शनिवार, 24 मई 2014

जीर्वित में मिले ही और मौत के बाद भी मिल गए

Jirvit the meeting itself and the death of the latter also found that
पटना। आज धर्मपरायण महिला सिसिलिया पीटर (82 साल ) को अंतिम विदाई दे दी गयी। इसके पूर्व कुर्जी पल्ली के उप प्रधान पुरोहित फादर सुशील साह , फादर अरूण अब्राहम और फादर फिलिप के द्वारा मिस्सा किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों की संख्या में मृतका के परिवार और उनके रिस्तेदार मौजूद दें। दीघा थानान्तर्गत बांसकोठी क्रिश्चियन कॉलोनी से शव यात्रा कर प्रेरितों की रानी ईश मंदिर में पहुंचे थे। इस बीच फादर अरूण अब्राहम और फादर फिलिप ने मिस्सा में भाग लेने वालों के बीच में पवित्र परमप्रसाद वितरण किए।
अपने संभाषण में कुर्जी पल्ली के उप प्रधान पुरोहित फादर सुशील साह ने कहा कि सिसिलिया पीटर ने नवज्योति निकेतन में सेवा कार्य की। यहां से अवकाश ग्रहण करने के बाद धार्मिक कार्य में लगाया। इस संसार के जंजाल से मुक्त होकर प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में चली गयी हैं। वहां तो संसार में जन्म लेने वाले इंसान को जाना ही है। जो विधि के अनुसार सिलसिला चलता ही रहेगा।
पवित्र मिस्सा समाप्त होने के बाद फादर सुशील साह ने पवित्र जल के छिड़काव शव पर किया। इसके बाद शव को उठाकर कुर्जी कब्रिस्तान में लिया गया। फादर फिलिप ने प्रार्थना की। शव को कपड़े से मुंह ढक दिया गया। बॉक्स को कब्र में उतारा गया। बॉक्स को कब्र में उतारने के बाद सबसे पहले पुरोहितों ने मिट्टी डालना शुरू कर दिए। इसके बाद उपस्थित लोगों ने भी मिट्टी डालने लगे। तो इस ईसाई धर्मरीति के अनुसार सिसिलिया पीटर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत को गले लगाने के बाद कब्र में ससुर , सास , देवर , पति और पुत्र मिल गए। सभी को एक ही कब्र में दफनाया गया है। इसके पूर्व इस कब्र में 6 लोगों को दफनाया गया है। इनको दफनाने के साथ 7 संख्या हो गयी। जीर्वित में मिले ही और मौत के बाद भी मिल गए।
Alok Kumar


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