मंगलवार, 31 मई 2022

राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा था:शरद यादव

 


  *22 साल के बाद 7 तुगलक आवास से बेदखल


दिल्ली.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला खाली कर दिया. अब वह छतरपुर शिफ्ट हो रहे हैं. लुटियंस जोन में करीब 50 साल बिताने वाले शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा गया था. हालांकि, वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री रहे शरद यादव कभी जेडीयू के साथ भी रहे. उनके नीतीश के साथ एक वक्त तक रिश्ते काफी अच्छे थे. वह बिहार जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रहे.


भारी मन से पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि मैं अपनी राजनीति का एक लंबा वक्त लोकसभा और राज्यसभा दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं.50 साल से लुटियंस जोन में हूं. 22 साल से 7 तुगलक रोड पर स्थित बंगला में रहते रहे.लेकिन राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्हें कई बार बंगले को खाली करने के लिए कहा गया. लेकिन बंगले की खाली करने से बचने के लिए वह कोशिश में लगे रहे. इस बीच बंगले को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. जहां से कोर्ट ने शरद यादव के खिलाफ में फैसला सुनाया और उन्हें 31 मई तक बंगले को खाली करने के आदेश दिए थे.मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला 22 साल बाद केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य के रूप में खाली कर दिया, जो श्री यादव ने कहा कि वह अब छतरपुर जा रहे हैं.


उन्होंने कहा “मैंने जीवन भर संघर्ष किया है. मैंने नैतिक कारणों से तीन बार संसद से इस्तीफा दिया है.कितने नेताओं ने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा किया है?” उसने पूछा.पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि वह 1974 में दिल्ली आए थे और आपातकाल के दौरान दो साल तक जेल में रहे थे.“मैंने आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत दो बार जेल में समय दिया है.राजनीतिक लड़ाई के लिए कितने जेल गए?“मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. मैंने एक नहीं, बल्कि कई चुनाव देखे हैं.मैं इस लुटियंस में 50 साल से हूं, लुटियंस दिल्ली में आज मेरा आखिरी दिन है.समय बदलने पर मैं यहां वापस आऊंगा “श्री यादव ने कहा.केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहने के दौरान शरद यादव वर्ष 2000 से 7 तुगलक रोड स्थित एक बंगले में रह रहे हैं.



पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव को लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। शरद यादव इन दिनों गंभीर रूप से बीमार चल रहे हैं। इस साल जुलाई में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिसमें दो सीटें भाजपा, एक सीट जेडीयू और दो सीटें राजद के पास जाएगी। इसको लेकर कुछ दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात भी शरद यादव से दिल्ली में हुई है।


बताया जाता है कि तेजस्वी ने शरद यादव को राज्यसभा भेजने का आश्वासन भी दिया है। दूसरी तरफ शरद यादव अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) का विलय 20 मार्च को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ करेंगे. जदयू से अलग होकर शरद यादव ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था। इस खबर को और आगे पढ़ने से पहले इस पोल में भाग लेकर अपने विचार बता दीजिए.


पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने अपने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय कर दिया.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि एलजेडी को राजद में विलय कर दिया.यह सोचा था कि राजद जून में होने वाले उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनावों के दौरान राज्यसभा के लिए नामित कर सकती है.राजद द्वारा वादे के बावजूद उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं देने के लिए कहने पर, श्री यादव ने कहा कि कहानी को पीछे छोड़ना बेहतर है, अब हर जगह राज्यसभा के टिकटों को अंतिम रूप दिया गया है. दोनों दलों के विलय की घोषणा के बाद शरद यादव ने कहा कि यह कदम “विपक्षी दल के गठन की दिशा में पहला कदम” था.“राजद का हमारी पार्टी के साथ एकीकरण विपक्षी एकता के निर्माण की दिशा में पहला कदम है. भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना जरूरी है.अब तक, एकीकरण हमारी प्राथमिकता है. उसके बाद हम होंगे. हम इस बारे में सोचेंगे संयुक्त विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा.” उसने किया.शरद यादव ने भारतीय जनता पार्टी के साथ पार्टी के गठबंधन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद 2018 में एलजेडी का गठन किया.


एलजेडी ने अपनी स्थापना के बाद से कभी भी चुनाव नहीं लड़ा है जब इसके प्रमुख शरद यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से राजद के टिकट पर हार गए थे.शरद यादव केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.संयोग से, दोनों नेता लगभग 25 वर्षों के बाद फिर से मिले हैं. 1997 में वे अलग हो गए जब लालू प्रसाद यादव ने राजद की स्थापना की और शरद यादव ने नीतीश कुमार के साथ जदयू) की स्थापना की.लालू प्रसाद यादव को बाद में पशु चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया था.राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने बिहार की राजनीति पर हावी होने के लिए 1990 के दशक में “मंडल” राजनीति के बैंड-बाजे को अपनाया.


आलोक कुमार

विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा:धीरेंद्र झा

 


पटना. भाजपा का उन्मादी साम्प्रदायिक अभियान जारी है. इसने जमीनी स्तर पर विमर्श को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस विमर्श को बदलकर ही भाजपा के उन्मादी अभियान को रोका जा सकता है. नीतीशजी के आधार में जो गिरावट आ रही है,उसे भाजपा जोड़ने में जी जान से लगी है. उत्तर बिहार-पूर्वी बिहार की स्थिति तो और चिंताजनक है. समस्तीपुर की हालिया घटनाओं और रामनवमी के दिन घटी घटनाओं ने तो लोकतांत्रिक प्रगतिशील समूहों के समक्ष अभूतपूर्व चुनौतियां पेश की हैं.यह सोच कामरेड धीरेंद्र झा का है.


राजनीतिक परिस्थिति की दरपेश चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये विपक्ष की ताकतों को ज्यादा गंभीर होना होगा.समावेशी,लोकतांत्रिक और पारदर्शी मूल्यबोधों के आधार पर गठबंधन राजनीति को मजबूती देनी होगी. प्रतीकात्मकता के साथ साथ सामाजिक न्याय के मौलिक मुद्दों पर आंदोलनात्मक धार देनी होगी.आमजन की कठिन होती जिन्दगी के बरक्स महंगाई-बेरोजगारी को आंदोलन का मुद्दा बनाना होगा. शिक्षा और जमीन से बेदखली आज के समय में अहम मुद्दा है जो सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज बनाने के सपने के बुनियाद पर चोट करता है.


ऐसी स्थिति में महागठबंधन को दरकिनार कर राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों की घोषणा करना दुर्भाग्यपूर्ण है.परिषद की तीसरी सीट पर उनके द्वारा लिया गया निर्णय तो गठबंधन धर्म की बुनियाद को नकारना है. राजद यह कह सकती थी कि माले और कांग्रेस मिलकर तीसरी सीट का फैसला कर ले. बिहार में भाजपा अब नीतीश कुमार को किनारे कर स्वतंत्र कब्जा करने की रणनीति के तहत काम कर रही है.ऐसी स्थिति में सबों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा और इसमें सबसे बड़े दल की भूमिका सबसे अहम है. राजद के अनुभवी नेतृत्व को तात्कालिकता की जगह दीर्घकालिकता को तब्बजो देनी चाहिए.वादाखिलाफी के खिलाफ न्यायपूर्ण दावेदारी की न्यायपूर्ण आवाज को भाकपा माले बुलंद करती रहेगी!


आलोक कुमार


संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की

                             *रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा ने की प्रार्थना


बेतिया.आज ईसाई समुदाय ने रोम से लेकर बिहार तक माता मरियम का अपनी कुटुम्बिनी एलिजाबेथ से मुलाकात करने का पर्व मनाया. इस अवसर पर रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की गयी.बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी.ऐतिहासिक बेतिया चर्च के परिसर में आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गयी.चुहड़ी पल्ली में भी शोभायात्रा निकाली गयी.

संत पापा ने 31 मई के ट्वीट संदेश में लिखा, ‘मरियम का विश्वास नबी के समान है.खुद अपने जीवन से मरियम, मानव इतिहास में ईश्वर की उपस्थिति की ओर एक भविष्य सूचक चिन्ह हैं, उनके करुणामय हस्तक्षेप की ओर जो दुनिया के तर्क को हराता, दीनों को उठाता एवं शक्तिशालियों को नीचे गिरा देता है.(लूक. 1ः52). संत पापा फ्राँसिस उन लोगों के लिए आशा के चिन्ह स्वरूप मई माह के अंतिम दिन रोजरी माला विनती कर रहे हैं, जो यूक्रेन एवं विश्व के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध से पीड़ित हैं. 31 मई को संत पापा फ्राँसिस ने रोम के संत मरिया मेजर महागिरजाघर में शांति की रानी मरियम के सामने रोजरी प्रार्थना की. संत पापा ने दुनिया के हर क्षेत्र के विश्वासियों को आमंत्रित किया था कि रोजरी प्रार्थना द्वारा शांति के लिए संत पापा की प्रार्थना में सहभागी हों.रोजरी माला विनती को वाटिकन के आधिकारिक चैनलों द्वारा लाईव प्रसारित किया गया.                              

इस अवसर पर बेतिया धर्मप्रांत के दुसैया में माता मरियम के आदर में धार्मिक यात्रा निकाली गयी. इस धार्मिक यात्रा के दौरान माला विनती की गई.उसके बाद छोटे चर्च में रोजरी खत्म होने पर पवित्र मिस्सा मिलकर  फादर क्लाउड, फादर पंकज और फादर अरुण अर्पित किये.इस अवसर पर लगभग 100 लोग उपस्थित हुए.मिस्सा उपरांत सबको खीर खाने को मिला.इसके बाद फादर पीपी ने सभी भक्तों को एक-एक रोजरी भेंट की.


बेतिया धर्मप्रांत के ऐतिहासिक बेतिया चर्च.आज माता मरियम के आदर में शोभायात्रा निकाली गई.शोभायात्रा चर्च परिसर से शुरू हुआ.चर्च परिसर में ही भक्तगण पवित्र माला के पांच भेद खत्म किये.इसके बाद बेतिया धर्मप्रांत के बिशप पीटर सेबेस्टियन गोबियस के नेतृत्व में पवित्र मिस्सा किया गया. बिशप के साथ पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो, फादर अमित तिर्की, फादर विपिन के अलावे बेतिया धर्मप्रांत के भाई और बहन शामिल थे.इनमें प्रकाश अगस्टीन, अनिल डिक्रूज, गोडेन अन्थोनी ठाकुर, नॉर्बेन जूलियस, अमित, अमन गुप्ता के अलावे बहुत सारे भक्तगण  उपस्थित थे.हे! मरिया के लड़कों आया मां का महीना.जी ईसाई भक्तों ने मां का महीना में सामूहिक व व्यक्तिगत माला विनती करते रहे.आज परंपरागत ढंग से मां का महीना का समापन कर दिया गया.

आज हर साल की भातिं गिरजाघर से लेकर गाँव के ग्रोटों तक गाँव के बच्चों ने ग्रोटो की सजावट करने में सुबह से ही लग गये थे.उसके बाद माँ मरियम की शोभायात्रा निकाली गई.इस अवसर पर चुहड़ी पल्ली के पल्ली पुरोहित  फादर तोबियास द्वारा मिस्सा किया गया.फादर ने अपने उपदेश में कहा कि आज ही के दिन माँ मरियम  एलिजाबेथ से  भेट की थी.


आलोक कुमार

सोमवार, 30 मई 2022

कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों के बीच स्कॉलरशीप

 * माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा कोरोना महामारी से अनाथ हुई बेबी कुमारी के बीच डिजिटली रूप से स्कॉलरशीप, हेल्थ कार्ड, स्नेह पत्र आदि का किया गया वितरण 


बेतिया.माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आज पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों के बीच स्कॉलरशीप, हेल्थ कार्ड, स्नेह पत्र, पोस्ट ऑफिस पासबुक आदि का वितरण डिजिटल रूप से किया गया.
 
जिला स्तर पर उक्त कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय स्थित एनआइसी सभाकक्ष में किया गया.जहां कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो चुकी नरकटियागंज प्रखंड अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के भसुरारी ग्राम निवासी सुश्री बेबी कुमारी अपने अभिभावक श्री दीपू प्रसाद के साथ उपस्थित रही. सुश्री बेबी कुमारी अभी कक्षा 10 की छात्रा है. इस अवसर पर जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री कुंदन कुमार, सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई, श्री अभय कुमार उपस्थित रहे.
कोरोना महामारी से अनाथ बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता मिले, उन्हें शिक्षा मिले और वे स्वस्थ रहें, इस के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कार्य कर रहा है ताकि असीम संभावनाओं से भरे बच्चों का भविष्य उज्जवल हो और अनंत सफलताओं से भरा हुआ हो.



अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना से 05 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृति के अलावा रहने, खाने और किताबों के लिए धनराशि, उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन, जिसमें ब्याज का भुगतान पीएम केयर फंड से होगा. बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रधानमंत्री कोष से मिलने वाली धन राशि को आयु अनुसार इन्वेस्ट किया जायेगा जो कि बच्चों के 18 साल होने पर 10 लाख रुपया होगा. इस राशि पर मिलने वाले ब्याज से बच्चों को 18-23 साल की आयु तक हर महीने खर्च के लिए धन राशि दी जाएगी. साथ ही स्कूली शिक्षा के बाद तकनीकी शिक्षा के लिए स्वनाथ छात्रवृति योजना से 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष दी जानी है. 10 वीं के बाद स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के कौशल प्रशिक्षण का भी प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही 50 हजार रुपये अनुग्रह की राशि भी उपलब्ध करायी जायेगी.

कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थी बेबी कुमारी को पीएम केयर योजना से संबंधित दस्तावेजों को प्रदान किया गया. जिलाधिकारी द्वारा बेबी कुमारी से बातचीत की गयी और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी. बेबी कुमारी ने बताया गया कि उन्हें शिक्षक बनकर समाज और देश की सेवा करनी है.जिलाधिकारी ने बेबी कुमारी से कहा कि अच्छे तरीके से अपनी पढ़ाई-लिखाई करो और स्कॉलरशीप, पढ़ाई-लिखाई में कोई परेशानी हो तो तुरंत संपर्क करो.


आलोक कुमार

21 नये कार्डिनलों की घोषणा

 

रोम. संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 29 मई,2022 को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत 21 नये कार्डिनलों की घोषणा कर दी .जिसकी विधिवत रचना 27 अगस्त,2022 की कन्सिस्टरी में की जाएगी. वे सभी विश्वव्यापी कलीसिया का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा विभिन्न संस्कृति, पृष्टभूमि और प्रेरितिक क्षेत्र से आते हैं.

रविवार को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने कहा कि शनिवार 27 अगस्त को सामान्य लोकसभा परिषद में नये कार्डिनलों की रचना विधिवत की जायेगी.उन्होंने यह भी कहा कि उसके बाद वे दो दिन सोमवार, 29 और मंगलवार, 30 अगस्त को सभी कार्डिनलों से मुलाकात करेंगे तथा नये प्रेरितिक संविधान प्रेदिकाते एवं जेलियुम पर चिंतन करेंगे.

आगे संत पापा ने कहा, 27 अगस्त को मैं नये कार्डिनलों की रचना के लिए सामान्य लोकसभा परिषद की सभा का आयोजन करूँगा. बता दें कि वर्तमान में कार्डिनलों की कुल संख्या 208 है जिनमें से 117 कार्डिनल वोट कर सकते हैं और 91 कार्डिनल वोट नहीं कर सकते. इसका मतलब है कि 91 कार्डिनल पॉल VI के द्वारा आयोजित 1970 के सम्मेलन में पारित प्रस्ताव की चपेट में आ गये हैं.ऐसे  80 वर्ष वाले कार्डिनल्स संत पापा के चुनने वाले मतदाता सूची में शामिल नहीं किये जाएंगे.80 वर्ष से कम उम्र के कार्डिनल्स के लिए मतदान सीमित कर दिया गया था, कथित तौर पर उक्त अवधि में संत पापा का चुनाव करना और बुजुर्ग कार्डिनल को रोम की यात्रा करने से रोकने के तरीके के रूप में नियम तैयार किया गया है.

वर्तमान में कार्डिनलों की कुल संख्या 208 है और 27 अगस्त को 21 कार्डिनलों को जोड़ने से उनकी कुल संख्या 229 होगी. जिनमें वर्तमान के 117 और उम्र की हिसाब से 15 और कार्डिनल जोड़ देने से 132 कार्डिनल संत पापा के चुनाव में वोट डाल पाएंगे. 

नये कार्डिनलों में से 8 यूरोप से, 6 एशिया से, 2 अफ्रीका से, 1 उत्तरी अमेरिका से और 4 मध्य एवं लातीनी अमेरिका से हैं.उन

21 नये कार्डिनलों के नाम इस प्रकार हैं-

1.     महाधर्माध्यक्ष अर्तुर रोक, 72 साल, दिव्य उपासना एवं संस्कारों के अनुष्ठान के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष.

2.     महाधर्माध्यक्ष लाजारो यू ह्यूंग सिक, 70 साल, याजकों के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष।

3.     महाधर्माध्यक्ष फेरनांदो वेरगेज अलजागा आई.सी, 77 साल,वाटिकन सिटी एवं वाटिकन सिटी के प्रशासन के लिए गठित परमधर्मपीठीय आयोग के अध्यक्ष।  

4.     महाधर्माध्यक्ष जाँ-मार्क अभेलिन, 63 साल, फ्राँस के महाधर्माध्यक्ष।

5.     धर्माध्यक्ष पीटर ओकपालेक,59 साल, नाईजीरिया के धर्माध्यक्ष

6.     महाधर्माध्यक्ष लेओनार्दो उलरिक स्तेइनर ओएफएम, 71 साल,ब्राजील के महाधर्माध्यक्ष

7.     महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी अंतोनियो सेबास्तियानो दी रोसारियोफेर्राओ,69 साल, गोवा और दमाओ (भारत) के महाधर्माध्यक्ष।

8.     धर्माध्यक्ष रोबर्ट वार्टर मैक एलरोय,68 साल, संत डियेगो के धर्माध्यक्ष।  

9.     महाधर्माध्यक्ष विरजिलियो दो कार्मो दा सिल्वा एस.डी.बी, 54 साल, पूर्वी तिमोर के महाधर्माध्यक्ष।

10. धर्माध्यक्ष ओस्कर कंतोनी,71 साल, कोमो (इटली) के धर्माध्यक्ष।

11. महाधर्माध्यक्ष अंतोनी पूला,60 साल, हैदराबाद (भारत) के महाधर्माध्यक्ष।

12. महाधर्माध्यक्ष पाओलो चेसार कोस्ता,54 साल ब्राजील के महाधर्माध्यक्ष।

13. धर्माध्यक्ष रिचार्ड कुया बाउबर,62 साल घाना के धर्माध्यक्ष।

14. महाधर्माध्यक्ष विलियम गोह सेंग,64 साल, सिंगापुर के महाधर्माध्यक्ष।

15. महाधर्माध्यक्ष अदलबेर्तो मार्टिनेज फ्लोरेंस, पराग्वे के महाधर्माध्यक्ष।

16. महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज मारेंगो आई. एम. सी.,48 साल मंगोलिया के प्रेरितिक प्रशासक।  

17.महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एनरिक जिमेनेज करवा जाल,80 साल कोलंबिया के महाधर्माध्यक्ष।

18. महाधर्माध्यक्ष लूकस वान जूसी एस. डी.बी,80 साल, बेल्जियम के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष।

19.महाधर्माध्यक्ष अरिगो मिलियो,80 साल, इटली के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष।

20.फादर जान फ्रांको गिरलांदा येसु समाजी,80 साल, थियोलोजी के प्रोफेसर।

21.मोनसेन्योर फोरतुनातो,80 साल, संत पेत्रुस महागिरजाघर के कैनन।

आलोक कुमार


डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की

 


पटना. कांग्रेस पार्टी के मूर्धन्य नेता एवं गया शहर के पूर्व विधायक डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर प्रदेश कांग्रेस व गया शहरवासी मर्माहत व शोकाकुल है. डॉ. युगल किशोर प्रसाद के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

 शोक संवेदना में डॉ. मदन मोहन झा ने कहा है कि डॉ.. युगल किशोर प्रसाद गया शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक के रूप में जन जन के बीच बेहद लोकप्रिय थे.स्व. युगल किशोर प्रसाद कांग्रेस पार्टी की राजनीति पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी के सान्निध्य में शुरू किए तथा सन् 1972 में गया शहर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित होकर 1977 तक गया शहर के विधायक रहे.

 डॉ. युगल किशोर प्रसाद का कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया वे 81 वर्ष के थे. वे अपने पीछे लड़का लड़की सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये है.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डा0 समीर कुमार सिंह, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, अशोक कुमार, पूर्व मंत्री अवधेश कुमार सिंह ,कृपानाथ पाठक, प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सदस्यता अभियान के प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, स्नेहाशीष वर्द्धन ने भी पूर्व विधायक डॉ. युगल प्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

आलोक कुमार


रविवार, 29 मई 2022

गांव में भिक्षुक से बातचीत


मोतिहारी. स्माइल SMILE  परियोजना अंतर्गत मिशन गरिमा के अंतर्गत सर्वेक्षित भिक्षुओं का परामर्श करने एवं उनकी दक्षता/ आवश्यकता का पता लगाने के लिए आज SMILE team द्वारा कल्याणपुर प्रखंड के मठ कल्याणपुर गांव में भिक्षुक से बातचीत की गयी. भिक्षुको के द्वारा बताया गया कि जीविकापार्णन के लिए भिक्षाटन करते हैं.उनका यह मानना है कि इस कार्य में गरिमा एवं प्रतिष्ठा नहीं है. यदि उनको रोजगार अथवा व्यवसाय के अन्य साधन उपलब्ध कराये जाये तो रोजगार करना चाहेंगे एवं भिक्षावृत्ति से मुक्त होना चाहेंगे.इस गांव में लगभग 35 परिवार ऐसे हैं जिनकी आजीविका का मुख्य साधन भिक्षावृत्ति ही है.उन्होंने मांग की कि यदि सरकार द्वारा उन्हें कुछ ऋण उपलब्ध करायी जाये, तो वह गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए रोजगार करेंगे. उक्त परामर्श टीम का नेतृत्व ममता झा, सहायक निदेशक बाल संरक्षण कर रही है. इनके साथ श्री शिवेंद्र कुमार, सहायक निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, श्री राजीव कुमार बिहार विकास मिशन एवं प्रखंड समन्वयक विकास कुमार मौजूद थे.


आलोक कुमार

जिला में वंडर ऐप की मदद से मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम की जाएगी


गया. जिले के  ’जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा वंडर प्रोजेक्ट ट्रेनिंग तथा श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के संबंध में समीक्षा बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में की गई.’ जिला में वंडर  ऐप   की मदद से मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम की जाएगी. बोधगया प्रखंड से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की गयी है. प्रखंड में गर्भवती के स्वास्थ्य की पूरी सूचना इस  ऐप   के माध्यम से अपडेट किया जाएगा ताकि प्रसव या​ किसी जरूरत के समय उसे पूरा इलाज किया जा सके.  वंडर एप को बड़े पैमाने पर क्रियान्वित किया जाना है और सभी स्वास्थ्यकर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के सभी कर्मी से सहयोग अपेक्षित है. विशेष रूप से वंडर ऐप की मदद से शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का कवरेज किया जा सके और जटिलता को रोकने या जटिलता को समय रेफर कर आवश्यक उपचार मुहैया कराने में मदद मिलेगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि इस ऐप के तीन कंपोनेंट हैं जिसमें एंटी नेटल पीरियड यानी गर्भवती के पूरे नौ माह के दौरान जो जटिलता उत्पन्न होती है उसका निदान किया जा सके.इसे लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि एप पर गर्भवती की सभी प्रकार की जानकारी दिया जा सकता है और सिविल सर्जन तथा जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इसका अनुश्रवण किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि एप के लिए पंचायत स्तर पर कैंप  लगा कर गर्भवतियों की सभी प्रकार की जांच करनी है.जांच स्थल पर ही पैथोलॉजिकल टेस्ट पूरा करना है. इसके लिए यूनिक आईडी भी दिया जायेगा.यूनिक आईडी की मदद से महिला की सभी प्रकार की जांच की जानकारी चिकित्सक को मिल सकेगी.

वंडर प्रोजेक्ट को सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों को ट्रेनिंग के समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभिन्न विभागों में लगभग 4200 लोगों को ट्रेनिंग दिया गया है, जिनमें 55 चिकित्सक, 638 एएनएम एवं 3056 आशा शामिल हैं.इसके साथ ही बोधगया प्रखण्ड के जीविका के 39 कर्मियों को पूरी तरह ट्रेनिंग दिया जा चुका है. जिला पदाधिकारी ने जीविका के समूह, मगध मेडिकल तथा अन्य स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यालयों के कर्मियों एवं चिकित्सकों को पर्याप्त ट्रेनिंग करवाने का निर्देश दिए ताकि वंडर प्रोजेक्ट को पूरी तरह सफल क्रियान्वयन कराया जा सके.

उन्होंने कहा कि मगध मेडिकल, जयप्रकाश नारायण अस्पताल तथा प्रभावती अस्पताल के डायग्नोलॉजिस्ट चिकित्सकों को प्राथमिकता देकर भौतिक रूप से वर्कशॉप आयोजित करते हुए ट्रेनिंग करवाएं ताकि भविष्य में किसी भी गंभीर अवस्था वाले मरीजों को प्रॉपर तरीके से कंट्रोल किया जा सके.उन्होंने बताया कि वंडर ऐप रेफरल मामलों में काफी मददगार साबित होगा.उन्होंने कहा कि यदि अगर कोई गर्भवती महिला अस्पताल में है लेकिन उसकी स्थिति काफी दयनीय है, तत्पश्चात उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता है तो वंडर मोबाइल ऐप में महिला की बीमारी का जिक्र करते हुए रेफर का विकल्प डालें.यह अलर्ट संबंधित बड़े अस्पताल के चिकित्सकों तथा अन्य पदाधिकारियों के मोबाइल पर तुरंत पहुंच जाएगा, जिससे उनके इलाज बिना समय गवाएं और अधिक प्रभावी रूप से किया जा सकेगा.

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हर स्तर पर बेहतर तरीके से ट्रेनिंग कर ले ताकि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर अपना बेहतरीन परफॉर्मेंस दे सके.बैठक में बताया गया कि वंडर ऐप के तहत अब तक कुल 934 महिलाओं को स्क्रीनिंग किया गया है, जिनमें सबसे अधिक बोधगया के 689 महिला, प्रभावती 216, बांके बाजार 14, गुरुआ 14, नीमचक बथानी में 6, मोहनपुर 2, मगध मेडिकल अस्पताल एक तथा खिजरसराय में एक महिला का स्क्रीनिंग किया गया है.

जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन तथा डीपीएम स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि हर सप्ताह सेविका एएनएम आशा को एक जगह बैठा करके लाइन लिस्टिंग तयार करावे साथ ही संबंधित पंचायत के मुखिया को भी उक्त बैठक में सम्मिलित करें ताकि संबंधित पंचायत के लोगों को जागरूक आसानी से किया जा सके.उन्होंने कहा कि बोधगया प्रखंड को मॉडल के रूप में रखते हुए कार्य करे. जिससे और भी अन्य सभी प्रखंड प्रेरित हो सके। वहां की एक एक महिलाओं का अच्छे से सर्वे करते हुए वंडर ऐप में बेसिक डिटेल एंट्री करावे. एक भी महिला ना छूटे या ध्यान रखें. अभियान स्तर पर कैंप लगाएं तथा कैंप में बेसिक व्यवस्थाएं हैं, उसे सुसज्जित तरीके से रखें.

’श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट’ के संबंध में बताया गया कि जिला स्तरीय विभिन्न पदाधिकारियों के साथ कोआर्डिनेशन बैठक का काफी अच्छा परिणाम सामने आया है.खास करके विभिन्न स्टेकहोल्डर, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यालय द्वारा काफी सहयोग किया जा रहा हैं.उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को स्क्रीनिंग के लिए विभिन्न स्तरों पर उन्हें मोबिलाइज किया जा रहा है। हर स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार करते हुए उन्हें लगातार मॉनिटरिंग भी किया जा रहा है.श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के तहत स्क्रीनिंग किए हुए बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बेरा टेस्ट BERA TEST की व्यवस्था कराया जा रहा है.

बैठक में बताया गया कि 2 मार्च से अब तक 326 आंगनबाड़ी सेंटरों में 9066 बच्चों को स्क्रीनिंग किया जा चुका है, जिनमें 40 बच्चों को बेरा टेस्ट BERA TEST के लिए रेफर किया गया है तथा उनमें 29 बच्चों का बेरा टेस्ट BERA TEST पूर्ण करते हुए 2 बच्चे बेरा टेस्ट BERA TEST पॉजिटिव पाए गए हैं.

जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को बताया कि नवजात बच्चों को भी श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के तहत शत प्रतिशत स्क्रीनिंग कराने के लिए कार्य योजना तैयार करें.उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को कौन से उपकरण से जांच किया जाएगा इसके लिए भी विस्तार से गाइडलाइन को पढ़ते हुए उसी अनुरूप तैयारी करें.उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चों को किए जा रहे स्क्रीनिंग के उपरांत उन बच्चों को और बेहतर इलाज के लिए संबंधित चिकित्सक सप्ताह में एक दिन द्वारा उन बच्चों को जांच कर वेरीफाई करते हुए उन्हें बेरा टेस्ट BERA TEST कराएं. बच्चों को और बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से रेफर करें तथा उनके परिजनों को लगातार फीडबैक दिया करें. इसके उपरांत उन्होंने श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट को और अच्छी तरह धरातल पर लाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया.

बैठक में सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि श्रवण श्रुति के तहत काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं. बच्चों के स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें इलाज किया गया.इलाज के दौरान लगभग 20 से 30 बच्चे हियरिंग लॉस की समस्या से निजात मिला है. जो काफी अच्छे संकेत हैं. जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन तथा तमाम पदाधिकारी जो श्रवण श्रुति में लगे हुए हैं उन सभी को पूरे लगन और जोश के साथ बच्चों का स्क्रीनिंग एवं उनका समुचित इलाज करवाने का निर्देश दिए.

आलोक कुमार

मरीज रीता कुमारी ने बताया गया कि उन्हें दूध नहीं दिया गया

 


गया. इस जिले के ’जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा  जयप्रकाश नारायण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया. सर्वप्रथम उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया. जहां इलाज के लिए आए हुए कई मरीजों से अस्पताल में दी जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लिया. जिला पदाधिकारी ने अतरी प्रखंड के पथरी ग्राम के मरीज रीता कुमारी से जानकारी लेने के दौरान बताया गया कि आज उन्हें दूध नहीं दिया गया है.उन्होंने उपस्थित मरीजों से खानपान, दवा, साफ सफाई, समय पर चिकित्सक मरीजों को देखने आते हैं या नहीं इत्यादि के बारे में जानकारी लिया.जिला पदाधिकारी ने दूध ना देने की शिकायत पर सिविल सर्जन को संबंधित संवेदक से स्पष्टीकरण पूछते हुए 1 दिन की राशि कटौती करने का निर्देश दिए. इसके अलावा विभिन्न मरीजों से अस्पताल के बारे में फीडबैक लेने पर संतोषजनक जवाब दिया गया.

इसके उपरांत लेबर रूम का निरीक्षण किया. लेबर रूम को और सुसज्जित व्यवस्था में रखने का निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों के किये जाने वाले एक्सरे के बारे में जानकारी लेने पर सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि इस अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था है. हर दिन काफी मरीजों को डिजिटल एक्स-रे के माध्यम से इलाज किया जा रहा है. इसके उपरांत उन्होंने सीटी स्कैन किये जाने वाले कक्ष का निरीक्षण किया. उन्होंने उपस्थित कर्मी से रजिस्टर के माध्यम से जानकारी लिया कि आज की तिथि में कितने मरीजों का सिटी स्कैन किया गया है.उपस्थित कर्मी द्वारा बताया गया कि आज कुल 4 मरीजों का सीटी स्कैन हुआ है. जिला पदाधिकारी ने उपस्थित चिकित्सक से सीटी स्कैन किए जाने के संबंध में विस्तार से जानकारी भी लिया कि किस स्थिति में और किस स्तर से सिटी स्कैन मरीजों का किया जाता है. 

अल्ट्रासाउंड के समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि इस अस्पताल में एक अल्ट्रासाउंड की मशीन है तथा एक डायग्नोसिस डॉक्टर हैं.आईसीयू के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने आईसीयू कक्ष को पूरी तरह फंक्शन रखने का निर्देश दिया.जेई वैक्सीनेशन के समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि गया जिले में लगभग 99 प्रतिशत जेई का वैक्सीनेशन पूर्ण कर लिया गया है. इसके उपरांत जयप्रकाश नारायण अस्पताल के पूरे परिसर का घूम घूम कर निरीक्षण किया तथा पर्याप्त साफ सफाई व्यवस्था रखने का निर्देश दिया.

आलोक कुमार

शनिवार, 28 मई 2022

राशन व राशन कार्ड निरस्तीकरण अभियान को वापस ले सरकार’

 * 31 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन/धरना आदि कार्यक्रम होंगे’

पटना.देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और पेट्रो पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार में 25 से 31 मई तक सघन आंदोलनात्मक अभियान चल रहा है और 31 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन/धरना आदि कार्यक्रम होंगे. वाम दलों के नेताओं ने आज पटना में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के जरिए यह जानकारी दी.

वाम नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करे. पेट्रोल व डीजल की बेतहाशा बढ़ी कीमतों में मामूली सी गिरावट करके वह अपना पीठ थपथपाना चाहती है. मोदी सरकार रूस व उक्रेन युद्ध का बहाना बनाकर पेट्रो पदार्थो की कीमत लगातार बढ़ाती गई. अब उसमें मामूली कमी कर रही है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही गवाही देते हैं. मई 2014 में पेट्रोल पर केंद्रीय कर 9.48 रु. और डीजल पर 3.56 रुपये था. 21 मई 2022 को यह कर बढ़कर क्रमशः 27.90 व 21.80 रुपया हो गया. इसके खिलाफ तीखे आंदोलन के बाद फिलहाल यह टैक्स क्रमशः 19.90 व 15.80 रु. है. यह टैक्स अब भी 2014 की तुलना में काफी अधिक है. 

इसलिए हमारी मांग है कि सरकार सभी प्रकार के अधिभार/ उपकर को वापस लेकर पेट्रो पदार्थों की कीमत को पुराने स्तर पर लगाए. इन पदार्थों पर तो कोई टैक्स  लगाना  ही नहीं चाहिए, इसकी भरपाई के लिए सरकार को कॉरपोरेट पर टैक्स लगाना चाहिए.

वाम नेताओं ने कहा कि पहले से कोविड व लाॅकडाउन की मार झेल रही आम जनता आज कमरतोड़ महंगाई की जबरदस्त मार झेलने को विवश है. आमदनी तो बढ़ नहीं रही लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है. गरीब, मध्यम वर्ग, प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने वाले, छोटे व्यवसायी आदि सभी तबके पेट्रोल-डीजल-गैस के दाम में अभूतपूर्व बढ़ोतरी से त्रस्त है. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन व माल ढुलाई अत्यंत महंगा हो गया है. विगत एक साल में पेट्रोलियम पदार्थों में 70 प्रतिशत, सब्जियों के दाम में 20 प्रतिशत, खाने के तेल में 23 प्रतिशत और अनाज के दाम में 8 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है.

 करोड़ों भारतीय का भोजन गेहूं की कीमत में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. गेहूं विदेश भेजा जा रहा है और उसकी कम सरकारी खरीद का बहाना बनाकर जनवितरण प्रणाली से इसे गायब कर इसके बदले चावल देना तय किया गया है. केंद्र सरकार उल्टे आज राशन व राशन कार्ड निरस्तीकरण अभियान में लगी हुई है. यह भोजन के अधिकार पर हमला है, बिहार में 28 लाख 79 हजार राशन कार्ड रद्द कर दिए गए. इसे अविलम्ब वापस लिया जाना चाहिए. खाद्य व अन्य उपयोगी सामानों पर सरकार जनता के लिए विशेष पैकेज की गारंटी करे.

राज्य में बिजली बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी हो रहे खर्च में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. फीस से लेकर किताबें, यूनीफाॅर्म, स्टेशनरी, स्कूल बस भाड़ा में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. मजबूरन लोगों को कर्ज लेना पड़ रहा है और वे लगातार कर्ज के भंवरजाल में फंसते जा रहे हैं. एक तरफ आम लोग भीषण महंगाई की मार झेल रहे हैं, ठीक इसी समय कॉरपोरेट की संपत्ति में अकूत वृद्धि हो रही है.

महंगाई से जनता को राहत प्रदान करने की बजाए दिल्ली व पटना की सरकर अपने खिलाफ बढ़ते जनअसंतोष को काले कानूनों से दबाने का प्रयास कर रही है. वह अपने एकाधिकारवादी-सांप्रदायिक एजेंडे को लागू करने का भरसक प्रयास कर रही है और देश में अमन-चैन के माहौल को खराब करने में लगी हुई है. सरकार के लोकतंत्र व संविधान विरोधी रवैये का वाम दल पुरजोर विरोध करते हैं.

 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के द्वारा आयोजित भाजपा-जदयू सरकार की असफलता के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम में वाम दल के कार्यकर्ता पूरे जोर-शोर से भाग लेंगे. गांव स्तर पर उसकी तैयारी चल रही है.

 जाति जनगणना पर भाजपा के रुख से स्पष्ट है कि यह पार्टी दलितों-पिछड़ों के अधिकारों व उनके आरक्षण की घोर विरोधी है.वाम दल पेट्रो पदार्थों पर सभी अधिभारध्उपकर वापस लेने, पीडीएस में गेहूं आपूर्ति बहाल करने, पीडीएस सिस्टम को मजबूत करने, गैर आयकर भुगतान परिवारों को प्रत्यक्ष 7500 रु. प्रति माह प्रदान करने, शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना लागू करने, मनरेगा आवंटन में वृद्धि करने, बेरोजगारी भत्ता कानून बनाने, सभी रिक्त पदों पर भर्ती, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को उजाड़ने पर रोक लगाने तथा तमाम उपभोक्ताओं को 200 यूनिट फ्री बिजली देने की भी मांग करते है.

संवाददाता सम्मेलन को माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, वरिष्ठ नेता केडी यादव, सीपीएम के सर्वोदय शर्मा व मनोज चंद्रवंशी, सीपीआई के विजय नारायण मिश्र व रामलला सिंह, फॉरवर्ड ब्लॉक के अमेरिका महतो व आरएसपी के वीरेंद्र ठाकुर ने संबोधित किया.

आलोक कुमार

होली फैमिली कैथोलिक चर्च में पहली बार मिस्सा पूजा अर्पित करेंगे

 

 

चखनी.पश्चिम चंपारण जिले के बगहा एक प्रखंड में है चखनी रजवटिया ग्राम पंचायत.इसी पंचायत में रोमन कैथोलिकों का चर्च है.इसका नाम होली फैमिली कैथोलिक चर्च है.इस चर्च के रक्षक और चखनी पल्ली के चरवाहा फादर चैंबर्लिन हैं पल्ली पुरोहित.पल्ली पुरोहित फादर चैंबर्लिन के कुशल नेतृत्व में 25 मई को फादर गुंजन रफायल  का शानदार ढंग से पुरोहिताभिषेक समारोह संपन्न हुआ.अब फादर गुंजन रफायल 29 मई को होली फैमिली कैथोलिक चर्च में पहली बार मिस्सा पूजा अर्पित करेंगे.यहां पर बाल्यावस्था में मिस्सा सुनते थे.वहां पर उनको मिस्सा करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गयी है. 

 मालूम हो कि चखनी पल्ली 1874 में अस्तित्व में आया. चालू वर्ष 2022 में चखनी पल्ली 148 वर्ष पूरा कर रहा है. यह पल्ली 2024 में 150 साल का हो जाएगा.इस बीच चखनी पल्ली के रहने वाले मुकेश रफायल और पूनम क्लारेंस ने पल्लीवासी और बेतिया धर्मप्रांत के लोगों को खुशी प्रदान किये हैं.धार्मिक दम्पति के तीन सुपुत्र विंसेंट रफायल,गुंजन रफायल और गुंजेश रफायल हैं.इनमें से एक बीच वाले सुपुत्र गुंजन रफायल को प्रभु की सेवा करने के लिए समर्पित कर दिये हैं. इस समर्पित दिवस के अवसर पर चखनी पल्ली की धरती पर जन्म लेने वाले धरती पुत्र रायगढ़ महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विक्टर हेनरी ठाकुर और फादर बर्टी पौल उपस्थित रहे. 

 बताते चले कि फादर गुंजन रफायल का जन्म 03 मार्च, 1994 को हुआ था. जब वे 27 साल के थे तब 28 दिसंबर,2021 को चुहड़ी पल्ली में उप याजक बने.147 दिनों के बाद 28 साल में 25 मई 2022 को पुरोहिताभिषेक समारोह में उप याजक से याजक बने.पुरोहित बनने के बाद फादर गुंजन रफायल के द्वारा रविवार 29 मई को होली फैमिली कैथोलिक चर्च,चखनी में सुबह साढ़े छह बजे से पहली बार मिस्सा अर्पित करेंगे.


आलोक कुमार


आलोक कुमार



बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर

          शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए  Patna Women’s College (स्वायत्त) ...