कुपोषण की दलदल में फंसी पूजा कुमारी की मौत
पटना। आप अच्छे पापा हैं। आप दिनभर ठेला मेहनत करके चलाते हैं। ठेला चलाने से आमदनी होने पर खाना-दाना होता है। मेरी मां शराब पीते रहती हैं। मुझे ख्याल नहीं की और मैं (पूजा कुमारी) कुपोषण के दलदल में फंस गयी। आप कई जगह ले जाकर पापा चिकित्सा कराएं। हां,झारफूंक भी कराएं। सूखौनी भी झरवा दिए। मगर ठीक नहीं हो सकी। मुझे तो पौष्टिक आहार की जरूरत थी। अंधविश्वासी इलाज की जरूरत नहीं थी। खैर, विधि के विधान के तहत अब हम धरती पर हैं। सुने है कि मेरा भाई भी परलोक सिधार चुका है। बहुत दुख हो रहा है। मैं कुपोषण की चपेट में थी तो मेरा भाई गंभीर रोग के शिकार नहीं था। केवल दस्त ही हो रहा था। उसे इलाज करवाकर ठीक किया जा सकता था। एक भाई बचा है उसको ठीक से देखभाल कीजिएगा। सुनने में आ रहा है कि पापा मां का बंध्याकरण करवाने के बाद में सोच रहे हैं। अभी बंध्याकरण के बारे में नहीं सोचे। यह सुनिश्चित करे कि एकमात्र भाई बच सके। तुरंत बच्चा पैदा करने के बारे में नहीं सोचे। चार-पांच साल के बाद बच्चा पैदा कीजिएगा। आप दोनों की उम्र अधिक नहीं है। आप दोनों कई साल ठहरकर ही गर्भधारण के बारे में सोच लीजिए।आपकी पुत्री हूं। यह स...