पटना. बिहार
सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित "बढ़ चला बिहार"
कार्यक्रम परोक्ष रूप से आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी पार्टी
जनता दल यूनाइटेड का चुनाव प्रचार अभियान है, जिसमें आम जनता के हजारों करोड़ रुपए के दुरूपयोग
की योजना प्रायोजित है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट रूप से
निर्देशित है कि आदरणीय महोदय,सरकारी
विज्ञापनों में विनिर्दिष्ट स्थितियों और व्यक्तियों को छोड़कर किसी के चेहरे का
विज्ञापन नहीं किया जाएगा. "बढ़ चला बिहार" योजना में पब्लिक मनी के भारी दुरूपयोग
तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के संबंध में नागरिक अधिकार मंच के न्यासी
श्री शिव प्रकाश राय के
द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में एक याचिका दायर की गई थी जिसपर दिनांक 28/08/2015 को
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस कार्यक्रम पर रोक लगाई गई थी तथा केवल सरकार
द्वारा ग्रामीण विकास से संबंधित आंकड़ों को इकठ्ठा करने की छूट दी गई थी. आप
अटैच्ड फाईल से माननीय उच्च न्यायालय, पटना के निर्णय का अवलोकन कर सकते हैं.
न्यायालयीय आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के एक
अन्य हिस्से "Bihar
Development Dialogue" का आयोजन दिनांक 08/08/2015 को
दिल्ली में किया गया. तदोपरांत नागरिक अधिकार मंच के संस्थापक न्यासी श्री
शिवप्रकाश राय के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में अवमानना वाद दायर किया गया
है. पर ऐसा लगता है बिहार सरकार निरंकुश हो चुकी है और उसे माननीय उच्च न्यायालय
की रत्ती भर परवाह नहीं है और उसने रोक के बावजूद इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए
कल "बढ़ चला बिहार: Bihar@2025"
कार्यक्रम की अगली कड़ी "Breakfast with CM" का
आयोजन किया गया. ये सारे कार्यक्रम साफतौर पर जनता के पैसे पर सत्ताधारी पार्टी का
चुनाव प्रचार है. पर संभवतः बिहार में पब्लिक मनी के इस भयंकर दुरूपयोग को रोकने
के किसी की पहल को मानने हेतु बिहार सरकार अब तैयार नहीं, अदालती आदेश की भी परवाह नहीं. आग्रह
है कि इस मामले में नियमानुसार यथोचित कानूनी कार्रवाई की जाए.
सादर-
शिव प्रकाश राय
संस्थापक न्यासी
नागरिक अधिकार मंच, बिहार
मोबाईल- 9931290702
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