आज से ईसाई समुदाय का दुख भोग शुरू

 आज राख बुध

 पटना. आज राख बुध है.आज से ईसाई समुदाय का दुख भोग शुरू हो गया है.प्रेरितों की रानी ईश मंदिर,कुर्जी में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे.आज सुबह साढ़े छह बजे प्रथम मिस्सा और आठ बजे द्वितीय मिस्सा अर्पित किया गया.दोनों मिस्सा के दौरान भक्तों के माथे पर पुरोहित ने राख से क्रूस का चिंह बनाया,यह एहसास दिलाया कि आप मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओंगे.इसके आलोक में प्रभु येसु ख्रीस्त के हमराही बन जाए.

   इन दोनों मिस्सा में भाग लेने वाले भक्तों के लिए क्रूस का रास्ता साढ़े तीन बजे से किया गया.उसके बाद फिर पांच बजे से क्रूस रास्ता किया गया.इसमें शामिल होने वाले को भी पुरोहित ने माथे पर राख से क्रूस से चिंह बनायी.इसके बाद पवित्र मिस्सा शुरू हुआ.मिस्सा का नेतृत्व फादर दिनेश टोप्पो ने किया.उनके नेतृत्व में फादर लौरेंस पास्कल,फादर मथियस जोशी आदि पुरोहित शामिल थे.

    बताया जाता है कि विश्वासियो के माथे पर राख लगाई जाती है.ख्रीस्तियों और कैथोलिक कलीसिया के लिए आज का दिन यानी राख बुधवार बड़ा महत्व का दिन होता है.कैथोलिक कलीसिया के पूजन विधि कलेंडर के अनुसार आज से उनके चालीसा की शुरूआत हो जाएगी. यह दिन पुण्य काल का द्वार है. जहां हर विश्वासी, अगले चालीस दिनों में विशेष प्रार्थना, त्याग, तपस्या, पुण्य का काम और खुद के जीवन का मूल्यांकन करते हुए यीशु ख्रीस्त के प्यार, बलिदान, दुख भोग, मरण के रहस्यों को समझ कर ईस्टर की तैयारी करते है.

  आगे बताया गया कि माथे पर लगाए जाने वाले राख का निर्माण बीते वर्ष आशीष की गई खजूर के पत्तों से तैयार किया जाता है.मालूम हो कि प्रतिवर्ष खजूर की डालियों को आशीष, पास्का पर्व के ठीक एक सप्ताह पहले रविवार के दिन किया जाता है. जरूरत के अनुसार राख की आशीष और उसका वितरण बिना मिस्सा के भी किया जा सकता है.राख, ख्रीस्त विश्वासियों के आंतरिक पश्चाताप का बाहरी चिन्ह है. शरीर का निर्माण मिट्टी से हुआ और एक दिन यह पुनः मिट्टी में मिल जाएगा.इस राख को धारण कर ईसाई यह प्रण लेते हैं कि उपवास, प्रार्थना, पुण्य का काम और दान-धर्म के द्वारा यीशु ख्रीस्त के शिक्षा का पालन करेंगे और उसके अनुसार अपना जीवन बिताएंगे.

    इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल, बिहार,पटना के महासचिव  एस.के. लॉरेन्स के नेतृत्व में चैदहवीं बार प्रभु येसु के दुखभोग (प्राण दण्ड की आज्ञा होने के उपरांत सूली पर चढ़ाये जाने तक की प्रभु येसु की कष्ट मय यात्रा ) से संबंधित ‘मुसीबत‘ नामक भक्तिमय गीत तथा प्रार्थना का धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ.आज सर्व प्रथम यह भक्तिमय कार्यक्रम स्वर्गीय रिचर्ड अब्राहम के निवास स्थान चश्मा सेंटर गली, कुर्जी में संपन्न हुआ।जिसमें काफी संख्या में भक्त जन शामिल हुए.इस विशेष गीत को गाने वाले मुख्य रूप से एस .के लॉरेन्स के साथ-साथ क्लारेंस हेनरी, सुजित ओस्ता,प्रदीप केरोबिन, प्रकाश अब्राहम,अलका पौल,रीता अगस्टीन, संध्या ओस्ता,सिरिल मरांडी,कमल डेविड,रोड्रिक पीटर,प्रवीण साह तथा स्वर्गीय रिचर्ड अब्राहम के परिवार के सदस्यों के अलावा काफी संख्या में भक्त जन शामिल हुए। यह भक्तिमय ‘मुसीबत‘ नामक कार्यक्रम ईसाई बहुल इलाकों तथा चर्चों में गुडफ्रायडे के दिन तक प्रत्येक बुधवार तथा शुक्रवार को कराया जाएगा.            


आलोक कुमार

अब लखनऊ धर्मप्रांत के फादर डोमनिक पिंटो को गिरफ्तार कर लिया

धर्मांतरण के नाम पर इलाहाबाद धर्मप्रांत के फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू  गिरफ्तार


लखनऊ. क्रिसमस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी ने ईसाई धार्मिक नेताओं को घर पर बुलाकर क्रिसमस की शुभकामनाएं और बधाई दी थी. इस अवसर पर ईसाई धार्मिक नेताओं ने ईसाई समुदाय की समस्याओं को प्रधानमंत्री के समक्ष नहीं उठाने से ईसाई धार्मिक नेताओं के बीच मनमुटाव और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया.

   उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर चुनिंदा चर्च के प्रमुखों को क्रिसमस पर्व के अवसर पर 25 दिसंबर, 2023 को निमंत्रण दिया था.इसमें भाग लेने वालों में मुंबई के आर्चबिशप सह कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस, दिल्ली  के आर्चबिशप अनिल जोसेफ थॉमस कूटो आदि प्रमुख थे.मौके पर देश और कलीसिया की समस्याओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष नहीं रखने पर जेसुइट्स के दो पुरोहितों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया था.इसका आईएमएस के दो पुरोहितों ने जमकर विरोध किया है.

      प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी को लेकर पुरोहितों के बीच द्वंद जारी है.फादर सेड्रिक प्रकाश, फादर प्रकाश लुइस, दोनों जेसुइट्स और जॉन दयाल द्वारा लिखे गए एक नोट का समर्थन करने वाले लगभग 3,000 ईसाइयों से पहले ,  प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के साथ ईसाई नेताओं की बैठक के एक वर्ग की निंदा करते हुए, समुदाय के प्रतिनिधियों को समर्थन न करने के लिए मनाने का प्रयास किया गया था. प्रधान मंत्री मोदी के चुनिंदा चर्च प्रमुखों को क्रिसमस निमंत्रण (25 दिसंबर, 2023) के बाद भारतीय कैथोलिक पादरियों के बीच विवेक और शक्तिशाली शब्दों का युद्ध छिड़ गया है, जिन्होंने तब नेता की घोर प्रशंसा में झुकते हुए वीडियो प्रसारित किए थे. एक सार्वजनिक अभियान ‘नॉट इन अवर नेम‘ को कुछ पुजारियों द्वारा कम करने की मांग की गई, जिसके परिणामस्वरूप वाराणसी में फादर आनंद का एक शक्तिशाली खुला पत्र आया.


चुनिंदा चर्च प्रमुखों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और श्रद्धांजलि अर्पित करने का वीडियो, पृष्ठभूमि गायन संगीत और उच्च प्रशंसा, उभरी हुई, भौहें, चिंता और तीखी आलोचना के शब्दों के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के कुछ दिनों बाद दौर. तत्काल तीन प्रमुख ईसाई आवाजों, फादर सेड्रिक प्रकाश, फादर प्रकाश लुइस, दोनों जेसुइट्स और जॉन दयाल ने एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जो एक सप्ताह तक चला और 3 जनवरी, 2024 को इसके समापन पर 3,100 हस्ताक्षर प्राप्त हुए.संक्षिप्त नोट में संघ की घोर विफलता को रेखांकित किया गया मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी नागरिकों, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों के जीवन की रक्षा करनी, चाहे वह मणिपुर में हो या देश के बाकी हिस्सों में.


इस बीच धर्मांतरण  के नाम पर इलाहाबाद धर्मप्रांत के फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू और अब लखनऊ धर्मप्रांत के फादर डोमनिक पिंटो को गिरफ्तार कर लिया गया. फादर पिंटो लखनऊ धर्मप्रांत के देहाती केंद्र नविनथा के निदेशक हैं, जिसका उपयोग प्रोटेस्टेंट पादरी और लगभग 100 ख्रीस्त भक्त (मसीह के अनुयायी) अपनी नियमित प्रार्थना सभा के लिए करते थे.कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि डायोसेसन पैस्टोरल केंद्र नविनथा में एक सामूहिक धर्म परिवर्तन सभा आयोजित की गई थी.

     लखनऊ धर्मप्रांत के चांसलर और प्रवक्ता फादर डोनाल्ड डिसूजा ने कहा, ‘आरोप में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है‘.राजधानी लखनऊ कैथोलिक धर्मप्रांत  , अपने रेंडुवा पल्हारी (देवा रोड) बाराबंकी जिले में स्थित पैस्टोरल केंद्र, नवीनता, के निर्देशक श्रद्धेय फादर डोमिनिक पिंटो की गिरफ्तारी और कारावास के संबंध में उन सभी तथ्यों पर स्पष्टीकरण देना चाहता है जिनकी व्याख्या हाल ही में प्रकाशित की गई हैं. लखनऊ धर्मप्रांत पुनः अपनी बात दोहराता है कि फादर डोमिनिक की गिरफ्तारी और कारावास, गलत सूचना और वास्तविकताओं की सरल विकृति के कारण हुई है, इसमें एक निर्दोष व्यक्ति को आरोपी करार देकर जेल में डाल दिया गया है। फादर डोमिनिक पिंटो, नवीनता पैस्टोरल   केंद्र के निदेशक  हैं,जहां स्थानीय, क्षेत्रीय और राज्य के कई व्यक्ति या समूह आते हैं और विभिन्न सेमिनार, अध्ययन सत्र या बैठकें आयोजित करते हैं.

   नवीनता पैस्टोरल केंद्र, जिसमें सभी सुविधाओं के साथ-साथ सेमिनार के लिए पर्याप्त स्थान उपस्थित है, विभिन्न समूहों के अनुरोध पर उन्हें प्रदान किया जाता है.इस केस में भी लोगों के एक समूह ने अपने पास्टर के साथ, 5 फरवरी 2024 को एक सेमिनार का आयोजन करने के लिए हमसे नवीनता की सुविधा उपयोग करने का अनुरोध किया और हमने उन्हें अपना केंद्र प्रदान किया. हालाँकि बैठक के बारे में पूरे क्षेत्र में झूठी सूचना फैल गई और कुछ कट्टरपंथी धार्मिक गुटों ने, अपने लीडरों के नेतृत्व में, परिसर में धावा बोल दिया और केंद्र पर हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का आरोप लगाया, यह आरोप पूरी तरह से गलत था.

    इस केंद्र के निदेशक  के रूप में फादर  डोमनिक पिंटो, इस बैठक के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि वे केवल उन सदस्यों को भोजन और रहने की सुविधा प्रदान कर रहे थे, जो बैठक में भाग लेने के लिए बाहरी शहरों से आए थे, जैसा कि पिछले वर्षों में सामान्य रूप से होता आया है. लेकिन दुख की बात है कि फादर डोमनिक पिंटो पर स्वयं बैठक आयोजित करने का आरोप लगाया गया और उन पर बैठक के लिए एकत्र हुए लोगों के धर्म परिवर्तन का भी आरोप लगाया गया. हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह तथ्यों की पूरी तरह से गलत व्याख्या है और तथ्यों का पूर्ण रूप से मिथ्याकरण है.

    हम यह घोषणा करते हैं कि फादर डोमनिक पिंटो किसी भी तरह से लोगों को बैठक के लिए बुलाने या उसके संचालन में शामिल नहीं थे, बल्कि समूह के सदस्यों के रहने और खाने की आवश्यकताओं और बाहरी व्यवस्था के लिए केवल, वे निदेशक  के रूप में, जिम्मेदार थे. किसी भी समय किसी भी प्रकार के धर्मांतरण के लिए इस केंद्र का उपयोग नहीं किया गया है और न किया जाएगा. हम अनुरोध करते हैं कि शिकायत पत्र से धर्मांतरण और अन्य सभी झूठे आरोपों को वापस लिया जाए और उन लोगों द्वारा संबंधित अदालत के समक्ष सच्चाई बताई जाए जिन्होंने फादर पर गलत और झूठे तथ्यों का आरोप लगाया है. सत्य और न्याय का शासन कायम रहे और निर्दोष व्यक्तियों पर झूठा आरोप न लगाया जाए, जिसके परिणामस्वरूप फादर डोमनिक पिंटो और अन्य लोगों के मन और आत्मा को गंभीर पीड़ा का सामना करना पड़े.

आलोक कुमार

दूसरे कार्यकाल के लिए आज डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने अपना नामांकन भरा

 

अपने घर से करीब 500 गाड़ियों के काफिला के साथ डा0 सिंह विधान सभा पहुंचे


पटना। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने राज्यसभा के अपने दूसरे कार्यकाल के लिए आज अपना नामांकन भरा। आज सुबह नामांकन पत्र भरने के लिए अपने घर से करीब 500 गाड़ियों के काफिला के साथ डा0 सिंह विधान सभा पहुंचे और अपने नामांकन की प्रक्रिया पूरी की। नामांकन दो सेट में भरा गया। नामांकन भरने से पूर्व डा0 सिंह विधान सभा स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की।  

   आज ही सुबह अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा की उम्मीदवारी के लिए श्रीमती सोनिया गाँधी और अभिषेक मनु सिंघवी के नाम के साथ डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम की घोषणा की। नामांकन के अवसर पर महागठबंधन की ओर से सी0पी0आई0एम0एल0 के विधायक दल के नेता महबूब आलम एवं राजद की ओर से पूर्व विधायक भोला प्रसाद यादव ने उपस्थिति दर्ज करायी। 

     वहीं पर कांग्रेस आलाकमान की ओर से कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य तारिक अनवर एवं बिहार प्रभारी सचिव अजय कपूर खास रूप से मौजूद रहे। नामांकन भरने के बाद डा0 सिंह पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंचे जहां उनके मनोनयन पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच मिठाइयां बांटी गयी। प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस अवसर पर डा0 सिंह के साथ उपस्थित रहा, जिसमें शामिल हैं-कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, कौकब कादरी,  कृपानाथ पाठक, विजय शंकर दूबे, अजित शर्मा, बिजेन्द्र चैधरी, अजय कुमार सिंह, नीतू सिंह, मुन्ना तिवारी, नरेन्द्र कुमार, आकाश कुमार सिंह, बंटी चैधरी, मुन्ना शाही, राजेश राठौड़, आई0पी0 गुप्ता, हरखु झा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, संजय पाण्डेय, मनोज कुमार सिंह, कपिलदेव यादव, राजकुमार राजन, डा0 विनोद शर्मा,  नागेन्द्र विकल, शशि भूषण पाण्डेय, राजनन्दन कुमार, यशवंत चमन,  मिन्नत रहमानी, अरविन्द ठाकुर,  आनंद माधव, संजय यादव, अमरेश कुमार, मंटन सिंह, नलिनी रंजन झा, रीता सिंह, सुधा मिश्रा, कुन्दन गुप्ता, इं. संजीव, धर्मवीर शुक्ला, पप्पू सिंह, अलोक हर्ष, नवनीत जयपुरयार, उदय शंकर पटेल, अखिलेश्वर सिंह, कमल देव नारायण शुक्ल,  सुदय शर्मा, दिलीप सिंह, दीपू सिन्हा, मनोज मिश्र, विजय कृष्ण झा।  

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डा०अखिलेश प्रसाद सिंह जी को राज्य सभा चुनाव में बिहार से प्रत्याशी घोषित किए जाने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का आभार तथा माननीय डा० अखिलेश प्रसाद सिंह जी को उनकी सुनिश्चित जीत की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग  के उपाध्यक्ष सेसिल साह दी है।

आलोक कुमार

एनडीए के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों को सुशील मोदी ने दी जीत की अग्रिम बधाई


 विधानसभा से उच्च सदन तक, चारों सदनों का सदस्य बनाने पर जताया पार्टी का आभार

15 साल विधायक, 13 साल नेता प्रतिपक्ष और 10 साल उपमुख्यमंत्री रहे

33 साल के संसदीय जीवन में उठाये जनता से जुड़े अनेक मुद्दे, कभी नहीं तोड़ी मर्यादा

पटना। बिहार भाजपा के सबसे कद्दावर नेता माने जाने वाले सुशील कुमार मोदी की एक जमाने में तूती बोलती थी , लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि सुशील कुमार मोदी को अभी तक ना तो सरकार में जगह मिली और ना ही राज्यसभा भेजा गया।  पिछली बार भी जब एनडीए की सरकार बनी थी उसे वक्त एवं उम्मीद की जा रही थी कि सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा लेकिन उसमें भी उन्हें जगह नहीं मिली थी बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया लेकिन अब राज्यसभा से भी उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। बिहार से राज्यसभा की तीन सीटों पर एनडीए प्रत्याशी डॉ. भीम सिंह, धर्मशिला गुप्ता और संजय झा के नामांकन के समय उपस्थित पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तीनों प्रत्याशियों को जीत की अग्रिम बधाई दी।

श्री सुशील मोदी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल पूरा होने पर भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश में उनके जैसे कम ही कार्यकर्ता होंगे, जिन्हें 33 साल के सार्वजनिक जीवन में राज्यसभा, लोकसभा, विधान परिषद और विधान सभा सहित सभी चार सदनों का सदस्य रहने का सौभाग्य मिला हो।

उन्होंने कहा कि चंद्रवंशी समाज के डा. भीम सिंह और तेली समाज की श्रीमती धर्मशीला गुप्ता को राज्यसभा भेजने का निर्णय अतिपिछड़ा और महिला को सम्मान देने की भाजपा की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

श्री मोदी 10 साल बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रहे। वित्त मंत्री रहते उन्हें राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्राधिकृत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।

श्री सुशील मोदी लालू-राज के कठिन दौर में 8 साल तक विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। उस समय सत्तारूढ़ दल के लोग विपक्ष को बोलने नहीं देते थे और सदन के भीतर हाथ से कागज तक छीन लेते थे। उन्होंने 5 साल तक विधान परिषद में भी नेता-प्रतिपक्ष का दायित्व निभाया।

जेपी आंदोलन में सक्रियता और आपातकाल में 19 महीने की जेल काटने के बाद सुशील मोदी जब मुख्यधारा की राजनीति में आए, तब लगातार 15 साल विधायक और 9 साल विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने लोकसभा में भागलपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। राज्य सभा सदस्य बनने पर वे सदन की विधि एवं न्याय समिति के अध्यक्ष रहे।

श्री मोदी ने अपने लंबे संसदीय जीवन में जनता से जुड़े अनेक मुद्दे उठाये, लेकिन कभी सदन की गरिमा के विपरीत आचरण नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे अंतिम क्षण तक अपनी पार्टी के माध्यम से समाजिक जीवन में योगदान करते रहेंगे।

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...