*दोपहर में बिशप हाउस में दम तोड़ दिए,बेतिया धर्मप्रांत में मातम,चखनी पल्ली के रहने वाले थे ,जानलेवा साबित हुआ कैंसर.जीवन लीला16 नवंबर 1958 से 11 अगस्त 2022 तक ही सीमित.
बेतिया : बेतिया धर्मप्रांत के वयोवृद्ध फादर बर्टी पौल का निधन हो गया है.ऐसे तो फादर बहुत ही भाग्यशाली थे.मां-बाप की छाया सिर पर उठ जाने के बाद चखनी अनाथालय में रहे.पढ़-लिखकर पुरोहित बने.सबसे पहले पटना धर्मप्रांत के पुरोहित बने.पटना धर्मप्रांत के विभक्त होने के बाद मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के पुरोहित बने.मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विभक्त होने के बाद बेतिया धर्मप्रांत के पुरोहित बने.
जी हां श्रावण का महीना पवन करे शोर..पर फादर शोर नहीं किये.न जाने किस जहाँ में खो गये..ओ जाने वाले हो सके तो लौट आना..उनके चले जाने से बेतिया धर्मप्रांत में मातम छा गया.
राजधानी पटना में स्थित महावीर कैंसर संस्थान में भर्ती थे.वहां फादर का ऑपरेशन हुआ.आप समझ सकते हैं जानलेवा कैंसर पीड़ित का ऑपरेशन के बाद क्या हाल होगा?महावीर कैंसर संस्थान के चिकित्सक हाथ खड़ा कर दिये.तब फादर ने भी बेतिया ले चलने का आग्रह किया.वहां से बेतिया लाया गया.
शुक्रवार को ही 3ः 30 बजे से समारोही मिस्सा बलिदान चढ़ाया जाएगा.इसके बाद दफन क्रिया होगा.सभी विश्वासीगण फादर को अंतिम विदाई एवं श्रद्धांजलि देने के लिए इस विदाई समारोह में शामिल होने का प्रयत्न करें.
बेतिया धर्मप्रांत के प्रवक्ता रंजीत केरोबिन ने बताया कि अभी फादर बर्टी पौल का पार्थिव शरीर बिशप हाउस में रखा गया है.
आलोक कुमार
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