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मगध यूनिवर्सिटी में लुसी स्नेहा डिक्रुस "यूनिवर्सिटी टॉपर"


पटना. राजू पास्काल और उषा रॉबर्ट के सुपुत्र हैं सुशांत पास्कल.राजधानी पटना के शेखपुरा में स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में सुशांत पास्कल कार्यरत हैं.सुशांत पास्कल की धर्मपत्नी लुसी स्नेहा डिक्रुस हैं.दोनों का विवाह 27 दिसंबर 2017 में हुआ है.पारिवारिक जीवन के साथ एक स्कूल Mount Litera Zee School में शिक्षण कार्य करने के बाद लुसी स्नेहा डिक्रुस ने अपना एम.एड पाठ्यक्रम पूरा कर मगध यूनिवर्सिटी में "यूनिवर्सिटी टॉपर" बन गयी हैं.इस समय सेंट डोमिनिक सावियो हाई स्कूल में कार्यरत हैं.


"यूनिवर्सिटी टॉपर" लुसी स्नेहा डिक्रुस ने संत जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल,बेतिया से, पटना वीमेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया.मिर्जा गालिब शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज, पटना से बीएड और एमएड किया.उसने मगध विश्वविद्यालय में टॉप कर कीर्तिमान स्थापित कर दी. मुजफ्फरपुर में रहने वाले राजीव हेनरी की पत्नी अनुपमा राजीव हेनरी भी टॉपर है.दोनों रिश्तेदार है.

"यूनिवर्सिटी टॉपर" लुसी स्नेहा डिक्रुस कहती हैं कि मैं और मेरे परिवार के लोग काफी खुश हैं.एक महिला सब कुछ नहीं कर सकती हैं.हौसला बुलंद रखने की जरूरत है.कहती है कि एक

शब्द "यूनिवर्सिटी टॉपर" अपने आप में महान कृति है.इसे धारण करने वाले को एक आंतरिक आनंद मिलता है.जबकि नौकरी और विवाहित जीवन के साथ-साथ चले.उसी दौरान अपना एम.एड पाठ्यक्रम पूरा करना वास्तव में एक कठिन काम होता है.जिससे कामयाब हो गई. 

उन्होंने सर्वप्रथम सर्वशक्तिमान परमेश्वर , अपने जन्मदाता  George Anophio D'cruz पिता और माता हेलेन पास्काल, मेरे ससुराल वाले, मेरे पति और अपने दोस्तों को धन्यवाद दी और उनके प्रति आभार व्यक्त की.जो मेरी ताकत के रूप में मेरे साथ थे. आप लोगों के आशीर्वाद और समर्थन के बिना इस पद को हासिल नहीं कर पाती.वह एक फिर से बहुत बहुत धन्यवाद देती है.


सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधानसभा की 243 विधानसभाओं में से एक है. यह पटना साहिब लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ अन्य विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आता है. सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के विधायक युसूफ सलाहुद्दीन के करकमलों से "यूनिवर्सिटी टॉपर" लुसी स्नेहा डिक्रुस सम्मानित हुई.

इस अवसर पर तारिक हैदर (मिर्जा गालिब शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज, पटना की उप निदेशक, सैंड्रा एलिस, ग्लेंडा गैल्स्टोन, ग्लेन गैल्स्टोन (सेंट डोमिनिक सावियो हाई स्कूल की प्रबंधन समिति) को विशेष थैंक्स दिया गया.राजू पास्काल और उषा रॉबर्ट ने पुत्रवधू लुसी स्नेहा डिक्रुस पर गर्व महसूस किया है.


आलोक कुमार

सबसे ज्यादा हालात भारत के ही खराब

 

पटना.पाकिस्तान और कांग्रेस अलापने वाले पीछे दर पीछे ही चले जा रहे है.कांग्रेस के शासन काल में वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2010 में 67 वां स्थान था. 2011 में 67, 2012 में 66 और 2013 में 63 था.सत्ता परिवर्तन होने के बाद विकास बाबू के हाथ में 2014 में वैश्विक भुखमरी सूचकांक 55 वां स्थान दिया गया.उसके बाद कुकुरमुत्ता की तरह बढ़ता ही जा रहा रूकने का नाम नहीं ले रहा है.अब तो यह हाल हो गया है कि अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से पीछे है. साउथ एशिया के देशों में अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा हालात भारत के ही खराब हैं.

बता दे कि वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2015 में 80 वां, 2016 में 97 वां स्थान प्राप्त हुआ था.भारत को 2017 में 100वाँ स्थान प्राप्त हुआ. भारत को 2018 में 103वाँ स्थान प्राप्त हुआ.भारत को 2019 में 102वाँ स्थान प्राप्त हुआ है.वर्ष 2020 में भारत 94वें स्थान पर था.2021 में भारत को 116 देशों में से 101वाँ स्थान प्राप्त हुआ है.

वैश्विक भुखमरी सूचकांक यानी हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग और भी ज्यादा खराब हो गई है. भारत भुखमरी से जुड़ी इस रैंकिंग में 6 स्थान और नीचे गिर गया है. ताजा रैंकिंग के अनुसार, भारत 107वें स्थान पर आ गया है और यह रैंकिंग 121 देशों की है. यानी 121 देशों में भारत 107वें स्थान पर है. इससे पहले भारत 116 देशों की रैंकिंग में 101वें स्थान पर था. हैरानी की बात ये है कि अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से पीछे है. साउथ एशिया के देशों में अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा हालात भारत के ही खराब हैं.महिला और बाल विकास मंत्रालय ने कहा है कि भारत की छवि को लगातार एक दागदार देश के रूप में दिखाया जा रहा है, जो अपनी आबादी की खाद्य सुरक्षा और पोषण आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहा है.

वैश्विक भूख सूचकांक 2022 (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) में भारत की स्थिति और खराब हुई है. वह 121 देशों में 107वें नंबर पर है जबकि बच्चों में ‘चाइल्ड वेस्टिंग रेट’ (ऊंचाई के हिसाब से कम वजन) 19.3 प्रतिशत है जो दुनिया के किसी भी देश से सबसे अधिक है. पड़ोसी देश पाकिस्तान (99), बांग्लादेश (84), नेपाल (81) और श्रीलंका (64) भारत के मुकाबले कहीं अच्छी स्थिति में हैं. एशिया में केवल अफगानिस्तान ही भारत से पीछे है और वह 109वें स्थान पर है. वैश्विक भूख सूचकांक  के  जरिए वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तरों पर भूख पर नजर रखी जाती है और उसकी गणना की जाती है. 29.1 अंकों के साथ भारत में भूख का स्तर.

  भारत 2021 में 116 देशों में 101वें नंबर पर था जबकि 2020 में वह 94वें पायदान पर था. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में सबसे अधिक भूख के स्तर वाले क्षेत्र, दक्षिण एशिया में बच्चों में नाटापन की दर (चाइल्ड स्टंटिंग रेट) सबसे अधिक है. इसमें कहा गया है, श् भारत में ‘चाइल्ड वेस्टिंग रेट’ 19.3 प्रतिशत है जो दुनिया के किसी भी देश में सबसे अधिक है और भारत की बड़ी आबादी के कारण यह इस क्षेत्र के औसत को बढ़ाता है.श्

  भारत में करीब 20 लोग ऐसे हैं, जो हर रोज अच्छे से खाना नहीं खा पाते हैं और रात को उन्हें भूखे ही सोना पड़ता है. साल 2020 में साउथ एशिया में 1331.5 मिलियन लोग ऐसे थे, जैसे हेल्दी डाइट नहीं मिल पाई और उसमें से 973.3 मिलियन तो भारत के लोग थे. अगर भूख से मरने वाले लोगों का आंकड़ा देखें तो भारत में हर साल 7 हजार से 19 हजार लोग हर भूख से मर जा रहे हैं. यानी पांच से 13 मिनट में एक आदमी बिना खाने के मर जाता है. वहीं, इंडिया फूड बैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 189.2 मिलियन लोग कुपोषित हैं. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में 14ः जनसंख्या कुपोषित है.

भारत ने वैश्विक भूख सूचकांक रिपोर्ट 2022 को खारिज कर दिया है. इसमें भारत को एक सौ इक्कीस देशों में एक सौ सातवां स्थान दिया गया है.महिला और बाल विकास मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि भारत की छवि को लगातार एक दागदार देश के रूप में दिखाया जा रहा है, जो अपनी आबादी की खाद्य सुरक्षा और पोषण आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पा रहा है.मंत्रालय ने कहा है कि यह सूचकांक भूख के गलत मानकों पर आधारित है और इसमें गंभीर प्रणालीगत खामियां हैं. मंत्रालय ने कहा है कि यह रिपोर्ट जमीनी वास्तविकताओं को नहीं दिखाती है और इसमें सरकार के कोविड महामारी के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों को नहीं दर्शाया गया है.

कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 8 साल में 2014 के बाद से हमारा स्कोर खराब हुआ है. उन्होंने ट्विटर पर पूछा, ' माननीय प्रधान मंत्री कब बच्चों के बीच कुपोषण, भूख और लाचारगी जैसे वास्तविक मुद्दों का समाधान करेंगे?'


आलोक कुमार

शैक्षणिक विकास प्रतियोगिता में छात्रों ने भाग लिया


छात्रों के समग्र विकास के लिए प्रबोध जन सेवा संस्थान ने आयोजित किया शैक्षणिक विकास प्रतियोगिता

सोनो. रविवार को +2 उच्च विद्यालय, सरधोडीह में प्रबोध जन सेवा संस्थान के द्वारा शैक्षणिक विकास प्रतियोगिता के तहत प्रखंड स्तरीय क्विज प्रतियोगिता  आयोजित की गयी.जिसमें प्रखंड के 1) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,बटिया 2)उत्क्रमित मध्य विद्यालय,पैरा मतिहाना 3) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,तेतरिया 4) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,ढोंढरी 5) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,पिपराबांक 6) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,तिलवरिया 7) उत्क्रमित मध्य विद्यालय,अमझरी 8) उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लखनकियारी व अन्य विद्यालय के छात्रों ने भाग लिया.

   

जिसमें शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  केवल अष्टम और नवम के छात्र- छात्राओं के बीच शैक्षणिक विकास प्रतियोगिता का आयोजित की गयी. जिसमें अष्टम से कुल दस छात्र-छात्रा को बेहतर प्रदर्शन के लिए तथा नवम से पांच छात्र-छात्रा को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रशस्ति-पत्र तथा पाठ्य सामग्री देकर सम्मानित किया गया. संस्थान के जिला सचिव विनोद कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रबोध जन सेवा संस्थान के बैनर तले डॉ अवधेश कुमार निराला के सौजन्य से किया गया.

 


इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिसमें पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्री संजय कुमार मंडल, डॉ सुशील वर्मा, मुखिया प्रतिनिधि अयोध्या मंडल, मुखिया प्रतिनिधि गियास अंसारी तथा संस्थान की ओर से उपस्थित रहे सामाजिक कार्यकर्त्ता सुदर्शन सिंह, संस्थान सचिव व संस्थान संस्थापक सदस्य सुमन सौरभ, जिला सचिव विनोद कुमार, सहयोगी संजीत कुमार, पर्यावरण मित्र हरेराम सिंह, अशोक यादव, सिकन्दर कुमार, आदि उपस्थित थे.

आलोक कुमार

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