विधानसभा से उच्च सदन तक, चारों सदनों का सदस्य बनाने पर जताया पार्टी का आभार
15 साल विधायक, 13 साल नेता प्रतिपक्ष और 10 साल उपमुख्यमंत्री रहे
33 साल के संसदीय जीवन में उठाये जनता से जुड़े अनेक मुद्दे, कभी नहीं तोड़ी मर्यादा
पटना। बिहार भाजपा के सबसे कद्दावर नेता माने जाने वाले सुशील कुमार मोदी की एक जमाने में तूती बोलती थी , लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि सुशील कुमार मोदी को अभी तक ना तो सरकार में जगह मिली और ना ही राज्यसभा भेजा गया। पिछली बार भी जब एनडीए की सरकार बनी थी उसे वक्त एवं उम्मीद की जा रही थी कि सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा लेकिन उसमें भी उन्हें जगह नहीं मिली थी बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया लेकिन अब राज्यसभा से भी उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। बिहार से राज्यसभा की तीन सीटों पर एनडीए प्रत्याशी डॉ. भीम सिंह, धर्मशिला गुप्ता और संजय झा के नामांकन के समय उपस्थित पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तीनों प्रत्याशियों को जीत की अग्रिम बधाई दी।
श्री सुशील मोदी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल पूरा होने पर भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश में उनके जैसे कम ही कार्यकर्ता होंगे, जिन्हें 33 साल के सार्वजनिक जीवन में राज्यसभा, लोकसभा, विधान परिषद और विधान सभा सहित सभी चार सदनों का सदस्य रहने का सौभाग्य मिला हो।
उन्होंने कहा कि चंद्रवंशी समाज के डा. भीम सिंह और तेली समाज की श्रीमती धर्मशीला गुप्ता को राज्यसभा भेजने का निर्णय अतिपिछड़ा और महिला को सम्मान देने की भाजपा की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
श्री मोदी 10 साल बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रहे। वित्त मंत्री रहते उन्हें राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्राधिकृत समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
श्री सुशील मोदी लालू-राज के कठिन दौर में 8 साल तक विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। उस समय सत्तारूढ़ दल के लोग विपक्ष को बोलने नहीं देते थे और सदन के भीतर हाथ से कागज तक छीन लेते थे। उन्होंने 5 साल तक विधान परिषद में भी नेता-प्रतिपक्ष का दायित्व निभाया।
जेपी आंदोलन में सक्रियता और आपातकाल में 19 महीने की जेल काटने के बाद सुशील मोदी जब मुख्यधारा की राजनीति में आए, तब लगातार 15 साल विधायक और 9 साल विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने लोकसभा में भागलपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। राज्य सभा सदस्य बनने पर वे सदन की विधि एवं न्याय समिति के अध्यक्ष रहे।
श्री मोदी ने अपने लंबे संसदीय जीवन में जनता से जुड़े अनेक मुद्दे उठाये, लेकिन कभी सदन की गरिमा के विपरीत आचरण नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे अंतिम क्षण तक अपनी पार्टी के माध्यम से समाजिक जीवन में योगदान करते रहेंगे।
आलोक कुमार

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