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अप्रैल 14, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कार्य योजना तैयार करने का निर्देश आरसीडी विभाग के अभियंता को दिया

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    गया, 13 अप्रैल। जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने आगामी गर्मी के मौसम में संभावित होने वाले पेयजल समस्या को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से स्थानीय जनप्रतिनिधियों / मुखिया जी, प्रखंड के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी गया, जिला पंचायत राज पदाधिकारी के साथ किसान भवन गुरारू में समीक्षा बैठक की गई।           जिला पदाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों का बैठक में स्वागत करते हुए उनके क्षेत्र में पेयजल समस्या के वस्तु स्थिति की जानकारी प्राप्त किए। उन्होंने सभी पंचायतों में संचालित नल जल योजना एवं सार्वजनिक चापाकल मरम्मती एवं अन्य योजनाओं की जानकारी पंचायतो के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से बारी बारी से वर्तमान स्थिति से अवगत हुए।             प्रखंड विकास पदाधिकारी गुरारू ने बताया कि इस प्रखंड में कुल 12 पंचायत है।पीएचडी के अभियंता ने बताया कि गुरारू में औसतन 32 फीट भूगर्भ जल स्तर है गोरा रूप में पीएचडी का फुल 41 वार्ड में 49 नल जल योजना क्रियान्वित है जिसमें हे योजना बंद है। जिला पदाधिकारी ने सख्त हिदायत देते हुए न...

सद्भावना एकजुटता अभियान के तहत भाकपा-माले का राज्यव्यापी कार्यक्रम

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*अम्बेडकर के क्रांतिकारी विचार और उनकी महान लोकतांत्रिक विरासत फासीवाद के खिलाफ संघर्ष की राह रौशन करता रहेगा: माले *पटना में उच्च न्यायालय के पास डाॅ. अंबेडकर की मूर्ति पर किया माल्यार्पण *सद्भावना एकजुटता अभियान के तहत भाकपा-माले का राज्यव्यापी कार्यक्रम *सांप्रदायिक हिंसा के जिम्मेवार बजरंग दल के अपराधियों की गिरफ्तारी व प्रतिबंधित करने की मांग *बिहारशरीफ के मदरसा अजीजिया के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी राज्य सरकार ले पटना.विगत रामनवमी में बिहार शरीफ सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में भाजपा-संघ द्वारा की गई सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ भाकपा-माले का 11 अप्रैल से चल रहा सद्भावना एकजुटता अभियान का कार्यक्रम आज संपन्न हो गया. आज डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन पर पूरे राज्य में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ फासीवादी ताकतों को मुकम्मल तौर पर पीछे धकेलने का संकल्प भी लिया गया.       राजधानी पटना में उच्च न्यायालय के पास अवस्थित डाॅ. अंबेडकर की मूर्ति पर माले नेताओं ने पुष्पांजलि की. भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, वरिष्ठ नेता केडी यादव, शशि यादव, अभ्युदय, अनिता सिन्हा, आर एन ठाक...

भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेव डा0 भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयन्ती

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पटना.भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेव डा0 भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयन्ती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता  पूर्व  मंत्री संजीव प्रसाद टोनी ने की. इस अवसर पर  पूर्व  मंत्री संजीव प्रसाद टोनी ने कहा कि डा0 अम्बेडकर ने भारतीय संविधान की संरचना कर अद्वितीय कार्य किये है. डा0 अम्बेडकर हमेशा देश के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उनकी विचार धारा का सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में जब पंडित जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल का गठन हुआ, उस समय डा0 भीमराव अम्बेडकर को कांग्रेस का सदस्य नहीं होने के बाबजूद उन्हें देश का विधि मंत्री बनाया गया.  उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माण में डा0 अम्बेडकर के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है तथा आज कृतज्ञ राष्ट्र उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है. इस अवसर पर पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक,नरेन्द्र कुमार, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, डा0 हरखू झा, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, आलोक हर्ष, ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव प्रसाद...

भूमि प्रश्नों को हल किए बिना बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकलना संभव नहीं

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   प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और आद्री के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी घोष का निधन अपूरणीय क्षति पटना.भाकपा-माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और आद्री, पटना के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी. घोष के निधन पर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने ट्वीट कर अपने शोक संदेश में कहा है कि आद्री को एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान बनाने और संवारने में बिहार के बड़े विद्वान व लेखक अरविंद एन दास और अर्थशास्त्री शैवाल गुप्ता के साथ-साथ प्रोफेसर पीपी घोष अपने महान योगदान के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. शोक की इस घड़ी में उनके सभी प्रियजनों और करीबियों के प्रति गहरी संवेदनाएं.         पोलित ब्यूरो सदस्य व खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि बिहार को उसके ऐतिहासिक पिछड़ेपन से निकालने के उपायों के अकादमिक कार्य में उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी. बिहार में भूमि प्रश्नों पर उनकी खास दिलचस्पी थी. उनका मानना था कि भूमि प्रश्नों को हल किए बिना बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकलना संभव नहीं है. उन्होंने बदल...