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सिस्टर नीलू कार्मेल के अभिषेक के 25 वर्ष के उपलक्ष्य में कार्यक्रम

 सिस्टर नीलू कार्मेल के अभिषेक के 25 वर्ष के उपलक्ष्य में कार्यक्रम


शाहपुर.आज बक्सर धर्मप्रांत के शाहपुर पल्ली में खुशनुमा माहौल था.शाहपुर पल्ली में जन्म लेने वाली सिस्टर नीलू कार्मेल ने सिस्टर के रूप में अपने कार्यकाल के शानदार 25 साल सीजे मण्डली,नेपाल में पूरा किया है.सिस्टर नीलू कार्मेल के अभिषेक के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को शाहपुर पल्ली चर्च में सिल्वर जुबली समारोह मनाया गया.

      मौके पर फादर एल्विन एसजे मुख्य उत्सवकर्ता थे.फादर प्रताप और सिल्वेनाथन एस.जे. सामूहिक प्रार्थना की अगुवाई की.उसके छोटा सा अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया और केक काटा गया.उसकी रजत जयंती पर शाहपुर पैरिश ने एकजुट होकर आज जश्न मनाया.

शाहपुर पल्ली के श्री मोतीलाल एवं स्व.सीसिलिया की बेटी है सिस्टर नीलू कार्मेल.सीजे मण्डली, नेपाल क्षेत्र से संबंधित है.उसके चार भाई और चार बहनें हैं.वह नेपाल क्षेत्र की एक महान मिशनरी हैं.इस उपलक्ष्य में सिस्टर के सभी भाई-बहन उपस्थित थे.

       शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा ने सभी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.लोगों ने भी सिस्टर  नीलू कार्मेल सीजे को उपहार दिए.इस अवसर पर करीब 350 लोगों की मौजूदगी में पल्लवी ने शानदार नृत्य पेश किया.इस मनोरंजन कार्यक्रम की एमसी पूनम टीचर थीं.गायन मंडली का संचालन विश्वनाथ सर ने किया. प्रोग्राम अच्छे ढंग से संचालित करने में समीर ने काफी मदद की है.

       इस तरह के मनोरंजन प्रस्तुति के बाद सभी लोगों को पूड़ी और छोला खाने को दिया गया. इस उत्सवी भोज ग्रहण करने बाद  सभी सभी लोग घर प्रस्थान कर गये.उल्लेखनीय है कि फादर बोज्जा भास्कर ने नेतृत्व में शाहपुर पल्ली के भक्तगण कार्यक्रम को बेहतर ढंग से कार्य अंजाम देने में आगे ही रहते है.बक्सर धर्मप्रांत के स्वामी जी के आगमन और अभी सिस्टर जी की सिल्वर जुबली समारोह में झलक दिखा.

आलोक कुमार

दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल में गाजा को कर दिया गया है तब्दील : दीपंकर भट्टाचार्य

दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल में गाजा को कर दिया गया है तब्दील : दीपंकर भट्टाचार्य

चीन तो बहाना है-पत्रकार निशाना है, मोदी शासन में चाटुकारिता ही पत्रकारिता है

गाजा में जारी इजरायली जनसंहार और मीडिया पर हमले के खिलाफ नागरिक प्रतिवाद

भाकपा-माले, सीपीआई और सीपीआई (एम) के आह्वान पर हुआ नागरिक प्रतिवाद

पटना .गाजा में इजरायल द्वारा बच्चों-महिलाओं और बेगुनाहों के बर्बर जनसंहार और भारत में मीडिया/पत्रकारों पर मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे हमले के खिलाफ आज पटना में भाकपा-माले, सीपीआई और सीपीआई (एम) के संयुक्त बैनर से बुद्ध स्मृति पार्क पर नागरिक प्रतिवाद सभा का आयोजन हुआ.

गाजा में इजरायली जनसंहार पर रोक लगाओ, फिलिस्तीनियों के होमलैंड के अधिकार के साथ खड़े हो, भारत में इस नाम पर मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाना बंद करो, इजरायली जनसंहार पर मोदी सरकार चुप क्यों, प्रेस/मीडिया की आवाज दबाना बंद करो आदि तख्तियों के साथ सैकड़ो लोग नागरिक प्रतिवाद में शामिल हुए.

कार्यक्रम को मुख्य रूप से भाकपा-माले के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मंडल के सदस्य अरूण मिश्र, सर्वोदय शर्मा, सीपीआई के गजनफर नबाव, ऐपवा की मीना तिवारी, शशि यादव, सामाजिक कार्यकर्ता अफजल हुसैन आदि ने संबोधित किया. तीन सदस्यों की टीम ने कार्यक्रम का संचालन किया, जिसमें भाकपा-माले के पटना महानगर सचिव अभ्युदय, सीपीआई के जिला सचिव विश्वजीत कुमार तथा सीपीआई (एम) के जिला सचिव मनोज चंद्रवंशी शामिल थे.

माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज गाजा को दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल में तब्दील कर दिया गया है. बच्चे-बुजुर्ग-महिलाओं पर लगातार बम गिराए जा रहे हैं. न गाजा में पानी है न बिजली है न दवाई. इस तरह की नाकेबंदी का मतलब है - एक बहुत बड़ा जनसंहार. जो होलोकास्ट यहूदियों और अन्य लोगों को हिटलर के समय झेलना पड़ा था, आज वही हाल फिलिस्तीन का है. इजरायल फिलिस्तीन को मिटा देने चाहता है. 

हमारे देश के प्रधानमंत्री मणिपुर पर एक शब्द नहीं बोलते, लेकिन इजरायल पर तुरत ट्वीट करते हैं. लेकिन आज जब पूरी दुनिया में फिलिस्तीन को बचाने की आवाज उठी है, यूनाइटेड नेशन ने इसे जबरदस्त मानवीय संकट कहा है, तब मोदी सरकार ने फिलिस्तीन की ओर से पीठ फेर ली है. भाजपा के लोग प्रचार करते हैं कि मोदी जी ने यूक्रेन का युद्ध बंद करा दिया. इजरायल से दोस्ती का दावा करते हैं. जो भी दोस्ती है, उस प्रभाव का इस्तेमाल करके वे फिलिस्तीन में शांति स्थापित करने का प्रयास क्यों नहीं करते?

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पत्रकारों पर हमला किया जा रहा है. यह सरकार चाटुकारिता को पत्रकारिता बताती है. चीन तो बहाना है, पत्रकार निशाना है.

सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मंडल सदस्य अरूण मिश्रा ने गाजा पर इजरायली हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि भाजपा, भारत में आतंकी हमलों और हमास के वर्तमान हमलों के बीच फर्जी समानता प्रदर्शित करने की कोशिश कर रही है. मोदी सरकार और भाजपा इस स्थिति का उपयोग भारत में मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध घृणा भड़काने के लिए करना चाहते हैं. प्रेस की आजादी पर लगातार हमला हो रहा है.

सीपीआई के गजनफर नबाव ने कहा कि इजराइल के विरुद्ध सैन्य हमले की निंदा का पतन गाज़ा में उत्पीड़ित फिलिस्तीनी लोगों के विरुद्ध इजराइल के जनसंहारक युद्ध का समर्थन करने और उसके सहअपराधी बन जाने के रूप में नहीं होना चाहिए. भारतीय विदेशी नीति को तत्काल युद्धविराम व शांति स्थापित करने के लिए काम करना चाहिए और फिलिस्तीनियों के संप्रभु होमलैण्ड के अधिकार को मान्यता देते हुए राजनीतिक समाधान को संभव बनाने की दिशा में काम करना चाहिए. 

उपर्युक्त नेताओं के अलावा प्रतिवाद सभा को कमलेश शर्मा, कुमार दिव्यम, आसमा खान, सीपीआई के सुनील कुमार, देवरतन प्रसाद, सुशील उमाराज; सीपीआई (एम) के विक्रम सिंह आदि ने संबोधित किया. 

मौके पर भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव ललन चौधरी, सीपीआई के गुलाम सरवर सहित कई लोग उपस्थित थे.

आलोक कुमार

सी.जे धर्म समाज में शानदार 25 साल सेवा कार्य



शाहपुर.बक्सर धर्मप्रांत में शाहपुर पल्ली है.इस पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बोज्जा बस्कर है.इस पल्ली में कल रविवार के दिन खास है.


सी.जे धर्म समाज में शानदार 25 साल सेवा कार्य करने के बाद सिस्टर नीलू कार्मेल 15 अक्टूबर को जन्म स्थल शाहपुर पल्ली में सिल्वर जुबली मनाने जा रही है.

    सिल्वर जुबली मनाने वाली सिस्टर नीलू कार्मेल के बारे में बताया गया कि भोजपुर जिला,बेहिया प्रखंड, रूद्र नगर का गांव और शाहपुर पल्ली की रहने वाली हैं.उनका पिता का नाम मोतीलाल है.उनकी माता सीसिलिया का निधन हो गया है.आठ भाई-बहन है.सिस्टर नीलू सीजे नामक धर्म समाज में नेपाल क्षेत्र में सेवा कार्य करती हैं.

     शाहपुर पल्ली में जन्म लेने वाली सिस्टर नीलू कार्मेल का 25 वर्षीय समारोही मिस्सा येसु समाजी फादर अल्विन फ्रांसिस करेंगे.मुख्य अनुष्ठाता फादर अल्विन फ्रांसिस ,बक्सर के साथ आरा पल्ली के फादर प्रताप दल्या, बक्सर के पुरोहित फादर सिल्वेनाथन,येसु समाजी मिलकर पवित्र मिस्सा अर्पित करेंगे.

     मिस्सा खत्म होने के बाद सिल्वर जुबली का कार्यक्रम होगा. केक काटकर खाया जाएगा.

आलोक कुमार 

पूर्व मंत्री एवं जमुई के पूर्व विधायक अर्जुन मंडल का निधन

सामाजिक न्याय के योद्धा थे अर्जुन मंडल : डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह 



पटना। पूर्व मंत्री एवं जमुई के पूर्व विधायक अर्जुन मंडल जी का निधन दुःखद। उन्होंने बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। स्व० अर्जुन मंडल जी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।

        कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं बिहार सरकार के पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री, अर्जुन मंडल का आज दोपहर में निधन हो गया। बिहार सरकार ने उनकी अंत्येष्ठी पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की है। उनकी मृत्यु की खबर से कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सदमें में है। 

             बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने उनकी मृत्यु पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। जयपुर से भेजे अपने शोक-संदेश में उन्होंने कहा कि अर्जुन मंडल जी करीब तीन दशक से मेरा राजनीतिक मार्गदर्शक रहे। मुझे याद है जब वे पहली बार 1995 में जमुई से विधायक चुन कर आये थे और मैं छात्र नेता था तब उन्होंने मेरी बहुत हौसला अफजाई की थी। सामाजिक न्याय के लिए सदैव संघर्षशील रहने वाले अर्जुन मंडल जी कभी भी साम्प्रदायिक ताकत से लोहा लेने में पीछे नहीं हटे। मेरे प्रति उनके दिल में खास स्नेह हमेशा बना रहा। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर मैं व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हूँ। वे केवल मेरे वरिष्ठ नहीं बल्कि अभिभावक थे। 

                शोक व्यक्त करने वाले कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता शकील अहमद खान, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव तारिक अनवर, पूर्व बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, पूर्व मंत्री कृपा नाथ पाठक, नरेन्द्र कुमार, ब्रजेश पाण्डेय, लाल बाबू लाल, निर्मल वर्मा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, राजेश राठौड़, आलोक हर्ष, धर्मवीर शुक्ला। 


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