छात्रों के लिए गर्मी के छुट्टी के दौरान समर कैंप

 
मोतिहारी. परियोजना” पूर्वी चंपारण के सहयोग से पूर्वी चंपारण जिले के सभी प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कक्षा 5 और 6 के छात्रों के अलावा अन्य प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए गर्मी के छुट्टी के दौरान समर कैंप का आयोजन दिनांक 1 जून से 30 जून तक किया गया.

 इस समर कैंप में सभी बच्चों को ज्ञानवर्धक प्रारंभिक शिक्षा मनोरंजक तरीके से प्रदान किया गया.पूर्वी चम्पारण जिले के सभी 27 प्रखंडों के 908 गांवों में अब तक 2296 समर कैंप का संचालन किया गया.

       इन सभी कैम्पों के संचालन के लिए कुल 2296 स्वयंसेवी शिक्षित व्यक्तियों का चयन किया गया , जो अपनी इच्छा से बच्चों को शिक्षा प्रदान करना चाहते थे.समर कैंप से पूर्व सभी चयनित स्वयंसेवियों को समर कैंप का संचालन एवं क्रियाकलापों का सही  से क्रियान्वयन के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया गया.30 दिनों के इस समर कैंप में बच्चों के लिए प्रतिदिन अलग अलग पाठ्य सामग्री, कहानी एवं मनोरंजक गतिविधियों को किया गया.

          इन सभी कैम्पों के संचालन के लिए कुल 2296 स्वयंसेवी शिक्षित व्यक्तियों का चयन किया गया , जो अपनी इच्छा से बच्चों को शिक्षा प्रदान करना चाहते थे.समर कैंप से पूर्व सभी चयनित स्वयंसेवियों को समर कैंप का संचालन एवं क्रियाकलापों का सही  से क्रियान्वयन के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया गया.30 दिनों के इस समर कैंप में बच्चों के लिए प्रतिदिन अलग अलग पाठ्य सामग्री, कहानी एवं मनोरंजक गतिविधियों को किया गया.

         इस प्रकार के आयोजन से बच्चे प्रतिदिन एक नियत समय पर कैंप में आकर स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा मनोरंजक तरीके से शिक्षा ग्रहण किए. जिनसे उन्हें काफी ज्ञान और काफी ख़ुशी भी मिलती थी.बच्चों के पढने की ललक देख कर उनके अभिभावक भी काफी खुश हुए और सरकार के इस पहल के लिए धन्यवाद भी किया गया .इस समर कैंप में  जिले के सभी प्रखंडों के कुल 31588 छात्र  लाभान्वित हुए .

    जिले में हुए इस समर कैंप का निरीक्षण समय समय पर जिले के जीविका जिला परियोजना प्रबंधक, श्री गणेश पासवान सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा किया गया और बच्चों के अभिभावकों से बातचीत कर इस कैंप को और भी बेहतर रूप से संचालन के लिए सम्बंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश  दिया गया.

आलोक कुमार

कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया निर्देश


जनता दरबार में जिलाधिकारी ने 24 आवेदकों की समस्याओं को सुना, कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया निर्देश

नालंदा. दैनिक जनता दरबार में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज 24 लोगों की समस्याओं को सुना तथा समस्याओं के निदान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

        नूरसराय के सीताराम प्रसाद द्वारा जेपी सेनानी का पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की गई. जिलाधिकारी ने सामान्य शाखा प्रभारी को  इस संबंध में कार्रवाई का निर्देश दिया.बिहारशरीफ प्रखंड के केवल बीघा निवासी जामो देवी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की गई. जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को जांच कर अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया.

     बिहार शरीफ निवासी मो० नसीरुद्दीन द्वारा बताया गया कि मखदूम तालाब के जीर्णोद्धार एवं पास में नाला के निर्माण के क्रम में निकाली गई मिट्टी रास्ते पर फैल गई है जिसके कारण आवागमन में कठिनाई हो रही है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई कार्य प्रमंडल से दूरभाष पर बात की तथा स्थल निरीक्षण कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा.

       कुछ मामलों की सुनवाई लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत सुनवाई के लिए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया.अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को भेजते हुए समाधान के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.


आलोक कुमार 

सेंट जोसेफ युवाओं को ऐसे पुरुषों और महिलाओं के रूप में विकसित करने में दृढ़ता

बेंगलुरु. सेंट जोसेफ युवाओं को ऐसे पुरुषों और महिलाओं के रूप में विकसित करने में दृढ़ता से विश्वास करता है जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करते हैं.दिवंगत फादर स्टेन स्वामी एसजे के सम्मान में 5 जुलाई को ‘पिंजरे में बंद पक्षी का सपना‘ विषय पर एक विशेष सभा आयोजित किया गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता जेसुइट पुरोहित और मानवाधिकार अधिवक्ता फादर स्टेन स्वामी ने अपना जीवन भारत के सुदूरवर्ती हिस्से में रहने वाले आदिवासियों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए समर्पित कर दिया.

   उस दिन के मुख्य अतिथि श्री जॉन देवराज थे, जो एक प्रसिद्ध मूर्तिकार, चित्रकार, वास्तुकार, फिल्म निर्माता, कला निर्देशक, गायक, फोटोग्राफर और महान इंसान थे, जिन्हें सामाजिक कारणों के लिए फादर स्टेन के साथ मिलकर काम करने का सौभाग्य मिला था. शांति और समानता को बढ़ावा देना.अपने संबोधन में, जॉन देवराज ने शांति और सुलह के लिए काम करने के लिए फादर स्टेन के साथ बिताए समय को याद किया; उन्होंने छात्रों को बंदूक के बजाय कलम उठाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने अपनी एक मौलिक रचना गाई फादर स्टेन को श्रद्धांजलि के रूप में ‘स्टेन की यह छोटी सी रोशनी‘.

  प्रिंसिपल, फादर रोहन डी‘अल्मेडिया ने छात्रों को फादर स्टेन द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए ईमानदारी, साहस और ईमानदारी के मूल्यों को अपनाकर न्याय और शांति के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया. स्कूल गायक दल ने ‘दिस लिटिल गाइडिंग लाइट ऑफ स्टेन‘ गीत की मधुर प्रस्तुति दी. आदिवासियों के लिए खड़े रहने वाले एक अनुकरणीय व्यक्ति फादर स्टेन द्वारा अपनाए गए मूल्यों को आत्मसात करने के लिए कक्षाओं में निबंध लेखन, वाद-विवाद, रोल प्ले और एक्सटेम्पोर जैसी कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं. कक्षा 12 बी के छात्र रुशिल ने कहा, ‘हमारी मूल्य प्रणाली महत्वपूर्ण है और हमें पूंजीवादी समाज में व्यक्तियों के बजाय एक समुदाय के रूप में काम करने की जरूरत है.

      12वीं कक्षा का छात्र निर्विकार प्रकृति की प्रचुरता को प्रकृति के साथ साझा करने की आदिवासी संस्कृति के बारे में फादर स्टेन की जीवन यात्रा से प्रेरित था.

       कक्षा 11बी की छात्रा वीक्षा कहती हैं, ‘भारत की संस्कृति भारत की जनजातियों में गहराई से निहित है, जैसा कि हम उनकी परस्पर निर्भरता और प्रकृति के साथ उनके संबंध में देख सकते हैं, यही एक कारण था कि फादर स्टेन आदिवासियों के साथ खड़े थे.

   सभा का समापन छात्रों को अपने अधिकारों के साथ-साथ वंचितों के लिए लड़ने के लिए शिक्षित करने के साथ हुआ.जैसा कि फादर स्टेन का दृढ़ विश्वास था कि कहीं भी अन्याय हर जगह न्याय के लिए खतरा है.

   मालूम हो कि 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी की 3 जुलाई, 2021 को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े केस में एक्टिविस्ट फादर स्टेन स्वामी को अरेस्ट किया गया था और जिस दिन उनकी मौत हुई उसी दिन बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी. फादर स्‍टेन स्‍वामी की मौत के बाद उनके परिवार और दोस्तों ने इसे संस्‍थागत हत्या का आरोप लगाया है.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब जेल में बंद अन्य लोगों के स्वास्थ्य और जीवन का डर है.

आलोक कुमार

Bihar : पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस

  बेतिया पल्ली में मरियम के जन्मोत्सव पर आस्था का उत्सव प्रार्थना, पवित्र मिस्सा और आठ बच्चों के प्रथम परमप्रसाद के साथ मनाया गया पल्ली दिवस...