India l सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक का पदभार संभाला
Catholic Health Association of India (CHAI) के लिए 1 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक (Director General) का पदभार संभाला। वे Sisters of St. Anne की सदस्य हैं तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनाकोलॉजिस्ट) के रूप में प्रशिक्षित चिकित्सक हैं। चिकित्सा सेवा, अस्पताल प्रबंधन और सामाजिक स्वास्थ्य मिशन में उनका लंबा अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए विशिष्ट बनाता है।
भारत के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रसिद्ध CHAI लंबे समय से चिकित्सा एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में कार्य करता रहा है। इस संगठन की एक विशेषता यह है कि इसके जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लगभग 80 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ हैं। इसके बावजूद पिछले 83 वर्षों से इस संस्था का नेतृत्व केवल पुरुषों के हाथों में रहा। ऐसे में सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी का महानिदेशक बनना केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस परिवर्तन के पीछे फादर मैथ्यू अब्राहम की दूरदर्शिता और सकारात्मक सोच का विशेष योगदान रहा। उन्होंने लंबे समय से यह सपना देखा था कि CHAI जैसी विशाल संस्था का नेतृत्व किसी महिला के हाथों में आए। उन्होंने केवल इच्छा व्यक्त नहीं की, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से महिला नेतृत्व को तैयार करने का कार्य भी किया। उत्तराधिकार योजना (Succession Plan) के अंतर्गत उन्होंने सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी को मार्गदर्शन दिया और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया।
इसी उद्देश्य से सिस्टर हेलेन ने पिछले एक वर्ष तक एसोसिएट डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने रेव. डॉ. मैथ्यू अब्राहम के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली, संगठन संचालन और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के विविध पहलुओं का अनुभव प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण और अनुभव ने उन्हें संगठन की चुनौतियों और जरूरतों को निकट से समझने का अवसर दिया।
सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने अपने प्रेरणास्रोत के रूप में वेनरेबल मैरी ऑफ द सेक्रेड हार्ट ग्लोवरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैरी ग्लोवरी का जीवन धार्मिक समर्पण और चिकित्सा मिशन का अद्भुत संगम था। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ही वे चिकित्सा सेवा को मानवता की सेवा के रूप में देखती हैं। उनके अनुसार स्वास्थ्य सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और समर्पण का माध्यम है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे CHAI के मूल उद्देश्य और मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन का लक्ष्य समाज के उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना है, जो अब तक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं। “Reach the Unreached” अर्थात “अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाना” उनकी प्राथमिकता रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों, बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में वे विशेष ध्यान देंगी।
CHAI के अध्यक्ष फादर एन. एल. थॉमस ने सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संस्था नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिस्टर हेलेन अपनी क्षमता, अनुभव और सेवा भावना से संगठन को और अधिक प्रभावशाली बनाएँगी।
इसी दिन सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने एक महत्वपूर्ण परियोजना “VASATI – Enhancing Compassionate, Quality, and Ethical Home-based Palliative Care” का भी औपचारिक उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम Pratyasha Holistic Palliative Care Centre में आयोजित किया गया, जो CHAI का समग्र उपशामक देखभाल केंद्र है।
यह परियोजना विशेष रूप से उन मरीजों के लिए शुरू की गई है, जो गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रहे हैं तथा जिन्हें घर पर ही संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण देखभाल की आवश्यकता होती है। पेलिएटिव केयर का उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार नहीं, बल्कि मरीज को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक राहत प्रदान करना होता है। “VASATI” परियोजना करुणा, नैतिकता और गुणवत्तापूर्ण सेवा के सिद्धांतों पर आधारित है।
आज के समय में जब स्वास्थ्य सेवाएँ अत्यधिक व्यावसायिक होती जा रही हैं, ऐसे में CHAI द्वारा घर-आधारित पेलिएटिव केयर की पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह परियोजना उन मरीजों और परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगी, जो अस्पतालों तक बार-बार नहीं पहुँच सकते। विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पहल आशा की नई किरण साबित हो सकती है।
सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी का नेतृत्व यह संदेश देता है कि महिलाओं को केवल सेवा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियाँ भी दी जानी चाहिए। CHAI में उनका चयन महिलाओं की क्षमता, योग्यता और समर्पण की स्वीकृति का प्रतीक है। यह परिवर्तन आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
उनकी नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनका अनुभव, गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति उनकी संवेदनशीलता तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता CHAI को नई दिशा देने में सहायक होगी।
निस्संदेह, सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी का यह नया दायित्व भारतीय कैथोलिक स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जाएगा। उनके नेतृत्व में CHAI करुणा, सेवा और मानवता के अपने मिशन को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगा।
आलोक कुमार
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/