बुधवार, 29 जून 2022

पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि

 पटना.प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गयी.समारोह की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने की.

इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे. राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएँ चलायीं.पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

डा0 झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल बड़े ईमानदार थे तथा सादा जीवन उच्च विचार के वे प्रतीक थे. आज कृतज्ञ राज्य उनके योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है.इसके पूर्व मुंगेरी लाल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमेन राजेश राठौड़, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष, अरविन्द लाल रजक, चुन्नू सिंह, अनोखा सिंह,  प्रदुम्न कुमार यादव, मंजीत आनन्द साहू, मृणाल अनामय, निधि पाण्डेय, ई0 कमलेश, निरंजन कुमार, राणा अजय सिंह, रीना देवी रागिनी, आयुष भगत, हसीब खान सहित कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धाँजलि अर्पित की.

बताते चले कि पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष मुंगेरी लाल थे.राजनीतिज्ञों ने मुंगेरी बाबू को पूर्ण रूप से सम्मान नहीं दिया. आजतक मुंगेरी बाबू के जन्म स्थल कुर्जी ग्राम का नाम परिवर्तन कर मुंगेरी ग्राम नहीं कर सके. इसे परिवार वाले मुंगेरी लाल का हसीन सपना करार देते हैं. स्थानीय कुर्जी मोहल्ला को अब मुंगेरी ग्राम कहलाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 2014 में (दिसम्बर माह) विधान परिषद में इसकी घोषणा की थी. विधान पार्षद दिलीप जायसवाल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मांग सदन में उठाई थी.उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सदन में मौजूद थे. श्री जायसवाल ने कहा था कि मुंगेरी लाल प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के मंत्री रहे. वे कुर्जी के निवासी थे. स्वतंत्रता आंदोलन में वे जेल भी गए। जिसकी अकाल मौत हो गयी.उसे क्रियान्वित नहीं किया गया.


आलोक कुमार

मंगलवार, 28 जून 2022

चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़

 * निवेशक अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए डी०आर०सी०सी० में फंक्शनल हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

* सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सिर्फ सुना ही नहीं जाएगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा


बेतिया. राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से राज्य के चारों ओर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना के लिए आवश्यक मंजूरी को बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने के लिए “प्रभावी“ और “कार्यात्मक“ सिंगल विंडो सिस्टम के लिए प्रतिबद्ध है और एक निवेशक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

पश्चिम चंपारण जिले में कोरोना की महामारी के दौरान स्थापित चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़ की जा रही है. इसकी सफलता से अभिभूत होकर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी स्टार्टअप के स्थापना के लिए अनुकूल इको सिस्टम तैयार हो गया है. प्रतिदिन कई लोग स्टार्टअप की स्थापना के लिए जिला प्रशासन से मिलते हैं और अपने-अपने आइडिया को शेयर करते हैं. जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में उनकी समस्याओं को सुनने और निराकरण के लिए पश्चिम चंपारण जिले में डी०आर०सी०सी० में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित कर दिया गया है.

सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सुना जाएगा, ना केवल उन्हें सुना जायेगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उद्योग के स्थापना में सहयोग मिलेगा और कम से कम समय में अपना उत्पादन प्रारम्भ किया जाएगा. साथ ही उन्हें हरेक आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है.

इस सिस्टम के तहत फायर, श्रम, फैक्ट्री लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण, बिजली विभाग, जी०एस०टी, माप एवं तौल विभाग एवं बैंकों के अधिकारी रहेंगे. पश्चिम चंपारण में औद्योगिक और अन्य परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए, प्रमोटरों को एकल बिंदु मंजूरी प्रदान करके और ऐसी परियोजनाओं के प्रारंभिक वाणिज्यिक उत्पादन को सुनिश्चित कराया जाएगा.


आलोक कुमार

सहारा इंडिया में जमा पैसों के भुगतान की मांग पर हजारों जमाकर्ताओं का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

 ● गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके आंदोलन के समर्थन में पहुंचे माले विधायक

● बिहार सरकार जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव ले



पटना.1980 से ही सहारा इंडिया हाउसिंग फाइनेंस और रियल इस्टेट में राज्य के करोड़ों गरीब परिवार अपना पेट काटकर अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए पैसा जमा करते आए हैं, लेकिन वर्ष 2013 के बाद से पैसे की परिपक्वता पूरी होने के बाद भी जमाकर्ताओं को भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसके खिलाफ आज बिहार के कोने-कोने से भाकपा-माले के बैनर तले हजारों की संख्या में जमाकर्ता पटना पहुंचे और बिहार सरकार से हजारों करोड़ की जमा पानी ही राशि के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव पारित करने की मांग की.

गेट पब्लिक लाइब्रेरी से माले की केंद्रीय कमिटी सदस्य मीना तिवारी, राज्य कमिटी के सदस्य सूरज कुमार सिंह, पार्टी नेता कमलेश शर्मा, कुमार परवेज़ आदि के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लिए जमाकर्ताओं ने मार्च शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके प्रदर्शन को उक्त नेताओं के अलावा बिहार विधानसभा में पुस्तकालय समिति के सभापति सुदामा प्रसाद, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, महानंद सिंह, ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव आदि ने संबोधित किया.

सुदामा प्रसाद ने कहा कि इस मसले पर हमने बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने की कोशिश की. कहा कि बिहार सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. एक तरफ राज्य में कर्ज के दबाब में लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, तो दूसरी ओर करोड़ो जमाकर्ता अपने ही पैसे की वापसी के लिए लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है. यह बहुत ही दुखद है.

ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण जमाकर्ता कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इनमें अधिकांश परिवार आज भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. पैसों के अभाव में सैंकड़ों जमाकर्ता बिना इलाज के मर गए और कई परिवार आत्महत्या को मजबूर हैं. ऐसे समय में उनके रुपए का भुगतान नहीं होना एक गंभीर अपराध है. सहारा इंडिया सेबी से पैसे की वापसी का जिक्र करके कहता है कि सेबी से पैसा मिलने पर ही जमाकर्ताओं को पैसा मिलेगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि सहारा इंडिया की तरफ से दिल्ली उच्च न्यायालय में पैसे की वापसी को लेकर कोई भी मुकदमा नहीं किया गया है. वह देश की जनता की आंखों में और धूल नहीं झोक सकती.

महबूब आलम ने कहा कि कॉरपोरेटों को मोदी सरकार ने लूट की खुली छूट दे रखी है. यदि सरकार चाहती तो अब तक जमाकर्ताओं के पैसे मिल गए होते. लेकिन यह सरकार तो सब कुछ बर्बाद करने पर तुली हुई है. जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है. इसे हम स्वीकार नहीं करेंगे.

महानंद सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया में जमा बिहार के एक करोड़ जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान संबंधित एक प्रस्ताव बिहार विधानसभा से पारित करने, सहारा इंडिया परिवार के जमाकर्ताओं के भुगतान के लिए  सरकार द्वारा अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई करने, दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश कि जबतक भुगतान नहीं तब तक कोई काम नहीं के आदेश की अवहेलना करते हुए सहारा की शाखाओं में सादे कागज पर लिए जा रहे पैसों पर अविलंब रोक लगाने तथा सहारा से जुड़े सभी मामलों का 6 महीने के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए निपटारा करने की मांगों का समर्थन करते हैं. उन्होंने इसपर सदन के अंदर लड़ाई तेज करने का आश्वासन दिया.

शशि यादव ने कहा कि सरकार का असली चेहरा अब पूरी तरह साफ है. जनता की गाढ़ी कमाई को धोखेबाजी से लूट लेने वाला सहारा इंडिया की संपत्ति जब्त करके जमाकर्ताओं का पैसा सरकार उन्हें दिलाए.

मौके पर प्रदर्शनकारियों ने अपना स्मार पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा. कार्यक्रम के समन्वयक सूरज कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार इस प्रदर्शन के बाद भी नहीं चेतती, तब हम धारावाहिक आंदोलन में उतरेंगे. कहा कि यह शर्मनाक है कि इतना कुछ होने के बाद भी सादे कागज पर सहारा आम लोगों से पैसा ले रहा है. सरकार इसे तो कम से कम रोके.


 आलोक कुमार

विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे

 

* मोदी के ‘नए भारत’ में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध

* मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ पटना में प्रतिवाद

* अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की गिरफ्तारी का भी किया विरोध

पटना. 2002 गुजरात जनसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई अभियान चला चुके तीस्ता सीतलवाड़ व आरबी श्रीकुमार, तथा 2018 में किए गए एक ट्वीट के लिए अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ आज पटना में एआइपीएफ, माले व इंसाफ मंच के बैनर से विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा उनकी अविलंब रिहाई की मांग की गई. बुद्ध स्मृति पार्क के पास आयोजित विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एआइपीएफ से जुड़े व शहर के चर्चित शिक्षाविद गालिब, अभय पांडेय, अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक मनोज मंजिल, अरवल से पार्टी विधायक महानंद सिंह, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, राज्य सचिव शशि यादव, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, पार्टी के वरिष्ठ नेता राजाराम, इंसाफ मंच के नसीम अंसारी, आफशा जबीं, आसमां खां, कोरस की समता राय आदि शामिल थे. जबकि कार्यक्रम का संचालन एआइपीएफ के संयोजक कमलेश शर्मा ने किया.

नेताओं ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के तथाकथित नए भारत में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध है. मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलबाड़ और आर.बी. श्रीकुमार के बाद अब अल्ट न्यूज से जुड़े मो. जुबैर को गिरफ्तार कर लिया गया है. नफरत, झूठ व अन्याय के इस दौर में अब प्यार, सच और न्याय की मांग करना सबसे बड़े अपराध बन गए हैं. जहां पूरे देश में नफरत व झूठ  को पूरा छूट हासिल है, वहीं सच और न्याय को जेल की सलाखों में डाल दिया जा रहा है. 

आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जिन जजों ने गुजरात जनसंहार में नरेन्द्र मोदी को निचली अदालत द्वारा मिली क्लीन चिट के खिलाफ तीस्ता सीतलवाड़ की अपील को खारिज करते हुए कहा कि ‘‘न्याय के हिमायती’’ लोगों ने जकिया जाफरी के दर्द का फायदा उठाया और उसके महज 24 घंटे के अंदर ही मुकदमा दायर करके तीस्ता सीतलबाड व आर बी श्रीकुमार की गिरफ्तारी हुई, उन जजों की बहाली प्रक्रिया देखने लायक है. इस बहाली प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो जाता है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था आज प्रधानमंत्री मोदी के पूरे दबाव में काम कर रही है. तीन जजों में दिनेश महेश्वरी के लिए उनसे 32 वरिष्ठ जजों को साइडलाइन किया गया. अन्य दोनों जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी नियम-कानूनों का घोर उल्लंघन है. जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्याय की तलाश का अपराधीकरण कर देना व न्याय मांगने वालों को कठघरे में खड़ा कर देना लोकतंत्र के हित में बिलकुल ठीक नहीं है.

ये सारी गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुई हैं, जिसमें बदले की भावना काम कर रही है. आज पूरा देश तीस्ता सीतलबाड़, आर.बी. श्रीकुमार व मो. जुबैर की रिहाई की मांग पर सड़क पर है. 

कार्यक्रम में उपर्युक्त नेताओं के अलावा प्रकाश कुमार, अनय मेहता, जितेन्द्र कुमार, डॉ. प्रकाश, अनिल अंशुमन, संजय यादव, विनय कुमार आदि भी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए


नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज पंचायती राज विभाग द्वारा जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.कुआँ के जीर्णोद्धार एवं सोख्ता  निर्माण के संदर्भ में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कराये गये सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए गये, जिनमें से 2267 कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया. अब तक 1611 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया गया है. सभी कुओं के समीप, जहां भी जमीन उपलब्ध है, वहां सोख्ता का निर्माण किया जाना है. अब तक 1202 सोख्ता का निर्माण पूरा किया गया है.

जिलाधिकारी ने सभी सर्वेक्षित कुओं की संबंधित पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करते हुए उनके जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया. जिन कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ है किंतु पूरा नहीं हुआ है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.हर घर नल का जल की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में पंचायती राज विभाग द्वारा 2146 वार्डों में कुल 2388 योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया है.इनमें से 1864 योजनाओं में जल मीनार का निर्माण कराया गया है, शेष 524 योजनाओं में जल मीनार का कार्य नहीं हुआ है.

सभी बीपीआरओ को जल मीनार विहीन इन सभी 524 योजनाओं की विस्तृत जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.जांच के क्रम में बीपीआरओ यह देखेंगे कि योजना की संपूर्ण राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को हस्तांतरित हुई या नहीं. अगर संपूर्ण राशि हस्तांतरित हुई है तो संपूर्ण राशि की निकासी की गई है या नहीं. जहां भी संपूर्ण राशि की निकासी की गई है वहां तत्कालीन संबंधित वार्ड क्रियान्वयन समिति को नोटिस निर्गत कर जल मीनार का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा अन्यथा संबंधित डब्लू आईएमसी के विरुद्ध राशि के गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

समीक्षा के क्रम में पाया गया कि नल जल की 445 योजनाओं में विधिवत विद्युत कनेक्शन नहीं लिया गया है. सभी बीपीआरओ को संबंधित  डब्लू आईएमसी  को नोटिस निर्गत करके विधिवत विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

जिला में क्रियान्वित 1246 योजनाओं में एक बार भी उपभोक्ता शुल्क (₹30 प्रतिमाह) की वसूली डब्ल्यू आईएमसी द्वारा नहीं की गई है. संबंधित  डब्लू आईएमसी   को नोटिस निर्गत कर इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. योजनावार उपभोक्ता शुल्क पंजी का अलग से संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया.

विगत महीनों में जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से नल जल योजना के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया गया था. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 41 वार्ड में निकटतम वर्तमान योजना से वंचित/छूटे हुए घरों को नल जल का कनेक्शन देने के लिए चिन्हित किया गया था. इनमें से 14 वार्ड में कार्य पूरा किया गया तथा 14 अन्य वार्ड में कार्य प्रगति पर बताया गया. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 132 वार्डों में अतिरिक्त योजना का क्रियान्वयन कर छूटे हुए घर/ टोलों को नल जल का कनेक्शन दिया जाना था.इनमें से 14 अतिरिक्त योजनाओं का कार्य पूरा किया गया तथा 63 अन्य अतिरिक्त योजनाओं का कार्य प्रगति पर है.जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को अविलंब सभी योजनाओं का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया.

 हरनौत बीपीआरओ द्वारा अतिरिक्त योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में किसी तरह का स्पष्ट प्रतिवेदन नहीं दिया गया.जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन निकासी स्थगित करने का निर्देश दिया. सभी बीपीआरओ को स्पष्ट रूप से कहा गया कि इन सभी अतिरिक्त योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता  से पूर्ण करें अन्यथा संबंधित के विरुद्ध प्रपत्र ' क ' गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इन सभी वार्डों की अद्यतन स्थिति की जांच प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों से सुनिश्चित कराया जाएगा.

बैठक में बगैर किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण बीपीआरओ परवलपुर से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया.विगत पंचायत चुनाव के बाद जिला के 3105 वार्डों में से 2867 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन समिति का नया स्तर से गठन हुआ है. इनमें से 1468 वार्डों में पुरानी समिति द्वारा नई समिति को अभिलेख हस्तांतरित किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष वार्डाें में शीघ्र से शीघ्र वार्ड क्रियान्वयन समिति का नवगठन सुनिश्चित कराने तथा शत प्रतिशत वार्डों में अभिलेख का हस्तांतरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.अभिलेख के हस्तांतरण के लिए सभी बीपीआरओ को संबंधित पुराने वार्ड क्रियान्वयन समिति को 24 घंटे के अंदर नए वार्ड क्रियान्वयन समिति को अभिलेख हस्तांतरण कराने के आशय का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया. इसका अनुपालन नहीं करने वाले वार्ड क्रियान्वयन समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया.

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

 *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई सम्पन्न

*सीडी रेसियो बढ़ाने के लिए, बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की नसीहत


बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुयी. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी, बैंकर्स आदि उपस्थित रहे.

सीडी रेशियो (ऋण जमा अनुपात) की समीक्षा के दौरान एलडीएम द्वारा बताया गया कि एसबीआई, सीबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत काफी कम है. वहीं यूको बैंक, यूनियन बैंक, आईओबी, एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक, उत्कर्ष बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र आदि का सीडी रेशियो बेहतर है.

 उन्होंने बताया कि पश्चिमी चंपारण जिले का सीडी रेशियो राज्य के औसत से ऊपर है और सोशल सिक्योरिटी के तहत पेंशन प्रदान करने में पश्चिमी चम्पारण जिला प्रथम है.जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सीडी  रेशियो   में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैंकर्स से फीडबैक लिया गया कि कैसे उनके बैंक का सीडी रेशियो बेहतर है. साथ ही अपेक्षाकृत कम उपलब्धि वाले बैंकर्स से भी पृच्छा की गयी.केनरा बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि जुलाई माह के अंत तक 28.45 से 40 प्रतिशत सीडी रेशियो करा लिया जायेगा. वहीं पीएनबी ने 40.84 से 60 प्रतिशत करने, एसबीआई ने 45.08 से 60 प्रतिशत करने की बात कही.


जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का एवरेज सीडी रेशियो लगभग 60 प्रतिशत है. उन्होंने निर्देश दिया कि जुलाई माह के अंत तक संबंधित बैंकर्स हर हाल में 60 प्रतिशत सीडी रेशियो के लक्ष्य को पूर्ण करेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी बैंक का सीडी रेशियो डिस्ट्रिक्ट एवरेज से कम नहीं रहना चाहिए.

 पीएमईजीपी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 21-22 में 90 के विरूद्ध 139 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है.वित्तीय वर्ष 22-23 में 303 योग्य व्यक्तियों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी बैंकर्स कार्रवाई कर रहे हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन 139 लोगों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित किया गया है, सभी की विस्तृत जानकारी समेकित की जाए.उन्होंने कहा कि यह पता लगाये कि पीएमईजीपी से लाभान्वित व्यक्ति ग्राउंड लेवल पर क्या कर रहे हैं. अगर वे लड़खड़ा रहे हैं तो उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया जायेगा. 

उन्होंने कहा कि आसमान में उड़ने की चाह रखने वाले अर्थात अपना उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक व्यक्तियों को जिला प्रशासन द्वारा पंख उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि पश्चिम चम्पारण जिला का आर्थिक विकास और तेजी के साथ हो सके.इस कार्य में बैंकर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने में बैंकर्स अपना महती भूमिका अदा करें. बैंकर्स सकारात्मक भावना के साथ कार्य करें तथा योग्य इच्छुक व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध करायें.

जिलाधिकारी द्वारा एसीपी, केसीसी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जेएलजी, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई, सुकन्या समृद्धि योजना, पीएम स्वनिधि योजना, समग्र गव्य विकास योजना आदि योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी.

उन्होंने कहा कि उक्त सभी जन कल्याणकारी योजनाओं से योग्य व्यक्तियों को लाभान्वित करने में बैंकर्स पूरी दिलचस्पी दिखाये तथा लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन कराना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उक्त योजनाओं के आवेदनकर्ताओं को परेशान किये जाने और ससमय ऋण मुहैया नहीं कराने को जिला प्रशासन द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लिया जायेगा.ऐसे बैंकर्स के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जायेगी.

जिलाधिकारी ने जीएम डीआईसी सहित कृषि, जीविका, पशुपालन आदि के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण लेने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को बैंक से लिंक कराना सुनिश्चित करें. एक-एक आवेदन की पुनः समीक्षा करें तथा बैंकर्स और ऐसे व्यक्तियों की मीटिंग कराकर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि पोल्ट्री, गोट्री,  फिशरीज के क्षेत्र में भी संबंधित विभाग और बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है. ऐसे क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की समुचित व्यवस्था की जाय.

उक्त महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थित रहे बैंक ऑफ इंडिया तथा इंडियन बैंक के प्रबंधकों को शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

आलोक कुमार


सोमवार, 27 जून 2022

प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया

 

पटनाः देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी प्रसारित पत्रिका इंडिया टुडे द्वारा इंडिया टुडे एमडीआरए बेस्ट कॉलेज ऑफ इंडिया सर्वे 2022 में पटना वीमेंस  कॉलेज (स्वायत्त) ने कला और विज्ञान श्रेणियों में उच्च रैंकिंग हासिल की है.कला में इसकी राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है, जो कि पूर्वी क्षेत्र में पहली है. पटना वीमेंस कॉलेज की यह रैंकिंग विज्ञान में 43 की राष्ट्रीय रैंकिंग के साथ पूर्वी क्षेत्र में तीसरे स्थान पर हैं. रैंकिंग प्रक्रिया में चयनित गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन शामिल है.संपूर्ण रैंकिंग अभ्यास आईक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन द्वारा हमारी प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया था.

इंडिया टुडे एमडीआरए, 2022 सर्वेक्षण में देश के अव्वल शिक्षण संस्थानों का डेटा तैयार किया गया है. इसके अंतर्गत कला की श्रेणी में शहर के पटना वीमेंस कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में फर्स्ट रैंक मिला है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में तीसरा रैंक दिया गया है. कला की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 43 है.

रैंकिंग प्रक्रिया में गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है. इसमें कॉलेज की प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी, आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन ने अपना मार्गदर्शन किया. प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने कॉलेज के सभी शिक्षकों और कर्मियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कॉलेज आगे भी बेहतर करने का प्रयास करेगा.

इंडिया टुडे ग्रुप तथा एमडीआर के बेस्ट कॉलेज सर्वेक्षण 2022 में एएन कॉलेज ने साइंस में देश में 42 वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. गौरतलब है कि इस श्रेणी में एएन कॉलेज बिहार के अलावा झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों के काॅलेजों में भी पहले स्थान पर है. वहीं, आर्ट्स में कॉलेज ने देश में 70 वां स्थान प्राप्त किया है.

कॉलेज के प्राचार्य प्रो एसपी शाही ने इस सफलता के लिए सभी शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और विद्यार्थियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कॉलेज की प्रगति के लिए हम सभी प्रयत्नशील हैं. इंडिया टुडे रैंकिंग में बेहतर स्थान प्राप्त करना गौरव की बात है और कॉलेज नैक, एनआईआरएफ आदि रैंकिंग में भी उच्च प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयासरत है.



आलोक कुमार










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