ओर 40 सालों से क्रिश्चियन वेलफेयर एसोसिएशन बिहार ही एक मात्र रजिस्टर्ड एसोसिएशन है.इस एसोसिएशन के माध्यम से कई प्रकार से सामाजिक,धार्मिक,राजनीतिक आदि कार्य किये गए. ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुड फ्राइडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम किये गए.इसमें सभी क्रिश्चियन चर्च के लोगों की भागीदारी हुआ करती थी.जो पिछले 20 सालों से नहीं हो पा रहा है.

इसके अलावा कई कार्य हुआ. जिसके कारण ईसाइयत की पूछ आज हो रही है.लेकिन एसोसिएशन में जानकार लोग जो नेतृत्व कर रहे थे वे सेक्रेड लाइन के नेता तैयार भी नहीं किये. जिसके कारण एसोसिएशन आज संचालित है. क्रिश्चियन समुदाय  की समुचित विकास की सोच हमारे  नेताओं में कमी है. नकारात्मक सोच आपसी मनमुटाव, क्षेत्रीयता सोच,धार्मिक बन्धन जैसे बहुत कारण है.अल्पसंख्यक समुदाय में मुस्लिम समुदाय सरकार से फायदेमंद मे रहती है पर हम आपसी नाराज़गी मे रहते है. विशेष रूप से  क्रिश्चियन की राजनीति और मदद चर्च कैम्पस मे सीमित होती है.जो जहां पद ले ली वो सब कुछ  अपने आप को नेता समझ बैठते है,आज भी बिहार सरकार से रजिस्टर्ड ईसाई अल्पसंख्यक कल्याण संघ है उन्हे क्रिश्चियन समुदाय के हित के लिए सरकार से हक अधिकार के लिये तत्पर है पर लोगो मे ईगो भरी हुई है, आप को यह बताते हुए शर्म आ रही है की आज तक क्रिश्चियन समुदायो की आमसभा जिसमे हर क्रिश्चियन की भागीदारी हो कभी भी कहीं बिहार के धरती पर नहीं हुई है.जहां सब समुदाय उपस्थित हुआ हो.इसका कारण है  हम क्रिश्चियन को कुछ लोग सिर्फ तुष्टिकरण करते है.आज जो रजिस्टर्ड संघ संगठन है वो इस विषय को गम्भीरतापूर्वक लें.  जो क्रिश्चियन लोग जिस भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं वो भी अपनी पार्टी में इस मामले को उठाया और  क्रिश्चियन समुदाय के बीच प्रस्तुत करें. वरणः ऐसे लोगों को नकारात्मक जवाब दे और बहिष्कार करे आने वाले समय चुनौतीपूर्ण है. अब नहीं जगे तो फिर मुश्किल में आना ही है जागो क्रिश्चियन जागो.

आलोक कुमार

 


पटनाः शिवहर लोकसभा की सदस्य हैं रमा देवी.इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति की सभापति भी हैं.सांसद रमा देवी ने माननीय संसद सदस्य,विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद सदस्यगण को सेवामुक्त के बाद दी जाने वाली पेंशन की ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराया है.उन्होंने कहा कि पूर्व में यूपीए सरकार के द्वारा नियम में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया था कि यदि कोई एक दिन का भी किसी सदन का सदस्य बन जाए तो उन्हें आजीवन पेंशन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएगी.

आगे कहा कि यूपीए सरकार ने प्रावधान कर दिया कि यदि कोई व्यक्ति विधानसभा/विधान परिषद के साथ-साथ लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य रहे तो वे दोहरी पेंशन के हकदार होंगे तथा पूर्व सदस्य की मृत्यु के उपरांत उनके पति/पत्नी आजीवन पेंशन की आधी राशि देने का प्रावधान है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाला है जिससे लोग अभी भी जूझ रहे हैं.ऐसी परिस्थिति में माननीय सदस्यगणों को दिये जाने पेंशन मद के लिए सरकार के उपर सैकड़ों करोड़ की अतिरिक्त राशि का बोझ बढ़ जाता है. जिसको बंद करने की समय-समय पर जनता द्वारा मांग की जाती है.उन्होंने कहा कि आपके दूरदर्शी नेतृत्व में आज देश में कई ऐतिहासिक एवं सुधारात्मक कार्य हुए हैं, देशवासियों को आपसे काफी अपेक्षाएं है. एक रिपोर्ट के अनुसार आज देश के अधिकांश सदस्यगण करोड़पति एवं अरबपति है,जिन्हें सही मायने में पेंशन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए.

सांसद रमा देवी ने सुझाव दी है कि माननीय पूर्व संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद सदस्यगण को दिये जाने वाले पेंशन और भत्ते ( मेडिकल व परिवहन सुविधा को छोड़कर) बंद करने के लिए प्रावधान में संशोधन होनी चाहिए और इनसे होने वाली बचत की राशि से देश में आम वृद्धजनों को दिये जाने वाली वृद्धापेंशन की राशि में मंहगाई के हिसाब से बढ़ोतरी किये हाने से देश के नागरिकों में एक सकारात्मक संदेश जाएगा.

अंत में सांसद ने कहा कि इस विषय पर विचार करते हुए माननीय पूर्व संसद सदस्य,विधानसभा सदस्य एवं विधान परिषद के सदस्यगण को दिये जाने वाले पेंशन एवं भत्तों (मेडिकल एवं परिवहन सुविधा को छोड़कर ) बंद करने के लिए प्रावधान में संशोधन करते हुए आम वृद्धजनों को दिये जाने वाली वृद्धापेंशन की राशि में बढ़ोतरी के लिए कृपा की जाए.


वित्त मंत्रालय के अधीन संस्था केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) ने आरटीआई आवेदन के जवाब में बताया है कि एक अप्रैल 2010 से लेकर 31 मार्च 2018 तक पूर्व सांसदों को 489.19 करोड़ रुपये का पेंशन दिया जा चुका है. इस हिसाब से औसतन हर साल 61 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पूर्व सांसदों के पेंशन पर खर्च की जाती है.खास बात ये है कि पेंशन लेने वालों में बड़े बिजनेसमैन, अखबार के मालिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व चुनाव आयुक्त, पूर्व मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील, फिल्मकार, नामी पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों तक के नाम शामिल हैं.


सीपीएओ से मिली जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा 75.37 करोड़ रुपये का पेंशन साल 2011-12 में पूर्व सांसदों को दी गई. इसके बाद 2014-15 में 62.39 करोड़ रुपये, 2015-16 में 65.07 करोड़ रुपये, 2016-17 में 53.56 करोड़ रुपये और 2017-18 में 55.43 करोड़ की राशि पूर्व सांसदों को पेंशन के रूप में दी गई है.‘संसद के सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम, 1954’ के तहत पूर्व सांसदों को पेंशन देने का प्रावधान है और एक अप्रैल 2018 से पूर्व सांसदों को हर महीने 25,000 रुपये की पेंशन राशि दी जाती है. इससे पहले ये राशि 20,000 रुपये प्रति माह थी.


आलोक कुमार 

वर्षाे से भाजपा और आर.एस.एस. राहुल जी के छवि को बिगाड़ने के प्रयास में लगे हैं


पटनाःलोकतंत्र का चौथा स्तम्भ पत्रकारिता जब किसी राजनीतिक दल के मीडिया मैनेजमेंट की भूमिका निभाने लगे तो लोकतांत्रिक समाज के क्षरण का खतरा बढ़ जाता है. हाल ही में आदरणीय राहुल गांधी जी के एक वीडियो को जिस तरह भाजपा के आई.टी.सेल के इशारे पर तोड़-मरोड़ कर राजस्थान की घटना को जोड़ने का घृणित प्रयास एक मीडिया चैनल ने किया है वह निंदनीय ही नहीं बल्कि एक बड़ा अपराध है. वर्षाे से भाजपा और आर.एस.एस. राहुल जी के छवि को बिगाड़ने के प्रयास में लगे हैं,जबकि उन्हें यह पता है कि राहुल वो सूर्य है जिसकी चमक को झूठ और फरेब के चंद बादलों से ढंका नहीं जा सकता है. ये बातें बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष व पूर्व विधायक श्रीमती अमिता भूषण ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है. 

श्रीमती भूषण ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सरकार चलाना नहीं बल्कि धूमिल करना, विपक्ष की सरकार को अस्थिर करना और देश के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करना रह गया है.

उन्होंने कहा कि जिस मीडिया चैनल ने यह राष्ट्रविरोधी हरकत की है क्या उसके माफीनामे से पूरा मामला समाप्त माना जा सकता है ? हमारी मांग है कि इस तरह के राष्ट्र विरोधी चैनलों और मीडिया हाउस के प्रति सरकार और देश की न्याय प्रणाली को त्वरित संज्ञान लेना चाहिये ताकि भविष्य में इस तरह से देश और समाज में नफरत का वातावरण बनाने में सक्रिय मीडिया गैंग पर लगाम लगायी जा सके.


आलोक कुमार 


बैठक की अध्यक्षता एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने किया

पटना. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (बिहार) के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम,पटना में सम्पन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने किया.

बैठक को संबोधित करते हुये एन0एस0यू0आई, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह ने कहा कि आर्मी में अग्निपथ भर्ती योजना सरकार द्वारा एक ऐसा प्रक्रिया है जो देश को युवाओं को युवा रहते हुए उनको रिटायरमेंट का ठप्पा लगा देगा. 

मोदी सरकार इस अग्निपथ योजना का मार्केटिंग और ब्रांडिंग कराने के लिए सेना के प्रमुख से प्रेस वार्ता भी करवा डाला ,जहां बात वन रैंक वन पेंशन की होनी थी वहां पर नो रैंक नो पेंशन और युवाओं का सपना का ध्वस्त कर दिया, आर्मी में जाने के जज्बा को ही ध्वस्त कर दिया. अग्निपथ योजना से मोदी सरकार की आर्मी में जो स्थाई भर्ती होने की प्रक्रिया है उसे समाप्त करने का कार्य शुरू हो चुका है.अग्निपथ योजना आए हुए 2 दिन भी नहीं हुए थे की इसमें बहुत सारी बिंदुओं को हंगामा होने के बाद जोड़ा गया. 

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (बिहार) के प्रभारी रोशन लाल बिट्टू ने कहा कि अग्निपथ योजना को लाने से पहले आर्मी के रिटायर्ड बड़े पदाधिकारी और मौजूदा में जो पदाधिकारी हैं उनसे बात विचार विमर्श होना चाहिए था ,एक कमेटी बनाकर हर एक बिंदु पर विचार विमर्श कर के इसे लागू करने का प्रक्रिया आरंभ करना था.खैर ऐसी उम्मीद मोदी सरकार से कभी की नहीं जा सकती क्योंकि मोदी सरकार तो संसद में भी कोई भी बिल बिना  विचार विमर्श के ही पास करा देती है, मोदी सरकार की हिटलर शाही मानसिकता का एक रूप है जो संघ की किताबें उनकी जो नीति है उसको देश पर थोपने का एक जरिया है.लेकिन अब समय आ गया है क्योंकि जो युवा है उनको इनकी जुमलेबाजी समझ आ गई है जहां पर मोदी सरकार ने हर साल दो करोड़ नौकरी देकर युवाओं को लुभाया था वही युवा आज ठगा सा महसूस कर रहे है.

बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि पूरे 8 साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में लगभग 17 लाख ही नौकरी दे पाए हैं आलम यह है बीते 8 सालों में लगभग 9 करोड़ नौकरियां खत्म हो गई है.  इससे पहले जब एनडीए की सरकार थी बाजपेई जी के नेतृत्व में तब सरकारी पेंशन खत्म किया गया था और अब मोदी सरकार है तो सरकारी नौकरियां खत्म  कर रही है.ऐसी संघी सोच देश के तरक्की में घातक है,जिस सरकार का डीएनए आर एस एस की सोच समझ से चलती हो वह क्या राष्ट्रभक्ति की बात करेंगे जिस संस्था ने लगभग 52 वर्षों तक राष्ट्रीय झंडा तिरंगा को नहीं अपनाया उनसे देशभक्ति की बातें दिखवा मात्र है. जिस तरह से देश में चारों तरफ किसी ना किसी चीज को लेकर अराजकता फैली हुई है, अखंड भारत के बात पर भी हंसी आती है,क्योंकि इनकी हरकतें, इनकी योजनाएं ,नीतियां देखकर तो यह लगता है कि यह अखंड भारत की जगह खंड खंड भारत बनाने में लगे हैं, और उसी की कड़ी में अग्निपथ योजना जैसे आर्मी की भर्ती की नियुक्ति की जा रही है. 

लगभग 2लाख नियमित आर्मी की भर्ती की रिक्त पड़ी हुई है. कम से कम हमारे प्रधानमंत्री जी को युवाओं से एक अपील करना था शांति बहाल करने का पर उनसे यह भी ना हो सका आखिर क्यों? मोदी सरकार  देश हित में युवाओं का जो जोश राष्ट्रभक्ति का है आर्मी में भर्ती होकर देश सेवा करने का है,उस जज्बे को ध्यान में रखते हुए अग्निपथ योजना को तुरंत वापस ले और नियमित रिक्तियां जो है आर्मी की उसे तुरंत भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें.

इस अवसर पर कुमार आशीष, अरविन्द चौधरी,प्रशांत ओझा,आशुतोष सिंह मौजूद थे.


आलोक कुमार 

अनुराग चंदन बनें कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन

 

* अनुराग चंदन को बिहार कांग्रेस ओबीसी विभाग का बनाया गया  चेयरमैन

पटनाः बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अतिपिछड़ा विभाग के चेयरमैन वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनुराग चंदन को मनोनीत किया गया.ओबीसी विभाग के चेयरमैन बनें अनुराग चंदन पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में सक्रिय रहें हैं. 2000 के विधानसभा चुनावों में वे पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी भी रहें हैं.

इस मनोनयन की जानकारी देते हुए बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि अनुराग चंदन पार्टी के सक्रिय नेता हैं. वें छात्र जीवन से एनएसयूआई से जुड़कर कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रहें हैं. संगठन से लेकर चुनाव तक में उन्होंने अपनी भूमिका का निर्वहन किया है. उनके मनोनयन से सम्बंधित पत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जारी किया.

अनुराग चंदन के मनोनयन पर प्रदेश कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है.


आलोक कुमार


शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

ला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने गैहलोर में

 



गया.इस जिले के जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने गैहलोर अवस्थित पर्वत पुरूष दशरथ मांझी स्मृति भवन का निरीक्षण करते हुए और आकर्षक बनवाने का निर्देश दिया.उन्होंने बताया कि पर्वत पुरुष स्वर्गीय दशरथ मांझी द्वारा पहाड़ को काटकर जो रास्ता बनाया गया है उस रास्ते को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि लोग स्वर्गीय दशरथ मांझी की कीर्ति से प्रेरणा ले सकें.

 

जिला पदाधिकारी ने बताया कि स्मृति भवन में स्वर्गीय दशरथ मांझी द्वारा उपयोग में लाई गई हथौड़ी छेनी इत्यादि को संरक्षित रूप से शीशा नुमा आकार में स्मृति भवन के मुख्य हॉल में लोगों के दर्शनार्थ रखी जाएंगी. साथ ही उन्होंने नए टाइल्स बिछाने, आकर्षक लाइट, चबूतरा सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का निर्देश दिया ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इन सभी वस्तुओं का अवलोकन कर सकें तथा पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक विकास हो सके.उन्होंने पर्यटन विकास मिशन के अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि स्मृति भवन के हॉल में जो फ्लोर ढ़स गया है उसे अति शीघ्र मरम्मत करावे.उन्होंने कहा कि स्मृति भवन के अंदर वॉल पेंटिंग के साथ-साथ दशरथ मांझी जी का विभिन्न फोटोग्राफ्स को सुसज्जित ढंग से लगावे ताकि आने वाले पर्यटक उनकी कृतियों को जान सकें. स्मृति भवन के बाहर मेन द्वार से मुख्य सड़क तक ईट सोलिंग का रास्ता काफी खराब रहने पर उसे तेजी से दुरुस्त करवाने का निर्देश दिए.

पर्वत पुरुष दशरथ मांझी के समाधि स्थल निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला पर्यटन पदाधिकारी तथा पर्यटन निगम के अभियंता को निर्देश दिया कि समाधि स्थल तथा आसपास के एरिया में सोलर युक्त लगाए गए लाइट यदि किसी कारणवस खराब है तो उसे जांच करते हुए सोलर को ठीक करवाएं अन्यथा तत्काल बिजली कनेक्शन लेते हुए बिजली के माध्यम से प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करावे. समाधि स्थल के समीप बने पब्लिक टॉयलेट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहड़ा अनुमंडल पदाधिकारी बथानी को निर्देश दिया कि टॉयलेट को मेंटेन रखने के लिए कार्य योजना तैयार करें ताकि शौचालय हमेशा साफ सुथरा एवं फंक्शनल रहे. जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता भवन विभाग को निर्देश दिया कि दशरथ मांझी समाधि स्थल के समीप बने तोरण द्वार को अच्छे से पोलिस कराते हुए साफ सुथरा करावे. उन्होंने बिजली विभाग के अभियंता को निर्देश दिया कि सड़क के किनारे लगे हाई मास्क लाइट जो वर्तमान में खराब है उसे अतिशीघ्र चालू करावे.

 

नल जल योजना के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समाधि स्थल वार्ड संख्या 9 एवं 10 में नल जल योजना अंतर्गत घर घर वाटर कनेक्शन की जानकारी साथ ही सरकारी चापाकल फंक्शनल की जानकारी ली.उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि कुछ महादलित टोला में अतिरिक्त चापाकल की आवश्यकता है.जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को संबंधित टोलो में नए चापाकल लगवाने का निर्देश दिए साथ ही जो खराब चापाकल हैं उसे मरम्मत करवाने का भी निर्देश दिए। समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण के समीक्षा के दौरान उन्होंने हॉर्टिकल्चर विभाग से समन्वय स्थापित कर सौंदर्यीकरण करवाने का निर्देश दिए. समुदायिक भवन के निरीक्षण के दौरान समुदायिक भवन का छत में पानी का रिसाव होने के कारण जर्जर हो गया है. जिला पदाधिकारी ने संबंधित अभियंता को अति शीघ्र मरम्मत करवाने का निर्देश दिए.

 


इसके उपरांत उन्होंने मोहड़ा प्रखंड के तेतर पंचायत में गंगा उद्धव प्रोजेक्ट के तहत वाटर स्टोरेज प्लांट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अभियंता द्वारा बताया गया कि यह डैम लगभग 3.6 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस डैम में लगभग 18 लाख मिलियन क्यूबिक मीटर पानी स्टोर किया जाएगा. इस डैम के निर्माण के दौरान कुल 41 व्यक्तियों का घर चरवारा में शिफ्ट कराया गया है. साथ ही सभी संबंधित व्यक्तियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ भी दिया गया है. वर्तमान में डैम में बोल्डर पिचिंग का कार्य चल रहा है.जिला पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में इस वर्ष गंगा का पानी तेतर लाया जा रहा है. इसे लेकर सभी व्यवस्थाएं 10 से 15 दिन के अंदर ही पूर्ण कर ले.


आलोक कुमार

मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाना सुनिश्चित कराएंगे

 
गया.इस जिले के जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने जनता दरबार में आये हुए करीब 200 व्यक्तियों के मामले को गंभीरता पूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को जांच यथाशीघ्र कराते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. आवेदकों के कई मामलों में जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के वरीय पदाधिकारी यथा उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड के नामित जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि द्वारा मामले को जांच करने का भी जिम्मा दिया गया है.

जनता दरबार में प्रधानमंत्री आवास से संबंधित आए मामलों को जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को संबंधित आवेदनों को यथाशीघ्र जांच करते हुए पात्रता रखने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाना सुनिश्चित कराएंगे.

जनता दरबार में कई व्यक्तियों ने भूमि विवाद, आपसी बटवारा, अतिक्रमण, जमीन संबंधी दिक्कते आदि से संबंधित आवेदन दिए.उन सभी आवेदन के आलोक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अध्यक्षता में थाना स्तर एवं अनुमंडल स्तर पर हर शनिवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में दोनों पक्षों के व्यक्तियों को बुलाकर संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए निराकरण कराने का निर्देश दिए.

जनता दरबार में कई व्यक्ति परिमार्जन के संबंध में आवेदन दिए बेला, नगर, बोधगया सहित अन्य अंचल के व्यक्ति ने परिमार्जन के संबंध में आवेदन देने पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिया कि परिमार्जन के लिए लंबित आवेदनों को तेजी से निष्पादन करें.

जनता दरबार के सुनवाई में आपदा विभाग के तहत अगलगी, सामूहिक सड़क दुर्घटना, कुआं में डूब ना वज्रपात कोरोना से मृत्यु इत्यादि मामलों में जिला आपदा पदाधिकारी  को तेजी से अनुपालन करवाने का निर्देश दिए.

जनता दरबार में बिजली विभाग के बिजली बिल ज्यादा आने, घर का बिजली कनेक्शन जोड़ने सहित अन्य मामले पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बिजली पदाधिकारी को प्राप्त आवेदनों को जांच करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए.

टिकारी प्रखंड के केस्पा पंचायत में सेविका बहाली में गड़बड़ी से संबंधित आवेदन जिला पदाधिकारी को दिया गया. जिला पदाधिकारी ने डीपीओ आईसीडीएस को केस्पा पंचायत में सेविका बहाली से संबंधित मामले में जांच करवाने का निर्देश दिए.

आमस अंचल के मोहन कुमार व्यक्ति ने आवेदन दिया कि उनकी जमीन सड़क चौड़ीकरण में अधिग्रहण किया जा रहा है तथा उक्त जमीन की मापी अंचल कार्यालय के अमीन द्वारा मापा जा रहा है, जो गलत तरीके से मापी कर रहे हैं. उन्होंने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि किसी अन्य अमीन के माध्यम से मापी कराई जाए. जिला पदाधिकारी ने अपर समाहर्ता गया को निर्देश दिया कि अंचल अमीन तथा भू अर्जन के अमीन संयुक्त रूप से उक्त जमीन की मापी करे.

जनता दरबार में कुछ मामले लोक शिकायत के तहत पारित आदेश के बावजूद अब तक अब तक अनुपालन नहीं किए जाने के संबंध में प्राप्त हुआ है, जिसे जिला पदाधिकारी ने अपर समाहर्ता को सख्त निर्देश दिया है कि लोक शिकायत के तहत पारित आदेशों का अनुपालन प्राथमिकता देकर करावे, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी/ कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी.

बेला प्रखंड के आवेदक ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देते हुए बताया कि बेला प्रखंड में कई वर्षों से निर्माण किए जा रहे स्वास्थ्य उप केंद्र अब तक अधूरा है, निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है. जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन गया को संबंधित स्वास्थ्य उप केंद्र के संबंध में समुचित जानकारी उपलब्ध कराते हुए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को अवगत करवाने का निर्देश दिए ताकि अर्ध निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र के बचे हुए निर्माण कार्य को पूरा कराया जा सके.

वजीरगंज अंचल के बिशुनपुर गांव के आवेदक ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देते हुए बताया कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा उक्त गांव आहर की खुदाई में में 8 फीट के जगह 4 फीट ही मिट्टी का कटाव किया जा रहा है जिला पदाधिकारी ने लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिया कि स्वयं उक्त संबंधित स्थल पर जाकर जांच करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध करावे. साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करें.

आवेदक शशि भूषण ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देते हुए कहा कि मगध मेडिकल अस्पताल गया में हड्डी विभाग के चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा लगातार लापरवाही किया जा रहा है. उन्होंने आवेदन में कहा कि मगध मेडिकल अस्पताल के हड्डी विभाग में मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं किया जा रहा है. मरीजों को मजबूरन बस प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ रहा है.जिला पदाधिकारी ने अधीक्षक मगध मेडिकल को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिया कि हड्डी विभाग के पदाधिकारियों को जवाबदेही तय करते हुए कार्य करावे, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

वजीरगंज प्रखंड के तेल बीघा पंचायत के ग्राम पंचायत मंगरावां में आर डब्ल्यू डी विभाग के लगभग 2.5किलोमीटर से 3 किलोमीटर सड़क काफी जर्जर एवं दयनीय स्थिति में है.बरसात के मौसम में चलना बिल्कुल ही मुश्किल पड़ रहा है। जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता आरडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि उक्त सड़क को प्राथमिकता देकर सड़क निर्माण कार्य करवाएं.

आलोक कुमार

01-15 जुलाई तक चलाया जाएगा प्रवेशोत्सव-विशेष नामांकन अभियान

 

* एक-एक बच्चे की मॉनिटरिंग करते हुए नामांकन लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश
* 01-15 जुलाई तक चलाया जाएगा प्रवेशोत्सव-विशेष नामांकन अभियान
* प्रवेशोत्सव के तहत प्रभात फेरी, माइकिंग, साईकिल रैली, कला जत्था युक्त नामांकन रथ एवं सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश

बेतिया.वार्षिक परीक्षा 2022 में उतीर्ण कक्षा 08 वीं के शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कक्षा 09 वीं में नामांकन सुनिश्चित करने के लिए दिनांक-01.07.2022 से दिनांक-15.07.2022 तक जिले के सभी माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेशोत्सव-विशेष नामांकन अभियान 2022 का आयोजन किया गया है.

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी.इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री रजनीकांत प्रवीण, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, श्री योगेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कक्षा 08 वीं उतीर्ण शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का 09 वीं कक्षा में नामांकन कराना सुनिश्चित किया जाए. यह कार्य बेहद महत्वपूर्ण है. इस कार्य में किसी भी स्तर पर तनिक भी लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

उन्होंने कहा कि एक-एक बच्चे की मॉनिटरिंग करते हुए नामांकन लक्ष्य को प्राप्त किया जाय. प्रत्येक हाईस्कूल अंतर्गत कितने 08 वीं के बच्चे उत्तीर्ण हुए हैं, का एक्जेक्ट नंबर प्रधानाध्यापक के पास होना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि 08 वीं उतीर्ण छात्र-छात्राओं का प्रखंडवार, अनुमंडलवार एवं जिलास्तर पर अद्यतन सूची तैयार किया जाए. इसके लिए एक कॉमन फॉर्मेट तैयार करें. प्रधानाध्यापकों का व्हाट्सएप ग्रुप भी तैयार करें. प्रधानाध्यापक को जिम्मेदारी दें कि कैंप मोड में 08 वीं उतीर्ण अनामांकित बच्चों का निकटतम माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय में 09 वीं कक्षा में नामांकन कराना सुनिश्चित करें.

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रवेशोत्सव के समापन के पश्चात सभी माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक यह प्रमाण देंगे कि उनके पोषक क्षेत्र में कक्षा 08 वीं उतीर्ण कोई भी छात्र-छात्रा अनामांकित नहीं हैं. साथ ही नामांकित होने वाले छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए विद्यालय के छात्र संसद, यूथ एवं इको क्लब आदि के सहयोग से रंगोली अथवा स्थानीय सामग्री का उपयोग कर तोरण द्वार निर्माण की व्यवस्था सहित विद्यालय परिसर को अच्छे तरीके से साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रखने की व्यवस्था करेंगे.

उन्होंने कहा कि कक्षा 08 वीं उर्तीण शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का कक्षा 09 वीं में नामांकन सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता होगी. इसके लिए विद्यालय स्तर पर विद्यालय शिक्षा समिति/विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति के साथ पोषक क्षेत्र के शिक्षा सेवक, तालिमी मरकज एवं जीविका समूह का आपस में समन्वय होना आवश्यक है. प्रधानाध्यापक इसे हर हाल में कराना सुनिश्चित करेंगे.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रवेशोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए प्रभात फेरी, माइकिंग, साइकिल रैली, कला जत्था युक्त नामांकन रथ एवं सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करते हुए गांव-टोलों के प्रत्येक घर तक जागरूकता अभियान चलाना सुनिश्चित किया जाए. इस कार्य में स्थानीय माननीय जनप्रतिनिधिगण का सहयोग भी लिया जाय.

उन्होंने कहा कि कक्षा 09 वीं के लिए विद्यालय परित्याग पत्र (एसएलसी) आवश्यक होगा.अन्य प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड नहीं रखने की स्थिति में माता/पिता /अभिभावक की घोषणा के आधार पर ही नामांकन लिया जाय. नामांकन होने के उपरांत आधार कार्ड अथवा अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था की जाय.

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रवेशोत्सव का लगातार पांच दिनों तक फॉलोअप ड्राइव चलाया जाय.मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित किया जाय.प्रत्येक पांच विद्यालय पर एक नोडल अधिकारी को तैनात किया जाए जो लगातार प्रवेशोत्सव कार्य प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा लक्ष्य के अनुरूप नामांकन कार्य सुनिश्चित कराएंगे. साथ ही प्रतिदिन कार्य प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे.

इसी क्रम में जागरूकता अभियान अंतर्गत कला जत्था युक्त नामांकन रथ को आज समाहरणालय परिसर से रवाना किया गया. नामांकन रथ गांव-टोले के प्रत्येक घरों तक जाएगा और प्रवेशोत्सव के लिए लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करेगा.

आलोक कुमार

पश्चिम चंपारण जिले के करुणा, सागर और सत्यम राज ने पश्चिम बंगाल में परचम लहराने के बाद घर वापस

             * सत्यम राज को गोल्ड, सागर को ब्रॉन्ज और करुणा** को मिला सिल्वर मेडल

            * जिलाधिकारी ने कराटे चैम्पियन को किया गया सम्मानित, दी शुभकामनाएं

 


बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के करुणा, सागर और सत्यम राज ने पश्चिम बंगाल में परचम लहराने के बाद घर वापस आ गये हैं.11 वीं साउथ एशियन आशिहारा कराटे चैम्पियनशिप 2022 में परचम लहराने वालों को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सम्मानित कर शुभकामनाएं दी है.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 25-26 जून को आयोजित 11 वीं साउथ एशियन आशिहारा कराटे चैम्पियनशिप 2022 में करूणा कुमारी, सागर कुमार और सत्यम राज ने परचम लहराया है. सत्यम राज ने गोल्ड, सागर कुमार ने ब्रॉन्ज एवं करूणा कुमारी ने सिल्वर मेडल जीतकर जिले का नाम रौशन किया है. मेडल के साथ तीनों कराटे चैम्पियन को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया है.

पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज कार्यालय प्रकोष्ठ में करुणा कुमारी (उम्र-09 वर्ष) पिता-श्री चन्दन कुमार, चरगाहां, नौतन को सम्मानित किया गया तथा शुभकामनाएं दी गयी.सागर कुमार एवं सत्यम राज स्वास्थ्य लाभ लेने के कारण उपस्थित नहीं हो सके. जिलाधिकारी द्वारा इन्हें भी खूब शुभकामनाएं दी गयी है. उन्होंने कहा कि इसी तरह आगे भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कराटे प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर जिले, राज्य तथा देश का नाम रौशन करें.

करूणा कुमारी ने कहा कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित ओलंपिक में मेडल जीतना है और पूरे देश का नाम रौशन करना है.कराटे का प्रशिक्षण लेने में उनके माता-पिता तथा अभिभावकों का पूरा समर्थन मिलता है तथा वे हमेशा उनका मनोबल बढ़ाते रहते हैं.

चम्पारण फाईट क्लब, बेतिया के चम्पारण चीफ, श्री सेन्सेई अनिल सहनी ने बताया कि कड़ी मेहनत के बाद बच्चों ने गोल्ड, ब्रॉंन्ज और सिल्वर मेडल अपने नाम किया है तथा जिले का नाम रौशन किया है. सभी बच्चों को अच्छे तरीके से प्रशिक्षित किया जाता है.इसी के फलस्वरूप उक्त बच्चों ने मेडल जीता है.


आलोक कुमार

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन बिहार के प्रदेश कार्यसमिति की एक विस्तारित बैठक

 


पटना.केंद्र सरकार के द्वारा घोषित अग्निपथ योजना का विरोध जारी है.केन्द्र सरकार के द्वारा अग्निपथ योजना के तहत केवल चार साल की सेवा युवकों के ऊपर थोपा जा रहा है. इस चार वर्षीय सैनिक कानून को वापस लेने पर जोर दिया जा रहा है.

देश की सेना में केंद्र सरकार के द्वारा इस प्रकार का प्रयोग देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए घातक सिद्ध हो सकता है केंद्र सरकार नौजवान बेरोजगारों को केवल चार वर्षों के लिए सेना में भर्ती देकर उन्हें बाद में सेवा से मुक्त करने की योजना बनाई है जिसके कारण से आज देश का बेरोजगार नौजवान अपने भविष्य के प्रति चिंतित है और इस योजना का विरोध कर आंदोलन करने बाध्य हो रहे है. इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (बिहार) द्वारा कल दिनांक 2 जुलाई, 2022 को अपराह्न 01.00 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन बिहार के प्रदेश कार्यसमिति की एक विस्तारित बैठक बुलायी गयी है. बैठक की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री चुन्नू सिंह जी करेंगे.

उक्त बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के माननीय अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा जी के अलावे कई गणमान्य नेतागण उपस्थित रहेंगे.

आलोक कुमार

स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कयूम अंसारी की 118 वीं जयंती

 



पटना.स्वतंत्रता सेनानी थे अब्दुल कयूम अंसारी.उन्होंने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद भी संभाला. कांग्रेसी सरकार में मंत्री भी थे. आज उनकी 118 वीं जयंती है. आज बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में जनाब कयूम को शिद्दत   से याद कर जयंती मनायी गयी.

इस अवसर पर अब्दुल कयूम अंसारी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि स्व0 अंसारी साहब उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं गरीबों के मसीहा थे. राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में गरीबों के इलाज के लिये कई योजनाएं चलायी. राज्य के बुनकरों के विकास के लिये उन्होंने कई कार्यक्रम चलाये. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का काफी सम्मान था.मौके पर सर्वप्रथम अंसारी साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमेन राजेश राठौड़, प्रवक्ता असितनाथ तिवारी, कुमार आशीष, ज्ञान रंजन,चुन्नू सिंह, अरविन्द लाल रजक,, मृणाल अनामय, बिमलेश तिवारी,मिहिर झा,ताहिर अनिश खान,उदय शंकर पटेल, सतेन्द्र पासवान, हसीब खान, अरफराज़ साहिल,हरिअक्ष कमलनाथ ,एवं अन्य कांग्रेसजनों ने भी अब्दुल कैयूम अन्सारी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

आलोक कुमार

गुरुवार, 30 जून 2022

उद्घाटन के छह दिन बाद ही जेपी गंगा पथ का फुटपाथ का एक हिस्सा धंसा

 

पटनाः मानसून की पहली बारिश में ही सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपी गंगा पथवे का हाल बेहाल हो गया. जेपी गंगा पथवे का एक बड़े हिस्से की मिट्टी धंस गई. जिससे सड़क का हिस्सा कई फीट तक धंस गया. गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना में पिछले शुक्रवार 24 जून को ही सीएम नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. लेकिन अब उसी की टूटने की तस्वीर सामने आ रही है. दीघा के पास जेपी गंगा पथवे का हिस्सा धंस गया. इससे इसकी गुणवत्ता पर अब सवाल उठने भी लगे हैं. इस हाईटेक पथ को लेकर लंब-लंबी बातें कही जा रही थीं. अभी मानसून के दस्तक के साथ बारिश शुरू ही हुई थी कि पथवे का हाल-बेहाल हो गया. अभी तो पूरी मानसून की बारिश बाकी ही है.


बिहार के राजधानी पटना में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है. दरअल पटना में जेपी गंगा पथ की ओर जाने वाले फुटपाथ का एक हिस्सा उद्घाटन के छह दिन बाद ही धंस गया है. इस जेपी गंगा पथ को बिहार का मरीन ड्राइव कहा जा रहा था.पटना में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है. जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को    घुटने भर पानी से गुजरना पड़ रहा है.मीठापुर, यारपुर, जक्कनपुर, राजेंद्र नगर, बस स्टैंड, सिपारा, दीघा, कुर्जी जैसे कई इलाके जलमग्न हैं.

पिछले शुक्रवार को ही सीएम नीतीश ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. जेपी गंगा पथ से डेढ़ घंटे का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो जाएगा.बता दें कि उसी दिन यानि 24 जून को सीएम नीतीश इसके अलावे मीठापुर करबिगहिया आरओबी का भी उद्घाटन किया था. जेपी गंगा पथ के बनने से पटना के साथ-साथ उत्तर बिहार के लोगों को बहुत फायदा मिलेगा. जेपी सेतु के पास से ही जेपी गंगा पथ बनायी गयी है. इसके अलावे अटल पथ को भी इससे जोड़ा गया है 

जेपी गंगा पथ के उद्घाटन के बाद इसकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे.पिछले रविवार को तो मेरिन ड्राइव को देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी की यहां जाम की स्थिति देखी गयी. पटना के मेरिन ड्राइव को देख लोग भी काफी खुश नजर आए. उद्घाटन के छह दिन बाद ही इसकी पोल खुल गयी. महज दो दिन की बारिश से सड़क किनारे बना पाथवे धंस गया.

इसकी नींव सीएम नीतीश ने मुंबई के मरीन ड्राइव के तर्ज पर वर्ष 11 अक्टूबर 2013 को रखी थी. पिछले 9 साल में यह बनकर तैयार हुआ है, लेकिन अभी भी इसका दूसरा फेज बनना बाकी है. इस पर 3831 करोड़ रुपये खर्च किया गया लेकिन मात्र 6 दिनों में ही दीघा के पास पथवे धंस गया. इस उद्घाटन के दौरान सीएम नीतीश ने इसके निर्माण में लगे कर्मियों का सम्मानित भी किया था. वहीं उद्घटान के दो दिनों बाद ही पहली छुट्टी को इस देखने आये लोगों की इस पथ पर लंबी भीड़ लग गयी थी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के पहले फेज का सीएम नीतीश कुमार ने उद्धाटन किया था. इसे जेपी गंगा सेतु का नाम दिया गया है, जिसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. इसके उद्घाटन के साथ ही पटना में लोग मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. बता दें कि दीघा से पीएमसीएच तक बने इस सड़क की लंबाई 7.4 किलोमीटर है, जिसमें 6.5 किलोमीटर में 13 मीटर ऊंचाई तक बांध बनाकर निर्माण किया गया है. यह परिजना कुल 20 किलोमीटर का है, शेष हिस्सा 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल, मानसून की पहली बारिश से सड़क का हिस्सा धंस जाने से लोग भी हैरान हैं.

आलोक कुमार

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया


                          * बिहार विधानसभा में वंदे मातरम गाने से माननीय विरोध में सीट पर बैठे रहे


पटनाः बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का समापन हो गया है.यह मानसून सत्र गत 24 जून से शुरू हुआ था.आज पांचवा और आखिरी दिन था. 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. अग्निपथ योजना  को वापस लेने की मांग के साथ केंद्र सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. जिस पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने एतराज जताया.

इस दौरान विपक्षी सदस्यों से मार्शलों ने पोस्टर छीन लिया लेकिन उनका हंगामा जारी रहा. आखिरकार विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी. विधान परिषद की कार्यवाही पहले ही स्थगित हो गई. वहीं विधान सभा की कार्यवाही दूसरे हाफ के सेशन के बाद अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.

सत्र के एक दिन पहले बिहार के सियासी हलचल का असर विधान सभा में दिखा. दरअसल बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायकों ने आरजेडी की सदस्यता ले ली. इसके साथ ही आरजेडी अब बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हो गई है. 80 विधायकों के साथ राजद विधान सभा में मौजूद रहेगी तो उसका असर कार्यवाही पर भी दिखा.

बता दें कि बुधवार को सत्र के चौथे दिन बिना विपक्ष के ही सदन की कार्यवाही संचालित की गई. पहले हाफ में प्रश्नकाल में कई प्रश्नों के उत्तर हुए तो वहीं ध्यान कर्षण में भी सरकार ने सत्ताधारी दल के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया, क्योंकि विपक्ष सदन में मौजूद नहीं था. इसलिए उनके प्रश्न नहीं पूछे जा सके. लेकिन, दूसरे हाफ में सरकार ने सदन से प्रथम अनुपूरक बजट को पास करा लिया.


बिहार विधानसभा के  मानसून  सत्र के समापन पर आज राष्ट्रीय गीत के दौरान फिर से कंट्रोवर्सी पैदा हो गई. आरजेडी के ठाकुरगंज के विधायक सऊद आलम जब राष्ट्रीय गीत बज रहा था तो अपनी सीट पर बैठे हुए थे. आरजेडी विधायक सऊद आलम ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि हमारा मुल्क हिंदू राष्ट्र अभी नहीं हुआ है और हम राष्ट्रगान के समय ही खड़ा होते हैं, इसीलिए बैठे रह गए. इस पर बीजेपी विधायक संजय कुमार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो राष्ट्रगीत नहीं गाए वह देशद्रोही है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं आरजेडी विधायक के बचाव में आरजेडी के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि- विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई थी. राष्ट्रगान में तो किसी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं हुई लेकिन समापन राष्ट्रीय गीत से हुई, किसी को कोई खड़ा होने के लिए बाध्य नहीं कर सकता. हमारे देश का राष्ट्रगान जन गण मन है, इसको हम लोग मानते हैं.

विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.इस बीच बिहार विधानसभा में विजय सिन्हा के अध्यक्ष बनने के बाद इनके कार्यकाल में विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और समापन राष्ट्रगीत से होता है. आज जब  मानसून   सत्र के समापन से पहले राष्ट्रगीत गाया जा रहा था. ऐसे में राष्ट्रगीत के सम्मान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सदन में मौजूद तमाम विधायक खड़े थे. लेकिन आरजेडी के अल्पसंख्यक विधायक सऊद आलम अपनी सीट पर ही बैठे रहे. जिसको लेकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया.

आलोक कुमार 

बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा

 


*जिला पदाधिकारी-सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति,की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित

* सड़क सुरक्षा, शहर में जाम की समस्या,सड़क मरम्मती,बिहार मोटरगाड़ी नियमावली,2021 के तहत दुर्घटना दावा,घायलों की मदद ,यातायात नियमो के संबंध में जागरूकता आदि को लेकर हुई व्यापक चर्चा                                            

सीतामढ़ी.इस जिले के जिलाधिकारी -सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीतामढ़ी शहर में जाम की समस्या एवं निदान, यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना, यातायात नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करना, सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति से संबंधित आंकड़ों का संकलन एवं समेकित प्रतिवेदन तैयार करना, सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए उपाय एवं रणनीति तैयार करना, गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करना है एवं सूची उपलब्ध कराना एवं ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर  कार्रवाई करना से संबंधित अन्य एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की गई.

 जिला पदाधिकारी द्वारा परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा से संबंधित विषय, हेलमेट, सीटबेल्ट ओवरलोडिंग तथा सेफड्राइविंग को लेकर, वाहनों पर स्पीड गवर्नर प्रवर्तक टेप लगाने की कार्रवाई, प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध अभियान चलाकर जागरूकता फैलाएं.नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि सभी फुटपाथों, को अतिक्रमण से मुक्त कराएं, ठेला वेंडरों के लिए सड़क से दूरस्थान चयनित करें, पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट ट्रैफिक लाइट लगाना सुनिश्चित करें, बस स्टैंड को अतिक्रमण मुक्त रखें एवं साफ सफाई शुद्ध पेयजल तथा रोशनी की व्यवस्था की जाए.

व्यस्त एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन कराएं, शहर के मुख्य मार्गों में बने गड्ढों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, शहरी क्षेत्र अंतर्गत ऑटो ई-रिक्शा पार्किंग की व्यवस्था की जाए. सड़क अतिक्रमण मुक्त के लिए विशेष अभियान चलाया जाय. साथ ही,बिना निबंधित वाहन परिचालन, ओवरलोडिंग, निर्धारित रूट से इतर वाहन चलाने वाले के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ कराएं.

पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि यातायात संकेतक चिन्हों का प्रावधान सभी जगह सुनिश्चित करें, अधिकाधिक संख्या में जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण करें, सड़कों में तीव्र मोड़ पर रिफ्लेक्टर लगवाना सुनिश्चित करें, पुराने एनएच पर फुटपाथ का निर्माण करें, सड़क को मोटरेबल रखने के लिए नियमित रूप से साइट का विजिट करें. उन्होंने  जिले में दुर्घटना बाहुल्य वलनरेबल स्पॉट्स एवं संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुधार एवं यातायात पुलिस कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था आदि के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया ताकि जिले में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.

  उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग, ओवरस्पीड करने वाले वाहनों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए उनके चालान काटे जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके और और किसी के भी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन न किया जा सके. अवैध पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया.

 एनएचएआई द्वारा रुन्नीसैदपुर में फ्लाईओवर निर्माण संबंधी कार्रवाई पर भी चर्चा की गयी. ’शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा पर विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, सड़क किनारे के विद्यालयों के शिक्षकों एवं बच्चों के लिए यातायात मार्गदर्शिका को प्रचारित कर यातायात नियमों के बारे में जागरूकता फैलाया जाए. उन्होंने विद्यालय के पठन-पाठन में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन, पेंटिंग कंपटीशन, विचार गोष्ठी का आयोजन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी  को दिया.

विद्युत विभाग को जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया कि सीतामढ़ी शहर में रोड से विद्युत पोल के  स्थान्तरण की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, जर्जर विद्युत तार को हटाने की भी कार्रवाई की जाए.एवं एफसीआई प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया गया कि प्रखंड कार्यालय डूमरा अवस्थित निगम के गोदाम से संबंधित भारी वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. प्रतिबंधित अवधि के भारी वाहनों का शहर में परिचालन पर रोक लगाने की व्यवस्था करें.

 साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को जागरूक कर सड़क दुर्घटना की संभावना को काफी कम किया जा सकता है. जिलाधिकारी द्वारा यातायात नियमों के प्रति लोगों को नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया.  मोटर वाहन अधिनियम अंतर्गत जांच एवं कार्रवाई को सख्ती से लागू करने का भी  निर्देश दिया गया.

बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वालों को लोगो को गुड सेमेरिटन के रूप में उनका चयन करने एवं उनके लिए प्रोत्साहन राशि 5000 देयता के लिए कार्रवाई का निर्देश  दिया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया  की  दुर्घटनाग्रस्त को ससमय अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करें एवं सम्मानित करने के लिए ऐसे लोगों  की सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं. साथ ही उन्होंने स्कूली वाहनों की जांच, स्वास्थ्य विभाग -शिक्षा विभाग -पंचायती राज विभाग पुलिस एवं यातायात विभाग, पथ निर्माण विभाग ,नगर निगम ,एनएचएआई इत्यादि की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया एवं संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए.इसके पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर चलाये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी.

 उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सिविल सर्जन, नगर आयुक्त, मुमुक्षु चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी रवीन्द्र नाथ गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अविनाश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुबोध कुमार, डीएसपी मुख्यालय रामकृष्णा, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, डीपीओ रोचना माद्री, के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी बेलसंड,अनुमंडल पदाधिकारी पुपरी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष उपस्थित थे.


आलोक कुमार                          

बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया

 

* थरुहट क्षेत्र में कैंप लगाकर त्रुटियों का निराकरण करते हुए शत-प्रतिशत लाभुकों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश

बेतिया. पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा केसीसी पशुपालन कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन द्वारा बताया गया कि पशुपालन के लिए 5524 केसीसी आवेदन जनरेट हुआ है. जिसमें से विभिन्न बैंकों द्वारा 2104 एक्सेप्ट किया गया है तथा 516 का सेंक्शन किया गया है. बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया है तथा अन्य आवेदन सेंक्शन के लिए लंबित है.

जिलाधिकारी द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लिया गया और एलडीएम को निर्देश दिया गया कि रिजेक्ट किये गये आवेदनों की पुनः समीक्षा करायी जाय साथ ही सेंक्शन के लिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने निर्देश दिया कि थारू बहुल यथा-रामनगर, बगहा, गौनाहा आदि क्षेत्रों में कैम्प लगाकर ऐसे मामलों का निष्पादन कराया जाय ताकि थरूहट क्षेत्र के पशुपालक लाभान्वित हो सके और उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

जिलाधिकारी ने कहा कि केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए जिले में कार्यरत सभी बैंकों को कैंप लगाकर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन, डॉ0 उज्जवल कुमार आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

जून महीने में उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए


नालंदाः आज अपर मुख्य सचिव मघ निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग,बिहार पटना द्वारा नालंदा जिले में शराबबंदी की समीक्षा समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में किया गया.उन्होंने सबसे पहले उत्पाद कार्यालय में कार्यरत बलों तथा उनके द्वारा की गई कार्यों की समीक्षा की.

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जून महीने में अब तक उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए तथा कुल 502 लोगों की गिरफ्तारी की गई.जून माह में अब तक कुल 1836 लीटर देशी शराब तथा 123 लीटर विदेशी शराब जब्त किए गए.उत्पाद विभाग द्वारा इस माह में कुल 178 शराब पीने वालों तथा 23 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई तथा पुलिस द्वारा 87 शराब पीने वालों तथा 214 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई.

विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 01/04/2022 से दिनांक 27/06/2022 तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुल 703 लोगों को जेल भेजे गए.समीक्षा में जानकारी दी गई कि जून माह में अब तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा कुल 23 वाहनों की जब्ती की गई है.अपर मुख्य सचिव ने उत्पाद तथा पुलिस द्वारा दैनिक रेड तथा गिरफ्तारी की भी समीक्षा की.

बैठक में माहवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट की भी जानकारी ली गई.बताया गया कि उत्पाद कार्यालय द्वारा जून माह में अब तक कुल 1508 ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए जिसमें 189 पॉजिटिव पाए गए. इसी प्रकार पुलिस द्वारा जून माह में अब तक कुल 92 लोगों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की गई जिसमें सभी लोग पॉजिटिव पाए गए.कॉल सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि जून माह में अब तक 277 कॉल प्राप्त हुए जिस पर 31 लोगों की गिरफ्तारी की गई.पीने वालों की निशानदेही पर कुल 534 लोगों की गिरफ्तारी की गई तथा 134 व्यक्तियों को जेल भेजा गया.धारा 37 के तहत कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया है.

शराब से संबंधित मामलों में जून माह में 75 राज्य सात के मामले लंबित बताए गए जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.135 वाहनों के वैल्यूएशन कर उन्हें एमएसटीसी पोर्टल पर डाले गए हैं.वाहनों के निष्पादन तथा ट्रायल पर ध्यान देने की बात बताई गई.बैठक में पीने वालों की गिरफ्तारी  तथा पीने वालों के निशानदेही पर पिलाने वालों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान देने की बात कही गई.

उक्त समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा उत्पाद कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है

 

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था.महज 5 दिनों के बाद ही तेज रफ्तार बाइक के अचानक संतुलन बिगड़ जाने से तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिर पड़े.

जी हां, राजधानी पटना में हाल के दिनों में ही जेपी सेतु गंगा पथ का उद्घाटित हुआ  था. इस पुल पर तेज रफ्तार से सफर करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया. एक बाइक पर सवार तीन युवकों के बाइक का अचानक से संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिरे पड़े. इस घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची दीघा थाने की पुलिस ने घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है.


दीघा थाने की पुलिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के द्वारा सूचना देने पर तत्काल मौके पर पहुंच गये.जहां लोग घायलों का वीडियों बना रहे थे.किसी ने तीनों को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की.तीनों को उठाकर गाड़ी में बैठाकर और सुलाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उनके परिजन आ गये. परिजन के साथ पुनाईचक ले गये.वहीं पर उन लोगों का घर है. इस क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कर दिया गया.जहां पर तीनों की स्थिति गंभीर है.

पुनाईचक पटना की ओर से अटल पथ से होकर गंगा पथ पर दीघा की ओर से एक बाइक पर बैठकर तीन युवक तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक चला रहे एक युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते गंगा पथ की रेलिंग से टकराकर बाइक सवार तीनों युवक सीधे पुल के नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल तीनों युवकों की पहचान हो गई है. जिनका नाम विरेन्द्र कुमार जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, और इसके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं. वहीं दूसरे घायल युवक की पुष्टि अभिषेक कुमार के रूप में की गई है जो अभी नाबालिग है जो केवल 17 साल का है. तो तीसरे घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में की गई है.


इस बीच उद्घाटन के बाद से ही गंगा पथ पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण करने के लिए हाई क्वालिटी का स्पीड इंडिकेटर मशीन लगाया गया है. इसके बावजूद इस पुल पर बाइक लेकर आने वाले युवा तेज रफ्तार से अपने हाई स्पीड बाइक से फर्राटे भरते हैं. जिस कारण यहां हादसों की आशंका बनी रहती है. और कहीं ना कहीं ट्रैफिक पुलिस को इन तेज रफ्तार बाइक चालकों पर नियंत्रण करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है. इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इस पूरे मामले में कछुए की चाल चलने में लगी है.

मुंबई जुहू बीच के तर्ज पर पटना में बने जेपी गंगा पथ पर सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे बिहार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात रहेगी. हाल के दिनों में राजधानी में बने अटल पथ, राजा बाजार फ्लाईओवर और एम्स दीघा एलिवेटेड पुल पर एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होती रहती है. जिसका मुख्य कारण हाई स्पीड होता है. जिसको रोकथाम के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पटना पुलिस द्वारा गंगा पाथवे पर पुलिस की दो पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी.

 


बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जेपी गंगा पथ पर 24  घंटे पुलिस की दो पेट्रोलिंग गश्ती वाहन तैनात रहेगी. हर गाड़ी पर 4 सिपाही और एक दरोगा रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ-साथ गाड़ियों के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए स्पीड राडार गन भी लगाया जाएगा. ताकि, वाहनों की स्पीड को कंट्रोल किया जा सके और तेजी से वाहन चलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दंड दिया जा सके. जिससे एक्सीडेंट जैसे अनहोनी को टाला जा सके. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाना भी वहां मौजूद रहेगी.

गंगा पथ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर पुलिस अधिकारी पुल का जायजा लेंगे. दरअसल, गंगा पथ बनने के बाद पटना वासियों के लिए ये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गंगा पथ पर जाने की वजह से उत्तर बिहार से राजधानी पटना आने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. जिन्हें एम्स पीएमसीएच जाना होता है, उन्हें ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.


अब बिहार के लोग पटना में ही मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था. इसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. खुद सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं.

अब तो यहां पर लोगों के हुजूम को देखते हुए लोग दुकान सजाने लगे हैं.जो गंगा पथ को देखने सुबह और शाम आते हैं.यहां के जलपान का लुफ्त उठाने लगे हैं.


आलोक कुमार

बुधवार, 29 जून 2022

ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन

पटना. वयोवृद्ध ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन हो गया है.वे 81 वर्ष के थे. वे 10 अप्रैल को अंतिम बार जेस्विट साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाया था.    

 मालूम हो ‘येसु समाज‘ से 75 साल का सक्रिय जीवन से सेवानिवृत होने के बाद 2016 में ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ एक्सटीटीआई परिसर में स्थित जेवियर भवन में विश्राम करने आए थे. 

यहां पर जेवियर भवन में रहने वाले जेस्विटों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.बता दें कि प्रारंभ में जेस्विटों की सेवा में करने में ब्रदर फ्रांसिस जुड़े थे.मेल स्टाफ नर्स ब्रदर फ्रांसिस सेवा व अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में महारत हासिल कर लिये थे.अब ब्रदर फ्रांसिस के बदले में एक फादर के द्वारा सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं.  

बता दें कि ब्रदर न्जजंजपसस श्रवेमची का जन्म 10 अप्रैल 1941 को हुआ था.मात्र 23 साल की उम्र में 29 सितंबर 1964 को श्येसु समाज में प्रवेश किये .तब से येसु समाजी ब्रदर के रूप में कार्य किये.येसु समाजी का अंतिम व्रत 15 अगस्त 1977 में लिये.फार्म इंचार्ज और मिनिस्टर के पद पर रहकर येसु समाज के कार्यों में सहयोग दिये.

पास्कल लुइस का कहना है कि मुजफ्फरपुर में आशादीप बना है.वह ब्रदर की देखरेख में निर्माण हुआ.उसके बाद आशादीप में रहकर सभी लोगों को पढ़ाते थे.उन्होंने कहा कि मैं उनको 2012 से जानता हूं.उनका मैं शिष्य रहा और उनके साथ काम भी किया हूं.इस बीच ब्रदर ह्दय रोग के शिकार हो गये.जो मौत का कारण बन गया.

आलोक कुमार

टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित

 


नालंदा। मंगलवार को देर शाम जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने हरदेव भवन सभागार में आईसीडीएस की समीक्षा बैठक की।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 85250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से प्रथम त्रैमास के लिए 6820 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के प्रारंभ से अब तक इस योजना से संबंधित एक लाख एक हजार 496 फॉर्म अपलोड किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 39 हजार 110 लाभुकों का निबंधन  किया गया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 20 हजार 460 लाभुकों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित है।

विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के संदर्भ में बताया गया कि मई माह में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के स्तर से 432, महिला पर्यवेक्षिका द्वारा 2111 तथा परियोजना सहायक द्वारा 138 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में 359 सेविका को चेतावनी तथा 207 से स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभिन्न केंद्रों में पाई गई कमियों को लेकर ₹57415 आर्थिक दंड के रूप में वसूली की गई है।

जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण प्रतिमाह सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की पंजियों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका को आवश्यक प्रशिक्षण/दिशा निर्देश देने को कहा गया।


टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित तिथि को ही संबंधित कार्यालय में प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इस आशय का आदेश निर्गत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में वाउचर जमा करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मनरेगा के कन्वर्जंस से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का तत्काल निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। अन्य 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी

 


नालंदा। जमीनी स्तर की योजनाओं को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया संवाद।सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इस उद्देश्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के संदर्भ में विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों से किया संवाद तथा लिया फीडबैक.परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग,सामाजिक सुरक्षा,कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी जन प्रतिनिधियों को दी गई योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी।


त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्था के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संदर्भ में आज आरआईसीसी सभागार में संवाद किया गया।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनुभाई परमार द्वारा स्वयं जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया गया।

राजकीय नलकूप योजना के बारे में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 से सभी राजकीय नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई है। इसकी मोनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस संदर्भ में संवाद किया जा रहा है।                                  

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से विभाग की योजनाओं के बारे में फ़ीडबैक तथा सुझाव प्राप्त किया।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग,परिवहन विभाग,सामाजिक सुरक्षा, कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित सीधे तौर पर जनसरोकार/जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया।इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व के बारे में बताया गया तथा इनके लिए सहयोग की अपील की गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बिहार मोटरयान (संशोधित) नियमावली के तहत वाहन दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में निकटतम आश्रितों को देय मुआवजे तथा दुर्घटना में घायलों को देय मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।बताया गया कि मुआवजे की राशि के लिए मृतकों/ घायलों के निकटम  आश्रितों द्वारा परिवहन विभाग के वेबसाइट पर ष्रोड एक्सीडेंट कंपनसेशनष् पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। लोगों के बीच जानकारी के अभाव के कारण मुआवजे का आवेदन करने में अनावश्यक विलंब होता है।इसमें सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया।


ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों/योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया। 

 मनरेगा,  प्रधानमंत्री आवास

 योजना(ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। CFMS/PFMS/DBT  माध्यम से किसानों के बीच अनुदान वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी प्रखण्डों में ई-किसान भवन में किसानों के निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध सभी जनप्रतिनिधियों से किया गया।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। कबीर अंत्येष्टि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना,विभिन्न पेंशन योजना, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, मुख्यमंत्री निः शक्तजन विवाह योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना(संबल) आदि की पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों से इन सभी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिए सहयोग की अपील की गई।

सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं- मिशन परिवार विकास के तहत योग्य दम्पत्ति को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया गया। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रम के बारे में  भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था के बारे विशेष रूप से बताया गया तथा जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग की अपील की गई।



जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे बताया गया।बताया गया कि विभाग द्वारा जिला में 73 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 89 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर प्रस्ताव भेजने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई। सभी वार्डों में नए WIMC का गठन तथा नवगठित WIMC को प्रभार सौंपने के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया।नल जल योजना के उपभोक्ताओं से उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा इस आयोजन के उद्देश्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों/कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। 

इससे पूर्व आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव लघु जल संसाधन विभाग, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिलापार्षदगण, प्रमुखगण, मुखियागण, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

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