शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2024

संवाद और समझ को बढ़ावा देना वक्त की मांग : पीवी राजगोपाल

 इस समय नेपाल में ‘गांधी से बुद्ध तक अभियान‘चल रहा है


नेपाल.इस समय नेपाल में ‘गांधी से बुद्ध तक अभियान‘चल रहा है.प्रख्यात गांधीवादी नेता पीवी राजगोपाल का कहना है कि हम लोग एक साथ मिलकर समुदायों में सामाजिक समन्वय और एकजुटता को बढ़ावा ला सकते है. इस तरह के संवाद और समझ को बढ़ावा देना वक्त की मांग है.

उन्होंने कहा कि हम मिलकर एक निष्पक्ष समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति के अधिकारों का सम्मान हो और दुनिया शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलती है.एकता परिषद के संस्थापक और शांतिवाहक कार्यकर्ता पी वी राजगोपाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विकास के नाम पर हम दुनिया भर में भूमि अधिकारों और भूमि संरक्षण, महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर नीति सुधार की वकालत कर रहे हैं जो भूमिहीन किसानों और आदिवासियों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं.उन्होंने वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के कल्याण के लिए प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए चिंता दिखाई.

     विश्व शांति सभी देशों और लोगों के बीच और उनके भीतर स्वतंत्रता, शांति और खुशी का एक आदर्श है. विश्व शांति पूरी पृथ्वी में अहिंसा स्थापित करने का एक विचार है, जिसके तहत देश या तो स्वेच्छा से या शासन की एक प्रणाली के जरिये इच्छा से सहयोग करते हैं, ताकि युद्ध को रोका जा सके. हालांकि कभी-कभी इस शब्द का प्रयोग विश्व शांति के लिए सभी व्यक्तियों के बीच सभी तरह की दुश्मनी के खात्मे के सन्दर्भ में किया जाता है. संभावना जबकि विश्व शांति सैद्धांतिक रूप से संभव है, कुछ का मानना है कि मानव प्रकृति स्वाभाविक तौर पर इसे रोकती है. यह विश्वास इस विचार से उपजा है कि मनुष्य प्राकृतिक रूप से हिंसक है या कुछ परिस्थितियों में तर्कसंगत कारक हिंसक कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे. तथापि दूसरों का मानना है कि युद्ध मानव प्रकृति का एक सहज हिस्सा नहीं हैं और यह मिथक वास्तव में लोगों को विश्व शांति के लिए प्रेरित होने से रोकता है. विश्व शांति के सिद्धांत विश्व शांति कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसके लिए कई सिद्धांतों का प्रस्ताव किया गया है. इनमें से कई नीचे सूचीबद्ध हैं. विश्व शांति हासिल की जा सकती है, जब संसाधनों को लेकर संघर्ष नहीं हो. उदाहरण के लिए, तेल एक ऐसा ही संसाधन है और तेल की आपूर्ति को लेकर संघर्ष जाना पहचाना है.इसलिए, पुनः प्रयोज्य ईंधन स्रोत का उपयोग करने वाली प्रौद्योगिकी विकसित करना विश्व शांति हासिल करने का एक तरीका हो सकता है.लोकतांत्रिक शांति सिद्धांत विवादास्पद डेमोक्रेटिक शांति सिद्धांत के समर्थकों का दावा है कि इस बात के मजबूत अनुभवजन्य साक्ष्य मौजूद हैं कि लोकतांत्रिक देश कभी नहीं या मुश्किल से ही एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध छेड़ते हैं. 


आलोक कुमार

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