वन अधिकार नहीं मिला, तो आदिवासी करेंगे बड़ा आंदोलन
* पंच ज’’ - जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर - के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका पर सम्मेलन संपन्न * वन अधिकार नहीं मिला, तो आदिवासी करेंगे बड़ा आंदोलन *आज भी वन अधिकार से वंचित हैं मध्यप्रदेश के आदिवासी *अंग्रेजों के बनाए कानूनों से प्रताड़ित हैं आदिवासी भोपाल. एकता परिषद सहित विभिन्न जनसंगठनों ने आज भोपाल में ‘‘पंच ज’’ (जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर) के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका विषय को लेकर प्रदेश भर के आदिवासियों के साथ सम्मेलन आयोजित किया. सम्मेलन में 22 जिलों से आए आदिवासी समुदाय के मुखियाओं ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को साझा किया. उन्होंने बताया कि आज भी वन विभाग द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. उनके खेतों में लगी फसलों को उजाड़ा जा रहा है.उनके वन अधिकार के दावों को बिना बताए निरस्त किया जा रहा है. आदिवासी समुदाय को न तो जंगल से आजीविका मिल रही है और न ही उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है. सम्मेलन में एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार ने कहा कि संगठन की ताकत से हमने कई कानूनों में बदलाव के लिए सरकार को झुकाया है.हमें फिर अपनी ताकत को पहचान कर एकजुटता के साथ आंदोल...