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नवंबर 25, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए

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  गोवा.गोवा में प्रस्तावित ‘टेल्स ऑफ कामसूत्र एंड क्रिसमस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम पर उठा विवाद केवल एक आयोजन का विरोध नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक चेतना का संकेत है जो धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गरिमा और सार्वजनिक मर्यादा से जुड़े प्रश्नों पर बेहद सजग है.सोशल मीडिया पर जैसे ही इस कार्यक्रम का प्रचार सामने आया, समाज के विभिन्न वर्गों—सामाजिक संस्थाओं से लेकर धार्मिक संगठनों तक—ने इसकी तीखी प्रतिक्रिया दी.सार्वजनिक दबाव और शिकायतों के बाद गोवा पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए आयोजन पर रोक लगा दी. विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए गए और पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई.     इस विवाद की जड़ केवल ‘कामसूत्र’ शब्द का प्रयोग नहीं है, बल्कि इसे क्रिसमस जैसे पवित्र पर्व के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना है. शिकायतकर्ताओं को आपत्ति इसी बात से है कि धार्मिक उत्सव की आस्था और आध्यात्मिकता को बाजारू आकर्षण के साथ मिलाकर पेश किया गया. एनजीओ संस्थापक अरुण पांडे का तर्क है कि यह गोवा का सेक्स टूरिज्म के अड्डे की तरह प्रचारित करने की चाल है. वहीं, कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ गोवा ने इसे न सिर्फ अनुचित बताया ...