🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई


मोतिहारी.जिला परिषद सभागार, मोतिहारी में प्रभारी जिलाधिकारी, श्री कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

 इस बैठक में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास प्लस के तहत आवास स्वीकृति के विरुद्ध प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त का अविलंब भुगतान कराने का निर्देश दिया गया.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2020-21 में आवंटित शत प्रतिशत आवास को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.इंदिरा आवास योजना अंतर्गत पूर्व में आवंटित आवास पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.

 सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को नियमित रूप से आवास कर्मियों एवं लाभुकों के साथ बैठक कर कार्य में वृद्धि लाने का निर्देश दिया गया.उन्होंने कहा कि आवास योजना अंतर्गत राशि उठाव के पश्चात आवास निर्माण नहीं कराने वाले लाभुकों पर नोटिस करें.                                     

 इस अवसर पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, ग्रामीण आवास सहायक एवं कार्यपालक सहायक आदि उपस्थित थे.

तुरकौलिया निवासी मोहन सहनी ने कहा कि इंदिरा आवास योजना में मुखिया ₹25000 कमीशन मांग रहा है. इस ओर आप लोगों के द्वारा जांच करवाना चाहिए. और तो और पंचायतों में जाकर डीएम साहब को देखना चाहिए.कमीशनखोरी हर पंचायत में में है.जांच करवाना चाहिए. रक्सौल के मुकेश शर्मा ने कहा कि इंदिरा आवास योजना के नाम पर सब गरीब लोग ऐसे ही रह जाते हैं.यानी उनको लाभ ही नहीं मिलता है. मुखिया के शह पर जो अमीर हैं उन्हीं को आवास मिल जाता है. जिनके पास रहने को घर नहीं  है ऐसे ही रह जाते हैं. ऐसे लोगो को जांच करके इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलवाना चाहिए.ग्राम पंचायत राज गोढवा के मुखिया, सूचना का अधिकार के कार्यकर्ता व शांति समिति अनुमंडल सदर के सदस्य राजू बैठा ने कहा कि केवल एसी वाले कार्यालय में बैठक करने से कुछ नहीं होगा. सर जी आखिर आप धरातल पर आकर अमलीजामा कब पहनाया जाएगा?मेरे यहां एक भी घरों पर लाभान्वित का नाम नही लिखवाए गया है. पंचायत समिति,आम सभा में प्रस्ताव आने के बाद भी आपके कर्मों अनुपालन नहीं कर रहे है.

आलोक कुमार

सिविल सर्जन द्वारा कुल 170 कुष्ठ भिक्षुकों को पुरुष एवं महिला की स्वास्थ्य जांच

 

मोतिहारी. पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में जिले भर में स्माइल परियोजना एवं मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय , भारत सरकार के आदेशानुसार भिक्षुकों के कल्याण एवं पुनर्वास करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी परियोजना ‘ स्माइल‘ को धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

 संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रखंडों में 25 इच्छुक भिक्षुकों को  पशुपालन योजना का लाभ प्रदान किया जाए.अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा 15 भिक्षुकों को ऋण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाए.सिविल सर्जन द्वारा कुल 170 कुष्ठ भिक्षुकों को  पुरुष एवं महिला की स्वास्थ्य जांच की जाए.जिला प्रबंधक डीआरसीसी द्वारा 4 भिक्षुकों को कौशल शिक्षा, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से अच्छादित किया जाए.जिला कार्यक्रम प्रबंधक जीविका  द्वारा सर्वेक्षित 20 से 35 आयु वर्ग युवा महिला/पुरुष  कुल 28 भिक्षुओं को भिक्षावृत्ति छोड़ने के लिए परामर्श दिया जाए.


प्रेसिडेंट सेक्रेटरी इनरव्हील क्लब द्वारा सर्वेक्षित 25 से 35 आयु वर्ग के युवा भिक्षुओं को भिक्षावृत्ति छोड़ने एवं  55 वर्ष से अधिक  वृद्ध भिक्षुओं को वृद्धाआश्रम में आवासन के लिए निर्देश दिया गया.जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा द्वारा पांच किन्नर समुदाय के भिक्षुओं को रोजगार एवं अन्य सुविधाओं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.अरेराज प्रखंड अंतर्गत अवस्थित सोमेश्वर नाथ धाम मंदिर के आसपास  भिक्षावृत्ति पर रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए साथ ही उन्होंने मंदिर प्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा कि चिन्हित भिक्षुकों को भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.

उन्होंने कहा कि अग्रणी बैंक प्रबंधक, गव्य विकास पदाधिकारी ,जिला पशुपालन पदाधिकारी, एडीसीपी आपस में समन्वय स्थापित कर स्माइल परियोजना का लाभ जरूरतमंदों के बीच उपलब्ध कराएंगे. एवं भिक्षुओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मुहैया कराया जाए.

इस अवसर पर सिविल सर्जन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी ,जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, समन्वयक कुष्ठ आश्रम , घोड़ासहन रक्सौल आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार


अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों से खनन विभाग ने 07 लाख 25 हजार 4 सौ रुपया वसूला

  ■ अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों से खनन विभाग ने 07 लाख 25 हजार 4 सौ रुपया वसूल करते हुए संबंधित वाहन ओनर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया है


गया. अवैध खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है.सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी तथा खनन विभाग के तमाम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश प्राप्त है कि अवैध खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें. अवैध खनन की सूचना यदि कहीं से मिलती है तो संबंधित स्थान पर छापेमारी करने में कोताही ना बरतें. इसी कड़ी में आज भी जिले के विभिन्न स्थानों में अवैध खनन के विरुद्ध औचक छापेमारी की गई, जिसमे बड़ी संख्या में बालू एवं गिट्टी( पत्थर) लदे ट्रक एवं ट्रैक्टर को जब्त किया गया है। जब्त किये गए वाहन इस प्रकार है.बोधगया थाना क्षेत्र अंतर्गत ’बालू लदे 02 ट्रैक्टर’ को जब्त किया गया है। एक आदमी की गिरफ्तारी भी हुई है साथ ही 62000 रुपया फाइन भी वसूल किये गए हैं. मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ’स्टोन चिप्स / गिट्टी /  पत्थर लदे 02 हाइवा वाहन’ को जब्त किया गया है. साथ ही 570400 रुपया फाइन की वसूली की गई.बेलागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ’बालू लदे 02 ट्रैक्टर’ को जब्त किया गया। साथ ही 62000 रुपया फाइन भी वसूल किये गए हैं. अलीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ’बालू लदा 01 ट्रैक्टर’ को जब्त किया गया है.जब्त सभी वाहनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है साथ ही परिवहन विभाग तथा खनन विभाग द्वारा जब्त वाहनों के विरुद्ध फाइन वसूला गया.


 आलोक कुमार

भूमि विवाद प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

 ■ ’डीएम-एसपी ने स्वयं रीगा थाना पहुंचकर संयुक्त रूप से बैठक कर भूमि विवाद के कई मामलों का निष्पादन किया’                                            


सीतामढ़ी. इस जिले के जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा के निर्देश के आलोक में आज जिले के सभी थानों में भूमि विवाद के मामलों पर त्वरित सुनवाई को लेकर अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्ष द्वारा शानिवारिय बैठक कर सुनवाई की गई.इस अवसर पर कई मामलों का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया. गौरतलब हो  जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया था कि भूमि विवाद प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये.

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सीओ एवं थानाध्यक्ष प्रत्येक शनिवार को अनिवार्य रूप से भूमि विवाद को लेकर बैठक कर मामलों का त्वरित निष्पादन करेंगे एवं ससमय प्रतिवेदन भेजेंगे.  जिलाधिकारी ने भूमि विवाद समीक्षा बैठक में कहा था कि भूमि विवाद को लेकर ही अपराध की ज्यादातर घटनाएं होती है,साथ ही कई बार विधि व्यवस्था की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है. प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद को लेकर आयोजित बैठक का सकारात्मक परिणाम भी नजर आने लगा है. अब तक जिले में भूमि विवाद को लेकर प्राप्त आवेदनों में कई आवेदनों का ऑन स्पॉट निपटारा किया जा चुका है. आज जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय ने स्वयं रीगा थाना पहुंचकर संयुक्त रूप से बैठक कर भूमि विवाद के कई मामलों का निष्पादन किया.                                            

आलोक कुमार

एक लाख 40 हजार हेक्टेयर में विभिन्न फसलों के आच्छादन का लक्ष्य


नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई.बताया गया कि 1 मई से 24 जून की अवधि में जिला में 74 मिलीमीटर वर्षापात दर्ज किया गया, जो इस अवधि के सामान्य औसत से लगभग 43 प्रतिशत कम है.वर्ष 2022-23 में जिला में लगभग एक लाख 40 हजार हेक्टेयर में विभिन्न फसलों के आच्छादन का लक्ष्य रखा गया है.इनमें सर्वाधिक लगभग एक लाख 33 हजार हेक्टेयर में धान के फसल का लक्ष्य निर्धारित है.

वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला में लगभग 1855 एकड़ रकबा में जैविक कॉरिडोर योजना के तहत जैविक खेती की गई.जिलाधिकारी ने जैविक उत्पादों के बेहतर मार्केटिंग के लिए उत्पादक समूह के बारे में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया.वर्तमान खरीफ वर्ष में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने के उद्देश्य से आने वाले समय के लिए अतिरिक्त आवश्यकता का आकलन कर डिमांड के लिए अभी ही अनुरोध पत्र भेजने को कहा गया.उर्वरक के स्टॉक के नियमित सत्यापन एवं निर्धारित दर पर इसकी बिक्री सुनिश्चित रखने के लिए जिला स्तरीय कृषि नियंत्रण कक्ष को लगातार कार्यरत रखने को कहा गया. जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला स्तरीय कृषि नियंत्रण कक्ष दूरभाष संख्या ’06112-231143’ पर सोमवार से कार्यरत रहेगा.सहायक निदेशक शस्य को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है.जिलाधिकारी ने नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाले सभी सूचना शिकायतों को पंजी में संधारित करने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया.

उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक दो प्रखंड के लिए एक-एक पदाधिकारी को उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच हेतु प्राधिकृत करने का निर्देश दिया गया. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत वर्तमान में जिला के 199402 लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है. इस योजना के लिए नए प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.नए केसीसी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत 2651 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से जांच उपरांत 2374 आवेदनों को विभिन्न बैंकों को भेजा गया है.जिलाधिकारी ने इन सभी आवेदनों के बैंकों द्वारा निष्पादन की वर्तमान स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन एलडीएम से प्राप्त करने का निर्देश दिया.

पीडी आत्मा द्वारा बताया गया कि जिला में 1 जुलाई से 20 जुलाई की अवधि में किसान चौपाल का आयोजन किया जाएगा जिसमें नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी किसानों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा.जिलाधिकारी ने सभी छूटे हुए किसानों का पंजीकरण डीबीटी पोर्टल पर सुनिश्चित कराने के लिए किसानों को जागरूक करने का निर्देश दिया.सहायक निदेशक उद्यान द्वारा बताया गया कि इस वर्ष आम एवं अमरूद के लिए 10-10 हेक्टेयर का लक्ष्य तथा स्ट्रॉबेरी के लिए 5 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पोली हाउस निर्माण योजना के तहत सरमेरा में फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन के लिए संरचना तैयार की जा रही है.ड्रिप एवं स्प्रिंकलर इरीगेशन के तहत लगभग 194 हेक्टेयर क्षेत्रफल में संरचना अधिष्ठापित  की गई है.

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मिट्टी जांच प्रयोगशाला में 8080 नमूना प्राप्त हुआ है.जिसमें से 780 नमूने का मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जा चुका है.फसल अवशेष प्रबंधन के संदर्भ में बताया गया कि विगत रब्बी मौसम में फसल अवशेष जलाने वाले 85 किसानों का निबंधन रद्द किया गया तथा एक के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई. बिचाली व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार पहल किया जा रहा है. इस व्यवसाय से जुड़े/इच्छुक 91 लोगों का डीपीआर सहित आवेदन वित्त पोषण के लिए विभिन्न बैंकों को भेजा गया है. बैंकों द्वारा इससे संबंधित कुछ प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया है. इसमें बैंकर्स द्वारा अत्यंत धीमी गति से कार्य किया जा रहा है.जिलाधिकारी ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिस बैंक द्वारा इन योजनाओं के क्रियान्वयन में  असहयोग किया जाएगा, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए एसएलबीसी को रिपोर्ट किया जाएगा.

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, पीडी आत्मा, सहायक निदेशक उद्यान सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...