*आशा फैसिलिटेटर को 21000 रुपये मासिक मानदेय के सवाल पर राज्य स्तरीय कार्यशाला
* आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित करे सरकार, फैसिलिटेटर को देना होगा सम्मानजनक वेतनमान.
* कोरोना के दौरान का बकाया पैसे का भुगतान करो
पटना: बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ,सम्बद्ध महासंघ गोप के नेतृत्व में आज महासंघ कार्यालय, पुनाईचक, पटना में राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन एक्टू महासचिव आर.एन.ठाकुर ने किया.
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के बतौर भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, वक्ता सरोज चौबे, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ की महासचिव, सुरेश जी, रामबली प्रसाद, जितेंद्र कुमार आदि ने अपनी बातों को विस्तार से रखीं.
कार्यशाला में रोहतास से विद्यावती से देवंती देवी, कटिहार की जूही महबूबा, कंचन राय, खगड़िया से कविता, सुनैना, सीतामढ़ी से चन्द्रकला ,सुपौल से उषा, जहानाबाद से सुनीता भारती, अरवल से उर्मिला, आशा, बेतिया से प्रतिमा, सिवान से मालती राम सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया. पूरे कार्यक्रम का संचालन संघ की अध्यक्ष शशि यादव ने किया.
कार्यशाला में मुख्य रूप से आशा फैसिलिटेटर को 21000 रुपये का मासिक मानदेय भुगतान करने, उन्हें स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित करने, कोरोना के दौरान बकाए पैसे का भुगतान आदि के सवाल पर चर्चा की गई.
2023 के मई-जून में स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऐक्टू का राष्ट्रीय सम्मेलन बिहार में आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया गया. सितंबर में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जायेगा.सरकार यदि समय से मांग नही मानी जायेगी तो नवम्बर में बिहार की आशाएं हड़ताल पर जाएंगी.
आलोक कुमार
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