बुधवार, 19 अप्रैल 2023

मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कामगारों/ मजदूरों को भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह एवं शाम में कार्य करवाएं

  मुख्य बिन्दु-’

* सभी तैयारियां समय पूरी कर ली जाय। आपदा प्रबंधन विभाग सतत इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो 

* हर चीज पर नजर रखता है और पूरी तरह से सतर्क रहना है. मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी

* हर घर नल का जल से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसे पूरी तरह मेंटेन रखें

* नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें। इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी

* जल - जीवन - हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण कार्य की सतत् निगरानी करें। वृक्षारोपण के कार्य को और बढ़ाया जाय

* नगर विकास एवं आवास विभाग नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण करा दें ताकि उन्हें सभी दायित्वों की जानकारी हो और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें, क्षेत्रों में जाकर वस्तु स्थिति की जानकारी दें, उसके अनुसार सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण रखें* राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है, इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहे


पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 01 अणे मार्ग स्थित ‘लोक संवाद‘ में संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की.

बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक ने इस वर्ष मानसून सत्र के दौरान वर्षापात के पूर्वानुमान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अप्रैल-मई महीने में देश के अधिकांश हिस्सों, जिसमें बिहार राज्य भी शामिल है, जहां अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर / औसत से अधिक रहने की संभावना है. इस अवधि में लू चलने की संभावना बताई गई है. मानसून ऋतु में 96 प्रतिशत औसत वर्षा होने तथा बिहार में 952 मिलीमीटर वर्षा होने का पूर्वानुमान है.

बैठक में आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एस0ओ0पी0) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं. सभी जिलों एवं सम्बद्ध विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने नाव संचालन, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स / फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी.उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध करायी जाती है. सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाता है और लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है.

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव श्री संजीव हंस, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के प्रधान सचिव डॉ० बी० राजेन्दर, नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरूनीश चावला, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मिहिर कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनु भाई परमार, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयकांत मिश्रा ने अपने-अपने विभागों द्वारा संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी .

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के आगमन के पूर्व सभी तैयारियां ससमय पूरी कर लें.अभी से इसको लेकर एक-एक चीज पर नजर रखें. आपदा प्रबंधन विभाग सतत् इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो.जिन जिलों में बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वहाँ तेजी से इस पर कार्य करें. पिछले वर्ष सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया गया था. इस वर्ष भी बाढ़ की स्थिति में सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाय.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण करें. नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें. इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सात अवयवों में जल संरक्षण को लेकर कार्य किए जा रहे हैं, उसी भी सतत निगरानी करें. 

   वृक्षारोपण के कार्य को और बढ़ाया जाय। नगर विकास एवं आवास विभाग नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण करा दें ताकि उन्हें सभी दायित्वों की जानकारी हो और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष गर्मी ज्यादा है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की तैयारी रखें और लोगों को सचेत करें.

   मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चीज पर नजर रखता है और पूरी तरह से सतर्क रहना है. मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी. सभी संबद्ध विभाग जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर वस्तु स्थिति की जानकारी ले और उसके आधार पर कार्य करे. उन्होंने कहा कि भू-जलस्तर पर नजर रखें और पेयजल का इंतजाम रखें. हर घर नल का जल से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसे पूरी तरह मेंटेन रखें.जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें, क्षेत्रों में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लें, उसके अनुसार सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण रखें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है, इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहें.

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री शाहनवाज, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री ललित कुमार यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री श्री जयंत राज, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो० आफाक आलम, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयकांत मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री पी0एन0 राय, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सह मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री आर०एस० भट्ठी, विकास आयुक्त श्री विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, संबद्ध विभाग के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं एन०डी०आर०एफ० और एस०डी०आर०एफ० के पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे.

   ’गया ज़िला के समीक्षा के दौरान’

गया जिला के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने बताया कि हर घर नल का जल ग्रामीण क्षेत्र योजना के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा कुल 188 पंचायत के 2602 वार्ड में 2589 वार्ड में कार्य पूर्ण किया गया है तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा कुल 144 पंचायतों में 1970 वार्ड में से 1941 वार्ड में कार्य पूर्ण किया है.

          छुटे हुए बसावट जो 1624 है बसावट वाले क्षेत्रों में तेजी से पानी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है.

          किसी भी टोली में पानी सप्लाई बंद ना रहे इससे निगरानी के लिए प्रखंड टेक्निकल असिस्टेंट द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर इसका प्रतिवेदन लिया जाता है जहां भी नल जल योजना बंद पाई जाती है तुरंत मरम्मत करते हुए पानी सप्लाई शुरू करवा दी जाती है.

          बैठक में निर्देश दिया गया कि हर पंचायत के हर वार्ड में नल जल योजना के तहत पानी सप्लाई चालू रहे, इसका पूरा निगरानी रखना सुनिश्चित कराएं ताकि एक भी घर को पानी ना मिलने की शिकायत ना मिले.

          पीएचईडी विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान समय में भूगर्भ जल स्तर 33.24 फीट नीचे है.

          अत्यधिक गर्मी पड़ने पर आवश्यकतानुसार टैंकर के माध्यम से भी जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी. पीएचडी के पास 54 टैंकर, नगर निगम के पास 33 टैंकर, नगर पंचायत बोधगया के पास 4, नगर पंचायत टिकारी 2, नगर पंचायत शेरघाटी 2 टैंकर, इस प्रकार जिले में कुल 95 टैंकर पूरी तरह चालू अवस्था में है.

          जिले में सार्वजनिक चापाकल मरम्मत हेतु 55 गैंग द्वारा कुल 3530 चापाकल को मरम्मत कराया गया है, शेष चापाकलों को युद्ध स्तर पर मरम्मत करवाने का कार्य किया जा रहा है.

          जिले में पशुओं को पानी पिलाने हेतु 27 कैटल ट्रफ में से 24 कैटल ट्रफ चालू है. पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं. बीमार पशुओं को उपचार तथा सभी जिलों में पशु दवा की प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाने का निर्देश दिए हैं.

          समीक्षा बैठक में हीटवेव को लेकर निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों पर विशेष नजर रखें सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करावे.

          नगर विकास एवं आवास विभाग के समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि नालों की सफाई तेजी से करवाएं.

          कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गया ज़िले में 1201 हेक्टेयर ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बाद हुए हैं. माननीय मुख्यमंत्री जी ने 15 दिनों के अंदर संबंधित किसानों को पैसा उपलब्ध करवाने का निर्देश दिए हैं.

          अंत में माननीय मुख्यमंत्री ने सभी जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया कि इस वर्ष अप्रैल माह से ही दिन प्रतिदिन काफी तेजी से तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसलिए अपने जिले के क्षेत्रों में लगातार स्थिति का जानकारी एवं निगरानी रखें. हर हाल में अंतिम लोगों तक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तैयारी रखें. मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कामगारों/ मजदूरों को भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह एवं शाम में कार्य करवाएं.



आलोक कुमार

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