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संवाद और समझ को बढ़ावा देना वक्त की मांग : पीवी राजगोपाल

 इस समय नेपाल में ‘गांधी से बुद्ध तक अभियान‘चल रहा है


नेपाल.इस समय नेपाल में ‘गांधी से बुद्ध तक अभियान‘चल रहा है.प्रख्यात गांधीवादी नेता पीवी राजगोपाल का कहना है कि हम लोग एक साथ मिलकर समुदायों में सामाजिक समन्वय और एकजुटता को बढ़ावा ला सकते है. इस तरह के संवाद और समझ को बढ़ावा देना वक्त की मांग है.

उन्होंने कहा कि हम मिलकर एक निष्पक्ष समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति के अधिकारों का सम्मान हो और दुनिया शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलती है.एकता परिषद के संस्थापक और शांतिवाहक कार्यकर्ता पी वी राजगोपाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विकास के नाम पर हम दुनिया भर में भूमि अधिकारों और भूमि संरक्षण, महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नीति सुधार की वकालत कर रहे हैं जो भूमिहीन किसानों और आदिवासियों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं.उन्होंने वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के कल्याण के लिए प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए चिंता दिखाई.

     विश्व शांति सभी देशों और लोगों के बीच और उनके भीतर स्वतंत्रता, शांति और खुशी का एक आदर्श है. विश्व शांति पूरी पृथ्वी में अहिंसा स्थापित करने का एक विचार है, जिसके तहत देश या तो स्वेच्छा से या शासन की एक प्रणाली के जरिये इच्छा से सहयोग करते हैं, ताकि युद्ध को रोका जा सके. हालांकि कभी-कभी इस शब्द का प्रयोग विश्व शांति के लिए सभी व्यक्तियों के बीच सभी तरह की दुश्मनी के खात्मे के सन्दर्भ में किया जाता है. संभावना जबकि विश्व शांति सैद्धांतिक रूप से संभव है, कुछ का मानना है कि मानव प्रकृति स्वाभाविक तौर पर इसे रोकती है. यह विश्वास इस विचार से उपजा है कि मनुष्य प्राकृतिक रूप से हिंसक है या कुछ परिस्थितियों में तर्कसंगत कारक हिंसक कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे. तथापि दूसरों का मानना है कि युद्ध मानव प्रकृति का एक सहज हिस्सा नहीं हैं और यह मिथक वास्तव में लोगों को विश्व शांति के लिए प्रेरित होने से रोकता है. विश्व शांति के सिद्धांत विश्व शांति कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसके लिए कई सिद्धांतों का प्रस्ताव किया गया है. इनमें से कई नीचे सूचीबद्ध हैं. विश्व शांति हासिल की जा सकती है, जब संसाधनों को लेकर संघर्ष नहीं हो. उदाहरण के लिए, तेल एक ऐसा ही संसाधन है और तेल की आपूर्ति को लेकर संघर्ष जाना पहचाना है.इसलिए, पुनः प्रयोज्य ईंधन स्रोत का उपयोग करने वाली प्रौद्योगिकी विकसित करना विश्व शांति हासिल करने का एक तरीका हो सकता है.लोकतांत्रिक शांति सिद्धांत विवादास्पद डेमोक्रेटिक शांति सिद्धांत के समर्थकों का दावा है कि इस बात के मजबूत अनुभवजन्य साक्ष्य मौजूद हैं कि लोकतांत्रिक देश कभी नहीं या मुश्किल से ही एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध छेड़ते हैं. 


आलोक कुमार

कार्रवाई को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिया निर्देश

 जनता दरबार में जिलाधिकारी ने 18 आवेदकों की समस्याओं को सुना

नालंदा.दैनिक जनता दरबार में नालंदा जिले के जिलाधिकारी ,श्री शशांक शुभंकर ने आज 18 लोगों की समस्याओं को सुना तथा समस्याओं के निदान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.बिहारशरीफ के कागजी मोहल्ला के निवासी शांति देवी द्वारा बताया गया कि मेरे गोतिया पड़ोसी के द्वारा मेरे संपत्ति हड़पने के लिए तंग किया जाता है एवं अज्ञात तीन अन्य लोगों के साथ घर में प्रवेश कर मुझे पीटा गया.

  जिलधिकारी महोदय द्वारा  समस्या निष्पादन के लिए  पुलिस अधीक्षक, नालंदा को निर्देशित किया गया.वरडीह के एक आवेदक द्वारा बताया गया कि जमाबन्दी में प्रविष्ट खाता, खेसरा, चौहद्दी एवं रकबा की प्रविष्टि में सुधार करने के लिए ऑनलाइन खाता संख्या कंप्यूटर पर चढ़ाने के लिए हल्का कर्मचारी द्वारा उनसे दस हजार रुपया का मांग किया गया जो उनसे नहीं हो पा रहा है.

     जिलाधिकारी महोदय ने आवश्यक कार्रवाई के लिए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया.आवेदक रामकृत प्रसाद द्वारा बताया गया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप तरीके से भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है जो कि गलत है.यह सरकारी जमीन का खाता संख्या 332, प्लॉट संख्या 5278 है.

      जिलाधिकारी महोदय ने नगर आयुक्त को मामले में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया.हरनौत प्रखंड के आवेदक द्वारा बताया गया कि मेरे भतीजे द्वारा मार -पीटकर घर से भगा दिया है एवं उन्हें जमीन जायदाद से बेदखल कर दिया गया है.जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस मामले को अंचलाधिकारी हरनौत तथा थाना प्रभारी हरनौत को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है.अन्य आवेदनों को भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को भेजते हुए समाधान के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया है.

आलोक कुमार

एक दिवसीय बचपन बचाओ आंदोलन के ऊपर कार्यशाला संपन्न

 पंचायत एवं वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति के लिए एक दिवसीय कार्यशाला 

सीतामढ़ी.एक दिवसीय बचपन बचाओ आंदोलन के ऊपर कार्यशाला संपन्न हो गया. इसका आयोजक जिला बाल संरक्षण ईकाई ,सीतामढ़ी एवं प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति,बथनाहा थे.बथनाहा प्रखंड कार्यालय में स्थित सभागार में कार्यशाला चला. इस कार्यशाला में पंचायत एवं वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों ने भाग लिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार प्रसाद के निर्देशन में किया गया.


   इस कार्यशाला का उद्घाटन विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार प्रसाद, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीमा कुमारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुशांत कुमार ने संयुक्त रूप से किया. बीडीओ अजीत कुमार प्रसाद ने  प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि बथनाहा प्रखंड बाल श्रम मुक्त प्रखंड क्षेत्र है. जिला प्रशासन, जिला पुलिस एवं बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से निरंतर बाल शोषण पर  प्रखंड क्षेत्र में पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए पहल किया जा रहा हैं.कार्यशाला का लाभ उठाकर बाल संरक्षण समिति के सदस्य प्रत्येक माह वार्ड एवं पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक निर्धारित तिथि को करना प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करेंगे.

     सीडीपीओ रीमा कुमारी ने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को बाल विवाह निषेध कानून  एवं बाल विवाह के दुष्प्रभाव की जानकारी देते हुए एक भी बाल विवाह किसी भी वार्ड में न हो यह सुनिश्चित करने के लिए बाल संरक्षण समिति का ज्ञानवर्धन किया गया. इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुशांत कुमार ने बाल श्रम निषेध कानून, बाल श्रम के दुष्परिणाम एवं बाल श्रम से मुक्त बच्चें के पुनर्वास की योजनाओं की जानकारी दी.

          प्रशिक्षण कार्यशाला में बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधि  ने बाल संरक्षण समिति के कर्तव्य दायित्व में बच्चों के सुरक्षा के लिए संवेदनशीलता से संबंधित ज्ञानवर्धक एवं बाल दुर्व्यवहार , बाल यौन शोषण से संबंधित कानूनों की जानकारी दी. कार्यशला में रूपौली रूपहारा एवं हरनहिया पंचायत के सभी महिला प्रवेक्षिका , वार्ड सदस्य,आंगनवाड़ी सेविका, जीविका के प्रतिनिधी, बाल समिति के प्रतिनिधि गांव के बाल संरक्षण समिति के सदस्य सहित प्रतिभागी शामिल थे.


आलोक कुमार


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