शुक्रवार, 1 अप्रैल 2022

इसमें 26 फस्ट और 10 सेकेड डिवीजन में सफलता हासिल

 


बेतिया. पश्चिमी चम्पारण जिले में है बेतिया.यहां पर संत जेवियर बालिका शिक्षण संस्थान संचालित है.यहां कई वर्षों से मैट्रिक परीक्षा में शतप्रतिशत परिणाम बच्चे लाते हैं.इस साल भी मैट्रिक परीक्षा- 2022 में 36 छात्राएं शामिल हुई थी. इसमें 26 फस्ट और 10 सेकेड डिवीजन में सफलता हासिल की हैं.इनलोगों को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाइयां. इसके साथ संस्थान परिवार की ओर से सभी शिक्षक वृंद और विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की कामना.

आलोक कुमार

बिहार बोर्ड दसवीं की परीक्षा में बाढ़ अनुमंडल में सबसे पहले स्थान पर स्नेहा रानी

 


पटना. पटना जिले में है बाढ़ प्रखंड. पटना महाधर्मप्रांतीय पुरोहितों के द्वारा बाढ़ पल्ली संचालित है.यहां पर बाढ़ संत जोसेफ कान्वेंट  गर्ल्स हाई स्कूल प्लस टू के 294 छात्राओं ने मैट्रिक परीक्षा में उपस्थिति दर्ज कराई थी. जिसमें से 251 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई वहीं 43 छात्राएं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुई. इसी विद्यालय की छात्रा स्नेहा रानी  ने 500 अंक में 464 अंक लाकर अपने बाढ़ अनुमंडल एवं स्कूल का नाम गौरवान्वित किया है.

वहीं द्वितीय श्रेणी में रश्मि सिंह 456 अंक, कृतिका कुमारी 454 अंक, संस्कृति सिन्हा 453 राजनंदनी वर्मा 451 तमन्ना कुमारी 450 नोसबा प्रवीण 449 अंजली कुमारी 448 वर्षा रानी 448 संजना कुमारी 448 विद्यालय टॉप टेन में अपना नाम दर्ज कराई. छात्राओं से वार्तालाप करने के बाद वह अपने मंतव्य को व्यक्त करते हुए बता रही है कि कोविड-काल में पढ़ाई एक चुनौती बन चुकी थी. घर में स्मार्टफोन नहीं होने कारण ऑनलाइन क्लास करना एक मध्यम परिवार के बच्चे के लिए काफी मुश्किल था उस स्थिति में उनके अभिभावक ने अपने बच्चों के लिए स्मार्टफोन की व्यवस्था की और पढ़ाई में होने में बाधा को दूर किया. इसलिए बच्चे सबसे पहले परीक्षा में उत्तीर्ण हुए. तो इनका श्रेय अपने माता-पिता और अपने विद्यालय और वहां के शिक्षकों को दिया है.क्योंकि विद्यालय के शिक्षकों की कड़ी मेहनत से ही आज छात्राएं इस उपलब्धि को पा चुकी हैं. विद्यालय के सचिव फादर एंड्रयू थम्बी, प्राचार्य सिस्टर दीपिका एवं पूरा विद्यालय परिवार इन बच्चों की उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करता है. ताकि छात्राएं अपने उज्जवल भविष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहें एवं आसमान की बुलंदियों को छू सके.

संत जोसेफ कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल प्लस टू के सचिव फादर एंड्रयू थम्मी

शिक्षा मनुष्य के जीवन में सर्वांगीण विकास का आधार होता है. किसी भी स्थान की जनता के सम्पूर्ण विकास में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.इसी शिक्षा को बिहार की धरा बाढ़ में फैलाने के लिए फादर संटाग के नेतृत्व में बाढ़ पैरिश सोसाईटी द्वारा 1943 ई0 में संत जोसेफ विद्यालय की स्थापना की गई. फादर ने बाढ़ मिशन के लिए भूमि खरीदी तथा विद्यालय बनवाने का कार्य शुरू किया. विद्यालय के प्रारंभिक विकास के क्रम में गरीब एवं परित्यक्त जनता के उत्थान के लिए पवित्र हृदय-धर्म-संघ की धर्म बहनें बाढ़ भेजी गयी. पठन-पाठन के समुचित प्रबंधन के लिए कान्वेंट का निर्माण किया गया.हमारी सिस्टरों द्वारा संचालित विद्यालय की पढ़ाई सुचारू रूप से चलाती हैं और अवकाश के समय में वे बालिकाओं को सिलाई एवं बागवानी का ज्ञान भी दिया जाता है.विद्यालय की स्थापना के प्रारंभिक दिनों में यहाँ मध्य विद्यालय स्तर तक की पढ़ाई होती है.अब माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई होती है.बिहार सरकार के द्वारा विद्यालय को माध्यमिक एवं उच्च स्तर (2) तक की मान्यता प्राप्त है.

आलोक कुमार

गुरुवार, 31 मार्च 2022

ईसाई समुदाय के दुखभोग अंतिम चरण में

                                                    * दुखभोग का पांचवां रविवार 3 अप्रैल को

पटना. ईसाई समुदाय के दुखभोग अंतिम चरण में पहुंचने लगा है.दुखभोग का पांचवां रविवार 3 अप्रैल को है.जानकारी के अनुसार संत पापा फ्रांसिस के धर्मविधिक अनुष्ठानों के संचालक मोनसिन्योर डियेगो रावेल्ली ने 31 मार्च को एक सूचना जारी करते हुए कहा है कि पुण्य सप्ताह में संत पापा फ्राँसिस के धर्मविधिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम प्रकाशित कर दिया गया है.जो इस प्रकार से कार्यक्रम है-

10 अप्रैल 2022- खजूर रविवार एवं प्रभु का दुःखभोग

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में पूर्वाहन 10.00 बजे संत पापा फ्राँसिस खजूर रविवार का समारोही जूलूस एवं ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे.

14 अप्रैल 2022 - पुण्य बृहस्पतिवार

प्रातः 9.30 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर में क्रिज्मा मिस्सा होगा, जिसमें संत पापा कार्डिनलों, महाधर्माध्यक्षो और पुरोहितों (रोम के धर्मप्रांतीय एवं धर्मसमाजी) के साथ ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे.

15 अप्रैल 2022 - पुण्य शुक्रवार

संत पेत्रुस महागिरजाघर में शाम 5.00 बजे पवित्र क्रूस उपासना की धर्मविधि का नेतृत्व करेंगे. शाम 9.15 में रोम के ऐतिहासिक स्थल कोलोसेयो में में क्रूस रास्ता का संचालन करेंगे.

16-17 अप्रैल 2022 - पास्का जागरण एवं पास्का रविवार

16 अप्रैल को शाम 7.30 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर में पास्का जागरण मिस्सा सम्पन्न किया जाएगा.  

17 अप्रैल को सुबह 10 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में पास्का महापर्व का समारोही मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे.


आलोक कुमार


बुधवार, 30 मार्च 2022

‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम

 पटना. आज (30 मार्च 2022) एस. के. लॉरेंस के नेतृत्व में भक्त जनों के साथ, रोमा जॉर्ज के आग्रह पर विन्सेंट लुइस के निवास स्थान बालुपर  शाम 06.30 बजे प्रभु येसु के दुरूखभोग (प्राणदंड की आज्ञा से लेकर सूली पर चढ़ाए जाने तक की कष्टमय यात्रा) से सम्बन्धित ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम है.


आलोक कुमार

मंगलवार, 29 मार्च 2022

संत पापा फ्राँसिस द्वारा दान की गई एक एम्बुलेंस

 रोम.संत पापा फ्रांसिस ने कार्डिनल कोनराड क्रेजेवस्की को एक बार फिर भेजा है जीवन रक्षक सहायता के साथ.वे लोगों की सहायता करने के लिए यूक्रेन गये, इस बार संत पापा फ्राँसिस द्वारा दान की गई एक एम्बुलेंस साथ लेकर यूक्रेन के लवीव शहर पहुँचे. प्रस्थान करने से पहले शनिवार की सुबह संत पापा फ्राँसिस ने एम्बुलेंस को आशीष दिया. कार्डिनल क्रेजेवस्की शनिवार सुबह फातिमा मरिया तीर्थालय से रोम लौटे, जहां शुक्रवार शाम को उन्होंने माता मरियम के निष्कलंक हृदय को सारी मानवता को, विशेष रूप से रूस और यूक्रेन के लोगों को समर्पित करने की धर्मविधि की अध्यक्षता की. शनिवार को पत्रकारों को बताया कि कार्डिनल, जो संत पापा की ओर से परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता हैं, यूक्रेन के लवीव शहर की यात्रा कर रहे हैं.संत पापा फ्राँसिस द्वारा आशीष किये गये एम्बुलेंस को शहर के अधिकारियों को दिया जाएगा, जो इसे सबसे ज्यादा जरूरत वाले क्षेत्रों की सेवा में लगाएंगे. दान की गई एम्बुलेंस आबादी के लिए मदद का एक ठोस संकेत है, जिसकी संख्या कई आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के आने के कारण बहुत बढ़ गई है.

इधर बिहार की राजधानी पटना में सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने एक एम्बुलेंस को उपहार में कैथोलिक चर्च कुर्जी को दिया है.जो यहां के लोगों के लिए जरूरी था.

आलोक कुमार





सोमवार, 28 मार्च 2022

आज स्टेला साह की दूसरी पुण्यतिथि

   


 पटना.आज स्टेला साह की दूसरी पुण्यतिथि है.इस अवसर पर पुत्र राजन क्लेमेंट साह ने कब्रिस्तान में जाकर मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाएं.वहींं सर्वेश्रर से प्रार्थना की मेरी मां के साथ सभी मृत आत्मा को शांति प्रदान करें.

कौन हैं स्टेला साह?

कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में सर्विस करने वाले इग्नासियुस फिदेलिश उर्फ अनिल साह की धर्मपत्नी थीं.इसी हॉस्पिटल में कार्यरत थे सिसिल साह की मां थीं.राजन क्लेमेंट साह नेताजी की मां थीं.वे हार्टमन बालिका उच्च विघालय की टीचर थीं.पटना धर्मप्रांतीय महिला संघ की प्रथम अध्यक्ष थी.जदयू की कार्यकर्ता भी थी.पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत की मुखिया प्रत्याशी थीं.कुर्जी पल्ली में संचालित बाबा ग्रेगरी सिलाई-कटाई केंद्र की संस्थापिका संचालिका थीं.बिशप से लेकर आम व्यक्तियों के बीच पहचान रखने वाली संम्रांत महिला थीं.

माँ आज भी है, 

मेरे संस्कार में, मेरे आधार में.

माँ का शरीर विलय हुआ है पंचतत्व में, 

पर माँ आज भी मौजूद है मेरे हर महत्व में.

माँ की दूसरी पुण्यतिथि पर मेरा सादर प्रणाम..!

आलोक कुमार

मधु और विनोद के वैवाहिक जीवन के 33 साल

 

बेतिया. पश्चिम चम्पारण जिले के बेतिया क्रिश्चियन काॅलोनी में विनोद रफायल और मधु देवी रहते हैं.दोनों के वैवाहिक बंधन में बंधे 33 साल हो गया है.बेतिया नगर परिषद के वार्ड नम्बर- वार्ड नंबर 21 की वार्ड पार्षद मधु देवी हैं. वहीं वार्ड नम्बर-21 की वार्ड पार्षद मधु देवी वार्ड पार्षद पति विनोद रफायल हैं.दोनों के वैवाहिक जीवन शानदार रहा.सामाजिक दायित्व बेहतर ढंग से निभाने के कारण वार्ड नम्बर-21 से मधु देवी लगातार दो बार विजयी घोषित हुई हैं. इस बार तीसरी बार मैदान में उतरने वाली है. मालूम हो कि बेतिया नगर परिषद को बेतिया नगर निगम बना दिया गया है. बेतियावासी खासकर वार्ड के लोग वार्ड पार्षद मधु देवी को शादी के 33 सालगिरह का उपहार बेतिया नगर परिषद के वार्ड पार्षद बनाकर देंगे.33 साल का उत्साव मनाने वाले मधु देवी और विनोद रफायल ने सारे अनुपमाओं के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिये हैं. 

आलोक कुमार

रविवार, 27 मार्च 2022

शातिर युद्ध के सामने असहाय मानव

 


संत पापा फ्रांसिस ने खेद प्रकट किया कि यूक्रेन में शातिर युद्ध ने बहुतों को मारा और भारी पीड़ा उत्पन्न की है.उन्होंने कहा, ‘इन दिनों, मौत की खबरें एवं दृश्य हमारे घरों में मिलना जारी हैं, यहाँ तक कि यूक्रेन के हमारे बहुत सारे असहाय भाइयों एवं बहनों के घर बमों द्वारा ध्वस्त किये जा रहे हैं.‘संत पापा ने कहा, ‘युद्ध हमारी लाचारी और हमारी अपर्याप्तता की याद दिलाती है, साथ ही साथ, ईश्वर के निकट आने की आवश्यकता एवं उनकी क्षमाशीलता की निश्चितता को दर्शाता है‘सिर्फ ईश्वर बुराई को दूर, नाराजगी को वश में एवं हमारे हृदयों में शांति बहाल कर सकते हैं.

संत पापा ने याद किया कि ईश्वर ने कुँवारी मरियम को चुना ताकि मुक्ति और शांति की नई कहानी से इतिहास बदले. ‘यदि हम दुनिया बदलना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना हृदय बदलना होगा.‘ संत पापा ने स्वर्गदूत के कुँवारी मरियम के संदेश पर चिंतन की, जिसमें ईश्वर उन्हें ईश्वर के पुत्र की माता होने का निमंत्रण देते हैं.‘प्रभु आपके साथ हैं‘कहकर गाब्रिएल दूत ने कुँवारी मरियम को आनन्द का सच्चा समाचार दिया.

संत पापा ने कहा कि मेल-मिलाप संस्कार में ख्रीस्तीय भी यही अनुभव करते हैं चूँकि ईश्वर हमारे निकट आते जब हम दीनता पूर्वक अपने पश्चातापी हृदय उनके सामने रखते हैं.पापस्वीकार एक आनन्द का संस्कार है, प्रभु हमारे घरों में प्रवेश करते हैं जैसा कि उन्होंने नाजरेथ की मरियम के घर में प्रवेश किया था तथा हमारे लिए अनापेक्षित आश्चर्य एवं आनन्द लाते हैं.

संत पापा ने पुरोहितों से भी अपील की कि वे पापस्वीकार संस्कार में ईश्वर की क्षमाशीलता व्यक्त करें और अपनी कठोरता एवं निष्ठुरता कभी न दिखायें.

उन्होंने कहा, ‘यदि एक पुरोहित अपने मन में उचित विचारों के साथ ऐसा मनोभाव नहीं रखता, तो उसके लिए अच्छा होगा कि वह पापमोचक के रूप में कार्य न करे‘.

स्वर्गदूत गाब्रिएल ने मरियम से यह भी कहा, ‘डरिये नहीं.‘ संत पापा ने कहा, ष्ईश्वर हमारी कमजोरियों एवं गलतियों को पहले से जानते हैं, फिर भी, जब हम मेल-मिलाप संस्कार ग्रहण करते हैं, तब वे हमें अपने पाँव याजक के सामने रखने के लिए आमंत्रित करते हैं। इस तरह हमारी कमजोरियाँ पुनरूत्थान के अवसर बनते हैं.कुँवारी मरियम हमें हमारे जीवन के स्रोत प्रभु की ओर लौटने के लिए निमंत्रण देती हैं जो भय एवं जीवन के खालीपन के खिलाफ आखिरी दवाई हैं

संत पापा ने अपने उपदेश के अंत में गौर किया कि ईश्वर को मरियम का प्रत्युत्तर, ईश्वर के प्रति आज्ञापालन की जीवंत चाह है.उन्होंने माता मरियम की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की कि ‘ वे हमारी यात्रा को अपने हाथों में लें तथा तीखे और कठिन रास्ते को, संवाद एवं भाईचारा के रास्ते में बदल कर शांति के रास्ते पर हमारा मार्गदर्शन करें.‘


आलोक कुमार

शनिवार, 26 मार्च 2022

ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए

पटना.संत मेरी चर्च,फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी. कॉलोनी) में एस.के.लॉरेंस के नेतृत्व में शुक्रवार को ‘मुसीबत‘ नामक गीत एवं प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम संपन्न हुआ.ईसाई समुदाय के द्वारा गुड फ्राइडे की तैयारी के संबंध में प्रार्थना तथा भक्तिमय कार्यक्रम जारी है.यह 2 मार्च से प्रारम्भ हुआ है. इसी क्रम में एस.के. लॉरेंस के नेतृत्व में अन्य ईसाई बहुल इलाका के अलावा आज संत मेरी चर्च, फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी.कॉलोनी)में पहली बार प्रभु येसु के दुःखभोग से संबंधित उनकी कष्टमय यातना भरी यात्रा तथा उनके सूली पर चढ़ाए जाने का वृतांत ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना के भक्तिमय कार्यक्रम के जरिये संपन्न हुआ.जिसमें काफी संख्या में वहां के ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए. 

इस ‘मुसीबत‘ नामक गायन में विभिन्न क्षेत्रों से आए गायन मंडली के बहुत सारे भक्तजन शामिल हुए.जिनमें एस.के. लॉरेंस के साथ पुरुष गायकों में क्लारेंस हेनरी, इग्नासियुस पीटर, सिरिल मरान्डी, सुजीत ओस्ता,विजय कुमार पॉल, एम्ब्रोस जॉन,जॉर्ज विन्सेंट माइकल, प्रकाश अब्राहम,प्रदीप केरोबिन,प्रवीण साह,रॉड्रिक


इग्नासियुस तथा महिला गायकों में  रोजी इग्नासियुस, रोजलिन पॉल,करुणा कमल,रीता अगस्टीन,आग्नेस जॉर्ज, किरण लुसी तथा रोजलिन के नाम उल्लेखनीय हैं. 

इस चर्च के पैरिश कौन्सिल के सभी मेम्बर तथा भक्त जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर श्रद्धा पूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया.पहली बार सुन रहे सभी उपस्थित भक्तजनों को यह ‘मुसीबत‘ गीत बहुत ही अच्छा लगा. इस कार्यक्रम से पहले पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ राज ने साढ़े पाँच बजे मिस्सा किया.


आलोक कुमार


यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया


संत पेत्रुस वासिलिका में यूक्रेन और रूस में शांति कायम करने के लिए पोप फ्रांसिस ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया.यूक्रेन में युद्ध को शुरू हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, जो प्रतिदिन अपने पीड़ित लोगों को भारी पीड़ा दे रहा है और विश्व शांति के लिए खतरा है. इस अंधेरे समय में, चर्च को तत्काल शांति के राजकुमार के सामने हस्तक्षेप करने और संघर्ष से सीधे प्रभावित लोगों के साथ अपनी निकटता प्रदर्शित करने के लिए

बुलाया जाता है.मैं उन बहुत से लोगों का आभारी हूं जिन्होंने प्रार्थना, उपवास और दान के लिए मेरी अपील पर बड़ी उदारता से प्रतिक्रिया दी है.

संत पापा फ्राँसिस ने 25 मार्च, संत मरियम को स्वर्गदूत के संदेश के महापर्व के दिन सारी मानव जाति, खासकर, यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया तथा कहा कि यह समर्पण यूक्रेन में ‘क्रूर एवं अनर्थक‘ युद्ध के बीच कुँवारी मरियम पर पूर्ण भरोसा की अभिव्यक्ति है.


आलोक कुमार

गुरुवार, 24 मार्च 2022

माता मरिया के निष्कलंक हृदय को रूस और यूक्रेन का समर्पण

 


आज ही के दिन 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमलाकर महायुद्ध का आगाज किया था.एक माह के बाद भी युद्धविराम का ओरशोर मालूम नहीं हो रहा है.मानवाधिकार हनन को देखते हुए संत पापा ने प्रभु येसु ख्रीस्त की मां मरियम को मध्यक्षता करने के लिए आग्रहरूपी प्रार्थना करने का आह्वान किया है.विश्व के जानेमाने हस्ति संत पापा फ्राँसिस ने विश्वव्यापी कलीसिया के सभी ख्रीस्तीय विश्वासियों का आह्वान किया है कि वे 25 मार्च को यूक्रेन एवं रूस को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण की प्रार्थना में भाग लेकर शांति के लिए प्रार्थना करें.इसकी याद दिलाते हुए उन्होंने 24 मार्च को एक ट्वीट प्रेषित कर कहा, ‘आइये हम प्रभु के शरीरधारण के संदेश के महापर्व पर प्रार्थना दिवस को मनाने हेतु अपने आपको तैयार करें, ईश्वर की माता से प्रार्थना करने कि वे युद्ध की क्रूरता से पीड़ित लोगों के हृदयों को ऊपर उठायें.उनके निष्कलंक हृदय को समर्पण की विन्ती दुनिया में शांति लाये‘

आलोक कुमार

बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर

          शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए  Patna Women’s College (स्वायत्त) ...