ओ.आर.ओ.पी. की मांग को लेकर 12 जून से जंतर मंतर पर धरना जारी



वन रैंक,वन पेंशन देने की मांग करने वालों पर 14 अगस्त को 
पुलिस के द्वारा ज्यादती
देश के 10 पूर्व सेन्य प्रमुखों ने लिखा प्रधानमंत्री को खुला खत

दिल्ली।भारतीय पूर्व सैनिक संगठन से जुड़े पूर्व सैनिक वन रैंक-वन पेंशन की मांग कर रहे हैं। इन के  द्वारा जंतर मंतर पर धरना दिया जा रहा है। देश की सुरक्षा में 24 घंटे लगे रहने वाले पूर्व सैनिक 63 दिनों से धरना दे रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को सुरक्षा के नाम पर जंतर मंतर से धरनार्थियों को पुलिस ने हटा दिया। जब पुलिस पूर्व सैनिकों को हटाने का प्रयास करने लगी तब पुलिस और पूर्व सैनिकों के साथ झड़प हो गयी। काफी विरोध करने पर धरनार्थियों को नहीं हटाया गया। इस बीच पुलिस के द्वारा पूर्व सैनिकों के साथ जो करना था कर दिए। 

इसके विरोध में 17 अगस्त को देश के 10 पूर्व सैन्य प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला खत लिखा है।14 अगस्त को घटित घटना के विरूद्ध प्रदर्शन किए। आज मंगलवार से कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह और जमादार मेजर सिंह ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इन लोगों ने पुलिस ज्यादती की निंदा की है। इनके द्वारा बुरे बर्ताव से लोग काफी नाखुश हैं। इस घटना की जांच करने की मांग की है। 

जंतर मंतर पर 12 जून,2015 से धरना और प्रदर्शन किया जाता रहा। पूर्व सैनिकों ने यह कयास लगा रहे थे कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2015 को लालकिले के प्रचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व सैनिकों के पक्ष में वन रैंक-वन पेंशन की घोषणा कर देंगे। पर ऐसा नहीं किए। केवल पूर्ण रूप से सहानुभूमि करके चलते बने। इस बाबत कमेटी कार्यशील है। कमेटी की रिपोर्ट पर ही कदम उठाया जाएगा। 

बताते चले कि पूर्व में अवकाश ग्रहण करने वाले पूर्व सैनिकों को असमान पेंशन भुगतान किया जा रहा है। कुछ साल पहले अवकाश ग्रहण करने वाले समान पद वाले अधिक पेंशन उठा रहे हैं। इस असमानता को ही समानता लाने की मांग की जा रही है। यूपीए सरकार ने 2014 में ही पूर्व सैनिकों को वन रैंक -वन पेंशन का रास्ता साफ कर दी थी। सत्ता से बाहर हो जाने के कारण लागू नहीं किया जा सका। 

आलोक कुमार


सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड का चुनाव प्रचार अभियान



पटना. बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित "बढ़ चला बिहार" कार्यक्रम परोक्ष रूप से आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड का चुनाव प्रचार अभियान है, जिसमें आम जनता के हजारों करोड़ रुपए के दुरूपयोग की योजना प्रायोजित है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट रूप से निर्देशित है कि आदरणीय महोदय,सरकारी विज्ञापनों में विनिर्दिष्ट स्थितियों और व्यक्तियों को छोड़कर किसी के चेहरे का विज्ञापन नहीं किया जाएगा. "बढ़ चला बिहार" योजना में पब्लिक मनी के भारी दुरूपयोग तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के संबंध में नागरिक अधिकार मंच के न्यासी श्री शिव प्रकाश राय के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में एक याचिका दायर की गई थी जिसपर दिनांक 28/08/2015 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस कार्यक्रम पर रोक लगाई गई थी तथा केवल सरकार द्वारा ग्रामीण विकास से संबंधित आंकड़ों को इकठ्ठा करने की छूट दी गई थी. आप अटैच्ड फाईल से माननीय उच्च न्यायालय, पटना के निर्णय का अवलोकन कर सकते हैं. न्यायालयीय आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के एक अन्य हिस्से "Bihar Development Dialogue" का  आयोजन दिनांक 08/08/2015 को दिल्ली में किया गया. तदोपरांत नागरिक अधिकार मंच के संस्थापक न्यासी श्री शिवप्रकाश राय के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में अवमानना वाद दायर किया गया है. पर ऐसा लगता है बिहार सरकार निरंकुश हो चुकी है और उसे माननीय उच्च न्यायालय की रत्ती भर परवाह नहीं है और उसने रोक के बावजूद इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कल "बढ़ चला बिहार: Bihar@2025" कार्यक्रम की अगली कड़ी "Breakfast with CM" का आयोजन किया गया. ये सारे कार्यक्रम साफतौर पर जनता के पैसे पर सत्ताधारी पार्टी का चुनाव प्रचार है. पर संभवतः बिहार में पब्लिक मनी के इस भयंकर दुरूपयोग को रोकने के किसी की पहल को मानने हेतु बिहार सरकार अब तैयार नहीं, अदालती आदेश की भी परवाह नहीं. आग्रह है कि इस मामले में नियमानुसार यथोचित कानूनी कार्रवाई की जाए.


सादर-
शिव प्रकाश राय 

संस्थापक न्यासी 

नागरिक अधिकार मंच, बिहार 


मोबाईल- 9931290702

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...