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Bihar : गांव की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा कितनी आसान है?

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  गांव की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा कितनी आसान है? अस्पताल पास होने के बावजूद इलाज क्यों दूर है? गांव की महिला के लिए अस्पताल की दूरी सिर्फ किलोमीटर में नहीं मापी जाती। असली दूरी तब सामने आती है, जब उसे इलाज के लिए किसी के साथ की जरूरत पड़े, आने-जाने का पैसा जुटाना पड़े, महिला डॉक्टर का इंतजार करना पड़े और अपनी निजी बीमारी बताने में संकोच करना पड़े। सवाल यह है कि स्वास्थ्य केंद्र गांव के पास पहुंचा है, लेकिन क्या स्वास्थ्य सुविधा भी गांव की महिला तक सचमुच पहुंची है? पटना। ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य का सवाल केवल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या से तय नहीं होता। सरकार की योजनाएं गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करती हैं, लेकिन किसी महिला के लिए इलाज वास्तव में कितना आसान है, यह उसके रोजमर्रा के अनुभव से समझा जा सकता है। घर से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना, परिवार से समय निकालना, आने-जाने का खर्च जुटाना, डॉक्टर से अपनी समस्या खुलकर बताना, जांच करवाना और दवा मिलने तक की पूरी प्रक्रिया उसके लिए कितनी सहज है—यही स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा है। ग्रा...

Bihar : शहर में ऑटो और टेंपू किराए में वृद्धि कर दी गई

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        पटना में  बैटरी से चलने वाली हवा-हवाई टेंपू का भाड़ा, 'हवा-हवाई' का नया गणित: ईंधन बढ़े या न बढ़े, जेब ढीली होना तय है! "महंगाई का असर जब आम आदमी की जेब पर पड़ता है, तो वह केवल आंकड़ों का विषय नहीं रह जाता। वह रोजमर्रा की जिंदगी की हकीकत बन जाता है। लेकिन सवाल तब उठता है, जब बढ़ती लागत के नाम पर ऐसी वसूली शुरू हो जाए, जिसका वास्तविक खर्च से सीधा संबंध ही न हो।" बिहार की राजधानी पटना इन दिनों कुछ ऐसे ही सवालों से जूझ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद शहर में ऑटो और टेंपू किराए में वृद्धि कर दी गई है। पहली नजर में यह फैसला सामान्य लग सकता है, क्योंकि ईंधन महंगा होने पर परिवहन लागत बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन बहस तब शुरू हुई जब सीएनजी और बैटरी से चलने वाले वाहनों ने भी लगभग उसी अनुपात में किराया बढ़ा दिया। अब यात्रियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी वाहन का संचालन पेट्रोल या डीजल पर निर्भर ही नहीं है, तो फिर ईंधन मूल्य वृद्धि का बोझ यात्रियों पर क्यों डाला जा रहा है? सुबह की शुरुआत अब किराए की बहस से पटना की सड़कों पर सुबह का दृश्य...