Bihar : ग्रामीण बिहार में इंटरनेट है, लेकिन डिजिटल सुविधा कितनी?
ग्रामीण बिहार में इंटरनेट है, लेकिन डिजिटल सुविधा कितनी? पटना। बिहार के गांवों की तस्वीर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है। जिस मोबाइल फोन को कभी केवल बातचीत का माध्यम माना जाता था, वही आज बैंक, बाजार, शिक्षा, सरकारी सेवा, रोजगार और मनोरंजन की खिड़की बन चुका है। गांव का युवा ऑनलाइन फॉर्म भर रहा है, किसान मौसम और मंडी की जानकारी खोज रहा है, विद्यार्थी वीडियो के जरिए पढ़ाई कर रहा है और परिवार का कोई सदस्य मोबाइल से पैसे भेज रहा है। लेकिन इस बदलाव के बीच एक बुनियादी सवाल खड़ा होता है— क्या ग्रामीण बिहार में इंटरनेट पहुंच जाने का मतलब डिजिटल सुविधा पहुंच जाना भी है? इसका जवाब पूरी तरह हां नहीं है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक देश के 6,44,131 गांवों में से लगभग 6,34,955 गांव मोबाइल कनेक्टिविटी से जुड़े थे और 6,31,834 गांवों में 4G मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध बताई गई। इसी अवधि में बिहार में 4G/5G बेस ट्रांसीवर स्टेशनों की संख्या 1,26,048 दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। लेकिन नेटवर्क की मौजूदगी और डिजिटल सशक्तिकरण एक ही बात नहीं है। मोबाइल ...