"इस एक फैसले ने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है..."
नेहरू सेवा सदन पुस्तकालय, भरेली के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का आयोजन मेरा युवा भारत, कटिहार के जिला युवा अधिकारी नीरज कुमार झा के दिशा-निर्देश में किया गया, जबकि इसकी अध्यक्षता यूथ पावर संगठन के अध्यक्ष हरि प्रसाद मंडल ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, मलहरिया सेवा केंद्र की संचालिका वीके प्रभा दीदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि “मेरी धरती, मेरा दायित्व” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए। बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और बदलते मौसम का चक्र इस बात का संकेत है कि यदि अब भी हम नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसका नेतृत्व माय भारत स्वयंसेविका कृति भारती तथा कुर्सेला के स्वयंसेवक अजीत कुमार ने किया। रैली में युवाओं ने “सांसे हो रही कम, आओ पेड़ लगाएं हम”, “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ”, “प्लास्टिक को ना कहें, धरती को हां कहें” और “धरती का श्रृंगार, पेड़-पौधे और हरियाली अपार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
रैली के दौरान ग्रामीणों को पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। युवाओं ने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही अपनी जिम्मेदारी पूरी न समझें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि वे भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण को संतुलित रखने में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में उप मुखिया चंदन कुमार, सुमित कुमार, लक्ष्मी कुमारी, निशू कुमारी, वीके अमन, छोटू कुमार, विजय कुमार, नीरज कुमार पासवान, दिवाकर कुमार राय, अभिनव कुमार, शिवेंद्र कुमार और बंटी कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।इस अवसर पर महोगनी, पॉपलर, शीशम, कटहल, जामुन, कदम, सखुआ, बरगद, नीम, आम और लीची जैसे सैकड़ों पौधे लगाने का संकल्प लिया गया। इन वृक्षों से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया गया यह संकल्प केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश देकर गया कि जब युवा जागरूक होकर आगे बढ़ते हैं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई शुरुआत होती है। समेली के युवाओं का यह अभियान आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।
आलोक कुमार
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