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कार्य योजना तैयार करने का निर्देश आरसीडी विभाग के अभियंता को दिया

  

गया, 13 अप्रैल। जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने आगामी गर्मी के मौसम में संभावित होने वाले पेयजल समस्या को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से स्थानीय जनप्रतिनिधियों / मुखिया जी, प्रखंड के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी गया, जिला पंचायत राज पदाधिकारी के साथ किसान भवन गुरारू में समीक्षा बैठक की गई।

         


जिला पदाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों का बैठक में स्वागत करते हुए उनके क्षेत्र में पेयजल समस्या के वस्तु स्थिति की जानकारी प्राप्त किए। उन्होंने सभी पंचायतों में संचालित नल जल योजना एवं सार्वजनिक चापाकल मरम्मती एवं अन्य योजनाओं की जानकारी पंचायतो के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से बारी बारी से वर्तमान स्थिति से अवगत हुए।   

         प्रखंड विकास पदाधिकारी गुरारू ने बताया कि इस प्रखंड में कुल 12 पंचायत है।पीएचडी के अभियंता ने बताया कि गुरारू में औसतन 32 फीट भूगर्भ जल स्तर है गोरा रूप में पीएचडी का फुल 41 वार्ड में 49 नल जल योजना क्रियान्वित है जिसमें हे योजना बंद है। जिला पदाधिकारी ने सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया कि गर्मी को देखते हुए बंद पड़े योजनाओं को चालू कराने में पूरी जोर लगा ले ताकि इस योजना से वंचित लोगों तक तेजी से पानी पहुंचाया जा सके।

डीएम ने गर्मी को देखते हुए हर हाल में नल जल योजना को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है। इस दौरान गुरारू बाजार सहित प्रखंड के कई स्थानों पर पीएचईडी द्वारा नल जल योजना बंद होने की उन्हें शिकायत मिली। इस पर ज़िला पदाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द पीएचईडी योजना की बंद नल जल योजना को चालू करने का निर्देश देते हुए रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। उन्होंने प्रखंड के सभी पंचायत के मुखिया से नलजल योजना की स्थिति की जानकारी ली। शिकायत मिलने पर डीएम ने पीएचईडी के पदाधिकारियों को क्षेत्र के सभी आपूर्ति केन्द्र की मरम्मत कर पानी चालू करने का सख्त निर्देश दिया है।

          चापाकल मरम्मत के समीक्षा के दौरान बताया गया कि गुरारू में चापाकल मरम्मत की 2 टीम कार्यरत है जिसमें अब तक 108 चापाकल को मरम्मत किया गया है। जिला पदाधिकारी ने चापाकल मरम्मत में तेजी लाने का निर्देश दिए।     

उन्होंने सभी मुखिया जी को निर्देश दिया कि राशि के अभाव में यदि किसी टोले, जो वर्तमान समय में छूटा हुआ टोला है, वहां कम से कम बोरिंग कराते हुए स्टैंड पोस्ट के माध्यम से 10 से 15 नल का टेप लगा दे, ताकि उस क्षेत्र के लोगों को पानी मिल सके। शेष पाइप बिछाने का कार्य आवंटन आने के पश्चात करें।

          बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गुरारू को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि गुरारू प्रखंड के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन पानी के अभाव में बंद ना रहे।उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को कहा कि अपने सार्वजनिक स्थानों पर विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्थानों बस स्टैंड सब्जी मंडी चौक चौराहों पर प्याऊ लगवाएं।

          बैठक में जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी गुरारू को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए जमीन का एनओसी देने में देरी ना करें।

      इसके पश्चात जिला पदाधिकारी ने गुरारू बाजार में नाले की स्थिति का जायजा लिया। गुरारू बाजार तथा चीनी मिल निर्माणाधीन नाले के पानी की निकासी के लिए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश आरसीडी विभाग के अभियंता को दिया।


आलोक कुमार

सद्भावना एकजुटता अभियान के तहत भाकपा-माले का राज्यव्यापी कार्यक्रम


*अम्बेडकर के क्रांतिकारी विचार और उनकी महान लोकतांत्रिक विरासत फासीवाद के खिलाफ संघर्ष की राह रौशन करता रहेगा: माले

*पटना में उच्च न्यायालय के पास डाॅ. अंबेडकर की मूर्ति पर किया माल्यार्पण

*सद्भावना एकजुटता अभियान के तहत भाकपा-माले का राज्यव्यापी कार्यक्रम

*सांप्रदायिक हिंसा के जिम्मेवार बजरंग दल के अपराधियों की गिरफ्तारी व प्रतिबंधित करने की मांग

*बिहारशरीफ के मदरसा अजीजिया के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी राज्य सरकार ले


पटना.विगत रामनवमी में बिहार शरीफ सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में भाजपा-संघ द्वारा की गई सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ भाकपा-माले का 11 अप्रैल से चल रहा सद्भावना एकजुटता अभियान का कार्यक्रम आज संपन्न हो गया. आज डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन पर पूरे राज्य में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ फासीवादी ताकतों को मुकम्मल तौर पर पीछे धकेलने का संकल्प भी लिया गया.

      राजधानी पटना में उच्च न्यायालय के पास अवस्थित डाॅ. अंबेडकर की मूर्ति पर माले नेताओं ने पुष्पांजलि की. भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, वरिष्ठ नेता केडी यादव, शशि यादव, अभ्युदय, अनिता सिन्हा, आर एन ठाकुर, एसके शर्मा, शिवसागर शर्मा, समता राय आदि नेताओं ने पुष्पांजलि की.

मौके पर पन्ना लाल, मुर्तजा अली, केके सिन्हा, संजय यादव, जितेन्द्र कुमार, डॉ. प्रकाश, पुनीत, प्रमोद यादव, प्रकाश कुमार, आइसा के अनिवेश चंदन, नीरज, साकेत, अभिषेक और खेग्रामस के दिलीप सिंह भी उपस्थित थे.

       इस अवसर पर माले राज्य सचिव कुणाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज जब संविधान के नाम पर भारत पर शासन कर रही फासीवादी सत्ता आधुनिक भारत के इस मूल दस्तावेज और ढांचे के खिलाफ एक अनवरत शातिराना युद्ध छेड़ रही है, तो हमें अम्बेडकर के क्रांतिकारी विचारों को ग्रहण करने और उनकी महान लोकतांत्रिक विरासत को कायम रखन के लिए बार-बार उनके पास जाने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि डाॅ. अंबेडकर हिंदुत्व की विनाशकारी विचारधारा के प्रति बेहद सचेत थे. उन्होंने कहा था कि यदि हिंदू राज एक हकीकत बन जाता है, तो निस्संदेह, यह इस देश के लिए सबसे बड़ी आपदा होगी. दुर्भाग्य से आज देश वही दौर देख रहा है. हमने हाल में बिहारशरीफ-सासाराम और राज्य के कई अन्य दूसरे हिस्सों में उनका तांडव देखा, जब शिक्षा के एक 100 साल पुराने केंद्र मदरसा अजीजिया को पूरी तरह जला दिया गया.

        सद्भावना एकजुटता कार्यक्रम के तहत आज बिहारशरीफ के हिलसा सहित इसलामपुर, बेतिया, सिकटा, मोतिहारी, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, सिवान, समस्तीपुर, बक्सर, आरा, दरभंगा, पालीगंज, गया आदि जगहों पर भी डाॅ. अंबेडकर की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और फासीवाद को मिटाने का संकल्प लिया गया.

इस अभियान के तहत माले कार्यकर्ताओं ने बिहारशरीफ व सासाराम के साम्प्रदायिक हिंसा में स्थानीय भाजपा विधायक, पूर्व विधायक और सांसद की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने, साम्प्रदायिक हिंसा के दोषी संघ-भाजपा के तमाम अपराधियों को गिरफ्तार करने, साम्प्रदायिक हिंसा में डीएम-एसपी की भूमिका की जांच करने, साम्प्रदायिक हमले के शिकार मुस्लिम सम्प्रदाय पर दमन बन्द करने, साम्प्रदायिक हमले में लूट लिए गए तमाम दुकानदारों, मृतक, घायलों व पीड़ितो को मुआवजा देने, मदरसा के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने; मदरसा, सोगरा कॉलेज और मस्जिद के पुनरूद्धार की जिम्मेवारी राज्य सरकार द्वारा करवाने, सांप्रदायिक हिंसा के जिम्मेवार बजरंग दल के अपराधियों को गिरफ्तार व प्रतिबंधित करने आदि की भी मांगे उठाईं.


आलोक कुमार

भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेव डा0 भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयन्ती

पटना.भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेव डा0 भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयन्ती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता  पूर्व  मंत्री संजीव प्रसाद टोनी ने की.

इस अवसर पर  पूर्व  मंत्री संजीव प्रसाद टोनी ने कहा कि डा0 अम्बेडकर ने भारतीय संविधान की संरचना कर अद्वितीय कार्य किये है. डा0 अम्बेडकर हमेशा देश के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उनकी विचार धारा का सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में जब पंडित जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल का गठन हुआ, उस समय डा0 भीमराव अम्बेडकर को कांग्रेस का सदस्य नहीं होने के बाबजूद उन्हें देश का विधि मंत्री बनाया गया.  उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माण में डा0 अम्बेडकर के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है तथा आज कृतज्ञ राष्ट्र उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है.

इस अवसर पर पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक,नरेन्द्र कुमार, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, डा0 हरखू झा, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, आलोक हर्ष, ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव प्रसाद यादव, प्रमोद कुमार सिंह, आनन्द माधव, कमलदेव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, आसिफ गफूर, संजीव कुमार कर्मवीर, शंकर स्वरूप, अरविन्द लाल रजक, कुमार आशीष, शशि रंजन, आशुतोष शर्मा, राज किशोर सिंह, उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, संजय कुमार पाण्डेय, वैद्यनाथ शर्मा, अनूप कुमार,मोहन शर्मा, निधि पाण्डेय, रूमा सिंह, रेणु सिंह, पंकज यादव, अजय कुमार पासवान, निरंजन कुमार, प्रियंका सिंह, खुशबू कुमारी, प्रमोद राय,वसीम अहमद, सत्येन्द्र कुमार, नलिनी रंजन झा ,राजेंद्र चौधरी,शैलेन्द्र चौधरी,गोरखनाथ सहित अन्य कांग्रेसजनों ने डा0 भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की. 


आलोक कुमार

भूमि प्रश्नों को हल किए बिना बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकलना संभव नहीं

  प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और आद्री के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी घोष का निधन अपूरणीय क्षति


पटना.भाकपा-माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और आद्री, पटना के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी. घोष के निधन पर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने ट्वीट कर अपने शोक संदेश में कहा है कि आद्री को एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान बनाने और संवारने में बिहार के बड़े विद्वान व लेखक अरविंद एन दास और अर्थशास्त्री शैवाल गुप्ता के साथ-साथ प्रोफेसर पीपी घोष अपने महान योगदान के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. शोक की इस घड़ी में उनके सभी प्रियजनों और करीबियों के प्रति गहरी संवेदनाएं.

        पोलित ब्यूरो सदस्य व खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि बिहार को उसके ऐतिहासिक पिछड़ेपन से निकालने के उपायों के अकादमिक कार्य में उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी. बिहार में भूमि प्रश्नों पर उनकी खास दिलचस्पी थी. उनका मानना था कि भूमि प्रश्नों को हल किए बिना बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकलना संभव नहीं है. उन्होंने बदले समय में हाउसिंग राइट को मजबूती देने पर बल दिया था. इस दौर में उनका निधन पूरे बिहार के लिए एक अपूरणीय क्षति है.


आलोक कुमार

Jharkhand : खूंटी में आखिर चल क्या रहा है?

खूंटी में आखिर चल क्या रहा है? अमन-चैन पर मंडराता खतरा खूंटी में एक के बाद एक सामने आ रही हिंसक घटनाएं और उनके विरोध में हो रहे प्रदर्शन कई ...