गठबंधन और सामाजिक समीकरणों की प्रयोगशाला रही है बिहार
बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव 2026: आगे क्या होगा ? बि हार की राजनीति हमेशा से बदलाव, गठबंधन और सामाजिक समीकरणों की प्रयोगशाला रही है। 2026 आते-आते यह राज्य एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहां से भविष्य की दिशा तय होने वाली है। सवाल सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं है, बल्कि यह भी है कि क्या बिहार अब स्थायी राजनीतिक स्थिरता की ओर बढ़ेगा या फिर एक बार फिर गठबंधन और समीकरणों की राजनीति ही हावी रहेगी। पिछले दो दशकों की राजनीति पर नजर डालें तो एक नाम लगातार केंद्र में रहा है—Nitish Kumar। उन्होंने अपनी राजनीतिक रणनीति, समय-समय पर गठबंधन बदलने की क्षमता और प्रशासनिक छवि के दम पर बिहार की राजनीति को कई बार नई दिशा दी है। कभी National Democratic Alliance के साथ तो कभी Mahagathbandhan के साथ उनकी सरकार बनी। इससे एक बात साफ हो जाती है—बिहार में राजनीति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है, बल्कि यह लगातार बदलते समीकरणों पर टिकी हुई है। अब 2026 के चुनाव की ओर बढ़ते हुए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनता का मूड क्या है। क्या लोग बार-बार के राजनीतिक प्रयोगों से थक चुके हैं और स्थिर सरकार चा...