मंगलवार, 29 नवंबर 2022

95 वर्ष पूरे करने वाली संस्था

 बेतिया.केआरईए (ख्रीस्त राजा एजुकेशन एसोसिएशन) के तहत ख्रीस्त राजा हाई स्कूल (केआर), बेतिया, संचालित होता है.पश्चिम चंपारण, बिहार, भारत के सबसे पुराने स्कूलों में से एक है.यह जेसुइट्स द्वारा संचालित एक कैथोलिक ईसाई अल्पसंख्यक संस्थान है, जो एक अंतर्राष्ट्रीय कैथोलिक धार्मिक आदेश के सदस्य हैं.1927 में सोसाइटी ऑफ जीसस द्वारा स्थापित किया गया था और 1930 में अपने वर्तमान परिसर में चला गया. ख्रीस्त राजा हाई स्कूल को ‘उत्तर बिहार का प्रमुख स्कूल‘ माना जाता है, जिसमें राज्य भर से छात्र आते हैं और इसकी आवासीय सुविधाओं में रहते हैं.इस वर्ष 2022 अपने गौरवशाली अस्तित्व के 95 वर्ष पूरे करने वाली संस्था है.बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त है.

   केआर हाई स्कूल ने उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे पुराने ईसाई समुदाय बेतिया ईसाइयों की सेवा की है, जिसमें आंकड़े बताते हैं कि 1927 से 1928 तक 83.6% ईसाई छात्र बेतिया ईसाई समुदाय (बेतिया ईसाई प्रवासी सहित) से थे.इसी जाने-माने-पहचाने ख्रीस्त राजा हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा.मात्र 57 साल के हैं.उनके स्थानांतरण की खबर सुनने से सभी को झटका व सदमा लगा है.

    इस समय ख्रीस्त राजा हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा की विदाई की चर्चा हर जुबान पर हैं.सबको मालूम और खबर हो रही है,कि उनका स्थानांतरण हो गया है.यहां पर फादर 44 साल की अवस्था में वाइस प्रिंसिपल बनकर आए थे.वे वाइस प्रिंसिपल पद पर 2009 से 2014 तक रहे.उनके शानदार कार्यों के आलोक में जेसुइट प्रबंधन ने फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा को पदोन्नत कर प्राचार्य बना दिए.उन्होंने 2014 से 2022 तक प्राचार्य पद पर कार्य किए.

   इस दौरान प्राचार्य क्रिस्टोफर केरकेट्टा ने स्कूल को अंग्रेजी माध्यम में बदला और डिजिटल बोर्ड को हर कक्षा में लगवा दिए.इस पर 5 लाख रुपये की लागत आयी.शिक्षा के अनुशासन और गुणवत्ता में बहुआयामी सुधार का परिणाम सामने आया.

    प्लस टू में 100 % प्रथम श्रेणी के साथ-साथ मैट्रिक परीक्षा में भी 100% बच्चे परिणाम लाने में सफल रहे.वह भी एक बार नहीं कई बार बच्चे कारनामा कर चुके हैं.फादर क्रिस्टोफर का ध्यान सिर्फ बच्चों पर ही नहीं रहता था,वरण गुरुजनों पर भी रहता था.शिक्षक श्री जेम्स माइकल को शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया.अब तक किसी भी शिक्षक को नहीं किया गया है.पिछले वर्ष में फादर क्रिस्टोफर के द्वारा सम्मानित किये गए.वे बच्चों के स्कूल में भर्ती और नियुक्ति में भी कैथोलिक को वरीयता देते थे.उन्हे सरकार की ओर से  प्रधानाध्यापक स्वीकृत किया गया है और प्रति माह वेतन के रूप में लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं.

   एक बहुत ही विनम्र और आदर्शवादी जेसुइट, गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए बहुत ही दयालु व्यक्तित्व, बहुत अच्छे प्रशासक के स्थानांतरण होने पर दुख होता ही है.स्थानांतरण हो जाने से सभी को जोरदार झटका लगा.

    आखिरकार भारी मन से उनका 7.12.2022 को विदाई समारोह रखा गया है,जहां उनको विधिवत विदाई दी जाएगी.उसके बाद विख्यात के.आर.हाई स्कूल को छोड़कर रोम फुर्र हो जाएंगे.बताया गया कि फादर प्राचार्य सब्बाटिकल लीव पर रोग जा रहे है. सब्बैटिकल लीव का मतलब होता है कि काम से दूर एक विस्तारित समय है जो एक कर्मचारी को अलग-अलग उद्देश्यों के लिए दिया जाता है, जिसमें व्यक्तिगत कारणों, पेशेवर और शैक्षणिक विकास, सीखने और नए कौशल का विकास, या आराम और स्वास्थ्य लाभ शामिल हैं - एक मौजूदा कर्मचारी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखते हुए.

  निवर्तमान प्राचार्य फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा का जन्म 02.11.1965 को हुआ है.वे जेसुइट में 01.07.88 को शामिल हुए.उनका पुरोहिताभिषेक 08.01.2003 में हुआ था.ग्रेड 26.11.2011 को हुआ.  सेंट जेवियर्स स्कूल, पटना के पूर्व प्रिंसिपल फादर जैकब को के.आर.हाई स्कूल के प्राचार्य बनाया गया है.अभी फादर जैकब आरा कैथोलिक स्कूल के प्राचार्य हैं.

आलोक कुमार

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