जीर्वित में मिले ही और मौत के बाद भी मिल गए

Jirvit the meeting itself and the death of the latter also found that
पटना। आज धर्मपरायण महिला सिसिलिया पीटर (82 साल ) को अंतिम विदाई दे दी गयी। इसके पूर्व कुर्जी पल्ली के उप प्रधान पुरोहित फादर सुशील साह , फादर अरूण अब्राहम और फादर फिलिप के द्वारा मिस्सा किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों की संख्या में मृतका के परिवार और उनके रिस्तेदार मौजूद दें। दीघा थानान्तर्गत बांसकोठी क्रिश्चियन कॉलोनी से शव यात्रा कर प्रेरितों की रानी ईश मंदिर में पहुंचे थे। इस बीच फादर अरूण अब्राहम और फादर फिलिप ने मिस्सा में भाग लेने वालों के बीच में पवित्र परमप्रसाद वितरण किए।
अपने संभाषण में कुर्जी पल्ली के उप प्रधान पुरोहित फादर सुशील साह ने कहा कि सिसिलिया पीटर ने नवज्योति निकेतन में सेवा कार्य की। यहां से अवकाश ग्रहण करने के बाद धार्मिक कार्य में लगाया। इस संसार के जंजाल से मुक्त होकर प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में चली गयी हैं। वहां तो संसार में जन्म लेने वाले इंसान को जाना ही है। जो विधि के अनुसार सिलसिला चलता ही रहेगा।
पवित्र मिस्सा समाप्त होने के बाद फादर सुशील साह ने पवित्र जल के छिड़काव शव पर किया। इसके बाद शव को उठाकर कुर्जी कब्रिस्तान में लिया गया। फादर फिलिप ने प्रार्थना की। शव को कपड़े से मुंह ढक दिया गया। बॉक्स को कब्र में उतारा गया। बॉक्स को कब्र में उतारने के बाद सबसे पहले पुरोहितों ने मिट्टी डालना शुरू कर दिए। इसके बाद उपस्थित लोगों ने भी मिट्टी डालने लगे। तो इस ईसाई धर्मरीति के अनुसार सिसिलिया पीटर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत को गले लगाने के बाद कब्र में ससुर , सास , देवर , पति और पुत्र मिल गए। सभी को एक ही कब्र में दफनाया गया है। इसके पूर्व इस कब्र में 6 लोगों को दफनाया गया है। इनको दफनाने के साथ 7 संख्या हो गयी। जीर्वित में मिले ही और मौत के बाद भी मिल गए।
Alok Kumar


मुसहर समुदाय को अनुसूचित जन जाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग


गया। नव निर्वाचित मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को बधाई! राष्ट्रीय मुसहर-भूइया विकास परिषद और मुसहर विकास मंच के सदस्यों ने आशा व्यक्त किए हैं, कि सूबे के 35 वें मुख्यमंत्री, व्यक्ति में 23 वें और महादलित में तीसरे मुख्यमंत्री के तौर पर सत्तासीन होने वाले मुख्यमंत्री विवेक से कार्य करके लोगों का कल्याण और विकास करने में पीछे नहीं रहेंगे। खुद मुख्यमंत्री के ही बिरादरी आजादी के 66 साल तक दूसरों की तकदीर और तस्वीर बनाने में जुटे रहे। अब मुख्यमंत्री को अवसर मिला है कि मुसहर समुदाय के विकास करने में कौताही नहीं बरतेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास माथा पटककर हार जाने वाले मुसहर समुदाय के नेतृत्व करने वालों को बल मिला गया है। बहुत ही जल्द मुख्यमंत्री के समक्ष मुसहर समुदाय को अनुसूचित जाति की श्रेणी से निकालकर अनुसूचित जन जाति की श्रेणी में शामिल करने की मांग करेंगे। इस संदर्भ में राष्ट्रीय मुसहर-भूइया विकास परिषद के संयोजक उमेश मांझी और सचिव अजय मांझी ने कहा कि बिहार में मुसहर समुदाय की  40 लाख और देशभर में 66 लाख की संख्या है। हमलोगों की स्थिति बद से बदतर है। मात्रः वोट बैंक समझकर व्यवहार किया गया। हालांकि केन्द्र और राज्य सरकार ने योजना बना रखी है। जो जन्म लेने से पहले और मरने के बाद भी लागू रहती है। इन योजनाओं से सीधे लाभ मुसहर समुदाय को नहीं मिला। अगर लाभ मिला भी तोदलालसेंधमारी करने लगे। इंदिरा आवास योजना अधूरा ही बनकर रह गया। शौचालय निर्माण करने वाले सही ढंग से शौचालय बनाए ही नहीं। हमलोग बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। इसके आलोक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महादलित आयोग बनाया। यह सोचकर कि समाज के किनारे रह जाने वालों का विकास करेंगे। वह भी राजनीति के बलिवेदी पर चढ़ गया। केवल रामविलास पासवान के बिरादरीपासवानको छोड़कर शेष सभी दलितों को महादलित आयोग में शामिल कर लिया। इसके कारण पूर्व मुख्यमंत्री की सोच का पर्दाफाश हो गया।
इस संदर्भ में राष्ट्रीय मुसहर-भूइया विकास परिषद के संयोजक उमेश मांझी ने आगे कहा कि हमलोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को स्मार-पत्र देकर मांग कर दिए कि अगर सच में आप मुसहर समुदाय के कल्याण और विकास करना चाहते हैं तो आप वर्तमान में अनुसूचित जाति की श्रेणी से निकालकर मुसहर समुदाय को अनुसूचित जन जाति की श्रेणी में शामिल कर लें। अगर उनके द्वारा स्मार-पत्र में उल्लेखित मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिए। अब बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। हमलोग चाहेंगे कि इस ओर बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी कदम उठाकर मुसहर समुदाय की मांग पूर्ण कर दें।एक सवाल के जवाब में श्री मांझी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कथनी का समर्थन किया कि मांझी ने थाम ली राज्य की पतवार को खेंवने में माहिर हैं। वह रिमोट कंट्रोल से नहीं चलने वाले हैं। अपने विवेक से राज्य चलाएंगे।
आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...