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गुरुवार, 4 जून 2026

Bihar : फादर सेराफिम जॉन लाल के परिवार पर दुखों का पहाड़

 बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली क्षेत्र में इन दिनों शोक और संवेदना का वातावरण व्याप्त


बेतिया
धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली क्षेत्र में इन दिनों शोक और संवेदना का वातावरण व्याप्त है। चर्च रोड स्थित सेंट मैरी स्कूल के निकट, डॉ. ओसवाल्ड आनंद के घर के सामने स्थित फादर सेराफिम जॉन लाल के पैतृक निवास पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और परिचित इस कठिन समय में परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। घर के वातावरण में गहरी उदासी और भावुकता स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती है।

फादर सेराफिम जॉन लाल लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े रहे हैं। उनके परिवार की पहचान न केवल बेतिया बल्कि व्यापक ईसाई समाज में भी सम्मान के साथ की जाती रही है। ऐसे प्रतिष्ठित परिवार पर जब दुखों का पहाड़ टूटता है तो स्वाभाविक रूप से पूरा समाज उसके साथ खड़ा दिखाई देता है।

परिवार के सदस्य आयुष गौरव रोड्रिगेज ने भावुक स्वर में अपने संबंधों को याद करते हुए बताया कि फादर सेराफिम जॉन लाल उनके मामा हैं। उन्होंने परिवार की वंशावली का उल्लेख करते हुए बताया कि फादर के पिता का नाम जॉन एंथनी लाल तथा माता का नाम लिली जॉन एंथनी लाल था। परिवार बड़ा और संयुक्त था, जिसमें पांच भाई और चार बहनें थीं। उन्हीं बहनों में से एक उनकी माता हैं, इसलिए फादर सेराफिम जॉन लाल उनके सगे मामा लगते हैं।

आयुष ने बताया कि फादर के एक भाई के पुत्र आलोक लाल उनके ममेरे भाई थे। परिवार में सभी के बीच गहरा प्रेम और आत्मीयता थी। आलोक लाल का असमय निधन पूरे परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक घटना साबित हुआ। उन्होंने कहा कि आलोक केवल एक रिश्तेदार नहीं थे, बल्कि परिवार के ऐसे सदस्य थे जो सभी के सुख-दुख में बराबर सहभागी बनते थे। उनके जाने से परिवार में एक ऐसी रिक्तता उत्पन्न हुई है जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

परिवार के लोग आलोक लाल को एक सरल, मिलनसार और संवेदनशील व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं। उनके जीवन और व्यवहार ने परिवार तथा समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। आज जब लोग सांत्वना देने पहुंच रहे हैं तो बातचीत के दौरान आलोक से जुड़ी अनेक स्मृतियां स्वतः सामने आ जाती हैं। कोई उनकी मुस्कान को याद करता है तो कोई उनके सहयोगी स्वभाव की चर्चा करता है।

ईसाई परंपरा में यह विश्वास किया जाता है कि मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि प्रभु के साथ अनंत जीवन की ओर एक यात्रा है। इसी विश्वास के साथ परिवार और समाज आलोक लाल की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। चर्च समुदाय के लोग भी विशेष प्रार्थनाओं के माध्यम से दिवंगत आत्मा को प्रभु की शरण में सौंप रहे हैं।

दुख की इस घड़ी में बेतिया पल्ली का पूरा समुदाय फादर सेराफिम जॉन लाल और उनके परिवार के साथ खड़ा है। सभी की प्रार्थना है कि प्रभु दिवंगत आलोक लाल को अपने स्वर्गीय राज्य में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति और सांत्वना प्रदान करें।

आलोक कुमार

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