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हिलकर -डूलकर चलती हैं राजमंति कुमारी को इलाज की जरूरत

पटना। बिन्द टोली में हिलती-डूलती चलती हैं राजमंति कुमारी। अभी वह तेरह साल की हैं। जब चार साल की थीं तो शरीर से धात गिरने लगा। इसके बाद माहवारी होने लगा। अभी भी माहवारी की दौर से गुजरती हैं। इसके कारण काफी कमजोर हो गयी हैं। वह हिलती-डूलती चलती है। राजमंति कुमारी की दीदी आशा देवी कहती हैं कि स्नायु में खराबी आ जाने के कारण शरीर हिलता है। दीघा अल्पना सिनेमा हॉल के सामने डाक्टर विनय कुमार सिंह से दिखाया गया। दवा-दारू चला और अब राशि नहीं रहने के कारण इलाज नहीं करा पा रहे हैं।

गरीबी के दलदल में राजमंति कुमारी के परिवार हैं। दीघा बिन्द टोली के झुग्गी -झोपड़ी में रहते हैं अदिया महतो और परमशीला देवी। इनके पांच संतान हैं, चार लड़की और एक लड़का। सबसे छोटी लड़की राजमंति कुमारी हैं। इस बीच अदिया महतो की मौत हो गयी। विधवा परमशीला देवी को पेंशन मिलती है। राजमंति कुमारी को भी पेंशन मिलने की संभावना है। कुछ रकम संग्रह करने के बाद चिकित्सक से दिखाने का प्रस्ताव है। शास्त्री नगर में स्थित जयप्रकाश हड्डी रोग हॉस्पिटल में स्नायु रोग विशेषज्ञ से दिखाया जाएगा।
आलोक कुमार


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