कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद की अध्यक्षता में
प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के 15वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर राजधानी पटना के ऐतिहासिक रवीन्द्र भवन में एक भव्य एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। वर्ष 2011 से 2026 तक की 15 वर्षों की सफल यात्रा पूरी करने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के 38 जिलों से आए लगभग 3000 निदेशक, प्राचार्य एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। यह आयोजन शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया, जहां निजी विद्यालयों की उपलब्धियों, चुनौतियों और योगदानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद की अध्यक्षता में हुआ। समारोह का उद्घाटन बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सिक्किम एवं मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया, सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के प्राचार्य फादर डोमिचन, सेंट जोसफ मेरीवार्ड की प्राचार्या सिस्टर सरिता सी जे, माउंट कार्मल हाई स्कूल की प्राचार्या सिस्टर मृदुला ए सी, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ एस पी वर्मा तथा राष्ट्रीय सचिव मेरविन कॉवेल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में उत्साह और गौरव का वातावरण दिखाई दिया।
इस अवसर पर समारोह का मुख्य आकर्षण सेंट जोसफ मेरीवार्ड की प्राचार्या सिस्टर सरिता सी जे को वर्ष 2025-26 के “सर्वश्रेष्ठ प्राचार्या अवॉर्ड” से सम्मानित किया जाना रहा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान करते हुए उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासन एवं शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण की सराहना की। यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का ही नहीं, बल्कि निजी विद्यालयों की गुणवत्ता और मेहनत का भी प्रतीक माना गया।समारोह में शैक्षणिक उपलब्धियों को भी विशेष महत्व दिया गया। कक्षा दसवीं और बारहवीं के मेधावी छात्रों को मेडल, प्रमाणपत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इनमें रोहन प्रसाद, अदिति कुमारी, दिव्या प्रकाश तथा शताक्षी सिंह को सर्वश्रेष्ठ छात्र सम्मान प्रदान किया गया। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने यह सिद्ध किया कि बिहार के निजी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अपने संबोधन में निजी विद्यालयों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में निजी विद्यालयों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के निजी विद्यालयों को एक मजबूत मंच प्रदान किया है। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग द्वारा किसी भी नए दिशा-निर्देश को लागू करने से पहले एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने “सिंगल विंडो सिस्टम” लागू करने की घोषणा करते हुए कहा कि अब निजी विद्यालयों से जुड़े कार्य एक ही मंच से पूरे किए जाएंगे ताकि अनावश्यक भ्रम और प्रशासनिक परेशानियों से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने निजी विद्यालयों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा भी दिलाया। मंत्री के इन आश्वासनों से उपस्थित शिक्षाविदों में नई उम्मीद जगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सिक्किम तथा मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति शिक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने निजी विद्यालयों के संचालकों और शिक्षकों की मेहनत, त्याग एवं समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में निजी विद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने इस अवसर पर निजी विद्यालयों की विभिन्न समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि निजी विद्यालयों को जल्द से जल्द QR कोड उपलब्ध कराया जाए तथा वर्षों से लंबित आरटीई की बकाया राशि का भुगतान किया जाए। उन्होंने ज्ञानदीप पोर्टल की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई छात्रों का नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाया है, इसलिए इसे पुनः खोला जाए ताकि सभी छात्रों की सही तरीके से एंट्री हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग का संचालन पटना से एक ही विंडो के माध्यम से किया जाए, जिससे जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा विद्यालय संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जा सके। सैयद शमायल अहमद ने भारत सरकार के स्किल डेवलपमेंट विभाग के साथ हुए एमओयू का उल्लेख करते हुए कहा कि प्री-स्कूल शिक्षकों का प्रशिक्षण एसोसिएशन की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों में एसोसिएशन ने डेढ़ लाख शिक्षकों एवं डेढ़ लाख छात्रों को सम्मानित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, नई शिक्षा नीति, तकनीकी शिक्षा तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। समारोह का संचालन एसोसिएशन की राष्ट्रीय कार्यालय सचिव फौजिया खान ने किया तथा उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समग्र रूप से यह समारोह केवल एक वर्षगांठ कार्यक्रम नहीं था, बल्कि निजी शिक्षा जगत के योगदान, संघर्ष और उपलब्धियों का एक भव्य उत्सव बनकर सामने आया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में निजी विद्यालय समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा उनके सहयोग और सम्मान के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना अधूरा रहेगा।
आलोक कुमार