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टेम्पों चालक की जिंदगी में ब्रेक

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राजधानी के ही समीप है पश्चिमी उत्तरी मैनपुरा ग्राम पंचायत। फिलवक्त मैनपुरा  ग्राम   पंचायत के मुखिया निलेश कुमार हैं। पंचायत के मुखिया ने जिस संभावित भय के कारण शराब की दुकानों को बंद करवाने का आग्रह किए थे। कुर्जीवासी उससे बेहाल होने लगे हैं। अभी एक टेम्पों चालक बेहाल है। इसके कारण टेम्पों चालक राजेश चौधरी की जिंदगी में ब्रेक लग गयी है।    मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया भाई धमेन्द्र की दुकान के पीछे राजेश चौधरी का घर है। वह किसी तरह से एक घर ढलवा सका है। उसी छत पर राजेश चौधरी बैठा रहता है। चलना - फिरना नहीं हो पाता है। बस समझ लीजिए कि टेम्पों चालक की जिंदगी में लग गयी ब्रेक। महादलित परिवार के घर में कोई कमाऊं व्यक्ति नहीं रहने के कारण विकास का रफ्तार थम गया। उम्र के ढलान के बाद भी बुजुर्ग महिला काम करने जाती हैं। पुत्र वधू भी जरूरत पड़ने पर मासूम बच्चे को साथ में लेकर काम करने जाती हैं। दोनों पटना द...