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विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक


 मतदाता सूची के जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है

नालंदा। नालंदा जिला में भी इस अभियान के तहत नये मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं का नाम हटाने की कार्रवाई जारी है। 22 जनवरी 2024 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा।

इस अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों को लेकर आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक किया।

उन्होंने सभी दलों को इस अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। नये नाम जोड़ने, मृत एवं शिफ्टेड का नाम हटाने आदि के बारे में बताया गया।

      आगामी आम चुनाव में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में भी जानकारी दी गई। जिले में अद्यतन उपलब्ध एम-3 मॉडल के ई वी एम एवं प्रशिक्षण में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में सभी दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

            इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्त्ता उपस्थित थे।


आलोक कुमार

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप


 जिला में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के तहत किये जा रहे भू-अर्जन कार्य को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप लगाकर भू-धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने का निर्देश

नालंदा। जिला में विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज समीक्षा बैठक की।विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं- हिलसा बाईपास (पूर्वी), इस्लामपुर बाईपास, नूरसराय बाईपास, नूरसराय-सिलाव पथ, तेलमर नरसंडा सालेपुर पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (बख्तियारपुर- रजौली खंड) के फोरलेन निर्माण, भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-119 डी (आमस-रामनगर) पथ,पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछू बिगहा)पथ,दरियापुर वीयर आदि परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन कार्य की एक-एक कर समीक्षा की गई।

    हिलसा पूर्वी बाईपास के लिए 6 मौजे के 579 अवार्डी से लगभग 47 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 521 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है। शेष लोगों से भी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजे का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।इसलामपुर बाईपास के लिए 5 मौजे के 556 अवार्डी से लगभग 55 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 381 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त  की गई है।शेष अवार्डी को भुगतान में तेजी लाने के लिए विशेष शिविर लगाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने को कहा गया।

     नूरसराय बाईपास के लिए 3 मौजे के 169 अवार्डी से लगभग 23 एकड़ भूमि अर्जित की गई है, अबतक 161 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। नूरसराय-सिलाव पथ के लिए 16 मौजे के 1269 अवॉर्डी से लगभग 124 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से अबतक 919 अवार्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है।शेष को भी त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिये  विशेष शिविर लगाने का निदेश भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता बिहारशरीफ को दिया गया। इस पथ के दूसरे खण्ड के बेगमपुर से सिलाव तक की निविदा निकाली गई है।

      तेलमर-नरसंडा- सालेपुर- पथ के लिए 11 मौजे के 946 अवार्डी से लगभग 113 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है। इनमें से 667 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। यहाँ भी विशेष शिविर लगाकर शेष अवार्डी को भी तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछु विगहा) पथ के लिये भू अर्जन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

        अन्य सभी परियोजनाओं के लिए भी भू-अर्जन से संबंधित लंबित मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए नियमित रूप से विशेष शिविर लगाकर भू धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने तथा जरूरतमंद को एलपीसी निर्गत करने को कहा गया।

बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,भूमि सुधार उप समाहर्त्ता,संबंधित कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अंचलाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

गांधी को गांव गांव में ले जाएंगे

 एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी ने गांव के गांधी अभियान की घोषणा की

गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ सर्वाेदय प्रेस के प्रमुख एवं समाजसेवी श्री राकेश दीवान द्वारा युवाओं को अभियान का नाम सौंप कर घोषणा की

गांधी को गांव गांव में ले जाएंगे, जब मन में गांधी घर घर में गांधी

कटनी.सर्वाेदय प्रेस सर्विस (सप्रेस) फीचर एजेंसी के रूप में अपनी स्थापना के 61 वें वर्ष में प्रवेश किया है.सप्रेस का 60 वर्षों का सफर अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं, गांधीवादी संस्थाओं, जनसंगठनों, स्वैच्छिक संगठनों, स्नेहीजनों आदि के भावपूर्ण स्नेह एवं सहयोग से ही संभव हो सका है. सप्रेस का हमेशा प्रयास रहा है कि मीडिया में सामाजिक सरोकारों से संबंधित विषयों पर लिखी सामग्री नियमित रूप से पहुंचे तथा समाज से जुड़े मुद्दों को आम जनता के बीच मुखरता से उभारा जाए और वे विमर्श का हिस्सा बन सके. ‘सप्रेस’ ने अब तब अपने पूरे कलेवर में एक तटस्थ संस्थान बनने का प्रयास किया है, जो कि रचनात्मक समाज, विकास संबंधी विचारों एवं समाचारों को जनमानस के सम्मुख लाने के लिए समर्पित है.‘सप्रेस’के संपादक राकेश दीवान ने गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ किया.

    आज, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने गांव-गांव में गांधी अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है. इस अभियान के माध्यम से विभिन्न समुदायों को एक साथ आने की प्रेरणा दी जाएगी ताकि हम सभी मिलकर एक सशक्त और समृद्ध भारत की ओर बढ़ सकें. 

            इस घोषणा के साथ ही एकता परिषद की राष्ट्रीय समिति ने भी इस अभियान का समर्थन किया है.यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमारे देश की एकता और अखंडता को बढ़ावा देने में मदद करेगा.

   अतः हम सभी लोगों से यह आग्रह करते हैं कि हम एक साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में योगदान करें. यह हम सभी की जिम्मेदारी है और हम सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए.

   महात्मा गांधी  के ग्राम स्वराज की अवधारणा अत्यंत व्यापक है. उनका मानना था कि भारत की  स्वतंत्रता की शुरुआत नीचे से होनी चाहिए. तभी प्रत्येक गांव एक गणतंत्र बनेगा, अतः इसके अनुसार प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर और सक्षम होना चाहिए. गांधी जी ने ग्राम के गणतंत्र के रूप की कल्पना की है जो कि आत्मनिर्भरता का पर्याय होगा, उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी.

         गांधी जी के विचार गांवों की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के बारे में थे. उनका मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांधी जी ने ग्राम के गणतंत्र रूप की कल्पना की है जो कि आत्मनिर्भरता का पर्याय होगा. उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी.

       गांधी जी की दृष्टि में गांव और किसान का महत्व बहुत अधिक था. उन्होंने गांव के विकास के लिए अपने विचार रखे और उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी. गांधी जी के अनुसार गांव को आत्मनिर्भर और सक्षम होना चाहिए ताकि हर गांववासी की सुख सुविधा के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों.

       गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ सर्वाेदय प्रेस के प्रमुख एवं समाजसेवी श्री राकेश दीवान द्वारा एकता परिषद एवं समाजसेवा के लिए समर्पित युवाओं को अभियान का नाम सौंप कर घोषणा की यह अभियान गांव गांव जायेगा और गांधी के मूल्यों पर आधारित गांव एवं समाज की रचना के लिए जमीन तैयार करेगा.

इस अवसर पर एकता परिषद के साथी श्री प्रदीप प्रियदर्शी बिहार, नयन तारा एवं दीम्बेश्वर नाथ असम,ऋषि शर्मा मणिपुर, विजय कुमार एवं डॉली ओडिसा, रामस्वरूप एवम चुन्नुलाल झारखंड, मुरली संत,प्रशांत एवम निर्मला कुजूर छत्तीसगढ़,बीजू तमिलनाडु,सियाराम   एवं   मेवा उत्तरप्रदेश,डोंगर भाई एवम सरस्वती मध्य प्रदेश उपस्थिति थे.

इस अभियान को एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीताराम सोनवानी,श्रद्धा एवं प्रदीप प्रियदर्शी,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निर्भय सिंह ,राष्ट्रीय महासचिव रमेश शर्मा एवं अनीश भाई,राष्ट्रीय सचिव  सचिव संतोष सिंह ने अपने साथियों के साथ गांव के गांधी का दायित्व लिया.

आलोक कुमार

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

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