यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी
* ईपीएस के तहत छह करोड़ से अधिक अंशधारक और 75 लाख पेंशनभोगी लाभार्थी आते हैं * उच्चतम न्यायालय के द्वारा 4 अक्टूबर, 2016 और 4 नवंबर, 2022 के फैसलों के अनुरूप वास्तविक वेतन पर पेंशन भुगतान करने की मांग पटना.जब से ईपीएस-95 लागू है,तब से पेंशन में बढ़ोतरी नहीं की गयी है.महामारी कोरोना के समय भी सरकार को तरस बुर्जुगों के उपर नहीं आयी.मजे की बात है कि केंद्र में 2014 में यूपीए की सरकार थी.यूपीए सरकार ने न्यूनतम 1000 रू.पेंशन देने की मन बना ली थी.जिसका विरोध बीजेपी के द्वारा कहा गया कि कम से कम 3000 रू.न्यूनतम पेंशन देनी चाहिए थी.2014 में ही चुनाव होने के बाद एनडीए की सरकार बनी.तो सरकार ने यूपीए की राह पर चलकर 1000 रू.देने की घोषणा कर दी.जो 9 साल से जारी है. इस संदर्भ में ईपीएस-95 पेंशनर्स ने रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंप कर जल्द पेंशन बढ़ोतरी की मांग की है. ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और फ्री मेडिकल सुविधा की मांग की. राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि लाखों ईपीएस-95 पेंशनर्स में गुस्सा है, जिसक...