दियारा से विकास की राह: पप्पू यादव ने गडकरी से की संपर्क पथ निर्माण की मांग, सीमांचल को जोड़ने की नई पहल
इसी समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए पूर्णिया संसदीय क्षेत्र के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दियारा क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों को उनके समक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने केवल एक सड़क निर्माण की मांग नहीं की, बल्कि बिहार के दियारा, कोसी और सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में व्यापक पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।
गडकरी को सौंपा स्मरण पत्र
नई दिल्ली में हुई शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने दियारा विकास संघर्ष समिति, पटना एवं सारण की ओर से पूर्व में प्रेषित निवेदन के क्रम में केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत स्मरण पत्र सौंपा।
ज्ञापन में विशेष रूप से जेपी सेतु के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग-139 के अंतर्गत गंगा नदी पर निर्मित दीघा-सोनपुर 6-लेन पुल से ग्राम पंचायत नकटा दियारा नया टोला तक संपर्क स्थापित करने के लिए पिलर संख्या-16 के निकट एप्रोच रोड रैम्प निर्माण की मांग की गई।
सांसद ने मंत्री को बताया कि वर्तमान में इस संपर्क मार्ग के अभाव में हजारों ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी परियोजनाएं बनने के बावजूद स्थानीय आबादी को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सड़क नहीं, जीवन की जरूरत है यह परियोजना
सांसद पप्पू यादव ने अपने आग्रह में स्पष्ट किया कि यह मांग केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच से जुड़ा हुआ है।
दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अक्सर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।
यदि नकटा दियारा नया टोला से पिलर संख्या-16 तक एप्रोच रोड रैम्प का निर्माण हो जाता है, तो हजारों लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
दियारा क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग
गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे दियारा क्षेत्र लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझते रहे हैं। बाढ़, कटाव और परिवहन सुविधाओं के अभाव ने इन क्षेत्रों के विकास को प्रभावित किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बावजूद गांवों को उनसे जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की कमी के कारण अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे में दियारा क्षेत्र के लिए संपर्क पथ का निर्माण केवल एक स्थानीय मांग नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता बन चुका है।पटना से पूर्णिया
तक बेहतर कनेक्टिविटी की पहल
मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने केवल दियारा क्षेत्र की समस्या नहीं उठाई, बल्कि पटना से पूर्णिया तक बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्वी हिस्से, विशेषकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र, अभी भी मजबूत सड़क नेटवर्क की दृष्टि से और अधिक निवेश की मांग करते हैं। बेहतर सड़क संपर्क न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पूर्वी बिहार की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
पूर्णिया एयरपोर्ट तक फोरलेन सड़क की मांग
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के जीरो माइल (गुलाबबाग) से पूर्णिया एयरपोर्ट तक फोरलेन सड़क अथवा सीधा राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने का आग्रह किया।
वर्तमान में शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण यात्रियों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। यदि एयरपोर्ट तक सीधा और चौड़ा मार्ग उपलब्ध हो जाए, तो यात्रा समय में कमी आएगी और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी एयरपोर्ट की सफलता केवल उसके रनवे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि वहां तक पहुंचने वाली सड़क व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
स्मार्ट सिटी और इंटरनेशनल स्टेडियम का भी उठाया मुद्दा
सड़क परियोजनाओं के अलावा सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया के समग्र विकास से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने पूर्णिया को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि सीमांचल का सबसे महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद पूर्णिया अभी भी कई आधुनिक शहरी सुविधाओं से वंचित है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर पूर्णिया में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की मांग करने की भी बात कही है।
यदि यह परियोजना साकार होती है, तो इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में खेल पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकास की राजनीति या जनहित का मुद्दा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे किसी भी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सड़क, पुल, एयरपोर्ट और खेल सुविधाएं सीधे तौर पर रोजगार, निवेश और सामाजिक विकास को प्रभावित करती हैं।
ऐसे में दियारा संपर्क पथ, पूर्णिया एयरपोर्ट फोरलेन और स्मार्ट सिटी जैसी मांगों को केवल राजनीतिक बयानबाजी के रूप में नहीं देखा जा सकता। यदि इन परियोजनाओं पर अमल होता है, तो लाखों लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
निष्कर्ष
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सांसद पप्पू यादव की मुलाकात ने बिहार के दियारा और सीमांचल क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण विकासात्मक मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। नकटा दियारा संपर्क पथ, पूर्णिया एयरपोर्ट फोरलेन, स्मार्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य से जुड़ी उम्मीदें हैं।
अब निगाहें केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि इन प्रस्तावों को स्वीकृति और गति मिलती है, तो दियारा से लेकर सीमांचल तक विकास की नई राह खुल सकती है और लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे लाखों लोगों की उम्मीदों को नया आधार मिल सकता है।
आलोक कुमार