तीस दिनों के तप के बाद खुशी: आज ईद हर्षोल्लास के माहौल में मनाई गई
रिपोर्ट: आलोक कुमार
आज ईद-उल-फितर का पावन पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। पूरे तीस दिनों के रोज़े (तप) के बाद अल्पसंख्यक मोहल्लों में सुबह से ही जश्न का माहौल देखने को मिला। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना और अन्य हिस्सों में लोगों ने इस त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाया।
सुबह होते ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। हर तरफ खुशी और अपनापन साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था।
मैंने अपने क्षेत्र में देखा कि गांवों से लेकर शहरों तक हर जगह उत्सव जैसा माहौल बना हुआ था। बच्चे नए कपड़ों में बेहद खुश नजर आ रहे थे, वहीं घरों में सेवइयों और मिठाइयों की खुशबू चारों ओर फैल रही थी। महिलाएं घरों को सजाने और मेहमानों के स्वागत में जुटी रहीं।
इस मौके पर कई जगहों पर लोगों ने जरूरतमंदों की मदद भी की और दान-पुण्य के कार्य किए। यह इस त्योहार की सबसे बड़ी खूबसूरती है कि इसमें सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों की खुशियों का भी ख्याल रखा जाता है।
ईद-उल-फितर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक नई शुरुआत करते हैं और रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।
आज के दिन यह संदेश भी मिलता है कि समाज में शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। ईद का यह पावन पर्व सभी के जीवन में खुशियां, शांति और समृद्धि लेकर आए — यही कामना है।
ईद मुबारक!