तिरंगा जिम्मेदारी और एकता का प्रतीक : भक्तचरण दास

  * तिरंगा जिम्मेदारी और एकता का प्रतीक : भक्तचरण दास

* कांग्रेस ने फहराया तिरंगा, निकाला तिरंगा मार्च

* कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ने फ़हराया तिरंगा, निकला तिरंगा मार्च


पटना:प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने 76 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र ध्वज को प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने फहराया. इस दौरान बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास एवं सह प्रभारी बृजलाल खबरी भी मौजूद रहें.

इसके बाद कांग्रेस सेवादल ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा को सलामी दी. झंडोतोलन के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए बहुत संघर्ष किये हैं. आज देश में तिरंगा शान से फहराया जा रहा है तो इसमें लाखों वीरों की शहादत की देन है. भारतीयों का आत्मबोध लेकर हमने इस तिरंगे के नीचे पूरे देश को एकजुट किया है.उन्होंने पंडित नेहरू और महात्मा गांधी के महत्व को बताते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को इस तिरंगे की गौरव यात्रा को बताना बेहद जरूरी हो चुका है.देश में आजादी के दीवानों का सर्वाेच्च प्रतीक इस तिरंगे को विश्व में सर्वाेच्च बनाएं रखने की जिम्मेदारी हम सब की है.

झंडोतोलन के उपरांत सदाकत आश्रम से राजापुल होते हुए राजेन्द्र समाधि स्थल तक सैंकड़ो कि संख्या में कांग्रेसजनों के द्वारा तिरंगा मार्च का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने किया. समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरांत बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास ने कहा कि कांग्रेस ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया है और आज जब राष्ट्र की एकता को जाति-धर्म के नाम पर तोड़ने की साजिश की जा रही है तो डटकर वैसे तत्वों के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी है.

झंडोतोलन और तिरंगा मार्च में भक्त चरण दास, ब्रिज लाल खबरी, डॉ. मदन मोहन झा, अजित शर्मा, अखिलेश प्रसाद सिंह, कन्हैया कुमार, डॉ. शकील अहमद, चन्दन बागची, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, राजेश राठौड़, शकील अहमद खान, आबिदुर रहमान, विजय शंकर दुबे, सिद्धार्थ सिंह, राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास , मुरारी प्रसाद गौतम, ब्रजेश प्रसाद मुनन, श्रीमती ज्योति, नरेन्द्र कुमार, हरखू झा, कुमार आशीष, लाल बाबु लाल, अमिता भूषण, प्रमोद कुमार सिंह, भावना झा, बंटी चौधरी, जया मिश्रा, अमित कुमार टून्ना, आनंद माधव, विनय वर्मा, गजानंद शाही, राजेश कुमार सिन्हा, ज्ञान रंजन, गुंजन पटेल, चुन्नू सिंह, असित नाथ तिवारी, कुंतल कृष्णा, संजीव कर्मवीर, नागेन्द्र प्रसाद विकल, प्रवीन कुशवाहा, शरबत जहाँ फ़ातेमा, जमाल अहमद भल्लू, अम्बुज किशोर झा, शशि कुमार सिंह, सौरभ सिन्हा, कमल देव नारायण शुक्ला, शशि कान्त तिवारी, राज कुमार राजन, ललन यादव, अशोक गगन, अनुराग चन्दन, जीतेन्द्र प्रसाद सिंह, मोती लाल शर्मा, अजय सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव, अरबिंद लाल रजक, मिन्नत रहमानी, मृणाल अनामय, उदय शंकर पटेल, रामायण प्रसाद यादव, केशर अली खान, रेखा देवी, अनीता राम, असफर अहमद, वशी अख्तर, सुनील चौधरी, उमा कान्त सिंह, मंजीत आनंद साहू, मुकुल यादव, ब्रज किशोर कुशवाहा, आशुतोष शर्मा, शशि रंजन, कुंदन गुप्ता, दुर्गा प्रसाद, संतोष श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, गुरुदयाल सिंह, अमरेन्द्र सिंह, रीता सिंह, रूपम यादव, सुधा मिश्रा, अनोखा देवी, निधि पाण्डेय, रवि गोल्डन, आर. एन. चौधरी, मोनी देवी, सुनीता साक्षी, जया लक्ष्मी, सिसिल शाह, अरुण पाठक, शारीफ रंगरेज, राजेंद्र चौधरी, मोहम्मद शाहनवाज, निरंजन कुमार सहित सैंकड़ों कांग्रेसजन मौजूद रहें.

आलोक कुमार

हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया

गया: इस जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर नीमचक बथानी थाने के हाजत में सोनमंती देवी नामक एक महिला की मौत हो गई है.पुलिस हाजत में दम तोड़ने वाली महिला को थाने की पुलिस ने बीती 13 अगस्त से पकड़ रखा था.इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.

जानकार लोगों का कहना है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के मुताबिक पुलिस किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती है. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर पुलिस को नजदीकी न्यायालय के समक्ष पेश करना जरूरी होता है.जो नीमचक बथानी थानाध्यक्ष के द्वारा नहीं किया गया.वहीं पुलिस रेगुलेशन के मुताबिक अगर पुलिस किसी व्यक्ति को हिरासत में या गिरफ्तार करके थाने लाती है तो उसको समय पर भोजन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस को भत्ता भी मिलता है.परिजनों का आरोप है कि सोनमंती देवी से परिवार वालों से नहीं मिलने दिया जा रहा था.

तीन दिनों से पुलिस हिरासत में रहने वाली सोनमंती देवी को नीमचक बथानी थाना की पुलिस न तो उसे रिहा कर रही थी और न ही उसे जेल भेज रही थी. इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.महिला की मौत की भनक लगते ही नीमथू गांव के सैकड़ों लोगों ने थाने घेर लिया. यही नहीं जब थाने के घेराव और पुलिस व आम लोगों की बातचीत का गांव के युवकों ने वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिस ने उन पर पुलिसिया धौंस दिखाते हुए वीडियो डिलिट करने की बात कही पर लेकिन गांव के युवकों ने पुलिस वालों को यह कहते हुए धमकाया कि यदि वीडियो डिलिट करने पर मजबूर किया गया तो परिणाम भुगतने को भी तैयार रहें. यह बात सुनते ही थाने की पुलिस बैकफुट पर आ गई.                        

फिलहाल थाने के बाहर बवाल चल ही रहा है.पुलिस ने इलाके के मौजिज लोगों को बुला कर इस मामले को रफादफा कराने में जुटी है. बैठकों का दौर जारी है. एसडीओ और डीएसपी मौके पर पहुंच गए हैं. डीएसपी का कहना है कि मामले की तहकीकात की जा रही है. उसे थाने में ही क्यों तीन दिनों से रखा जा रहा था. इस बात की जानकारी ली जा रही है.साथ महिला के मौत के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है.

इस मामले के संदर्भ में कहा जा रहा है कि बीती 12 अगस्त को सोनी कुमारी की हत्या कर दी गई थी. संबंधित मामले में सोनी कुमारी के मायके वालों ने सोनी की ससुराल के छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.छह में से एक सोनी की सास सोनमंती देवी आरोपी थी.इसके ऊपर बहु को जहर पिलाने का आरोप था. इस पर पुलिस ने सोनमंती देवी को 13 अगस्त को पकड़ कर थाने ले आई थी. बीती 13 अगस्त से वह थाने में ही थी. आरोप है कि सोनमंती देवी को उसके परिवार वालों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा था.इस बीच 15 अगस्त को साढ़े तीन बजे सोनंमती देवी के परिजनों को भनक लगी की हाजत में ही सोनमंती ने दम तोड़ दिया है.महिला की मौत की सूचना पर नीमथू गांव के लोग भड़क गए. गांव के हर उम्र के लोग थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर गांव के लोग बवाल करने लगे.इधर सोनमंती देवी के पति का कहना है कि थाने के बड़ा बाबू ने जबरन हाथ पकड़ कर सादे कागज पर दस्तखत करा लिया है. वहीं उसकी बेटी का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसकी मां को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई.इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की जरूरत है.एक घर के दो लोगों की मौत का मसला है.

"कानून द्वारा शासित एक सभ्य समाज में कस्टडी में मौत सबसे बुरे अपराधों में से एक है। जब एक पुलिसकर्मी किसी नागरिक को गिरफ्तार करता है, तब क्या उसके जीवन के मौलिक अधिकार समाप्त हो जाते हैं? क्या नागरिक के जीवन के अधिकार को उसकी गिरफ्तारी के बाद निलंबित किया जा सकता है? वास्तव में, इन सवालों का जवाब ठोस तरीके से "नहीं" होना चाहिए।"

-डीके बसु बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ वेस्ट बंगाल AIR 1997 SC 610. धारा 176 (1) सीआरपीसी में कहा गया है कि एक मजिस्ट्रेट, जिसे अप्राकृतिक मौत के मामलों में पूछताछ करने का अधिकार है, वह पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही जांच के अलावा मौत के कारणों की जांच कर सकता है.यह एक सामान्य, सशक्तीकरण का प्रावधान है, जो मजिस्ट्रेट को इस प्रकार की जांच करने का विवेक देता है. एक अन्य तथ्य यह है कि ऐसी पूछताछ या जांच कार्यकारी मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है.वहीं 2005 के संशोधन के बाद डाली गई धारा 176 (5) में मजिस्ट्रेट को इस तरह की जांच का अध‌िकार देती है, व्यक्ति की मृत्यु के 24 घंटे के भीतर, शरीर को निकटतम सिविल सर्जन के पास जांच के लिए भेज दिया जाए. यदि ऐसा करना संभव नहीं है, तो लिखित रूप में कारण दर्ज किए जाने चाहिए.


आलोक कुमार


युवा वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गयी

 


पटना: बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद एहसान अहमद ने महागठबंधन के कांग्रेस विधायक श्री मुरारी गौतम एवं अफाक आलम को मंत्री बनाये जाने पर कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी एवं श्री राहुल गांधी जी को हार्दिक बधाई दिया है.उन्होंने कहा कि श्री मुरारी गौतम एवं अफाक आलम के मंत्री बनाये जाने से युवा वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गयी है.विशेषकर रोहतास जिला के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है कि मुरारी गौतम के मंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र का चहोमुखी विकास अवश्य होगा.

आलोक कुमार



आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा मार्च

 पटना: आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर दीघा में अनेक कार्यक्रम किया गया. महादलित टोला दीघा के झंडोत्तोलन कार्यक्रम में ज़िलाधिकारी डॉ चन्द्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो मौजूद रहे. सरकार के निर्देशानुसार टोले के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जामुन मांझी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया.

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोमवार को पटना नगर निगम के निवर्तमान उप महापौर रजनी देवी ने दीघा से प्रातः 8:00 बजे तिरंगा मार्च को रवाना किया.

तिरंगा मार्च का नेतृत्व करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि देशभक्ति एक जज्बा है, जुनून है. युवाओं के इसी जज्बा व जुनून ने उन्हें देश के लिए मर मिटने को प्रेरित किया.15 अगस्त 2022 को देश की आजादी मिलने का 75 साल पूरा हुआ.यह पल एक स्पंदन है उस अहसास का, जिसे नई पीढ़ी के युवाओं ने महसूस किया.     

उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर, आइए हम सब मिलकर देश की आज़ादी के लिए, देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर क्रांतिकारियों,  स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं वीर शहीदों को नमन करें.

इसके बाद दीघा से तिरंगा मार्च आगे बढ़ा.75 मीटर लंबा तिरंगा को लेकर लोग चल रहे थे.जब तिरंगा मार्च आईटीआई पहुंचा तो 22 ए के प्रत्याशी उमेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग तिरंगा मार्च में शामिल हो गए.उक्त प्रत्याशी उमेश कुमार ने कहा कि हमलोगा आठ अगस्त को भारी संख्या में प्रतिरोध मार्च में शामिल हुए तो महागठबंधन की सरकार बन गयी.आज सड़क पर उतरे हैं तो महागठबंधन का मंत्रिमंडल गठित हो जाएगा.

दीघा से लेकर राजापुर तक तिरंगा से पट गया था.इसमें शामिल होने वालों में पप्पू राय,राजकुमार,आशीष,भाई धर्मेंद्र,ध्रुव कुमार,धर्मेंद्र कुमार,उमेश कुमार,राजेश कुमार आदि थे.

सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में 76 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि, श्री हर्षवर्धन शर्मा, पूर्व आईजी पुलिस (बिहार कैडर) थे.उन्हें जेवियर मार्चिंग बैंड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

 इसके बाद मुख्य अतिथि पूर्व आईजी पुलिस हर्षवर्धन शर्मा ने कलाम सभागार के सामने रेक्टर फादर जोसेफ सेबेस्टियन एसजे, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ सुशील बिलुंग एसजे, प्रबंधन के सदस्य, कॉलेज के प्रोफेसर और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पूर्व आईजी पुलिस हर्षवर्धन शर्मा ने छात्रों को उन दिग्गजों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया.जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए जीवन का बलिदान दिया. पूर्व आईजी पुलिस ने स्मरण दिलाते हुए कहा कि लाल किले पर तिरंगा 76 वीं बार फहराया गया था. श्री हर्षवर्धन शर्मा ने छात्रों से कहा कि भारतीय संविधान में निहित बंधुत्व, समानता और आदर्शों की विरासत को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है.

कार्यक्रम की शुरुआत जेवियर ध्वनि क्लब द्वारा देशभक्ति समूह गीत के साथ हुई. जिसके बाद भारत की स्वतंत्रता में सुभाष चंद्र बोस की भूमिका पर एक नाटक किया गया  जिसे जेवियर थिएटर क्लब के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया.

इस अवसर पर बीसीपी विभाग के साकेत कुमार ने भाषण दिया. जेवियर डांस क्लब के सदस्यों ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम‘ की धुन पर शानदार नृत्य किया.सभी को बधाई, स्वतंत्रता दिवस की बधाई और मिठाइयों के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर 10 सर्कुलर रोड आवास पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. माननीय पूर्व मुख्यमन्त्री श्रीमती राबड़ी देवी जी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया.साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी सहित गणमान्य नेतागण ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दिए.

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, 76वें स्वतन्त्रता दिवस के शुभ अवसर पर 2 वीरचंद पटेल पथ राजद कार्यालय पटना मे झंडोत्तोलन कार्यक्रम मे सम्मलित हुए.प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदानन्द सिंह जी के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया. झंडोत्तोलन कार्यक्रम मे पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह जी, पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे जी सहित राजद के गणमान्य नेतागणव ने राष्ट्र ध्वज को सलामी दिए.  


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...