लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ के अवसर पर गुड़ वितरण

पटना.आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ के अवसर पर   गुड़ वितरण का कार्यक्रम चलाया गया. कांग्रेस नेता निर्मल वर्मा द्वारा उपलब्ध कराये गए खादी ग्राम उद्योग का शुद्ध गुड़ छठ करने वालों  के बीच में वितरण किया गया. इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधान पार्षद लालबाबू लाल, पूर्व महामंत्री डॉ विनोद शर्मा, निर्मल वर्मा, उमेश राम, सुदय शर्मा, निधि पांडे के साथ-साथ अनेक नेता उपस्थित थे.

आलोक कुमार

 

आचार्य विनोबा जी को उनकी 41 जयंती पर श्रद्धांजलि

'जय जगत' का नारा देने वाले भारत रत्न आचार्य विनोबा है

आज भी नारा जयघोष करने वाले कहते है 'जय जगत' का नारा है सारा संसार हमारा है

आचार्य विनोबा जी को उनकी 41 जयंती पर श्रद्धांजलि

         जन्म 11 सितंबर 1895- निधन 15 नवंबर 1982)

आज आचार्य विनायक नरहरि भावे उर्फ विनोबा भावे की पुण्यतिथि है.उनका जन्म बंबई के दक्षिण में गागोडे गांव में 11 सितंबर 1895 एक उच्च कोटि के चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

भावे भूदान यज्ञ ("भूमि-उपहार आंदोलन") के संस्थापक थे.एक उच्च जाति के ब्राह्मण परिवार में जन्मे, उन्होंने 1916 में अहमदाबाद के पास साबरमती में गांधी के आश्रम (तपस्वी समुदाय) में शामिल होने के लिए अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी.गांधी की शिक्षाओं ने भावे को भारतीय ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित तपस्या पूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया.  भूदान आंदोलन 1950 में भूमि व्यवस्था सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया एक आंदोलन था। इसे रक्तहीन आन्दोलन के नाम से भी जाना गया। संपूर्ण उत्तर: भूदान आंदोलन का उद्देश्य बड़ी मात्रा में भूमि रखने वाले अमीर लोगों को अपनी भूमि का कुछ हिस्सा स्वेच्छा से भूमिहीन लोगों को देने के लिए राजी करना था।    विनोबा भावे सर्वोदय आंदोलन एवं भूदान आंदोलन के प्रणेता के रूप में परिचित विनोबा भावे ने सर्वोदय समाज के स्थापना की.भूदान आन्दोलन संत विनोबा भावे द्वारा सन् 1951 में आरम्भ किया गया था. यह स्वैच्छिक भूमि सुधार आंदोलन था.विनोबा की कोशिश थी कि भूमि का पुनर्वितरण सिर्फ सरकारी कानूनों के जरिए नहीं हो, बल्कि एक आंदोलन के माध्यम से इसकी सफल कोशिश की जाए.    जमीन जुटाने के लिए विनोबा ने जमींदारों से बात की और उससे प्रभावित होकर रामचंद्र रेड्डी ने अपनी सौ एकड़ जमीन दान दे दी. इसी घटना से प्रेरित होकर उनके मन में भूदान आंदोलन शुरू किया जो महाराष्ट्र में विशेष तौर पर सफल रहा. उन्होंने 13 लाख गरीब किसानों के लिए 44 लाख एकड़ जमीन हासिल की.

विनोबा भावे  एक भारतीय राष्ट्रवादी और समाज-सुधार नेता थे.भावे का सबसे उल्लेखनीय योगदान भूदान (भूमि उपहार) आंदोलन का निर्माण था.      आंदोलन का मुख्य उद्देश्य इसके नाम, "भूदान" या भूमि का उपहार में निहित है। इसका उद्देश्य भूस्वामियों को अपनी भूमि का एक छोटा सा हिस्सा स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रेरित करके भूमिहीन किसानों के बीच भूमि वितरित करना था, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई कम हो सके.      15 नवंबर 1982 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी. वे 87 साल 2 महीना 4 दिन के थे.उनके अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने मास्को यात्रा तक स्थगित कर दी थी. विनोबा को 1958 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजा गया था. उनकी मृत्यु के अगले साल ही उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

आलोक कुमार

 

सदाकत आश्रम में मनाई गई पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की जयंती

 


सदाकत आश्रम में मनाई गई पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की जयंती


पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. सीताराम केसरी की 104वीं जयंती पर उनके तैल चित्र पर कांग्रेसजनों ने पुष्पांजलि अर्पित की।जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता नेता बिहार विधान परिषद कांग्रेस दल डॉ मदन मोहन झा ने की।


इस अवसर पर डॉ मदन मोहन झा ने स्व. सीताराम केशरी के व्यक्तिव और कृतित्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केशरी जी बिहार की धरती से राष्ट्रीय राजनीति में सबसे बड़े दल के अध्यक्ष तक का सफर तय किया। वे बिहार कांग्रेस के भी अध्यक्ष रहे। वे केन्द्रीय मंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के विभिन्न पदों को भी सुशोभित किया। कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों में उनके प्रति विशेष सम्मान था। स्व. केसरी ने जीवनपर्यंत कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत किया और गांधीवादी जीवन शैली के पक्षधर रहे।


स्व. सीताराम केसरी की 104वीं जयंती कार्यक्रम में डॉ मदन मोहन झा के अलावे ब्रजेश पाण्डेय, लाल बाबू लाल, ब्रजेश प्रसाद मुनन, निर्मल वर्मा, सरवत जहाँ फातिमा, उमेश कुमार राम, डॉ. विनोद शर्मा, अखिलेश्वर सिंह, निधि पाण्डेय, मिथिलेश शर्मा मधुकर, विमलेश तिवारी, विश्वनाथ बैठा, मृगेंद्र कुमार सिंह, राजेश मिश्रा, सुदय शर्मा, चितरंजन कुमार, मनीष कुमार सिन्हा, अब्दुल बकी सज्जन सहित अन्य प्रमुख नेतागण उपस्थित रहें।



आलोक कुमार

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

 छठ घाटों सहित आने-जाने वाले मार्गों की करिए समुचित साफ-सफाई : जिलाधिकारी

घाटों एवं आने-जाने वाले रास्ते में पर्याप्त रोशनी, खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग, घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मेडिकल टीम आदि की व्यवस्था करें सुनिश्चित

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

छठ महापर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर की जा रही तैयारियों की आज जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा समीक्षा की गयी

  बेतिया। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि पूर्व के पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने में सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व 17 नवंबर को नहाय खाय से प्रारंभ होकर 18 नवंबर को खरना, 19 नवंबर को भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य (संध्या कालीन) एवं 20 नवंबर को द्वितीय अर्घ्य (प्रातःकालीन) के साथ सम्पन्न होगा।

        महापर्व छठ को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कृतसंकल्पित है। छठव्रतियों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखना है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ अपने-अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निवर्हन तत्परतापूर्वक करेंगे।

        उन्होंने कहा कि छठ पूजा के अवसर पर विभिन्न घाटों पर व्रतियों के साथ बच्चों, महिलाओं, युवकों एवं वृद्धों की भारी भीड़ एकत्र होती है, एवं भगदड़ होने की संभावना रहती है। नदी, तालाबों में कोई डूबे नहीं, इस के लिए एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।

        छठ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर एहतियातन सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखनी हैै। छठ घाटों सहित आने-जाने वाले मार्गों की समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रौशनी, खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग, घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मेडिकल टीम आदि की व्यवस्थाएं रहनी चाहिए। बड़े घाटों पर सीसीटीवी का अधिष्ठापन आवश्यक है।

      जिलाधिकारी ने कहा कि अर्घ्य के समय बच्चे नदी, तालाबों आदि के पास नहीं जाए, इस पर विशेष ध्यान देना होगा। इस के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार मैसेज प्रसारित किया जाय। नावों के परिचालन पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। छठ घाटों पर पटाखों की बिक्री एवं संचालन को नियंत्रित किया जाना है।

     उन्होंने कहा कि सभी संबंधित प्रत्येक छठ घाटों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। बांस आदि के माध्यम से घाटों की गहराई का आकलन कर लेंगे। खतरनाक घाटों पर फ्लेक्स, बैनर का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। खतरनाक घाटों की समुचित घेराबंदी की जाए तथा वहाँ पर स्पष्ट सूचक बोर्ड एवं झंडे पर्याप्त संख्या में लगाया जाय।

      उन्होंने निर्देश दिया कि छठ महापर्व को लेकर छठ घाटों पर किये जा रहे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण सभी एसडीएम करेंगे। नगर आयुक्त, नगर निगम, बेतिया सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

      उन्होंने कहा कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर छट घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम का अधिष्ठापन कराना सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही अस्थायी शौचालय का निर्माण भी कराया जाय। एसडीआरएफ की टीम पूरी तरह मुस्तैद रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित गति से कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

     पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी ने कहा कि छठ महापर्व को लेकर सभी थानाध्यक्ष अलर्ट रहेंगे। नदियों में नाव का परिचालन नहीं हो, इसे सुनिश्चित करेंगे। असामाजिक तत्वों पर नजर बनाकर रखेंगे और उनके विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करेंगे।

      जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों अपील की गयी है कि जिलेवासी महापर्व छठ को  कि शांतिपूर्ण, आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिला प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था की जा रही है। छठव्रतियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए पूजा आयोजन समितियों से समन्वय स्थापित कर छठ घाट, आने-जाने वाले मार्गों की समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रौशनी आदि की व्यवस्था की जा रही है।

      इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बेतिया, श्री अमरकेश डी, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, एसडीएम, बगहा, डॉ0 अनुपमा सिंह, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, एसडीएम, नरकटियागंज, श्री सूर्य प्रकाश कुमार सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी आदि उपस्थित रहे तथा सभी एसडीपीओ, थानाध्यक्ष आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।


आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...