सोमवार, 23 मई 2022

बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोवियस ने धर्मप्रांत के फादरों का स्थानांतरण किया


बेतिया. बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोवियस ने धर्मप्रांत के फादरों का स्थानांतरण किया है.स्थानांतरित फादरों से कहा गया है कि 20 से 25 जून तक पदभार ग्रहण करने का निवेदन किया गया है.चनपटिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर बर्टी पौल का स्थानान्तरण छपरा मिशन में पल्ली पुरोहित के रूप में किया गया है.वहां पर संचालित सेक्रेड हार्ट स्कूल,खालपुरा के सचिव होंगे. जो बेतिया पैरिश सोसाइटी द्वारा संचालित है. इस समय यहां संचालित सेक्रेड हार्ट स्कूल,खालपुरा के प्राचार्य फादर सी.ए.मोजेज हैं.

चनपटिया पल्ली में फादर अनूप प्रकाश मिंज का स्थानान्तरण किया गया है.यहां पर संचालित सेंट जॉन पौल द्वितीय एकेडमी,चनपटिया के सचिव बनाया गया है.रामपुर पल्ली में फादर हरमन रफायल का स्थानांतरण किया गया है.यहां पर संचालित सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल के सचिव भी होंगे.फादर सिलवेस्टर पी रेयान सहायक पल्ली पुरोहित छपरा के होंगे. यहां संचालित सेक्रेड हार्ट स्कूल,खालपुरा के प्राचार्य होंगे. रामपुर मिशन के पैरिश प्रीस्ट सी.ए.मोजेज होंगे.सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल और सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल के सचिव होंगे.सिरसिया मिशन पैरिश ईंचार्ज फादर नौबर्ट कुजूर होंगे.यहां संचालित सेंट ऐन इंगलिश मीडियम स्कूल के प्रिंसिपल होंगे.

नरकटियागंज मिशन के प्रीस्ट इंचार्ज हैं फादर फिनटन साह.बेतिया धर्मप्रांत के विकार जनरल भी हैं फादर फिनटन साह.फादर रॉबर्ट तिग्गा स्टडी पर रहेंगे.बेतिया धर्मप्रांत के लैंड इंचार्ज फादर बिपिन किस्पोट्टा होंगे.इसके साथ बिशप हाउस,बेतिया के फूड इंचार्ज होंगे.रामपुर पल्ली के सहायक पल्ली पुरोहित फादर तेलेस्फोर टोप्पो होंगे. इसके साथ सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल,रामपुर के वाइस प्रिंसिपल होंगे.फादर पंकज पीटर को सेकेंड सहायक पल्ली पुरोहित नियुक्त किया गया है.इसके साथ सेंट थॉमस मिशन स्कूल,बेतिया के वाइस प्रिंसिपल होंगे.डा. येशु राज को चखनी में नियुक्त किया गया है.यहां संचालित स्कूल में अध्यापन कार्य करेंगे.

आलोक कुमार 

विवादित पोस्‍ट के बाद रतन लाल को गिरफ्तार

नयी दिल्ली.दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल को राजधानी की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है.कोर्ट ने उन्‍हें जमानत दे दी है.रतन लाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था. वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद उन्‍होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट शेयर किया था.इस विवादित पोस्‍ट के बाद रतन लाल को गिरफ्तार किया गया था.रतन लाल को 50 हजार रुपये के बॉन्‍ड और इतनी ही रकम की सिक्‍योरिटी पर बेल दी गई है.   

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल को कोर्ट से जमानत मिल गई है.ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग पाए जाने के दावों पर व्यंगात्मक फेसबुक पोस्ट करने के मामले में सुनवाई करते हुए तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.कोर्ट के इस फैसले को सोशल मीडिया पर लोग कानून और संविधान की जीत बता रहे हैं.

शनिवार दोपहर करीब 3 बजे प्रोफेसर रतनलाल को दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में पेश किया था. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने रतनलाल को जमानत देने का ऐलान किया. प्रोफेसर रतनलाल को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है.

 कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रोफेसर रतनलाल की रिमांड नही मांगी थी बल्कि कहा था कि आरोपी की ज्यूडिशियल कस्टडी चाहिए. पुलिस ने तर्क दिया कि एक पढ़े लिखे आदमी से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती.आगे से वे ऐसी गलती न करें, इसके लिए पुलिस ने बिना नोटिस दिए, सीआरपीसी 41A के तहत गिरफ्तार किया.

इस पर रतनलाल के वकील ने जवाब दिया कि मामले में कोई केस ही नहीं बनता है.गिरफ्तारी छोड़िए, इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज नहीं होनी चहिए. अभी तक सोशल मीडिया पोस्ट से कोई हिंसा नहीं हुई है.ऐसे में पुलिस सेक्शन 153A कैसे लगा सकती है.अगर किसी व्यक्ति की सहनशक्ति कम है, तो उसके लिए रतनलाल कैसे ज़िम्मेदार हो सकते हैं. भारत एक लोकतांत्रिक देश है.यहां हर किसी को बोलने की आजादी है. ये एफआईआर रद्द होनी चाहिए.

इस पर प्रोफेसर के वकील ने आगे कहा कि उन्हें जेल नहीं भेजा जाना चाहिए.ये कानून का दुरुपयोग होगा.इस तरफ से होगा तो जेल बुद्धजीवियों से भर जाएगी.उधर पुलिस ने तर्क दिया कि अगर इन्हें जमानत दी गई, तो समाज में गलत मैसेज जाएगा. अगर ये जमानत पर छूटे तो और भी लोग ऐसा करने का साहस करेंगे.                            

रतनलाल की गिरफ्तारी को लेकर दलित संगठनों ने भी बीजेपी सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.शनिवार को सुबह से ही ट्विटर पर भी रतनलाल की रिहाई संबंधी पोस्ट टॉप ट्रेडिंग बनी रही.लोग शीघ्र उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे.                                            

इस संदर्भ में अधिवक्ता विनीत जिंदल ने कहा कि रतन लाल ने हाल में 'शिवलिंग के बारे में अपमानजनक, उकसाने वाला और भड़काऊ ट्वीट साझा किया था.' उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के मुद्दे पर बयान (रतन लाल का) पोस्ट किया गया, जबकि यह एक बहुत संवेदनशील विषय है और मामला अदालत में लंबित है.                               

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर शिवलिंग मिलने के दावे को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले रतन लाल को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया है.नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में असोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ रतन लाल की ओर से शिवलिंग के दावे को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर उनपर आईपीसी की धारा 153A/ 295A के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. आईपीसी की धारा के बारे में  कहा गया कि 'भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर वैमनस्य को बढ़ावा देना) और धारा 295ए (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक मान्यताओं को अपमानित कर भावनाएं आहत करने के इरादे से किए गए जानबूझ कर एवं दुर्भावनापूर्ण कृत्य) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।'                              

इसके पहले रतन लाल पर दर्ज मुकदमे के बाद खुद लाल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कड़ी सुरक्षा की मांग की थी.   दिल्ली विवि के आचार्य डॉ. रतन लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें एके 56 रायफलधारी दो अंगरक्षक मुहैया कराये जाने,  यदि यह संभव नहीं है तो उचित प्राधिकारी को निर्देश देकर उनके लिए एके 56 रायफल का लाइसेंस जारी किये जाने की गुहार लगाई है.

https://t.co/g153LDhh8E

आलोक कुमार


25 मई को जबरदस्त आंदोलन का ऐलान

 


पटना.भाकपा-मालेे विधायक दल के नेता महबूब आलम, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, पटना महानगर के सचिव अभ्युदय सहित माले नेताओं की एक उच्चस्तरीय जांच टीम आज पटना सिटी के कंगनघाट पहुंची और वहां के गरीबों को उजाड़े जाने के कारणों की पड़ताल की. टीम में स्थानीय नेता नसीम अंसारी, राजनाराण सिंह और उमा जी भी शामिल थे.

माले विधायक दल नेता महबूब आलम ने कहा कि भाजपा-जदयू का बुलडोजर गरीबों के खिलाफ खड़ा है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. संबलपुर थाना नंबर 169/170 की जिस जमीन पर बुलडोजर चला है, वह जमीन पूरी तरह से वहां के निवासियों की है. तमाम लोगों के पास कागज है, दाखिल-खारिज किया जा चुका है, रसीद भी कट रहा है. यहां तक कि रजिस्टर 2 में भी नाम चढ़ गया है. ऐसी स्थिति में प्रशासन उनके घरों को किस आधार पर तोड़ सकता है?                                                        


इसके पहले थाना नंबर 110 की जमीन पर कुछ साल पहले शवदाहगृह बनाने के लिए सरकार ने जमीन का अधिग्रहण भी किया और स्थानीय निवासियों को मुआवजा भी दिया गया. इसका मतलब है कि सरकार उस जमीन पर वहां के लोगों के मालिकाना हक को स्वीकार करती है, फिर अचानक वह मालिकाना हक मानने से इंकार क्यों कर रही है?


माले नेताओं ने कहा कि प्रशासन का रवैया पूरी तरह गलत है. यदि उसे अतिक्रमण ही लग रहा था तो उसे न्यायिक प्रक्रिया में जाना चाहिए था, लेकिन अचानक घरों को तबाह करने के काम से जाहिर होता है कि राज्य की सत्ता में बैठी सरकार को न तो गरीबों की चिंता है और न संविधान व कानून की.

माले नेताओं के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल बुलडोजर वापस लौट गए हैं. माले विधायकों ने घटनास्थल से ही कमिश्नर व डीएम से बात करके सही स्थिति से उन्हें अवगत करवाया. प्रशासन ने तब 25 मई का अल्टीमेटम दिया है. इसके खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है. आक्रोशित जनता ने कंगन घाट से पटना सिटी तक मार्च किया और फिर सिटी चौक को घंटो जाम रखा. उन्होंने 25 मई को जबरदस्त आंदोलन का ऐलान किया है.

आलोक कुमार


रविवार, 22 मई 2022

फादर प्रोविंशियल सुसैमनी एसजे द्वारा पुस्तक का विमोचन

राजस्थान.अविला की संत तेरेसा ने एक आत्मा की अन्तर्यात्रा की कहानी लिखी, और उसका नाम THE SPIRITUAL WINDOWS दिया है, जिसका हिंदी अनुवाद है,‘ आध्यात्मिक दुर्ग‘.‘आध्यात्मिक दुर्ग‘ में आत्मा अपनी यात्रा बाहर से अन्तः की ओर करती है, जिसमें उसे अनेक दुर्गों का सामना करना पड़ता है, जिसमें उसे अनेक दुर्गों का सामना करना पड़ता है, ऊंची-नीची,लम्बी- चौड़ी ,अंधेरी घाटियों आदि के रूप में व्याख्यायित है.राजस्थान में स्थित संत जेवियर्स कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल हैं फादर रेमण्ड केरोबिन,फादर रेमण्ड केरोबिन आध्यात्मिक दुर्ग का लेखक हैं. पिछले दिनों आध्यात्मिक दुर्ग का विमोचनकिया गया.दिल्ली जेसुइट प्रोविंश के फादर प्रोविंशियल सुसैमनी एसजे द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया.

मैंने संत तेरेसा की इसी पुस्तक,‘ आध्यात्मिक दुर्ग‘ से प्रेरणा प्राप्त कर अपनी इस पुस्तक का नाम ‘ आध्यात्मिक झरोखा‘ रखा है. प्रस्तुत पुस्तक में ‘झरोखा‘ शब्द का अभिप्राय उन छोटी-बड़ी खिड़कियों से है, जिनके माध्यम से आत्मा/व्यक्ति अपने जीवन के परे विभिन्न घटनाओं पर एक नजर डालता है, तथा उनसे अपने भावी जीवन के लिए कुछ सीख लेता है.ये झरोखा इस पुस्तक में विभिन्न कहानियों,जीवनियों एवं घटनाओं के रूप में आए हैं.

प्रस्तुत पुस्तक लिखने के मेरे निम्नलिखित अभिप्राय है- यह पुस्तक..

1. वैसे लोगों के लिए है, जो अपनी व्यस्तता के बावजूद, कुछ समय निकाल कर कुछ रोचक एवं प्रेरणादायक कहानियां पढ़ कर अपने जीवन को सजाने-संवारने में विश्वास रखते है.

2. वैसे शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए है,जो जीवन में घटित घटनाओं को नीति-शिक्षा से जोड़ने में विश्वास रखते हैं.प्रस्तुत पुस्तक आपको चिंतन एवं एकांकी आदि तैयार कर प्रश्न पूछने के लिए प्रचूर मात्रा में सामग्री प्रदान करेगी.

3. वैसे धर्म सामाजिक समुदायों के लिए है, जो प्रति माह एक दिवसीय ‘रेकलेक्शन‘ अथवा प्रार्थना एवं मनन-चिंतन में समय बिताने में विश्वास रखते हैं. प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विषयों पर चिंतन एवं धर्मग्रंथ बाइबिल से उनके प्रेरणों के द्वारा काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकती है.

4. वैसे पुरोहितों के लिए है,जिनको प्रतिदिन और विशेषकर रविवारीय मिस्सा पूजा में प्रवचन अथवा उपदेश देने के लिए काफी समय इसकी तैयारी में लगाना पड़ता है. प्रस्तुत पुस्तक आपको चिंतक एवं धर्मग्रंथ बाइबिल से उनके प्रेरणों के द्वारा सहायक सिद्ध हो सकती है.

अंततः मैं फादर ड्यूरैक,ये.स.,फादर सुशील बिलुंग,ये.स. तथा सिस्टर बेला,ओ.एस.यू. के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं,जिन्होंने न सिर्फ इस पुस्तक की ‘ प्रूफ रीडिंग‘ की है,बल्कि अपने बहुमूल्य सुझावों से इसे आकर्षक तथा प्रेरणादायक बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

मैं अपने प्रोविंशियल फादर जोस वड़ाशेरी,ये.स. के प्रति कृतज्ञ हूं,जिन्होंने मुझे इस पुस्तक को छापने की अनुमति दी है, तथा अपने सह्दय विचारों एवं सुझावों से लाभान्वित भी किया है.

पटना महाधर्मप्रांत के हमारे महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा,ये.स.के प्रति मैं कैसे धन्यवाद ज्ञापन करूं, समझ में नहीं आता है. उन्हीं की प्रेरणा एवं आशीर्वाद का फल है यह पुस्तक. उन्होंने कैथोलिक हिंदी साहित्य के लिए अपना योगदान देने के लिए मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया है, तथा धर्मप्रांत की कलीसिया के आध्यात्मिक विकास के लिए प्रस्तुत पुस्तक को लिखने के लिए प्रोत्साहित किया है. धन्यवाद शब्द यहां अति लघु जान पड़ता है. प्रस्तुत पुस्तक के लिए आपने बहुमूल्य संदेश लिखा है, तथा इस प्रकाशित करने की अनुमति दी है. यह मेरे लिए बहुत ही उत्साहवर्धक एवं प्रेरणादायक भी है.

मैं अपने सभी मित्रों एवं शुभचिंतकों को भी धन्यवाद देता हूं,जिन्होंने हमेशा मुझे प्रोत्साहित एवं क्रियाशील बने रहने में मेरी सहायता की है. आप सभी की प्रार्थनाओं एवं सहायता के कारण ही मेरी कलम कुछ लिखने को बाध्य हो जाती है.

आलोक कुमार  



मिल कर काम करने पर भी सहमति जाहिर


 देश के प्रसिद्ध कॉलेजों की पढ़ाई के तरीके, सभ्यता और रिसर्च वर्क के लिए पटना वीमेंस कॉलेज ने 17 कॉलेजों के साथ एमओयू साइन किया है. कॉलेजों के बीच शिक्षा, अनुसंधान और अन्य गतिविधियों के क्षेत्रों में अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही कॉलेजों के बीच संबंधों को विकसित करने में मदद करेगा. संस्थान उच्च शिक्षा की दिशा में सहयोग करने और मिल कर काम करने पर भी सहमति जाहिर की है....

पटना.पटना वीमेंस कॉलेज की स्थापना 1940 में बिशप

बी.जे. सुलिवन एसजे, पटना के बिशप और मदर एम. जोसेफिन ए.सी. सुपीरियर जनरल ऑफ अपोस्टोलिक कार्मेल द्वारा की गई थी. यह बिहार में महिलाओं की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खोला गया उच्च शिक्षा का पहला संस्थान था. संस्थापक बिशप सुलिवन ने इसका नाम पटना महिला कॉलेज रखा और इसे बिहार की महिलाओं को उपहार के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे उनके निपटान में उच्च शिक्षा का अवसर मिला. बिशप सुलिवन का दृढ़ विश्वास था कि बिहार का उत्थान अपनी महिलाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करके यानी उन्हें सशक्त बनाकर उन्हें मुक्त करने में है.प्रारंभिक वर्षों में, कॉलेज और छात्रावास बांकीपुर में बिशप के अपने आवास में स्थित थे, जिसे उन्होंने इस मील के पत्थर के लिए खाली कर दिया था.


इस बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ओपन यूनिवर्सिटी को स्थापित करने के लिए कई नियमों में बदलाव किए हैं. नियमों में हुए संशोधन को लेकर केंद्र शिक्षा मंत्रालय के द्वारा 20 मई को इस पर मुहर लगाई जा चुकी है. यूजीसी फिटनेस नियम 1989 के तहत ओपन यूनिवर्सिटी के लिए यूजीसी के द्वारा गजट अधिसूचना जारी की गई थी. जिसकी मंजूरी शिक्षा मंत्रालय के द्वारा 20 मई को दी जा चुकी है. साथ ही इस बदलाव के संबंध में शिक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन के द्वारा यूजीसी को लेटर और गजट की रिपोर्ट कॉपी भेजी गई है.                


यूजीसी के चेयरमैन का कहना है कि इस संशोधन के बाद ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए लगभग 40 से 60 एकड़ की जमीन की जरूरत को महज पांच एकड़ की जमीन तक सीमित कर दिया गया है. वहीं, अब ओपन यूनिवर्सिटी केवल पांच एकड़ की जमीन पर ही खोले जाएंगे. इस संशोधन के पीछे संस्थान के लिए जमीन की जरूरत को सीमित किए बिना डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड से शिक्षा में ज्यादा से ज्यादा संस्थानों को बढ़ावा देना है. इससे पहले ओपन यूनिवर्सिटी के लिए 40 से 60 एकड़ जमीन हुआ करती थी, जो कि शहरों में और खास कर पहाड़ी इलाकों में खरीदना मुश्किल होता है. जिसे घटाकर महज पांच एकड़ कर दिया गया है.

भारत के प्रसिद्ध कॉलेजों की शिक्षा नीति, सभ्यता और रिसर्च के काम के लिए पटना वीमेंस कॉलेज ने 17 कॉलेजों के साथ एमओयू को साइन किया है. वहीं सभी कॉलेजों के मध्य शिक्षा, अनुसंधान और बाकी सभी गतिविधियों के क्षेत्रों में अकादमिक और सांस्कृतिक सभ्यताओं के आदान-प्रदान के साथ बेहतर संबंधों को बनाया जा सकेगा. संस्थान उच्च शिक्षा के लिए मिलकर काम करने की सहमति जाहिर की है.

साझेदारी समझौता कार्यक्रम जेवियर बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन के द्वारा आयोजित किया गया. इसमें एर्णाकुलम के संत अल्बर्ट कॉलेज के प्राचार्य, उप प्राचार्य, डीन, आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे. इसके साथ ही नेशनल कोलेबोरेशन एंड कंसल्टेंसी सर्विस के डीन आलोक जॉन भी शामिल रहे.नेशनल कोलेबोरेशन एंड कंसल्टेंसी सर्विस के डीन आलोक जॉन ने बताया कि एमओयू के तहत 1.क्राइस्ट कॉलेज,केरला 2.फातिमा कॉलेज, मदुरै,तमिलनाडु 3.सेंट तेरेसा कॉलेज,केरला4.होली क्रॉस कॉलेज,तमिलनाडु 5.लिटल फ्लावर डिग्री एंड पीजी कॉलेज,तेलंगाना 6.लोरेटो कॉलेज कोलकाता 7.लोयला एकेडमी,तेलंगाना 8.माउंट कार्मेल कॉलेज,कर्नाटक 9.प्रोविडेंस वीमेंस कॉलेज,केरला, 10.सेल्सियन कॉलेज,वेस्टबंगाल 11. सेंट एल्बर्ट कॉलेज,केरला 12.सेंट एंस कॉलेज फॉर वीमेन, तेलांगना 13. सेंट एंथनी कॉलेज,मेघालय 14.सेंट जोसेफ कॉलेज,तमिलनाडु 15.सेंट जोसेफ कॉलेज,केरला 16.सेंट जेवियर कॉलेज,मुंबई  और 17. विमला कॉलेज,केरला है.

                           


आलोक कुमार           

जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने ड्रेनेज निर्माण करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को तलब किया


मुजफ्फरपुर.स्मार्ट सिटी के तहत शहर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे ड्रेनेज/नाला निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा उनके कार्यालय कक्ष में की गई.बैठक में नगर आयुक्त, नाले के निर्माण से संबंधित विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि, स्मार्ट सिटी के सीईओ,दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राम नरेश पासवान, संबंधित थानों के थाना प्रभारी एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता इत्यादि उपस्थित थे.

शहर के विभिन्न हिस्सों में एजेंसियों के द्वारा नाला निर्माण के क्रम में नाला निर्माण के कारण उत्पन्न कठिनाइयों विशेषकर जगह-जगह जलजमाव की स्थिति तथा जाम लगने के कारण यातायात अवरुद्ध की स्थिति के बाबत जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने ड्रेनेज निर्माण करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को तलब किया. जिलाधिकारी ने वर्तमान स्थिति हालात पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए एजेंसियों के प्रतिनिधियों को हिदायत दी कि निर्धारित समय के अंदर नाले के निर्माण की पूर्णता की दिशा में तीव्र गति से कार्य करना सुनिश्चित करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें. जिलाधिकारी ने कहा कि एक जगह कार्य पूरा करने के बाद दूसरा जगह कार्य आरंभ करें.कहीं पर काम पूर्ण है कहीं पर गड्ढा कर छोड़ दिया गया है. ऐसे में आम लोगों को कठिनाइयों से दो-चार होना पड़ता है.इसे लेकर उन्होंने एजेंसी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई.नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि उक्त कार्यों का सतत अनुश्रवण करना सुनिश्चित करें.

कंपनी बाग वाले इलाके में नाले निर्माण को लेकर निर्देश दिया गया कि 25 तारीख तक अधूरे कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें. यदि ऐसा नहीं होता है तो एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी साथ ही उन्हें ब्लैक लिस्ट के लिए लिखा जाएगा.वहीं मोती झील एवं उसके आसपास नाला निर्माण करने वाली एजेंसी को भी चेताया एवं निर्देश दिया कि 27 मई तक हर हाल में अधूरे कार्यों को करना सुनिश्चित किया जाए.

 इस तरह से कलमबाग चौक, तिलक मैदान ,स्टेशन रोड ,इमली चट्टी इत्यादि इन जगहों पर जहां कार्य अधूरे हैं उसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया.जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ मैन पावर को बढ़ावे ताकि कार्य तेजी से हो सके. साथ ही कार्य की गुणवत्ता को हर हाल में मेंटेन करना सुनिश्चित करें.जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान स्थिति का कारण  योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं करना है.ऐसी स्थिति में किसी भी तरह की यदि क्षति होती है तो इसके लिए संबंधित एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी.

नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अलावे शहर के बाहरी हिस्सों में  आरसीडी एवं बुडको के द्वारा भी नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है.जिलाधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही आरसीडी एवं बुडको के साथ बैठक की जाएगी.स्मार्ट सिटी के सीईओ को निर्देशित किया गया कि शहर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे ड्रेनेज  निर्माण के कार्य का सतत अनुश्रवण करें.

 आलोक कुमार           

30 मई तक कार्य पूर्ण कर लिया जाय

  * डीएम द्वारा जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब उड़ाही को लेकर सुप्पी प्रखंड कार्यालय परिसर में तालाब उड़ाही कार्य का निरीक्षण                                            


सीतामढ़ी.जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा द्वारा जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब उड़ाही को लेकर सुप्पी प्रखंड कार्यालय परिसर में तालाब उड़ाही कार्य का निरीक्षण किया गया.जिसका शिलान्यास रामनागरा पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार द्वारा जिला पदाधिकारी की उपस्थिति में किया गया. जो कि 30 मई तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा.

जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह कार्य मनरेगा के तहत कराया जा रहा है.इस योजना से पोखर का जीर्णोद्धार होने से प्रखंड परिसर में आने वाले लोगों को आकर्षित करेगा.इसके चारों तरफ पथ वे का निर्माण किया जाएगा साथ ही जल जीवन हरियाली अभियान के तहत पौधरोपण कर बैठने की व्यवस्था की जाएगी.लगभग पूरे जिले में 35 तालाबों पर उड़ाहीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है जो जल जीवन हरियाली अभियान एवं अमृत सरोवर योजना के तहत 1 एकड़ से कम वाले जितने पोखर है सभी का उड़ाहीकरण का कार्य किया जा रहा है जो आगामी मानसून से पहले कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा. ताकि वर्षा होने पर ज्यादा से ज्यादा जल संचयन किया जा सके.साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा प्रखंड परिसर में पार्क निर्माण को लेकर स्थल निरीक्षण किया गया जहां पथ वे खेल ग्राउंड, पार्क में बैठने की व्यवस्था आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया.            


उक्त  निरीक्षण में उप विकास आयुक्त विनय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सीतामढ़ी सदर राकेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरभ सुमन,प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रखंड प्रमुख,पंचायत समिति सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.                            

आलोक कुमार           

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