प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और आद्री के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पी घोष का निधन अपूरणीय क्षति
पोलित ब्यूरो सदस्य व खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि बिहार को उसके ऐतिहासिक पिछड़ेपन से निकालने के उपायों के अकादमिक कार्य में उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी. बिहार में भूमि प्रश्नों पर उनकी खास दिलचस्पी थी. उनका मानना था कि भूमि प्रश्नों को हल किए बिना बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकलना संभव नहीं है. उन्होंने बदले समय में हाउसिंग राइट को मजबूती देने पर बल दिया था. इस दौर में उनका निधन पूरे बिहार के लिए एक अपूरणीय क्षति है.
आलोक कुमार
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