4.38 एकड़ भूमि में यह धर्मशाला निर्माण होना है

 गया।  देश विदेश से हर वर्ष लाखों लाख की संख्या में गया जिला आने वाले तीर्थ यात्रियों को ठहरने रुकने एवं आवासन के क्षेत्र में और बेहतर व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गया कोरला हॉस्पिटल ( आई डी एच हॉस्पिटल) में 1180 बेड की क्षमता वाले 4 मंजिला गया जी धाम धर्मशाला भवन बनना प्रस्तावित है। यह धर्मशाला निर्माण कार्य पुल निर्माण निगम विभाग द्वारा करवाया जाएगा। जल्द ही धर्मशाला निर्माण के लिए शिलान्यास करवाया जाएगा।

              उक्त परिपेक्ष में आज जिला पदाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया। बताया गया कि 4.38 एकड़ भूमि में यह धर्मशाला निर्माण होना है।  उन्होंने नगर आयुक्त तथा कार्यपालक अभियंता पुल निर्माण निगम को निर्देश दिया कि विभिन्न जगहों से नाले का पानी का निकास इस रास्ते से होता है, उसका विस्तृत नाला निकासी का डायग्राम तैयार करे, ताकि जलजमाव भी न रहे। उन्होंने नगर निगम के सफाई प्रभारी को निर्देश दिया अस्पताल में यत्र तत्र कूड़ा कचरा को साफ करवाये तथा समतल करवाये। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी सदर को निर्देश दिया कि अस्पताल के इन-डोर एवं बाहरी परिसर में खटाल को हटवाए। अंचल अधिकारी अच्छे तरीके से जमीन का सर्वे करें यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे तुरंत नापी कराकर अतिक्रमण हटाए। उन्होंने कार्यपालक अभियंता आईसीडी को निर्देश दिया कि अस्पताल के आने वाले रास्तों को मोटरेबल बना दें। डीएम ने पूरे परिसर का घूम कर जायजा लिया, सभी एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट्स को घूम कर देखा।

              उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पूर्व के बने क्वार्टर को तेजी से नोटिस निर्गत करते हुए खाली करवाए ताकि उसे डिमोलिश कराया जा सके। अस्पताल परिसर में बने सभी पुराने स्ट्रक्चर को डिमोलिश कर पूरा समतल बनाया जाएगा।

              निरीक्षण में बताया गया कि चार मंजिला 1100 बेड वाला धर्मशाला निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें 212 DORMITORIES में 984 बेड रहेंगे। इसके अलावा 48 कमरे में 96 बेड रहेंगे।

              बताया गया कि ग्राउंड फ्लोर पर 128 बेड रहेंगे। इसके अलावा फर्स्ट फ्लोर, सेकंड फ्लोर एवं थर्ड फ्लोर पर 238 की संख्या में बेड रहेंगे। सभी फ्लोर में महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग पर्याप्त संख्या में टॉयलेट, स्नानागार रहेगा। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर से फोर्थ फ्लोर तक जाने हेतु 10 पैसेंजर के क्षमता वाला लिफ्ट भी रहेगा तथा सीढ़ी का भी निर्माण करवाया जाएगा। इन सबों के अलावा 250 से ऊपर की संख्या में छोटे-बड़े वाहन का पार्किंग भी बनाया जाएगा। सभी फ्लोर में किचन एवं डाइनिंग हॉल भी रहेगा।

               इन सबों के अलावा गया जी धाम धर्मशाला पहुंचने एवं धर्मशाला से मंदिर जाने इत्यादि के लिए इंटरनल रोड का भी निर्माण करवाया जाएगा। पूर्व के जो भी रास्ते हैं उसे समतल एवं जहां चौड़ीकरण की आवश्यकता पड़ेगी वहां पर करवाया जाएगा।

               इसके अलावा जिला पदाधिकारी ने विष्णुपद देवघाट का निरीक्षण किया। उन्होंने पुनः पंडा समाज के पुरोहितो से अपील किया है कि यह गया जी डैम आप सभी गया वासियो का है। डैम के पानी को निर्मल बनाये रखे। पिंड सामग्रियों को डैम में प्रवाहित न करे, जिससे डैम का पानी दुसित हो। पिंड सामग्री को डालने के लिये घाट पर अलग से बड़े आकार का पीट का निर्माण करवाया गया है, जहां यात्री पिंड सामग्री को वहां प्रवाहित कर सकते हैं। पिंड सामग्री को सुरक्षित गौ माता को खिलाया जाएगा।

               घाट पर साफ सफाई, चेंजिंग रूम, टॉयलेट, पियाऊ इत्यादि को तेजी से मरम्मत करवाना सुनिश्चित करें।

               इस अवसर पर नगर आयुक्त गया नगर निगम, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, सिविल सर्जन, वरीय उप समाहर्ता अभिषेक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक नगर, कार्यपालक अभियंता पुल निर्माण निगम /पथ निर्माण विभाग, अंचल अधिकारी नगर, डीपीएम स्वास्थ्य सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



आलोक कुमार

संत माग्देलीन संघ

 शाहपुर.विश्व भर में संत मोनिका दिवस मनाया जा रहा है.एक परिवार से दो ‘संत‘ यह अजूबा है.एक परिवार से दो ‘बिशप‘,एक परिवार से दो ‘पुरोहित‘, एक परिवार से दो ‘सिस्टर‘ बने हैं.मालूम हो कि संत अगस्टीन की माँ संत मोनिका है. उसने जीवन की कठिन परिस्थिति में, ईश्वर की इच्छा को स्वीकार करना, सीखने के द्वारा, विश्वास को बनाये रखा. उसकी ताकत प्रार्थना थी.  संत मोनिका के पर्व दिवस पर एक ट्वीट प्रेषित किया गया है.सभी माताओं को संत मोनिका का अनुकरण करने के  लिए प्रोत्साहन दिया.मां मोनिका का 27 अगस्त को और पुत्र संत अगस्टीन का 28 अगस्त को पर्व है.

   संत मोनिका का पर्व मनाने में बक्सर धर्मप्रांत की शाहपुर पल्ली पीछे नहीं रहा.इन दिनों शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा है.उनके नेतृत्व आज संत मोनिका दिवस मनाया.                                                                     

   वास्तव में संत मोनिका निश्चय ही एक दृढ़ महिला थी, वह अपने आचरण से मजबूत थी. वह एक ऐसी महिला थी जो एक पत्नी एवं माता के रूप में समाज में अपनी भूमिका से पूरी तरह वाकिफ थी. वह दृढ़ निश्चयी थी, जीवन दे सकती थी, अपने आस-पास के लोगों को अधिक मानवीय बना सकती थी. उसने इस कार्य को अपने पति एवं बच्चों के द्वारा दिखलाया जो उनके व्यवहार एवं ख्रीस्तीय जीवन में परिलक्षित हुआ.न केवल उसके बेटे अगस्टीन का मन-परिवर्तन हुआ किन्तु उसके दो अन्य बेटों के जीवन में भी परिवर्तन हुआ.

          मोनिका निश्चय ही एक सफल महिला की आदर्श हैं किन्तु उसने भी कई बार गलती की. उसने ईश्वर की इच्छा और योजना पर अधिक ध्यान न देकर अपनी इच्छा अनुसार अपने बेटे अगस्टीन का मन-परिवर्तन चाहा था, पर ईश्वर ने धीरे-धीरे उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें एक आदर्श माँ बनने एवं ईश्वर के समय का सम्मान करना सिखलाया.

शाहपुर पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य उत्सवकर्ता थे. अपने भाषण में उन्होंने संत मोनिका के बारे में बात की.वह जीवन भर ईश्वर के प्रति वफादार रही.जश्न में करीब 300 लोग मौजूद थे.

संत माग्देलीन संघ

इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा ने कहा कि शाहपुर चर्च में संत मोनिका का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया गया, इसमें महिलाओं की उपस्थिति तथा भागीदारी सराहनीय थी. मिस्सा के तुरन्त बाद महिलाओं की बैठक हुई, जिसमें सभी महिलाओं की सहमति से संत माग्देलीन संघ की पूनम हेनरी गंज को अध्यक्ष तथा उर्मिला रूद्रनगर को सचिव नियुक्त किया गया.मौके पर चुनाव के समय पल्ली पुरोहित उपस्थित रहे.

उन्होंने कहा कि संत माग्देलीन संघ की अध्यक्ष और सचिव पल्ली में समूह का नेतृत्व करेंगे. वे पल्ली में महिलाओं को प्रेरित और प्रोत्साहित करेंगे.इनका कार्यकाल पांच साल का होगा. 


आलोक कुमार


 

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...